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जंगल बचाना किसी भी सूरत में अपराध नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। जो लोग अपने हक और जमीन की रक्षा कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर डराया या सताया नहीं जाना चाहिए। इस संदर्भ में, लैतेहार जिले के कैमा गाँव की आवाज़ को न्याय की आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है। यह दृढ़ता से कहा गया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसका दमन। विशेष रूप से जल, जंगल और जमीन तथा आदिवासी अधिकारों की रक्षा करने वालों को प्रताड़ित करना बंद होना चाहिए।

18 hrs ago
user_Yuva team jharkhand
Yuva team jharkhand
Medininagar(Daltonganj), Palamu•
18 hrs ago

जंगल बचाना किसी भी सूरत में अपराध नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। जो लोग अपने हक और जमीन की रक्षा कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर डराया या सताया नहीं जाना चाहिए। इस संदर्भ में, लैतेहार जिले के कैमा गाँव की आवाज़ को न्याय की आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है। यह दृढ़ता से कहा गया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसका दमन। विशेष रूप से जल, जंगल और जमीन तथा आदिवासी अधिकारों की रक्षा करने वालों को प्रताड़ित करना बंद होना चाहिए।

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  • विशेष स्वास्थ्य जांच एवं उपचार अभियान की हुई शुरुआत,डॉक्टरों के विशेष टीम गांवों के लिये रवाना जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान व निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत चारों प्रखंडों में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं उपचार अभियान की शुरुआत की गयी है। यह अभियान श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
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    विशेष स्वास्थ्य जांच एवं उपचार अभियान की हुई शुरुआत,डॉक्टरों के विशेष टीम गांवों के लिये रवाना

जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान व निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत चारों प्रखंडों में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं उपचार अभियान की शुरुआत की गयी है। यह अभियान श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
    user_पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
    पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    1 hr ago
  • डंडई प्रखंड क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध बालू कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अंचलाधिकारी जयशंकर पाठक के नेतृत्व में चलाए गए एक विशेष छापेमारी अभियान के दौरान सोनेहरा गांव के समीप से बालू से लदे दो टिप्पर वाहनों को जब्त किया गया है। जब्त किए गए वाहनों के नंबर जेएच-14एल-0783 और जेएच-01टीसी-2406 हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि धुरकी प्रखंड की कनहर नदी से रात के अंधेरे में अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर उसे ट्रैक्टर और टिप्पर के माध्यम से डंडई क्षेत्र में लाकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और बालू ढुलाई में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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    डंडई प्रखंड क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध बालू कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अंचलाधिकारी जयशंकर पाठक के नेतृत्व में चलाए गए एक विशेष छापेमारी अभियान के दौरान सोनेहरा गांव के समीप से बालू से लदे दो टिप्पर वाहनों को जब्त किया गया है।

जब्त किए गए वाहनों के नंबर जेएच-14एल-0783 और जेएच-01टीसी-2406 हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि धुरकी प्रखंड की कनहर नदी से रात के अंधेरे में अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर उसे ट्रैक्टर और टिप्पर के माध्यम से डंडई क्षेत्र में लाकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।

प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और बालू ढुलाई में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
    user_दैनिक भास्कर डंडई
    दैनिक भास्कर डंडई
    Teacher दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिख रहा है। लगभग 22 हाथियों का एक बड़ा झुंड पिछले एक महीने से इसी जंगल में डेरा डाले हुए है, जो गर्मी से राहत पाने के लिए रोज़ाना सेंदुर नदी पहुँचता है। यहाँ हाथी घंटों पानी में नहाकर और जलक्रीड़ा करके गर्मी से निजात पाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने हाथियों के नदी में स्नान करते हुए वीडियो भी बनाए हैं, जो इलाके में खूब चर्चा में हैं। हाथियों का यह दल भोजन करने के बाद विशेष रूप से तकियाटोला क्षेत्र स्थित सेंदुर नदी में समय बिताता है, मानो उन्होंने नदी को अपना प्राकृतिक 'बाथ टब' बना लिया हो। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अपने घने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, जहाँ हाथियों को पर्याप्त भोजन और पानी आसानी से मिल रहा है। यही अनुकूल वातावरण हाथियों के इस बड़े समूह के यहाँ लंबे समय से विचरण करने का मुख्य कारण है। रामानुजगंज की रेंजर दिलरुबा बानो ने बताया कि कनकपुर, रामपुर, चिनिया और तकियाटोला क्षेत्रों में ये 22 हाथी लगातार सक्रिय हैं और सेंदुर नदी में पानी की उपलब्धता ने इस इलाके को उनका अस्थायी निवास बना दिया है। हालांकि, हाथियों की इतनी बड़ी संख्या के कारण आसपास के गांवों में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रख रही है। इसके साथ ही, प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के झुंड के करीब जाने या उन्हें उकसाने का प्रयास न करें, क्योंकि सतर्कता और उचित दूरी बनाए रखने से मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इस गर्मी के दौर में जहाँ सेंदुर नदी हाथियों के लिए राहत का केंद्र बन गई है, वहीं वन विभाग और ग्रामीण दोनों उनकी गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं।
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    बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिख रहा है। लगभग 22 हाथियों का एक बड़ा झुंड पिछले एक महीने से इसी जंगल में डेरा डाले हुए है, जो गर्मी से राहत पाने के लिए रोज़ाना सेंदुर नदी पहुँचता है। यहाँ हाथी घंटों पानी में नहाकर और जलक्रीड़ा करके गर्मी से निजात पाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने हाथियों के नदी में स्नान करते हुए वीडियो भी बनाए हैं, जो इलाके में खूब चर्चा में हैं।

