बिलासपुर में जबरन वाहन रोके जाने का मामला, Zero FIR से इनकार — पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
बिलासपुर में जबरन वाहन रोके जाने का मामला, Zero FIR से इनकार — पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
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- कुल्लू टुडे न्यूज़ झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं। #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu1
- बिलासपुर में जबरन वाहन रोके जाने का मामला, Zero FIR से इनकार — पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।1
- ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ,पर्यटकों खूब ले रहे बरबरी का आनंद1
- रिपोर्ट –3 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज घाटी की कोठी वनोगी और रैंह गांव के आराध्य देवता जन्हु ऋषि अपनी सात दिवसीय देव परिक्रमा पूरी कर मंगलवार को लाव-लश्कर के साथ अपने निवास स्थान रैंह गांव पहुंचे। मुख्य अंश: गांव-गांव दौरा: देवता ने मंण्ढी, दुशाहड़, खोढुनाल, कौंशा और मनियाशी जैसे कई गांवों का दौरा कर घर-घर जाकर लोगों के दुखों का निवारण किया। भव्य स्वागत: महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में नरगिस के फूल और अखरोट भेंट कर देवता का स्वागत किया। देववाणी (गुर): देवता ने गुर के माध्यम से सुख-शांति, समृद्धि और पर्याप्त बारिश-बर्फबारी होने का आशीर्वाद दिया। एकता का संदेश: जन्हु ऋषि ने सभी कारकूनों और हारियनों को एकजुट रहने की सीख दी।1
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से चलाए जा रहे नैशनल टेलेंट हंट कार्यक्रम के तहत पार्टी युवाओं को प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर बनने का मौका दे रही है. इस कार्यक्रम के तहत हिमाचल में आज और कल दो दिन के लिए आवेदकों के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं. इसके लिए AICC प्रवक्ता चरनजीत सिंह सपरा शिमला पहुंचे. सपरा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इंटरव्यू के बाद योग्यता के आधार पर कांग्रेस पार्टी युवाओं को प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर बनने का मौका देगी. VO -- शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए चरनजीत सिंह सपरा ने बताया कि इंटरव्यू में शॉर्टलिस्ट होने वाले लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर के रूप में मौका दिया जाएगा। सपरा ने बताया कि नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर हिमाचल में कई अच्छे वक्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर मौका देंगे। उन्होंने बताया कि आज 42 लोगों के इंटरव्यू लिए गए हैं और कल फिर आवेदकों के इंटरव्यू होंगे। सपरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के जरिए हिमाचल प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के लिए हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से आवेदक पहुंचे हैं और इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. बाइट -- चरनजीत सिंह सपरा, प्रवक्ता AICC2
- महासू देवता हनोल1
- किन्नौर जिले के शुदारंग पेट्रोल पम्प के करीब रात को एक वाहन ने पहुंचाया दो गाड़ियों को नुकसान जो कि सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu1