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उन्नाव व्यूरो रिपोर्ट उन्नाव के बगरमऊ नगर के भूरे टोला मोहल्ले में बारिश के कारण एक मकान गिर गया
द कहर न्यूज़ एजेंसी
उन्नाव व्यूरो रिपोर्ट उन्नाव के बगरमऊ नगर के भूरे टोला मोहल्ले में बारिश के कारण एक मकान गिर गया
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- हरियाणा से बिहार जा रही लाखों कीमत की अवैध शराब कन्नौज पुलिस के हाथ लगी *बारिश ने मचाई तबाही, 19 फीट का सरकारी नाला सिमटा तो ठठिया बना तालाब, पांच फीट पानी में डूबे घर-दुकानें* आस-पास के गांवों में बारिश के पानी से मचा कोहराम कन्नौज संवाददाता। 48 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने ठठिया कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। छह गांवों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने वाला करीब 19 फीट चौड़ा सरकारी नाला अतिक्रमण और उपेक्षा के चलते कई स्थानों पर महज दो से तीन फीट चौड़ा रह गया है। नाले की जमीन पर कथित कब्जों के कारण बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाय गलियों, सड़कों और खेतों में फैल रहा है। हालात यह हैं कि कस्बे के कई मोहल्ले और बाजार जलमग्न हो गए हैं। सबसे भयावह स्थिति टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में बनी हुई है। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के बाद यहां करीब पांच फीट तक पानी भर गया। लवकुश इंटर कॉलेज जाने वाला करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया। जलभराव के कारण विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के परिवार पिछले 48 घंटे से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। मकान अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर होने के बावजूद पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। घरों के चारों ओर करीब पांच फीट पानी भरने से पूरा इलाका तालाब में तब्दील नजर आ रहा है। *नाले से 300 मीटर दूर तक तबाही, दुकानें और घर जलमग्न* जल निकासी व्यवस्था चौपट होने का असर नाले से करीब 300 मीटर दूर तक दिखाई दे रहा है। दर्जनों दुकानों और मकानों में पानी भर गया है। कस्बे में इंडियन बैंक के आसपास की दुकानों में करीब पांच फीट तक पानी भरने से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। लोग पंपसेट लगाकर दुकानों और घरों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं। पानी दुकानों के अंदर घुसने से व्यापारियों का लाखों रुपये का सामान खराब होने की बात सामने आ रही है। लगातार बारिश के बीच जलभराव ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी नाले की वास्तविक चौड़ाई के अनुसार सफाई और जल निकासी सुनिश्चित की जाती तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती। नाले के संकरे होने से बारिश का पानी आगे निकलने के बजाय आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों में फैल रहा है। *सिसैयनपुर्वा मड़िया में आठ परिवार 48 घंटे से पानी में फंसे* ठठिया थाना क्षेत्र की भदौसी ग्राम पंचायत के सिसैयनपुर्वा मड़िया गांव में भी बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां आठ परिवार 48 घंटे से अधिक समय से पानी में फंसे हुए हैं। गुड्डन यादव, बंटू यादव, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, लालू यादव, मस्ताना, बलवीर सिंह और नन्हें समेत ग्रामीणों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण रास्तों पर पानी भर जाने से घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जरूरी सामान लाने और अन्य कामों के लिए भी लोगों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। *जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल* एक ओर लगातार बारिश से कस्बे और गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर वर्षों पुराने सरकारी नाले के सिकुड़ने ने जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 19 फीट चौड़े नाले का कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक सिमट जाना बारिश के दौरान कस्बे के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार विभाग नाले की वास्तविक स्थिति की जांच कर अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।1
