Shuru
Apke Nagar Ki App…
#Mathura जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को #Mathura जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को
ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)
#Mathura जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को #Mathura जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- चन्द्रोदय मंदिर में गूंजा राधे-राधे, धूमधाम से मनाई राधाष्टमी1
- #Mathura जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को #Mathura जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को1
- बलदाऊजी मंदिर में भव्य महाभिषेक का आयोजन किया गया, जानकारी लोगों ने दर्शन का आनंद लिया , ब्रज के राजा दाऊजी महाराज के मंदिर मे आज भव्य महाभिषेक किया गया जहां उसमें शामिल होने के लिए महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान पहुंची तो राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्यागी भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए जबकि यहां आने बाले भाजपा के सांसद मनोज तिवारी, यूपी के मंत्री धर्मवीर प्रजापति सहित कई नेता नहीं आये. वहीँ इस दौरान राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के अध्यक्ष ने यूपी सरकार की ब्राह्मण विरोधी बताया और बोले की जबसे ये सरकार आई है तभी से ब्राह्मणों को निशाना बना रही है उनपर लगातार अत्याचार कर रही है और हम आगे 2027 मे उसी के साथ समर्थन मे आएंगे जिसे ब्राह्मण समाज की शर्ते मंजूर होगी तो उन्होंने ये भी बोला की जिस तरह से 2013 मे जिस गुंडा राज का विरोध करते थे आज वहीँ सब यूपी मे हो रहा है, उसी के साथ UGC पर भी उन्होंने सरकार मे जातिवाद को बढ़ावा देने की बात कहीं. जबकि यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष ने यूपी मे सब खुशहाल बताया और बोली की आज राधा अष्टमी पर दाऊजी मंदिर मे दर्शन करके धन्य हो गई और जब उनसे महंगाई पर सवाल किया तो बोली की कोई मेंहगाई नहीं जब हम कुछ खरीदते है तो लगता है की मेंहगा है और जब बेचते है तो लगता है की कोई मेंहगा नहीं और जब उनसे UCC पर सवाल किया तो बोली की ये बड़े बड़े नेताओं का मामला है मे क्या बोलू.3
- श्रीराधा के चरणों में उमड़ा आस्था का सैलाब, वृन्दावन चन्द्रोदय मंदिर में भव्य राधाष्टमी महामहोत्सव श्रीराधा के चरणों में उमड़ा आस्था का सैलाब, वृन्दावन चन्द्रोदय मंदिर में भव्य राधाष्टमी महामहोत्सव1
- कहा जाता है कि राधाजी का अवतार श्री कृष्ण के प्रेम भाव को धरातल पर चरितार्थ करने के लिए हुआ था। 'एक प्राण दो देह' कहे जाने वाले राधा-कृष्ण की पावन भूमि मथुरा-बरसाना, इस बार भी राधा जन्मोत्सव पर पूरी तरह श्री राधा के रंग में रंगी नज़र आई। ब्रज की अधिष्ठात्री देवी और श्रीकृष्ण की आल्हादिनी शक्ति, वृषभानुसुता श्री राधिका रानी के जन्मोत्सव पर उनकी एक अलौकिक झलक पाने के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु बरसाना पहुंचे। आस्था के इस उल्लास में समूचा बरसाना राधा नाम की मस्ती में सराबोर हो उठा और लाडलीजी मंदिर का प्रांगण 'राधा रानी की जय, महारानी की जय' के जयकारों से गुंजायमान रहा। अपनी आराध्या के प्रकटोत्सव का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु कई दिन पहले से ही बरसाना जुटने लगे थे। कड़कती धूप भी भक्तों की अटूट आस्था को न डिगा सकी। मंदिर के सेवायतों द्वारा दूध, दही, शहद, घी, बूरा, केसर, और