मोहर्रम की छठी तारीख पर बाराबंकी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शहीद-ए-आज़म हज़रत इमाम हुसैन (अ) के नूरे नज़र हज़रत अली अकबर (अ) की शहादत को याद करते हुए अज़ादारी का माहौल रहा। इस अवसर पर जगह-जगह मजलिसें आयोजित की गईं, नौहाख्वानी व सीना ज़नी हुई, और लंगर व सबील का इंतज़ाम किया गया। पूरे शहर में “या हुसैन” और “या अली अकबर” की सदाएं गूंजती रहीं। देवा रोड स्थित गुलाम अस्करी हॉल में मौलाना मोहम्मद मियां आब्दी ने मोमिनीन को संबोधित करते हुए नेकी, नमाज़, रोज़ा, हज, ज़कात और हक़ की राह पर चलने की नसीहत दी। उन्होंने हज़रत अली अकबर (अ) के मसायब पढ़े, जिसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। यहाँ पहली मोहर्रम से जारी लंगर और सबील का भी आयोजन लगातार चला। कटरा स्थित इमामबाड़ा मीर मासूम अली में मौलाना जाबिर जौरासी ने हराम से बचने और वाजिब अमल करने को ही सच्ची बंदगी बताया, जहाँ अंजुमन ग़ुंचये अब्बासिया और अंजुमन इमामियां ने नौहाख्वानी व मातम किया। वहीं, आगा फ़य्याज़ मियां जानी के अज़ाखाने में मौलाना फैज़ान मेहदी ज़ैदपुरी ने विलायत-ए-आले मोहम्मद (अ) की अहमियत पर प्रकाश डाला। रसूलपुर स्थित मोहसिन नक़वी साहब के अज़ाखाने में मौलाना अशरफ अली गरवी ने तालीमाते आले-मोहम्मद (अ) को जीवन में अपनाने की अपील की, और डॉ. रज़ा मौरानवी, शारिब मौरानवी, शकील सन्डेलवी, हाजी सरवर अली कर्बलाई, अंजुम व हुजैफा ने नज़राने-अकीदत पेश किए। कर्बला सिविल लाइंस, बेगमगंज, कंपनीबाग, लाइन पुरवा, रफ़ी नगर सहित अनेक अज़ाखानों में देर रात तक मजलिसों और मातम का सिलसिला जारी रहा। इसके अतिरिक्त, जैदपुर, असन्द्रा, किंतूर, देवा शरीफ, फतेहपुर, हैदरगढ़ और जौरास जैसे ग्रामीण इलाकों में भी अज़ादारी, लंगर और सबील का व्यापक आयोजन किया गया।
मोहर्रम की छठी तारीख पर बाराबंकी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शहीद-ए-आज़म हज़रत इमाम हुसैन (अ) के नूरे नज़र हज़रत अली अकबर (अ) की शहादत को याद करते हुए अज़ादारी का माहौल रहा। इस अवसर पर जगह-जगह मजलिसें आयोजित की गईं, नौहाख्वानी व सीना ज़नी हुई, और लंगर व सबील का इंतज़ाम किया गया। पूरे शहर में “या हुसैन” और “या अली अकबर” की सदाएं गूंजती रहीं। देवा रोड स्थित गुलाम अस्करी हॉल में मौलाना मोहम्मद मियां आब्दी ने मोमिनीन को संबोधित करते हुए नेकी, नमाज़, रोज़ा, हज, ज़कात और हक़ की राह पर चलने की नसीहत दी। उन्होंने हज़रत अली अकबर (अ) के मसायब पढ़े, जिसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। यहाँ पहली मोहर्रम से जारी लंगर और सबील का भी आयोजन लगातार चला। कटरा स्थित इमामबाड़ा मीर मासूम अली में मौलाना जाबिर जौरासी ने हराम से बचने और वाजिब अमल करने को ही सच्ची बंदगी बताया, जहाँ अंजुमन ग़ुंचये अब्बासिया और अंजुमन इमामियां ने नौहाख्वानी व मातम किया। वहीं, आगा फ़य्याज़ मियां जानी के अज़ाखाने में मौलाना फैज़ान मेहदी ज़ैदपुरी ने विलायत-ए-आले मोहम्मद (अ) की अहमियत पर प्रकाश डाला। रसूलपुर स्थित मोहसिन नक़वी साहब के अज़ाखाने में मौलाना अशरफ अली गरवी ने तालीमाते आले-मोहम्मद (अ) को जीवन में अपनाने की अपील की, और डॉ. रज़ा मौरानवी, शारिब मौरानवी, शकील सन्डेलवी, हाजी सरवर अली कर्बलाई, अंजुम व हुजैफा ने नज़राने-अकीदत पेश किए। कर्बला सिविल लाइंस, बेगमगंज, कंपनीबाग, लाइन पुरवा, रफ़ी नगर सहित अनेक अज़ाखानों में देर रात तक मजलिसों और मातम का सिलसिला जारी रहा। इसके अतिरिक्त, जैदपुर, असन्द्रा, किंतूर, देवा शरीफ, फतेहपुर, हैदरगढ़ और जौरास जैसे ग्रामीण इलाकों में भी अज़ादारी, लंगर और सबील का व्यापक आयोजन किया गया।