- लगातार बारिश से छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में बिगड़े हालात, कई परिवार बेघर और फसलें बर्बाद आकाश शाक्य ने गांवों में पहुंचकर लिया जायजा, प्रशासन से तत्काल राहत, सर्वे और मुआवजे की मांग लगातार बारिश से छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में बिगड़े हालात, कई परिवार बेघर और फसलें बर्बाद आकाश शाक्य ने गांवों में पहुंचकर लिया जायजा, प्रशासन से तत्काल राहत, सर्वे और मुआवजे की मांग कन्नौज। अर्नव चक्रवात के प्रभाव के चलते पिछले तीन दिनों से जनपद कन्नौज में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण कई कच्चे मकान गिर गए हैं, जिसके चलते अनेक परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं खेतों में पानी भरने से धान सहित अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आकाश शाक्य ने आज विधानसभा क्षेत्र रजलामऊ, तेराजाकेट, भूड़ा, सरायप्रयाग सहित कई गांवों में पहुंचकर बारिश से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और किसानों से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी ली। आकाश शाक्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी हमेशा किसानों, गरीबों, मजदूरों और आम जनता के हितों की आवाज मजबूती से उठाते रहे हैं। समाजवादी पार्टी की विचारधारा भी संकट के समय समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़े होने की रही है। इसी भावना के साथ वह लगातार क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने और प्रशासन के सामने रखने का प्रयास कर रहे हैं। आकाश शाक्य ने आगे कहा कि लगातार बारिश ने गरीब, मजदूर, किसान और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। कई जगह घरों में पानी भर गया है और कई कच्चे मकान गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ऐसे समय में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की धान सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और राजस्व विभाग की टीमों को गांव-गांव भेजकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए। जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा की इस स्थिति में उन्हें कुछ राहत मिल सके। आकाश शाक्य ने प्रशासन से यह भी मांग की कि जिन परिवारों के कच्चे मकान बारिश में गिर गए हैं, उनकी तत्काल सूची तैयार कर उन्हें राहत सामग्री, सुरक्षित स्थान और आवश्यकतानुसार आवासीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जगह-जगह जलभराव के कारण अब जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। लंबे समय तक जमा पानी और गंदगी के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसलिए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सक्रिय होकर प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान, जल निकासी, कीटनाशक एवं एंटी-लार्वा छिड़काव तथा आवश्यक स्वास्थ्य जांच और दवाओं की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव है, वहां पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए तथा नालियों और सार्वजनिक स्थानों की तत्काल सफाई कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जाएं, ताकि किसी भी बीमारी के फैलने से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें। आकाश शाक्य ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि मुश्किल में फंसे लोगों के साथ खड़े होने और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने का है। प्रशासन को कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जमीन पर उतरकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। उन्होंने कन्नौज प्रशासन से मांग की कि बारिश से हुए मकान, फसल, जलभराव एवं अन्य नुकसान का व्यापक और निष्पक्ष सर्वे तत्काल कराया जाए तथा प्रभावित परिवारों एवं किसानों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा और राहत उपलब्ध कराई जाए।4
- भारी बारिश से बिजली व्यवस्था प्रभावित, लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत में जुटे बिजलीकर्मी हरदोई। प्रदेशभर में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके चलते उपभोक्ताओं को सुचारु एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए यूपीपीसीएल की फील्ड टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं। यूपीपीसीएल की ओर से जारी वीडियो के माध्यम से बताया गया कि हरदोई, बाराबंकी, बलिया और गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आंधी और भारी बारिश से प्रभावित बिजली लाइनों एवं ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद बिजलीकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने में लगे हैं। यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान धैर्य बनाए रखें और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटे कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।3
- दीवार पर लिखा संदेश: "बलात्कारी पीड़ित से ज्यादा सुरक्षित", सोशल मीडिया पर छाया। दीवार पर लिखा संदेश: "बलात्कारी पीड़ित से ज्यादा सुरक्षित", सोशल मीडिया पर छाया। एक दीवार पर लिखा एक सोचनीय संदेश तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें लिखा है कि आज बलात्कारी पीड़ित से ज्यादा सुरक्षित हैं, चाहे देश की राजधानी हो या प्रदेश की। नीचे मुट्ठी की तस्वीर के साथ यह संदेश सरकार पर तंज कर रहा है।1