गुलाब जल से लाडली जी का पंचामृत अभिषेक किया गया। चूंकि राधा रानी का जन्म 'मूल नक्षत्र' में हुआ था, इसलिए परंपरा अनुसार रात्रि 2 बजे से 4 बजे के बीच 27 कुओं के जल, 27 पेड़ों की पत्तियों, 27 स्थानों की मिट्टी और औषधियों के साथ मूल शांति कराई गई। इसके बाद अभिषेक संपन्न हुआ और श्रीजी को दिव्य पीले रंग की जड़ित पोशाक धारण कराई गई। बरसाना के मुख्य लाडली जी मंदिर के साथ-साथ गोपाल जी मंदिर, रस मंदिर, मान मंदिर, रंगीली महल और अष्टसखी मंदिर में भी जन्मोत्सव की धूम रही। रात भर बरसाना की हर गली में भजन संध्याओं का दौर चलता रहा। देश-विदेश से आई महिला श्रद्धालु भी राधा नाम के रंग में रंगी और नृत्य करती नजर आईं। बरसाना की पावन धरा से श्री राधा रानी के जन्मोत्सव की यह अलौकिक छटा बता रही है कि जब बात आस्था और प्रेम की हो, तो दूरी और परेशानियां बेमायने हो जाती हैं।1
- स्वामी हरिदास जी के 546वें आविर्भाव महोत्सव में श्री हरिदास वंशीय सागर ग्रंथ का विमोचन छठवें दिन रत्नों से हुआ स्वामी हरिदास जी का महाअभिषेक, संतों और विद्वानों की मौजूदगी में हुआ ग्रंथ विमोचन वृंदावन। स्वामी हरिदास जी के 546वें आविर्भाव महोत्सव के छठवें दिन वृंदावन में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री स्वामी राधाप्रसाद देवजू महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान स्वामी हरिदास जी का रत्नों से महाअभिषेक किया गया। महोत्सव के अंतर्गत प्रातःकाल बधाई गायन, समाज गायन और ठाकुर जी की महाआरती का आयोजन हुआ। भक्तों ने धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में स्वामी हरिदास जी के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण स्वामी हरिदास जी द्वारा रचित ‘श्री हरिदास वंशीय सागर’ ग्रंथ के प्रथम खंड का विमोचन रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने वृंदावन के संतों, विद्वानों और धर्माचार्यों की उपस्थिति में ग्रंथ का विमोचन किया। आयोजकों के अनुसार, यह ग्रंथ संतों, रसिकों और साधकों के लिए साधना के पथ पर उपयोगी सिद्ध होगा। ग्रंथ में स्वामी हरिदास जी के पदों को सरल एवं सुगम गद्य रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठक उनके भाव, भक्ति और आध्यात्मिक संदेश को आसानी से समझ सकें। ग्रंथ में संगीत साधना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें तानसेन और बैजू बावरा जैसे महान संगीत साधकों के स्वामी हरिदास जी के सानिध्य में आने, उनकी लीलाओं तथा राग-रागिनियों के ज्ञान प्राप्त करने से जुड़े प्रसंग शामिल किए गए हैं। ग्रंथ विमोचन के दौरान संतों और विद्वानों ने स्वामी हरिदास जी की भक्ति, संगीत साधना और वृंदावन की रस परंपरा में उनके योगदान को स्मरण किया। महोत्सव में शामिल श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजनों का आनंद लेते हुए स्वामी हरिदास जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।1
- गांधी जी को कौन जानता था । उनका नाम इतना कैसे हुआ सब जानते है। किसी को बताने की जरूरत नहीं है सबको पता है गांधी जी को कौन जानता था । उनका नाम इतना कैसे हुआ सब जानते है। किसी को बताने की जरूरत नहीं है सबको पता है1
- #Vrindavan युवक के साथ मारपीट और चाकूबाजी का आरोप, कार्रवाई की मांग SSP Mathura Ssp Mathura UP Police UP police #Vrindavan युवक के साथ मारपीट और चाकूबाजी का आरोप, कार्रवाई की मांग SSP Mathura Ssp Mathura UP Police UP police1