- एक घटना में, पहले बीस रुपये की बात कही गई, लेकिन फिर एक युवक से 120 रुपये लूट लिए गए। इस लूटपाट के बाद, पीड़ित युवक बिना किसी देरी के सीधा पुलिस थाने पहुंचा।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने बाराबंकी के दो परिवारों की खुशियाँ छीन ली हैं। इस हादसे में बाराबंकी के दो युवकों, मोहम्मद अम्मार (24) और मो. शहजान (19), की मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही उनके घरों और मोहल्लों में गहरा मातम पसर गया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ले में हनफिया मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद अम्मार पुत्र मंसूर आलम की आग की चपेट में आने से मौत हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अम्मार लखनऊ में उसी इमारत में ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करता था, जहाँ कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। आग लगने के समय वह भवन के अंदर मौजूद था और गंभीर रूप से झुलस गया था। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन लखनऊ के लिए रवाना हुए, लेकिन बाद में अम्मार की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। उनके मित्र फैज अहमद खान ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही उनकी बात हुई थी। फैज के अनुसार, अम्मार तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था, और उसके पिता मंसूर आलम की कुरौली में वेल्डिंग की दुकान है। पड़ोसियों ने अम्मार को एक मेहनती और मिलनसार युवक बताया, जिनकी मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इसी अग्निकांड में तहसील फतेहपुर के मोहल्ला काजीपुर निवासी मो. शहजान पुत्र मो. इमरान की भी जान चली गई। आग लगने के बाद शहजान ने अपनी माँ नसरीन फातिमा को फोन कर बताया था कि बिल्डिंग में आग लग गई है और वह अंदर फंसा हुआ है। यह सूचना मिलते ही जानकीपुरम में रह रही उनकी माँ रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुँचीं, जहाँ उन्हें अपने बेटे का शव ही मिल सका। शहजान उस इमारत के दूसरे तल पर संचालित 'हेड हॉपर्स स्टूडियो' में बतौर प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहा था, जहाँ 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम आउटसोर्सिंग का काम होता है। उनके चचेरे भाई मो. फैसल ने बताया कि शहजान परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता पुत्र था। उसके पिता मो. इमरान दुबई में नौकरी करते हैं, और उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परवरिश के लिए परिवार को फतेहपुर से लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया था। दोनों युवकों की दुखद मौत से बाराबंकी के इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और उनके घरों व मोहल्लों में गहरा शोक व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त आशुतोष रंजन ने बाराबंकी में औचक निरीक्षण कर परिवहन विभाग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय पहुंचकर नवागत एआरटीओ अमिताभ रॉय के कार्यों की समीक्षा की और कार्यालय की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, परिवहन आयुक्त ने हरख क्षेत्र के भगवानीपुर स्थित स्वचलित परीक्षण स्टेशन (ATS) का भी निरीक्षण किया। इस स्टेशन पर व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस और परीक्षण संबंधी प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समस्त व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। निरीक्षण संपन्न होने के बाद, हमारे संवाददाता ने परिवहन आयुक्त आशुतोष रंजन से विशेष बातचीत की।1
- बाराबंकी के रामसनेहीघाट क्षेत्र स्थित ग्राम पूरे चुरई, कोटवा रोड पर श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन को चौधरी विशाल सिंह वर्मा, जो जगदीश प्रसाद वर्मा (लंबरदार) के सुपुत्र हैं, और समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बजरंगबली के विधिवत जलाभिषेक के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न प्रकार की औषधियों और पवित्र जल से भगवान हनुमान का अभिषेक किया गया। इसके बाद ग्राम पूरे चुरई से बाबा पूरन दास मंदिर और हनुमंत वाटिका, कल्याणी तट तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, डीजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक धुनों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और इस दौरान "जय बजरंग बली" तथा "पवनसुत हनुमान की जय" के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शोभायात्रा के समापन पर श्रद्धालु श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे, जहाँ विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा, पूजन और महाआरती संपन्न कराई गई। तत्पश्चात भगवान हनुमान की प्रतिमा की विधिवत स्थापना की गई। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिव मोहन महाराज, महाराज ललित शुक्ला, चौधरी विशाल सिंह वर्मा, हुकूम वर्मा, अमूल सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शशिकांत वर्मा, प्रधान प्रतिनिधि सुधाकर मिश्र, पन्नालाल वर्मा, अनिल वर्मा, प्रभात वर्मा, अनुज चौधरी, आशुतोष सिंह, अभिषेक सिंह, अंश सिंह, रिहंत सिंह, हरिशचंद्र सिंह, शिव कमल पटवा, विनोद सिंह, कौशल वर्मा, संतोष वर्मा, पवन वर्मा, संजय वर्मा और रवि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में चार दिन पहले खेत में हुई गोकशी के मामले में पुलिस जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। घटना के बाद हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुँचकर हंगामा किया था और हसन, शमीम, शफीक पर गोकशी का आरोप लगाया था। हालाँकि, पुलिस जाँच में यह सामने आया है कि मौजूदा प्रधान जगपाल ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हसन को फँसाने के लिए खुद ही इस घटना को अंजाम दिलवाया था। जाँच के अनुसार, इस गोकशी के लिए ब्रह्मपाल उर्फ संता एक बछड़ा लेकर आया था, जिसे काटा गया। पुलिस ने इस मामले में प्रधान जगपाल, उसके भाई किरणपाल लाला, खेत मालिक रामअवतार, ब्रह्मपाल उर्फ संता और फैजान को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जुबैर, सलमान और फारुख अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।1
- बाराबंकी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा ने शहीद स्मारक उद्यान में एक भव्य राजयोग एवं योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। दिव्य शक्ति भवन के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में लगभग 150 नागरिकों के साथ-साथ वी.पी.एस. ग्लोबल अकैडमी के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। बाराबंकी सेवाकेंद्र की संचालिका राजयोगिनी अनुराधा दीदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का एक श्रेष्ठ साधन भी है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के ज़रिए व्यक्ति आंतरिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकता है, जिससे जीवन तनावमुक्त और संतुलित बनता है। इस दौरान, राजयोगिनी प्रीति दीदी ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को म्यूज़िकल योगा का अभ्यास कराया। वहीं, योग प्रशिक्षक और वी.पी.एस. ग्लोबल अकैडमी के प्रधानाचार्य बीके प्रदीप तथा बीके रामसेन ने विभिन्न योगासन, व्यायाम एवं प्राणायाम की विधियों का अभ्यास करवाया और उनके फ़ायदे बताए। पूरे कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने योग, ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली के महत्व पर ज़ोर देते हुए सभी से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से योग एवं राजयोग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। उपस्थित जनसमूह ने स्वस्थ, नशामुक्त और सकारात्मक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का भी संकल्प लिया। यह पूरा कार्यक्रम उत्साह, ऊर्जा, अनुशासन और आध्यात्मिक अनुभूतियों से परिपूर्ण रहा। योगाभ्यास के बाद, सभी प्रतिभागियों को प्रसाद वितरित किया गया और शरबत पिलाकर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति और मानव कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।3
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस सूचना के तुरंत बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और आग बुझाने के साथ-साथ बचाव अभियान में भी सक्रिय रूप से जुटी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत के अंदर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।1