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ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ,पर्यटकों खूब ले रहे बरबरी का आनंद

2 hrs ago
user_Vikas sharma
Vikas sharma
ठियोग, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ,पर्यटकों खूब ले रहे बरबरी का आनंद

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  • ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ,पर्यटकों खूब ले रहे बरबरी का आनंद
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    ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ,पर्यटकों खूब ले रहे बरबरी का आनंद
    user_Vikas sharma
    Vikas sharma
    ठियोग, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से चलाए जा रहे नैशनल टेलेंट हंट कार्यक्रम के तहत पार्टी युवाओं को प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर बनने का मौका दे रही है. इस कार्यक्रम के तहत हिमाचल में आज और कल दो दिन के लिए आवेदकों के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं. इसके लिए AICC प्रवक्ता चरनजीत सिंह सपरा शिमला पहुंचे. सपरा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इंटरव्यू के बाद योग्यता के आधार पर कांग्रेस पार्टी युवाओं को प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर बनने का मौका देगी. VO -- शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए चरनजीत सिंह सपरा ने बताया कि इंटरव्यू में शॉर्टलिस्ट होने वाले लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर के रूप में मौका दिया जाएगा। सपरा ने बताया कि नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर हिमाचल में कई अच्छे वक्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर मौका देंगे। उन्होंने बताया कि आज 42 लोगों के इंटरव्यू लिए गए हैं और कल फिर आवेदकों के इंटरव्यू होंगे। सपरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के जरिए हिमाचल प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के लिए हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से आवेदक पहुंचे हैं और इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. बाइट -- चरनजीत सिंह सपरा, प्रवक्ता AICC
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    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से चलाए जा रहे नैशनल टेलेंट हंट कार्यक्रम के तहत पार्टी युवाओं को प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर बनने का मौका दे रही है. इस कार्यक्रम के तहत हिमाचल में आज और कल दो दिन के लिए आवेदकों के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं. इसके लिए AICC प्रवक्ता चरनजीत सिंह सपरा शिमला पहुंचे. सपरा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इंटरव्यू के बाद योग्यता के आधार पर कांग्रेस पार्टी युवाओं को प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर बनने का मौका देगी.
VO -- शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए चरनजीत सिंह सपरा ने बताया कि इंटरव्यू में शॉर्टलिस्ट होने वाले लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर के रूप में मौका दिया जाएगा। सपरा ने बताया कि नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस प्रवक्ता और मीडिया कॉर्डिनेटर हिमाचल में कई अच्छे वक्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर मौका देंगे। उन्होंने बताया कि आज 42 लोगों के इंटरव्यू लिए गए हैं और कल फिर आवेदकों के इंटरव्यू होंगे। सपरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के जरिए हिमाचल प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के लिए हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से आवेदक पहुंचे हैं और इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा.
बाइट -- चरनजीत सिंह सपरा, प्रवक्ता AICC
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    3 hrs ago
  • कुल्लू टुडे न्यूज़ झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं। #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu
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    कुल्लू टुडे न्यूज़ 
झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.)
बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया।
कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि
❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया?
❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा?
अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
#kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • 2 फ़रवरी 2026 कलम जीत की नन्हीं पत्रकार - त्रिशा ठाकुर आज का सुविचार 👇 अगर आप भी अपने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना चाहते हो और उन्हें भी नन्हीं पत्रकार या नन्हा पत्रकार बनाना चाहते हो तो ऐसी वीडियो बना कर हमें भेजे व्हाट्स एप नंबर - 62304- 48139
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    2 फ़रवरी 2026
कलम जीत की 
नन्हीं पत्रकार - त्रिशा ठाकुर 
आज का सुविचार 👇 
अगर आप भी अपने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना चाहते हो और उन्हें भी नन्हीं पत्रकार या नन्हा पत्रकार बनाना चाहते हो तो ऐसी वीडियो बना कर हमें भेजे 
व्हाट्स एप नंबर - 62304- 48139
    user_कलम जीत की
    कलम जीत की
    पत्रकार रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बिलासपुर में जबरन वाहन रोके जाने का मामला, Zero FIR से इनकार — पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.) बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा? अब बड़ा सवाल यह है कि ❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया? ❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
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    बिलासपुर में जबरन वाहन रोके जाने का मामला, Zero FIR से इनकार — पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल 
झाकड़ी / बिलासपुर (हि.प्र.)
बिलासपुर जिले में एक वाहन को जबरन रोके जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना बिलासपुर क्षेत्र की है, लेकिन जब उन्होंने अपने क्षेत्र के थाना झाकड़ी में शून्य FIR (Zero FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया।
कानून के जानकारों के अनुसार, Zero FIR का उद्देश्य ही यह है कि पीड़ित को क्षेत्राधिकार के नाम पर भटकना न पड़े और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। इसके बावजूद FIR दर्ज न किया जाना न केवल कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही न्याय का रास्ता बंद कर दिया जाएगा, तो आम नागरिक पुलिस से कैसे उम्मीद करेगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि
❓ Zero FIR दर्ज करने से आखिर इनकार क्यों किया गया?
❓ क्या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा?
अब सबकी नजरें उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या नहीं।
    user_हिमाचल की आवाज़
    हिमाचल की आवाज़
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Om santi 😭🙏
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    Om santi 😭🙏
    user_Dushyant Sharma
    Dushyant Sharma
    Artist रामशहर, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • महासू देवता हनोल
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    महासू देवता हनोल
    user_Govind Sharma
    Govind Sharma
    ट्यूनी, देहरादून, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
  • बीजेपी पर नरेश चौहान का पलटवार, कहा- राजनीति छोड़, हिमाचल हित की करें बात एंकर—- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया है. नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा नेता सिर्फ़ राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं. रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने से हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि भाजपा नेता केंद्र सरकार का बचाव करने में लगे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य हैं.ऐसे में हिमाचल प्रदेश की मदद की जानी ज़रूरी है. VO—- नरेश चौहान ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग 37 हज़ार करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान दिए गए थे. उन्होंने याद दिलाया कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद, जब 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने में देरी हुई थी, तब भी पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर 11,431 करोड़ रुपये की सहायता राज्यों को दी गई. आरडीजी की समाप्ति से हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि यह बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और हिमाचल-विरोधी है. हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर देश का समावेशी विकास संभव नहीं है. बाइट—- नरेश चौहान, प्रधान मीडिया सलाहकार
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    बीजेपी पर नरेश चौहान का पलटवार, कहा- राजनीति छोड़, हिमाचल हित की करें बात
एंकर—- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया है. नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा नेता सिर्फ़ राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं. रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने से हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि भाजपा नेता केंद्र सरकार का बचाव करने में लगे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य हैं.ऐसे में हिमाचल प्रदेश की मदद की जानी ज़रूरी है.
VO—- नरेश चौहान ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग 37 हज़ार करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान दिए गए थे. उन्होंने याद दिलाया कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद, जब 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने में देरी हुई थी, तब भी पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर 11,431 करोड़ रुपये की सहायता राज्यों को दी गई. आरडीजी की समाप्ति से हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि यह बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और हिमाचल-विरोधी है. हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर देश का समावेशी विकास संभव नहीं है.
बाइट—- नरेश चौहान, प्रधान मीडिया सलाहकार
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    4 hrs ago
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