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पीलीभीत जिले के ललौरीखेड़ा में शनिवार को देशी और अंग्रेजी शराब की दुकान पर महिलाओं का भारी गुस्सा देखने को मिला, जहाँ उन्होंने लाठियों से बोतलें फोड़कर और सीसीटीवी कैमरा तोड़कर भट्टी को तहस-नहस कर दिया। दुकान हटाने की मांग को लेकर पहुँची दर्जनों महिलाओं को आता देख सेल्समैन ताला लगाकर फरार हो गया। इसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने ताला तोड़ा, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे को पटक दिया और अंदर रखी शराब की पेटियाँ घसीटकर बाहर फेंक दीं। सड़क पर बिखरी शराब की बोतलों को महिलाओं ने पैरों तले रौंद दिया, जिससे देखते ही देखते लाखों रुपये का माल चकनाचूर हो गया। महिलाओं का आरोप है कि इस शराब भट्टी को हटाने के लिए करीब एक साल पहले मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि 'जब कोई सुनता ही नहीं, तो हमें खुद ही मैदान में उतरना पड़ा'। हंगामे की सूचना आबकारी विभाग को दी गई, लेकिन पुलिस और आबकारी की टीम घंटों बाद मौके पर पहुँची, तब तक दुकान को भारी नुकसान हो चुका था। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर कुछ शराबी भी मौके से शराब की बोतलें लेकर चंपत हो गए। मौके पर पहुँची सीओ नताशा गोयल ने महिलाओं को समझाने-बुझाने की कोशिश की और उनकी समस्याएँ सुनीं, लेकिन इस पूरे मामले पर जानकारी देने से इनकार कर दिया। यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले कलीनगर तहसील के बूंदीभूड़ गाँव में भी महिलाओं ने प्रशासन से कई बार शराब भट्टी हटाने की गुहार लगाई थी। सुनवाई न होने पर वहाँ भी ठीक इसी तरह दुकान में तोड़फोड़ की गई थी। फिलहाल, पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया है और आबकारी विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।

8 hrs ago
user_HARUN KHAN
HARUN KHAN
News Anchor Kalinagar, Pilibhit•
8 hrs ago
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पीलीभीत जिले के ललौरीखेड़ा में शनिवार को देशी और अंग्रेजी शराब की दुकान पर महिलाओं का भारी गुस्सा देखने को मिला, जहाँ उन्होंने लाठियों से बोतलें फोड़कर और सीसीटीवी कैमरा तोड़कर भट्टी को तहस-नहस कर दिया। दुकान हटाने की मांग को लेकर पहुँची दर्जनों महिलाओं को आता देख सेल्समैन ताला लगाकर फरार हो गया। इसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने ताला तोड़ा, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे को पटक दिया और अंदर रखी शराब की पेटियाँ घसीटकर बाहर फेंक दीं। सड़क पर बिखरी शराब की बोतलों को महिलाओं ने पैरों तले रौंद दिया, जिससे देखते ही देखते लाखों रुपये का माल चकनाचूर हो गया। महिलाओं का आरोप है कि इस शराब भट्टी को हटाने के लिए करीब एक साल पहले मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि 'जब कोई सुनता ही नहीं, तो हमें खुद ही मैदान में उतरना पड़ा'। हंगामे की सूचना आबकारी विभाग को दी गई, लेकिन पुलिस और आबकारी की टीम घंटों बाद मौके पर पहुँची, तब तक दुकान को भारी नुकसान हो चुका था। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर कुछ शराबी भी मौके से शराब की बोतलें लेकर चंपत हो गए। मौके पर पहुँची सीओ नताशा गोयल ने महिलाओं को समझाने-बुझाने की कोशिश की और उनकी समस्याएँ सुनीं, लेकिन इस पूरे मामले पर जानकारी देने से इनकार कर दिया। यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले कलीनगर तहसील के बूंदीभूड़ गाँव में भी महिलाओं ने प्रशासन से कई बार शराब भट्टी हटाने की गुहार लगाई थी। सुनवाई न होने पर वहाँ भी ठीक इसी तरह दुकान में तोड़फोड़ की गई थी। फिलहाल, पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया है और आबकारी विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर से बहस का विषय बन गया है। विधानसभा में हुई एक बहस के दौरान उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि किसी को "अल्लाह हू अकबर" का नारा अच्छा न लगे और वह उसे रोकने का प्रयास करे, तो क्या यह उचित होगा। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के माध्यम से धार्मिक नारों और आस्था के सम्मान के महत्व पर बात की थी। उनके इस बयान पर पहले भी अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई थीं। जहाँ एक ओर समर्थकों ने इसे सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करने और दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाने का प्रयास बताया था, वहीं आलोचकों ने इसे एक विवादास्पद बयान करार दिया था। आज भी सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमाया हुआ है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा विषय मानते हुए इस पर अपनी राय रख रहे हैं, जबकि अन्य इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देख रहे हैं, जिससे यह बहस लगातार जारी है।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर से बहस का विषय बन गया है। विधानसभा में हुई एक बहस के दौरान उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि किसी को "अल्लाह हू अकबर" का नारा अच्छा न लगे और वह उसे रोकने का प्रयास करे, तो क्या यह उचित होगा। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के माध्यम से धार्मिक नारों और आस्था के सम्मान के महत्व पर बात की थी।

