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- देहरादून के गांधी ग्राम (कंगाली रोड) क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक और युवती को स्मैक बेचते हुए गिरफ्तार किया। स्थानीय लोगों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से नशीला पदार्थ बरामद कर जांच शुरू कर दी है।1
- कहा जाता है कि 'जल ही जीवन है ' लेकिन जब विभाग ही 'जीवन' बहाने में लगा हो तो फिर कोई क्या कर सकता है।कल हमें जल संरक्षण में लगे कुछ स्वयंसेवियों द्वारा सूचना दी गई थी कि सिंहद्वार फ्लाईओवर के पास गुरुकुल कांगड़ी अंडरपास के नीचे पेयजल लाइन फटी हुई है जिससे गैलनों पानी बर्बाद हो रहा है।खबर के बाद इसका संज्ञान तो लिया गया लेकिन विभाग ने केवल जुगाड़ व्यवस्था की जिसके कारण पानी अब भी लगातार बर्बाद हो रहा है जो सर्विस लेन में फैलकर आवागमन भी प्रभावित कर रहा है।1
- "ऋषिकुल मैदान से खुला आस्था का मार्ग” — पहले दिन ही श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण, हुआ भव्य स्वागत “अतिथि देवो भव की परंपरा” — प्रशासन ने फूल-मालाओं से किया तीर्थयात्रियों का अभिनंदन ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार, 17 अप्रैल 2026। तीर्थ नगरी हरिद्वार—जिसे कोई “हरि का द्वार” तो कोई “हर का द्वार” कहकर पुकारता है—आज एक बार फिर आस्था, भक्ति और मोक्ष मार्ग का केंद्र बन गया। वैशाख अमावस्या के पावन स्नान के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया और इसके बाद चारधाम यात्रा की ओर अपने कदम बढ़ा दिए। इसी पावन क्रम में हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में बनाए गए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र पर आज से विधिवत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई, जहां श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए अपना पहला पंजीकरण कराया। “गंगा स्नान से चारधाम तक — आस्था का दिव्य संगम” वैशाख अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की चमक और आत्मिक संतोष स्पष्ट झलक रहा था। 👉 गंगा स्नान के पश्चात 👉 चारधाम यात्रा का संकल्प यह दृश्य दर्शाता है कि हरिद्वार केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि मोक्ष की ओर बढ़ने का पहला पवित्र द्वार है। “अतिथि देवो भव” — प्रशासन ने निभाई सनातन परंपरा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने 👉 फूल-मालाओं से स्वागत 👉 टिका-चंदन लगाकर अभिनंदन करते हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद, सुरक्षित और मंगलमय हो—इसकी कामना की। यह दृश्य केवल स्वागत नहीं, बल्कि देवभूमि की आत्मा और संस्कृति का जीवंत रूप था, जहां श्रद्धालु ही भगवान का स्वरूप माने जाते हैं। “देशभर से उमड़ रही श्रद्धा” — पंजीकरण केंद्र बना आस्था का केंद्र ऋषिकुल मैदान में 👉 देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु 👉 बड़ी संख्या में पंजीकरण कराते नजर आए जिससे स्पष्ट है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी होने जा रही है। “स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि” — हर यात्री की हो रही स्क्रीनिंग चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 👉 स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण 👉 स्क्रीनिंग की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचाव सुनिश्चित हो सके। “व्यवस्थाओं से संतुष्ट श्रद्धालु” — सरकार को मिला आशीर्वाद मध्य प्रदेश से आए तीर्थयात्री बिसाहू लाल विश्वकर्मा ने कहा— पंजीकरण केंद्र की व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट हैं स्वागत से मन अत्यंत प्रसन्न हुआ “प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद” — हर स्तर पर