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बाराबंकी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा ने शहीद स्मारक उद्यान में एक भव्य राजयोग एवं योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। दिव्य शक्ति भवन के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में लगभग 150 नागरिकों के साथ-साथ वी.पी.एस. ग्लोबल अकैडमी के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। बाराबंकी सेवाकेंद्र की संचालिका राजयोगिनी अनुराधा दीदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का एक श्रेष्ठ साधन भी है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के ज़रिए व्यक्ति आंतरिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकता है, जिससे जीवन तनावमुक्त और संतुलित बनता है। इस दौरान, राजयोगिनी प्रीति दीदी ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को म्यूज़िकल योगा का अभ्यास कराया। वहीं, योग प्रशिक्षक और वी.पी.एस. ग्लोबल अकैडमी के प्रधानाचार्य बीके प्रदीप तथा बीके रामसेन ने विभिन्न योगासन, व्यायाम एवं प्राणायाम की विधियों का अभ्यास करवाया और उनके फ़ायदे बताए। पूरे कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने योग, ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली के महत्व पर ज़ोर देते हुए सभी से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से योग एवं राजयोग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। उपस्थित जनसमूह ने स्वस्थ, नशामुक्त और सकारात्मक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का भी संकल्प लिया। यह पूरा कार्यक्रम उत्साह, ऊर्जा, अनुशासन और आध्यात्मिक अनुभूतियों से परिपूर्ण रहा। योगाभ्यास के बाद, सभी प्रतिभागियों को प्रसाद वितरित किया गया और शरबत पिलाकर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति और मानव कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

2 hrs ago
user_Varun Singh Chauhan
Varun Singh Chauhan
नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

बाराबंकी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा ने शहीद स्मारक उद्यान में एक भव्य राजयोग एवं योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। दिव्य शक्ति भवन के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में लगभग 150 नागरिकों के साथ-साथ वी.पी.एस. ग्लोबल अकैडमी के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। बाराबंकी सेवाकेंद्र की संचालिका राजयोगिनी अनुराधा दीदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में बताया कि योग केवल

शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का एक श्रेष्ठ साधन भी है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के ज़रिए व्यक्ति आंतरिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकता है, जिससे जीवन तनावमुक्त और संतुलित बनता है। इस दौरान, राजयोगिनी प्रीति दीदी ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को म्यूज़िकल योगा का अभ्यास कराया। वहीं, योग प्रशिक्षक और वी.पी.एस. ग्लोबल अकैडमी के प्रधानाचार्य बीके प्रदीप तथा बीके रामसेन ने विभिन्न योगासन, व्यायाम एवं प्राणायाम की विधियों का अभ्यास करवाया और उनके फ़ायदे बताए। पूरे

कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने योग, ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली के महत्व पर ज़ोर देते हुए सभी से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से योग एवं राजयोग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। उपस्थित जनसमूह ने स्वस्थ, नशामुक्त और सकारात्मक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का भी संकल्प लिया। यह पूरा कार्यक्रम उत्साह, ऊर्जा, अनुशासन और आध्यात्मिक अनुभूतियों से परिपूर्ण रहा। योगाभ्यास के बाद, सभी प्रतिभागियों को प्रसाद वितरित किया गया और शरबत पिलाकर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति और मानव कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

  • user_Surendra pratap singh
    Surendra pratap singh
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश
    वाह शिव बाबा वाह
    2 hrs ago
More news from Lucknow and nearby areas
  • अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद, दान की गिनती में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उनकी जगह अब बैंक द्वारा नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस घटनाक्रम के मद्देनजर मंदिर की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर पवन पांडेय ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रभु श्रीराम ने खुद चढ़ावा चोरी की बात अखिलेश को बताई।
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    अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद, दान की गिनती में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उनकी जगह अब बैंक द्वारा नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

इस घटनाक्रम के मद्देनजर मंदिर की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर पवन पांडेय ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रभु श्रीराम ने खुद चढ़ावा चोरी की बात अखिलेश को बताई।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    40 min ago
  • लखनऊ में योगीराज के तहत, थाना विभूतिखंड क्षेत्र के जलवा क्लब, साइबर हाइट्स के बाहर एक किशोरी के साथ हुई गंभीर आपराधिक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जलवा क्लब में गांजा और अफीम परोसा जा रहा है, और इसी क्लब के बाहर एक महिला से मारपीट, नशेबाज़ी और वीडियो बनाकर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया। समिट पुलिस चौकी प्रभारी पर कार्रवाई न करने का भी गंभीर आरोप है। पीड़िता किशोरी ने बताया कि 25 जनवरी 2026 की रात करीब 12:10 बजे कुछ युवतियों ने उसे कागज़ात लौटाने के बहाने बुलाकर योजनाबद्ध तरीके से बेरहमी से पीटा। इस दौरान न केवल मारपीट की गई, बल्कि गाली-गलौज करते हुए उसका वीडियो भी बनवाया गया, जिससे उसे बदनाम करने की धमकी दी गई। किशोरी का कहना है कि आरोपी युवतियां पहले भी चोरी, धमकी और नशे की हालत में हिंसा जैसी घटनाओं में शामिल रही हैं। जलवा क्लब के बाहर देर रात तक खुलेआम नशेबाज़ी और गांजा पीने के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। घटना सीसीटीवी में कैद होने और 112 पर कॉल करने के बावजूद, अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होना पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। किशोरी पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि लखनऊ पुलिस उनकी सुनवाई नहीं करती है, तो उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उसने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ योगी सरकार है और दूसरी तरफ लखनऊ पुलिस बेलगाम हो चुकी है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या इसे भी दबा दिया जाएगा।
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    लखनऊ में योगीराज के तहत, थाना विभूतिखंड क्षेत्र के जलवा क्लब, साइबर हाइट्स के बाहर एक किशोरी के साथ हुई गंभीर आपराधिक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जलवा क्लब में गांजा और अफीम परोसा जा रहा है, और इसी क्लब के बाहर एक महिला से मारपीट, नशेबाज़ी और वीडियो बनाकर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया। समिट पुलिस चौकी प्रभारी पर कार्रवाई न करने का भी गंभीर आरोप है।

पीड़िता किशोरी ने बताया कि 25 जनवरी 2026 की रात करीब 12:10 बजे कुछ युवतियों ने उसे कागज़ात लौटाने के बहाने बुलाकर योजनाबद्ध तरीके से बेरहमी से पीटा। इस दौरान न केवल मारपीट की गई, बल्कि गाली-गलौज करते हुए उसका वीडियो भी बनवाया गया, जिससे उसे बदनाम करने की धमकी दी गई। किशोरी का कहना है कि आरोपी युवतियां पहले भी चोरी, धमकी और नशे की हालत में हिंसा जैसी घटनाओं में शामिल रही हैं।

जलवा क्लब के बाहर देर रात तक खुलेआम नशेबाज़ी और गांजा पीने के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं।

घटना सीसीटीवी में कैद होने और 112 पर कॉल करने के बावजूद, अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होना पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। किशोरी पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि लखनऊ पुलिस उनकी सुनवाई नहीं करती है, तो उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उसने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ योगी सरकार है और दूसरी तरफ लखनऊ पुलिस बेलगाम हो चुकी है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या इसे भी दबा दिया जाएगा।
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Tenant ownership सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • पुलिस उपायुक्त पूर्वी महोदया के निर्देशन में मोहर्रम के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर ने अपने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों और मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान, आम जनता को सुरक्षा का एहसास कराया गया और शांति, सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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    पुलिस उपायुक्त पूर्वी महोदया के निर्देशन में मोहर्रम के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर ने अपने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों और मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान, आम जनता को सुरक्षा का एहसास कराया गया और शांति, सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लखनऊ में हुई एक घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी किया है।
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    लखनऊ में हुई एक घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी किया है।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, शहर में हुए अग्निकांड ने गहरा दर्द दिया है। इस दुखद घटना के दौरान एक बच्चे की हृदयविदारक पुकार सामने आई, जिसने कहा, "पापा आग लग गई, बाथरूम में हूं, बचा लो।" इस बीच, बच्चे की मां रोते हुए अपने बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाती रही, बार-बार कहती रही, "कोई तो मेरे बच्चे को ढूंढ दो…", और फिर बेहोश हो गई। यह पूरा दृश्य लखनऊ अग्निकांड के दर्द को बयां करता है।
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    लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, शहर में हुए अग्निकांड ने गहरा दर्द दिया है। इस दुखद घटना के दौरान एक बच्चे की हृदयविदारक पुकार सामने आई, जिसने कहा, "पापा आग लग गई, बाथरूम में हूं, बचा लो।" इस बीच, बच्चे की मां रोते हुए अपने बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाती रही, बार-बार कहती रही, "कोई तो मेरे बच्चे को ढूंढ दो…", और फिर बेहोश हो गई। यह पूरा दृश्य लखनऊ अग्निकांड के दर्द को बयां करता है।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter Sadar, Lucknow•
    2 hrs ago
  • लखनऊ में अलीगंज स्थित लाइब्रेरी में लगी आग की घटना ने राजधानी की भवन सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। इस हादसे के बाद अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अधिकारियों की कथित मिलीभगत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम मानी जा रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मांग की है कि जिन भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही, अवैध निर्माण को संरक्षण देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि हर हादसे के बाद केवल शोक व्यक्त करना और घायलों के इलाज का आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं को जन्म देने वाली व्यवस्था में सुधार किया जाना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं। यह मामला केवल अलीगंज लाइब्रेरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि राजधानी में कितनी ऐसी इमारतें हैं जो बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही हैं और कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। नागरिकों ने सभी सार्वजनिक भवनों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं जागी, तो अगली दुर्घटना और भी गंभीर साबित हो सकती है। इस प्रकार, प्रशासन के लिए यह घटना एक कड़ी चेतावनी है कि जनता की सुरक्षा से जुड़े दावों को वास्तविक धरातल पर उतारा जाए।
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    लखनऊ में अलीगंज स्थित लाइब्रेरी में लगी आग की घटना ने राजधानी की भवन सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। इस हादसे के बाद अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अधिकारियों की कथित मिलीभगत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम मानी जा रही है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मांग की है कि जिन भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही, अवैध निर्माण को संरक्षण देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि हर हादसे के बाद केवल शोक व्यक्त करना और घायलों के इलाज का आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं को जन्म देने वाली व्यवस्था में सुधार किया जाना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।

यह मामला केवल अलीगंज लाइब्रेरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि राजधानी में कितनी ऐसी इमारतें हैं जो बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही हैं और कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। नागरिकों ने सभी सार्वजनिक भवनों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं जागी, तो अगली दुर्घटना और भी गंभीर साबित हो सकती है। इस प्रकार, प्रशासन के लिए यह घटना एक कड़ी चेतावनी है कि जनता की सुरक्षा से जुड़े दावों को वास्तविक धरातल पर उतारा जाए।
    user_GNN Facts
    GNN Facts
    Lawyer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
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