उनके इस बयान पर पहले भी अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई थीं। जहाँ एक ओर समर्थकों ने इसे सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करने और दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाने का प्रयास बताया था, वहीं आलोचकों ने इसे एक विवादास्पद बयान करार दिया था।

आज भी सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमाया हुआ है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा विषय मानते हुए इस पर अपनी राय रख रहे हैं, जबकि अन्य इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देख रहे हैं, जिससे यह बहस लगातार जारी है।
    user_Devendra Puri
    Devendra Puri
    Teacher कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पीलीभीत जिले के माधोटांडा क्षेत्र में ग्रामीण विद्युत विभाग की मनमानी से भड़क उठे हैं। भयंकर गर्मी से परेशान इन ग्रामीणों ने स्थानीय पावर हाउस का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि योगी सरकार के आदेश केवल 'हवा-हवाई' साबित हो रहे हैं, क्योंकि माधोटांडा विद्युत विभाग अपनी मनमानी कर रहा है। यह घटना विभाग की तानाशाही और भीषण गर्मी के कारण उपजी ग्रामीणों की परेशानी और गुस्से को दर्शाती है।
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    पीलीभीत जिले के माधोटांडा क्षेत्र में ग्रामीण विद्युत विभाग की मनमानी से भड़क उठे हैं। भयंकर गर्मी से परेशान इन ग्रामीणों ने स्थानीय पावर हाउस का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि योगी सरकार के आदेश केवल 'हवा-हवाई' साबित हो रहे हैं, क्योंकि माधोटांडा विद्युत विभाग अपनी मनमानी कर रहा है। यह घटना विभाग की तानाशाही और भीषण गर्मी के कारण उपजी ग्रामीणों की परेशानी और गुस्से को दर्शाती है।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    News Anchor Kalinagar, Pilibhit•
    10 hrs ago
  • बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि संपत्ति को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ करते हुए आगे की जांच कर रही है।
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    बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि संपत्ति को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ करते हुए आगे की जांच कर रही है।
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house Puranpur, Pilibhit•
    7 hrs ago
  • पीलीभीत में सड़कों पर स्थित शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर गाँव की सैकड़ों महिलाओं ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी इन महिलाओं ने एक शराब की दुकान तोड़ दी थी, जिसके बाद अब एक बार फिर उन्होंने स्वयं मोर्चा संभाला है। महिलाओं ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर क्यों वह स्थानीय जनता की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं करता, और क्या शराब की दुकानें ही सरकार की आय का एकमात्र साधन रह गई हैं, भले ही उनसे कितने ही परिवार टूट जाएँ और गंभीर अपराध हों। इन सवालों का जवाब न मिलने पर महिलाओं का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित महिलाओं ने देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों में घुसकर शराब की बोतलों और क्वार्टरों को जमकर तोड़-फोड़ दिया। लाखों रुपये की शराब की बोतलें दुकान में ही नष्ट कर दी गईं, और काफी देर तक दुकानों में महिलाओं का यह हंगामा चलता रहा। इस घटना के बाद, प्रशासन उन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने लाखों रुपये की शराब की बोतलें तोड़ीं और दुकान में बिक्री के लिए रखी नकदी की कथित तौर पर लूटपाट की। हालांकि, इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर प्रशासन जनता की अपीलों और मांगों को क्यों अनसुना करता है, और कैसे स्थानीय पुलिस प्रशासन खतरे व आंदोलन को भांपने में विफल हो जाता है। मीडिया सूत्र संकेत दे रहे हैं कि यह सारा घटनाक्रम पहले से ही सुनियोजित था।
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    पीलीभीत में सड़कों पर स्थित शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर गाँव की सैकड़ों महिलाओं ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी इन महिलाओं ने एक शराब की दुकान तोड़ दी थी, जिसके बाद अब एक बार फिर उन्होंने स्वयं मोर्चा संभाला है। महिलाओं ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर क्यों वह स्थानीय जनता की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं करता, और क्या शराब की दुकानें ही सरकार की आय का एकमात्र साधन रह गई हैं, भले ही उनसे कितने ही परिवार टूट जाएँ और गंभीर अपराध हों। इन सवालों का जवाब न मिलने पर महिलाओं का गुस्सा भड़क उठा।

