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केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के लिए बजट में किए बेहतरीन प्रावधान, कांग्रेस सरकार जनता को गुमराह कर रही है : डॉ. राजीव बिंदल.. टैक्स डेवोल्यूशन में ₹14 हजार करोड़, रेलवे विस्तार को ₹3 हजार करोड़, फोरलेन व सड़क परियोजनाओं में ऐतिहासिक निवेश : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने हेतु लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है—“रात को सपना आता है और सुबह ₹50 हजार करोड़ की मांग खड़ी हो जाती है।” डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के लगभग पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई—प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है? उन्होंने बताया कि वबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही। डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया। डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।

5 hrs ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
5 hrs ago

केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के लिए बजट में किए बेहतरीन प्रावधान, कांग्रेस सरकार जनता को गुमराह कर रही है : डॉ. राजीव बिंदल.. टैक्स डेवोल्यूशन में ₹14 हजार करोड़, रेलवे विस्तार को ₹3 हजार करोड़, फोरलेन व सड़क परियोजनाओं में ऐतिहासिक निवेश : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने हेतु लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है—“रात को सपना आता है और सुबह ₹50 हजार करोड़ की मांग खड़ी हो जाती है।” डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के लगभग पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई—प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है? उन्होंने बताया कि वबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही। डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया। डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।

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  • झंडूता विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दौरे को लेकर झंडूता कांग्रेस नेता विवेक कुमार ने बिलासपुर में प्रेसवार्ता की। मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान उदघाटन शिलान्यास करेंगे व विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
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    झंडूता विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दौरे को लेकर झंडूता कांग्रेस नेता विवेक कुमार ने बिलासपुर में प्रेसवार्ता की। मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान उदघाटन शिलान्यास करेंगे व विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) राज्य अपराध शाखा राकेश कुमार आर्य ने पंचकूला जिले का दौरा कर कानून-व्यवस्था की तैयारियों की गहन समीक्षा की। पुलिस लाइन पंचकूला पहुंचने पर उन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़ी पंचकूला पुलिस की दंगा निरोधक कंपनियों की तैयारियों का निरीक्षण किया। आईजीपी द्वारा पंचकूला पुलिस की दंगा निरोधक कंपनियों—अल्फा, ब्रावो, चार्ली, इको एवं IRB कंपनी की समीक्षा की गई, जिसमें लगभग 500 जवानों व डॉग स्क्वॉड टीमों ने अपने-अपने कंपनी कमांडर अधिकारियों के नेतृत्व में बेसिक ड्रिल, टर्नआउट एवं फॉर्मेशन में भाग लिया।
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    पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) राज्य अपराध शाखा राकेश कुमार आर्य ने पंचकूला जिले का दौरा कर कानून-व्यवस्था की तैयारियों की गहन समीक्षा की। पुलिस लाइन पंचकूला पहुंचने पर उन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़ी पंचकूला पुलिस की दंगा निरोधक कंपनियों की तैयारियों का निरीक्षण किया।
आईजीपी द्वारा पंचकूला पुलिस की दंगा निरोधक कंपनियों—अल्फा, ब्रावो, चार्ली, इको एवं IRB कंपनी की समीक्षा की गई, जिसमें लगभग 500 जवानों व डॉग स्क्वॉड टीमों ने अपने-अपने कंपनी कमांडर अधिकारियों के नेतृत्व में बेसिक ड्रिल, टर्नआउट एवं फॉर्मेशन में भाग लिया।
    user_Samuel Yunas
    Samuel Yunas
    Press Correspondent पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    32 min ago
  • कुल्लू टुडे न्यूज़ झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं। #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu
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    कुल्लू टुडे न्यूज़ 
झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.)
बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया।
कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि
❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया?
❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा?
अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
#kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कानून कहता है Zero FIR ज़रूरी है, फिर झाकड़ी थाना क्यों कर रहा है इनकार? अगर FIR ही नहीं होगी, तो न्याय कहाँ से मिलेगा? 🚨 सवाल सिर्फ एक नहीं… सिस्टम पर हैं!
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    कानून कहता है Zero FIR ज़रूरी है,
फिर झाकड़ी थाना क्यों कर रहा है इनकार?
अगर FIR ही नहीं होगी, तो न्याय कहाँ से मिलेगा? 🚨
सवाल सिर्फ एक नहीं… सिस्टम पर हैं!
    user_कलम जीत की
    कलम जीत की
    पत्रकार रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बिलासपुर में जबरन वाहन रोके जाने का मामला, Zero FIR से इनकार — पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
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    बिलासपुर में जबरन वाहन रोके जाने का मामला, Zero FIR से इनकार — पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल 
झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.)
बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया।
कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि
❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया?
❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा?
अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
    user_हिमाचल की आवाज़
    हिमाचल की आवाज़
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Post by Shashi kumar
    1
    Post by Shashi kumar
    user_Shashi kumar
    Shashi kumar
    Graphic designer Panchkula, Haryana•
    23 hrs ago
  • टैक्स डेवोल्यूशन में ₹14 हजार करोड़, रेलवे विस्तार को ₹3 हजार करोड़, फोरलेन व सड़क परियोजनाओं में ऐतिहासिक निवेश : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने हेतु लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है—“रात को सपना आता है और सुबह ₹50 हजार करोड़ की मांग खड़ी हो जाती है।” डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के लगभग पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई—प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है? उन्होंने बताया कि वबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही। डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया। डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।
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    टैक्स डेवोल्यूशन में ₹14 हजार करोड़, रेलवे विस्तार को ₹3 हजार करोड़, फोरलेन व सड़क परियोजनाओं में ऐतिहासिक निवेश : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने हेतु लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है—“रात को सपना आता है और सुबह ₹50 हजार करोड़ की मांग खड़ी हो जाती है।”
डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के लगभग पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई—प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है?
उन्होंने बताया कि वबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही।
डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    5 hrs ago
  • कीरतपुर नेरचौक फोरलेन को लेकर जानकारी देते रीजनल ऑफिसर एनएचएआई हिमाचल प्रदेश कर्नल अजय बरगोटी व प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पीआईयू मंडी, एनएचएआई वरुण चारी
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    कीरतपुर नेरचौक फोरलेन को लेकर जानकारी देते रीजनल ऑफिसर एनएचएआई हिमाचल प्रदेश कर्नल अजय बरगोटी व प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पीआईयू मंडी, एनएचएआई वरुण चारी
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सांसद कार्तिकेय शर्मा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर कालका–अंबाला क्षेत्र के लंबे समय से लंबित रेल मुद्दे उठाए
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    सांसद कार्तिकेय शर्मा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर कालका–अंबाला क्षेत्र के लंबे समय से लंबित रेल मुद्दे उठाए
    user_Samuel Yunas
    Samuel Yunas
    Press Correspondent पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    47 min ago
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