- रामगंगा नहर में अज्ञात शव मिलने से मचा हड़कंप पुलिस कर रही शिनाख्त के प्रयास जनपद कानपुर देहात । कोतवाली क्षेत्र के परसौरा गांव के सामने रामगंगा नहर के किनारे एक अज्ञात पुरुष का अर्धनग्न शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव नहर के तेज बहाव में कहीं से बहकर आया था और अत्यधिक फूल जाने के कारण किनारे पर लगे बबूल के पेड़ में फंसकर पानी के ऊपर आ गया। स्थानीय लोगों की नजर जब बबूल के पेड़ के पास अटके शव पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पानी में कई दिनों तक पड़े रहने के कारण शव काफी क्षत-विक्षत हो चुका है। मृतक का बायां हाथ कलाई के पास से कटा हुआ है, जिससे हत्या कर शव को नहर में फेंकने की आशंका भी जताई जा रही है। लंबे समय तक पानी में रहने और शव के विकृत हो जाने के चलते खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी की दर्ज रिपोर्टों के आधार पर शिनाख्त के प्रयास में जुट गई है।2
- बिठूर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते लवकुश नगर में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। बिठूर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते लवकुश नगर में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के लोग समय रहते बाहर निकल आए और बाल-बाल बच गए। बारिश के कारण मकान गिरने से परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार की मदद और राहत व्यवस्था की मांग की है। इसे 30 सेकंड का बनाएं1
- हरियाणा से बिहार जा रही लाखों कीमत की अवैध शराब कन्नौज पुलिस के हाथ लगी *मेन लाइन में फाल्ट से दो दिनों से बाधित मेडिकल कॉलेज की बिजली आपूर्ति, डीएम से प्राचार्य की वार्ता के बाद शुरू* कन्नौज। मेन बिजली लाइन में फाल्ट आने से दो दिनों से तिर्वा मेडिकल कॉलेज में बिजली की किल्लत की जानकारी पर प्राचार्य ने जिलाधिकारी से वार्ता कर बिजली व्यवस्था को बहाल करवा दिया। अपने निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने कॉलेज की इमरजेंसी का भी आकस्मिक निरीक्षण करते हुए दवाओं का स्टॉक चेक करने के अलावा लापरवाह कर्मचारियों को भी हिदायत दी। इस दौरान कॉलेज में भर्ती मरीजों से भी प्राचार्य ने बात की। बताते चलें कि, बीते दो दिनों से मेन लाइन में फाल्ट आने के कारण तिर्वा मेडिकल कॉलेज की बिजली व्यवस्था बाधित हो गई थी। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कॉलेज में मौजूद जनरेटर से आपूर्ति की जा रही थी, जिसके कारण इमरजेंसी और महत्वपूर्ण प्लेस पर मरीजों को तो कुछ हद तक सुविधा मिल पा रही थी लेकिन कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले छात्र छात्राएं और कॉलेज के कर्मचारी बिजली की समस्या के कारण परेशानियों का सामना कर रहे थे। मामले की जानकारी जब प्राचार्य पुष्पेंद्र सिंह को हुई तो उन्होंने कॉलेज के पवार हाउस पहुंचकर बिजली कर्मियों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद समस्या की जानकारी के बाद प्राचार्य ने जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को समस्या से अवगत कराया। प्राचार्य के मुताबिक मामले को लेकर डीएम से समस्या को रखे जाने और उसका निस्तारण कराए जाने की वार्ता के बाद फिलहाल मेडिकल कॉलेज की आपूर्ति को तिर्वा फीडर से जोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर शुरू करवा दिया गया। मेन लाइन सही होने के बाद कालेज की आपूर्ति पहले की तरह व्यवस्थित हो सकेगी। बताते चलें कि, प्राचार्य ने कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कॉलेज के वार्डों में भर्ती मरीजों का पुरसाहाल लेने के बाद प्राचार्य ने कॉलेज की व्यवस्थाओं को भी देखा। दवाओं का स्टॉक चेक किया गया। मौजूद दवाओं की एक्सपायरी डेट चेक की गई। कॉलेज के निरीक्षण के दौरान साफ सफाई को लेकर कुछ मेडिकल कर्मियों की लापरवाही पर क्लास भी प्राचार्य ने लगाई। प्राचार्य का कहना था कि, कॉलेज के किसी भी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी से लेकर मेडिकलकर्मी की लापरवाही या अनुशासनहीनता को किसी हालत में माफ नहीं किया जाएगा और कार्यवाही की जाएगी। प्राचार्य के निरीक्षण से कॉलेज कर्मियों में हड़कंप का माहौल नजर आया।1