मजबूत तैयारी इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान , एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे, जो यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे हुए हैं। “हरिद्वार — जहां से शुरू होता है मोक्ष का मार्ग” “चारधाम यात्रा: आस्था, तप और मोक्ष की दिव्य यात्रा” चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह सनातन आस्था, आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का दिव्य मार्ग है। सदियों से श्रद्धालु अपने जीवन के पापों का क्षय करने, आत्मिक शांति पाने और भगवान के साक्षात्कार की अनुभूति के लिए इस पावन यात्रा पर निकलते हैं। चारधाम यात्रा क्या है और कौन-कौन से धाम शामिल हैं? उत्तराखंड की पवित्र धरती पर स्थित चार प्रमुख धाम— 👉 यमुनोत्री – मां यमुना का उद्गम स्थल 👉 गंगोत्री – मां गंगा का अवतरण स्थल 👉 केदारनाथ – भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग 👉 बद्रीनाथ – भगवान विष्णु का दिव्य धाम इन चारों धामों के दर्शन को ही चारधाम यात्रा कहा जाता है। कब से शुरू हुई यह परंपरा? चारधाम यात्रा की परंपरा आदि गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मानी जाती है। 8वीं शताब्दी में उन्होंने सनातन धर्म को पुनर्जीवित करने के लिए इन धामों की स्थापना और यात्रा परंपरा को व्यवस्थित किया। तब से लेकर आज तक, यह यात्रा अटूट आस्था और परंपरा का प्रतीक बनी हुई है। चारधाम यात्रा क्यों की जाती है? 1. पापों का नाश और आत्मशुद्धि धार्मिक मान्यता है कि 👉 चारधाम के दर्शन और गंगा-यमुना में स्नान करने से 👉 व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं 👉 आत्मा शुद्ध और पवित्र हो जाती है 2. मोक्ष प्राप्ति का मार्ग सनातन धर्म में यह विश्वास है कि चारधाम यात्रा करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है। 👉 जीवन के अंतिम समय में इस यात्रा का विशेष महत्व माना गया है 3. तप, त्याग और साधना का प्रतीक हिमालय की कठिन व दुर्गम यात्रा 👉 व्यक्ति को धैर्य, संयम और सहनशीलता सिखाती है 👉 यह यात्रा केवल शरीर की नहीं, बल्कि आत्मा की परीक्षा भी है 4. प्रकृति और परमात्मा का संगम चारधाम यात्रा के दौरान 👉 हिमालय की ऊँची चोटियाँ 👉 गंगा-यमुना की पवित्र धारा 👉 और शांत वातावरण मनुष्य को प्रकृति के माध्यम से परमात्मा के करीब ले जाता है चारधाम यात्रा का आध्यात्मिक संदेश 👉 “जीवन क्षणभंगुर है, लेकिन आत्मा अमर है” 👉 “अहंकार छोड़कर भक्ति में लीन होना ही सच्चा मार्ग है” 👉 “सेवा, श्रद्धा और समर्पण से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है” हरिद्वार से क्यों शुरू होती है यात्रा? हरिद्वार को ‘हरि का द्वार’ और ‘हर का द्वार’ कहा जाता है। 👉 यहीं से चारधाम यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ होता है 👉 मां गंगा के आशीर्वाद के साथ श्रद्धालु अपनी यात्रा शुरू करते हैं भावनात्मक संदेश जब श्रद्धालु चारधाम की ओर कदम बढ़ाता है, तो वह केवल पहाड़ों की यात्रा नहीं करता… वह अपने भीतर की अशुद्धियों, अहंकार और मोह को पीछे छोड़ते हुए ईश्वर की ओर बढ़ता है। “चारधाम की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह आत्मा को परमात्मा तक पहुंचाती है… हर कदम पर तप है, हर मोड़ पर भक्ति… और हर धाम में बसती है मोक्ष की अनुभूति।” 🖋️ “गंगा स्नान से शुरू होती है आत्मा की शुद्धि… और हरिद्वार से प्रारंभ होती है मोक्ष की यात्रा।” — रामेश्वर गौड़, स्वतंत्र पत्रकार4