आक्रोशित महिलाओं ने देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों में घुसकर शराब की बोतलों और क्वार्टरों को जमकर तोड़-फोड़ दिया। लाखों रुपये की शराब की बोतलें दुकान में ही नष्ट कर दी गईं, और काफी देर तक दुकानों में महिलाओं का यह हंगामा चलता रहा।

इस घटना के बाद, प्रशासन उन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने लाखों रुपये की शराब की बोतलें तोड़ीं और दुकान में बिक्री के लिए रखी नकदी की कथित तौर पर लूटपाट की। हालांकि, इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर प्रशासन जनता की अपीलों और मांगों को क्यों अनसुना करता है, और कैसे स्थानीय पुलिस प्रशासन खतरे व आंदोलन को भांपने में विफल हो जाता है। मीडिया सूत्र संकेत दे रहे हैं कि यह सारा घटनाक्रम पहले से ही सुनियोजित था।
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    Doctor पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • पीलीभीत में 9 साल की नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। मंत्री ने ऐलान किया है कि रविवार को पीड़िता के घर के पीछे बनी मजार पर 'बाबा का बुलडोजर' चलेगा। इस मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने पीड़िता नाबालिग बच्ची को गोद लेने का बड़ा फैसला लिया है, और उन्होंने खुद उसका कन्यादान करने का संकल्प भी व्यक्त किया है।
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    पीलीभीत में 9 साल की नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। मंत्री ने ऐलान किया है कि रविवार को पीड़िता के घर के पीछे बनी मजार पर 'बाबा का बुलडोजर' चलेगा।

इस मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने पीड़िता नाबालिग बच्ची को गोद लेने का बड़ा फैसला लिया है, और उन्होंने खुद उसका कन्यादान करने का संकल्प भी व्यक्त किया है।
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित कल्याणपुर में एक कंपोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान पर कथित ओवररेटिंग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 'ब्रो कोड' नामक बीयर की बोतल पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹160 अंकित है, जिसका बैच नंबर 036 और निर्माण तिथि 15/01/2025 है। आरोप है कि इस बीयर को दुकान पर ₹200 में बेचा जा रहा है, जिसका अर्थ है कि ग्राहकों से ₹40 अधिक वसूले जा रहे हैं। जब एक ग्राहक ने इस संबंध में दुकान संचालक से पूछताछ की, तो कथित तौर पर बताया गया कि यह शराब पिछले एक सप्ताह से इसी बढ़ी हुई कीमत पर बेची जा रही है। इस मामले की सूचना नजदीकी पुलिस चौकी को भी दिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता करण और सुखदेव ने संबंधित विभाग से इस ओवररेटिंग के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि ₹160 के अंकित मूल्य वाले उत्पाद के लिए ₹200 वसूले जा रहे हैं।
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    पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित कल्याणपुर में एक कंपोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान पर कथित ओवररेटिंग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 'ब्रो कोड' नामक बीयर की बोतल पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹160 अंकित है, जिसका बैच नंबर 036 और निर्माण तिथि 15/01/2025 है। आरोप है कि इस बीयर को दुकान पर ₹200 में बेचा जा रहा है, जिसका अर्थ है कि ग्राहकों से ₹40 अधिक वसूले जा रहे हैं।