- सौरिख पुलिस ने पकड़ी 5 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब, दो गिरफ्तार. सौरिख पुलिस ने पकड़ी 5 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब, दो गिरफ्तार कन्नौज। सौरिख थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की तस्करी का खुलासा किया है। पुलिस ने रात्रि चेकिंग के दौरान एक कंटेनर से 30 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद शराब की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर की रात करीब 2:35 बजे मुखबिर की सूचना पर गोदावरी बाईपास से खडिनी जाने वाले रास्ते पर कंटेनर संख्या NL01AG3493 को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन भगाने की कोशिश की, जिसके बाद पीछा कर सीएसबी रोड सर्वा मोड़ के पास कंटेनर को रोक लिया गया। तलाशी के दौरान कंटेनर से 12 पेटी रॉयल स्टैग 750 एमएल, 13 पेटी रॉयल स्टैग 375 एमएल हाफ और 5 पेटी ब्लेंडर्स प्राइड 375 एमएल हाफ, कुल 30 पेटी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवकुमार निवासी मैनपुरी और प्रदीप निवासी इटावा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे हरियाणा से शराब लाकर बिहार में बेचने का काम करते हैं। पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 356/2026, धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शराब तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।3
- हरदोई में कुदरत का कहर 48 घंटे की आफत की बारिश,7 लोगों की मौतें 30 मवेशियों की भी मौत,330 मकान जमींदोज,त्राहि-त्राहि कर उठा हरदोई कहीं ढहे मकान तो कहीं मवेशी भी दबे कई स्थानों पर फसलें भी डूबी, प्रशासन अलर्ट, रेस्क्यू जारी........ हरदोई में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है जनपद की विभिन्न तहसीलों में मकान गिरने और सर्पदंश से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 7 लोग घायल हैं।330 मकान ढहकर मलबे में तब्दील 30 बेजुबान पशुओं की भी दर्दनाक मौत हजारों बीघा धान, उड़द, मक्का और तिल की फसलें पूरी तरह बर्बाद।सबसे ज्यादा नुकसान सण्डीला तहसील में हुआ है, जहाँ 2 लोगों की मौत और 87 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों से करीब 80 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर राहत शिविरों और स्कूलों में शिफ्ट किया गया है।पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं। कुदरत के इस कहर से जल्द उबरें हरदोई वासी! हरदोई में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि पूरा जिला त्राहि-त्राहि कर उठा है। लगातार 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही का ऐसा मंजर पैदा किया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। आसमान से बरस रही आफत की वजह से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशुओं पर भी काल मंडराया है—30 मवेशियों की जान जा चुकी है और पूरे जिले में 330 से ज्यादा मकान जमींदोज हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। आसमान से बरसती मौत... पानी-पानी हुआ हरदोई! जी हां हरदोई जिले में पिछले 48 घंटों से आफत की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। हर तरफ सिर्फ और सिर्फ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। जिले की अलग-अलग तहसीलों से आ रही तस्वीरें रूह कँपा देने वाली हैं। कहीं मकान ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं, तो कहीं बेजुबान मवेशी मलबे में दबकर दम तोड़ रहे हैं। अब तक इस आसमानी आफत ने 7 मासूम जिंदगियों को लील लिया है, वहीं 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।अगर तहसीलवार बात करें, तो सबसे ज्यादा तबाही सण्डीला में देखने को मिली है। यहाँ भारी बारिश और सर्पदंश के कारण दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। सण्डीला में अकेले 87 मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं और 16 पशुओं की मौत हुई है। वहीं सदर तहसील में भी दो लोगों की जान चली गई और 52 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा शाहाबाद और सवायजपुर में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। बिलग्राम में भी 83 मकान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।आपदा के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलभराव वाले निचले इलाकों से अब तक करीब 80 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सण्डीला और शाहाबाद में राहत शिविर एक्टिव कर दिए गए हैं, जहाँ लोगों को शरण दी जा रही है। लेकिन मुसीबत सिर्फ इंसानी बस्तियों तक सीमित नहीं है। हरदोई के अन्नदाता पर भी इस बारिश ने दोहरी मार की है। हजारों बीघा में लगी धान, उड़द, मक्का और तिल की फसलें समंदर में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे किसानों की कमर पूरी तरह टूट गई है।हरदोई की यह तस्वीरें वाकई डराने वाली हैं। बेघर हुए लोगों के सामने अब रोटी और छत का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है, लेकिन देखना यह होगा कि इन पीड़ितों को सरकार की तरफ से मुआवजा और राहत सामग्री कितनी जल्दी पहुंच पाती है। हरदोई की इस महा-तबाही पर हमारी नजर लगातार बनी हुई है।1