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- जिलाधिकारी ने 3 विशेष वॉटर व्हीकल्स को दिखाई हरी झंडी* जिले में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और वन्यजीवों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु जिला प्रशासन और वन विभाग ने एक बड़ी पहल की है। शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला योजना वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत वन विभाग द्वारा क्रय किए गए 3 अत्याधुनिक 'बुलेरो कैम्पर' वॉटर व्हीकल्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये विशेष वाहन 500 लीटर की टैंक क्षमता और हाई-प्रेशर वॉटर पंप से लैस हैं जो दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में वनाग्नि पर त्वरित नियंत्रण पाने में सहायता करेंगे। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि ये वाहन वनाग्नि काल में आगजनी की घटनाओं को कम करने के साथ साथ अन्य बहुउद्देशीय कार्यों में भी उपयोगी होंगे। वनाग्नि का सीजन समाप्त होने के पश्चात, इन वाहनों से वॉटर सिस्टम हटाकर इनका उपयोग वन गश्त, राजकीय सामग्री के परिवहन और घायल वन्यजीवों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने में किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा इस तकनीकी सुदृढ़ीकरण से जिले की अमूल्य वन संपदा का संरक्षण और बेहतर ढंग से हो सकेगा। आवंटन के तहत ये तीनों वाहन उत्तरकाशी वन प्रभाग, अपर यमुना वन प्रभाग और टौंस वन प्रभाग पुरोला को सौंपे गए हैं। आधुनिक उपकरणों से लैस इन वाहनों की तैनाती से वन कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और आपातकालीन स्थितियों में रिस्पॉन्स टाइम कम होगा। इस दौरान डीएफओ डीपी बलूनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- टॉप - देहरादून 🍉 पहाड़ी-मैदानी स्वाद की पार्टी में जुटे कांग्रेसी नेता देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat ने गर्मियों के खास फलों और पारंपरिक व्यंजनों के साथ अनोखी पार्टी का आयोजन किया। 🥒🍈 पार्टी में खीरा, ककड़ी, खरबूजा, तरबूज के साथ-साथ बुरांश का जूस और हरिद्वार का प्रसिद्ध गुड़ भी परोसा गया। 👥 कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। 🗣️ हरिश रावत ने कहा कि ये मौसमी फल प्रकृति की सौगात हैं और उन्हें बचपन से ऐसे आयोजनों का शौक रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि इन फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए वे लोगों को प्रेरित भी करते रहे हैं। 👉 पारंपरिक स्वाद और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश भी इस आयोजन के जरिए दिया गया।1
- चारधाम यात्रा-2026 को सुगम, सुचारु एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जनपद उत्तरकाशी के दौरे पर आए अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड), डॉ. वी. मुरुगेशन द्वारा 15 व 16 अप्रैल 2026 को पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा, गंगोत्री धाम एवं यात्रा मार्ग का भौतिक निरीक्षण करने के दौरान आज पुलिस कार्यालय उत्तरकाशी में प्रेस-वार्ता कर गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम की यात्रा की तैयारियों व सुरक्षा व्यवस्था के प्रबन्धों के सम्बन्ध में अहम जानकारी दी गयी। Vol.एडीजी द्वारा बताया गया कि 19 अप्रैल 2026 को यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा आरम्भ हो रही है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा करवाना उत्तराखण्ड पुलिस, शासन एवं सरकार की प्राथमिकता है। सरल, सुविधाजनक तथा सुरक्षित यात्रा हेतु सभी तैयारियां एवं प्रबंध पूर्ण कर लिये गये हैं। Vol.भीड़ एवं यातायात नियंत्रण पर चर्चा करते हुये उनके द्वारा बताया गया कि श्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के यात्रा रूट पर मुख्य-मुख्य पड़ावों, ट्रैफिक दबाव वाले स्थानों पर सुचारु यातायात व्यवस्था तथा भीड़ प्रबन्धन हेतु भारी वाहनों को दिन के समय प्रतिबन्धित रखा गया है। बाजार क्षेत्र में निर्धारित स्थानों पर वाहन पार्क कर श्रद्धालुओं को पैदल भेजने की योजना के साथ पार्किंग एवं होल्डिंग प्वाइंट पर क्षमता के अनुरूप वाहनों को सुव्यवस्थित ढंग से पार्क करवाने की रणनीति तैयार की गयी है। Vol.