जब एक ग्राहक ने इस संबंध में दुकान संचालक से पूछताछ की, तो कथित तौर पर बताया गया कि यह शराब पिछले एक सप्ताह से इसी बढ़ी हुई कीमत पर बेची जा रही है। इस मामले की सूचना नजदीकी पुलिस चौकी को भी दिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता करण और सुखदेव ने संबंधित विभाग से इस ओवररेटिंग के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि ₹160 के अंकित मूल्य वाले उत्पाद के लिए ₹200 वसूले जा रहे हैं।
    user_Bharat Public Samachar
    Bharat Public Samachar
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले शनिवार को पीलीभीत नगर पालिका परिषद ने पूरे शहर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य योग दिवस के लिए शहर के वातावरण को स्वच्छ बनाना था, जिसमें जिलाधिकारी और एसडीएम ने स्वयं झाड़ू थामकर स्वच्छता का संदेश दिया।
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    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले शनिवार को पीलीभीत नगर पालिका परिषद ने पूरे शहर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य योग दिवस के लिए शहर के वातावरण को स्वच्छ बनाना था, जिसमें जिलाधिकारी और एसडीएम ने स्वयं झाड़ू थामकर स्वच्छता का संदेश दिया।
    user_Sheeraz Malik
    Sheeraz Malik
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मथुरा के गोवर्धन तहसील के आशा नगला ग्राम पंचायत सौंख में सैकड़ों जाटव समाज के ग्रामीणों ने अंबेडकर पार्क से जुड़े भूमि विवाद को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनके पार्क में कोई हस्तक्षेप किया गया, तो उत्पन्न होने वाली अशांति और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी। ग्रामीणों के अनुसार, यह ज़मीन वर्ष 1968 में ग्राम प्रधान सौंख देहात, विजेंद्र सिंह द्वारा जाटव समाज के लिए आवंटित की गई थी। उस समय आठ व्यक्तियों के नाम पट्टे काटकर अंबेडकर पार्क, मंदिर और धर्मशाला के लिए जगह सुनिश्चित की गई थी। इसके बाद, वर्ष 1980 में धर्मशाला का निर्माण हुआ और वर्ष 1985 में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गई, जिसका उद्घाटन सांसद मानवेंद्र सिंह ने विधायक बलजीत सिंह की उपस्थिति में किया था। साथ ही, वर्ष 1987 में ग्राम समाज ने गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की भी स्थापना की थी। अब, ग्रामीणों को पटवारी और कानूनगो गोवर्धन से यह सूचना मिल रही है कि इस पार्क की भूमि पर पट्टे आवंटित हैं, जिसे समाज पूरी तरह से निराधार और असत्य बता रहा है। जाटव समाज का कहना है कि जिन व्यक्तियों के पट्टों का जिक्र पार्क के संदर्भ में किया जा रहा है, उनके वास्तविक पट्टे वर्ष 1987 से आशा मोड़ पर हैं, जो उन्हें नगला नसबंदी के बदले में मिले थे। समाज ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि अंबेडकर पार्क के मामले में किसी भी तरह का दखल न दिया जाए और अपनी चेतावनी दोहराई है।
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    मथुरा के गोवर्धन तहसील के आशा नगला ग्राम पंचायत सौंख में सैकड़ों जाटव समाज के ग्रामीणों ने अंबेडकर पार्क से जुड़े भूमि विवाद को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनके पार्क में कोई हस्तक्षेप किया गया, तो उत्पन्न होने वाली अशांति और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।

ग्रामीणों के अनुसार, यह ज़मीन वर्ष 1968 में ग्राम प्रधान सौंख देहात, विजेंद्र सिंह द्वारा जाटव समाज के लिए आवंटित की गई थी। उस समय आठ व्यक्तियों के नाम पट्टे काटकर अंबेडकर पार्क, मंदिर और धर्मशाला के लिए जगह सुनिश्चित की गई थी। इसके बाद, वर्ष 1980 में धर्मशाला का निर्माण हुआ और वर्ष 1985 में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गई, जिसका उद्घाटन सांसद मानवेंद्र सिंह ने विधायक बलजीत सिंह की उपस्थिति में किया था। साथ ही, वर्ष 1987 में ग्राम समाज ने गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की भी स्थापना की थी।

अब, ग्रामीणों को पटवारी और कानूनगो गोवर्धन से यह सूचना मिल रही है कि इस पार्क की भूमि पर पट्टे आवंटित हैं, जिसे समाज पूरी तरह से निराधार और असत्य बता रहा है। जाटव समाज का कहना है कि जिन व्यक्तियों के पट्टों का जिक्र पार्क के संदर्भ में किया जा रहा है, उनके वास्तविक पट्टे वर्ष 1987 से आशा मोड़ पर हैं, जो उन्हें नगला नसबंदी के बदले में मिले थे। समाज ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि अंबेडकर पार्क के मामले में किसी भी तरह का दखल न दिया जाए और अपनी चेतावनी दोहराई है।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    News Anchor Kalinagar, Pilibhit•
    17 hrs ago
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