यात्रा रूट के नैरो पैच, दुर्घटना संभावित/संवेदनशील स्थानों, बॉटल नेक प्वाइंट्स, ब्लैक स्पॉट पर वन-वे ट्रैफिक की योजना के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तथा एसडीआरएफ की टीमें नियुक्त की गयी हैं। यातायात के सुचारू तथा व्यवस्थित संचालन के प्रयोजन हेतु कुल 38 मोटरसाइकिल के साथ 02 इंटरसेप्टर एवं 04 हाईवे पैट्रोल यूनिट, 02 क्रेन तथा पुलिस मुख्यालय की ओर से प्राप्त 6 नई बुलेट मोटरसाइकिलों को भी स्मूथ ट्रैफिक तथा भीड़ नियंत्रण हेतु लगाया गया है। Vol.किसी भी बैरियर प्वाइंट पर श्रद्धालुओं को अनावश्यक तौर पर नहीं रोका जाएगा। जरूरी ऐहतियात/नॉर्म्स हेतु कम से कम समय के लिए ही श्रद्धालुओं को थोड़े समय के लिये रोककर पंजीकरण, मेडिकल आदि की प्रक्रिया को कम-से-कम समय में पूरा करने हेतु सभी जवानों को निर्देशित किया गया है। Vol.यात्रा के दौरान आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने हेतु धाम एवं यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर 190 सीसीटीवी कैमरे, 3 ड्रोन के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी हेतु धामों में 6 DFMD तथा 60 HHMD अधिष्ठापित किये गये हैं। धामों पर एटीएस की हिट टीमें, बीडीएस के दस्तों के साथ सीएपीएफ के जवानों को भी नियुक्त किया जाएगा। Vol.यात्रियों की सहायता तथा सुविधा हेतु उत्तरकाशी पुलिस द्वारा हेल्पलाइन नंबर 7455939993 एवं 9411112976 जारी किये गये हैं। इसके अतिरिक्त उत्तराखण्ड पुलिस ऐप, वेबसाइट, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से भी सभी को यात्रा, मौसम तथा मार्गों की स्थिति के रियल टाइम अपडेट की जानकारी दी जाएगी। Vol.यात्रा काल में सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी के साथ भ्रामक खबर प्रसारित करने तथा अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई हेतु अलग से पुलिस टीमें सक्रिय की गयी हैं। Vol.चारधाम यात्रा ड्यूटी हेतु पुलिस बल के लिए यात्रा मार्गों पर 6 कोतवाली/थाना, 9 रिपोर्टिंग पुलिस चौकी, 1 वाच एंड वार्ड, 13 सीजनल चौकियां के साथ 11 नवनिर्मित फैब्रिकेटेड बैरक बनाये गये हैं। Vol.प्रेस वार्ता से पूर्व एडीजी द्वारा आज काशी विश्वनाथ मन्दिर में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सभी की खुशहाली एवं सुखद यात्रा की कामना की गयी।प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय भी मौजूद रहीं। Byte - डॉ. वी. मुरुगेशन.अपर पुलिस महानिदेशक(अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड) Byte -कमलेश उपाध्याय.पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी.4
- सहारनपुर। बीती रात थाना सदर बाजार क्षेत्रान्तर्गत न्यू मक्खन कॉलोनी के पास एक पुराने रेलवे यार्ड में एक अज्ञात शव पड़ा मिला। सूचना पर तत्काल थाना सदर बाजार पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर फील्ड यूनिट को बुलाया गया। शव काफी पुराना है, जिसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। जिससे मृतक की पहचान नहीं हो पा रही है। आसपास के सभी थानों में जो भी गुमशुदगी दर्ज की गई है, उनकी जांच की जा रही है तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यही नहीं सीसीटीवी कैमरे को भी देखा जा रहा है। पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था की स्थिति सामान्य है और अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है। वीडियो:- जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय।1