हाथियों का यह दल भोजन करने के बाद विशेष रूप से तकियाटोला क्षेत्र स्थित सेंदुर नदी में समय बिताता है, मानो उन्होंने नदी को अपना प्राकृतिक 'बाथ टब' बना लिया हो। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अपने घने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, जहाँ हाथियों को पर्याप्त भोजन और पानी आसानी से मिल रहा है। यही अनुकूल वातावरण हाथियों के इस बड़े समूह के यहाँ लंबे समय से विचरण करने का मुख्य कारण है। रामानुजगंज की रेंजर दिलरुबा बानो ने बताया कि कनकपुर, रामपुर, चिनिया और तकियाटोला क्षेत्रों में ये 22 हाथी लगातार सक्रिय हैं और सेंदुर नदी में पानी की उपलब्धता ने इस इलाके को उनका अस्थायी निवास बना दिया है।

हालांकि, हाथियों की इतनी बड़ी संख्या के कारण आसपास के गांवों में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रख रही है। इसके साथ ही, प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के झुंड के करीब जाने या उन्हें उकसाने का प्रयास न करें, क्योंकि सतर्कता और उचित दूरी बनाए रखने से मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इस गर्मी के दौर में जहाँ सेंदुर नदी हाथियों के लिए राहत का केंद्र बन गई है, वहीं वन विभाग और ग्रामीण दोनों उनकी गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • बलरामपुर जिला मुख्यालय को विकासखंड कुसमी से जोड़ने वाला कंटी घाट रोड, जो कि एक महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग है, आज बदहाल स्थिति में है। इस 28 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य की समय सीमा (एग्रीमेंट) समाप्त हो चुकी है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे हजारों राहगीरों और ग्रामीणों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुसमी लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO जे. के. तिग्गा ने बताया कि इस सड़क निर्माण के लिए कुल 28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसका ठेका 'मारुति कंस्ट्रक्शन' को दिया गया है। ठेकेदार ने अब तक 6 करोड़ रुपये का भुगतान भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम का उतना हिस्सा भी दिखाई नहीं देता है जितने पैसे निकाले जा चुके हैं। ठेकेदार का एग्रीमेंट पेपर पूरी तरह विफल हो चुका है, फिर भी काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है। एस.डी.ओ. तिग्गा ने इस मामले में विभाग की बेबसी व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर कहा कि "ठेकेदार की राजनीतिक पकड़ बहुत जबरदस्त है, जिसके कारण हम लोग ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते हैं।" स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क जिला मुख्यालय तक पहुँचने का मुख्य साधन है और इसके अधूरे रहने से लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, गाड़ियाँ खराब हो रही हैं और धूल के गुबार से परेशान हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब जनता बेहाल है, ठेकेदार सुस्त है और विभाग तरस रहा है, तो कमी किसकी है? यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या 'राजनीतिक रसूख' के आगे जनता यूं ही पिसती रहेगी और सरकारी नियम-कानून बौने साबित होते रहेंगे।
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    बलरामपुर जिला मुख्यालय को विकासखंड कुसमी से जोड़ने वाला कंटी घाट रोड, जो कि एक महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग है, आज बदहाल स्थिति में है। इस 28 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य की समय सीमा (एग्रीमेंट) समाप्त हो चुकी है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे हजारों राहगीरों और ग्रामीणों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कुसमी लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO जे. के. तिग्गा ने बताया कि इस सड़क निर्माण के लिए कुल 28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसका ठेका 'मारुति कंस्ट्रक्शन' को दिया गया है। ठेकेदार ने अब तक 6 करोड़ रुपये का भुगतान भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम का उतना हिस्सा भी दिखाई नहीं देता है जितने पैसे निकाले जा चुके हैं। ठेकेदार का एग्रीमेंट पेपर पूरी तरह विफल हो चुका है, फिर भी काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है। एस.डी.ओ. तिग्गा ने इस मामले में विभाग की बेबसी व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर कहा कि "ठेकेदार की राजनीतिक पकड़ बहुत जबरदस्त है, जिसके कारण हम लोग ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते हैं।"

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क जिला मुख्यालय तक पहुँचने का मुख्य साधन है और इसके अधूरे रहने से लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, गाड़ियाँ खराब हो रही हैं और धूल के गुबार से परेशान हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब जनता बेहाल है, ठेकेदार सुस्त है और विभाग तरस रहा है, तो कमी किसकी है? यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या 'राजनीतिक रसूख' के आगे जनता यूं ही पिसती रहेगी और सरकारी नियम-कानून बौने साबित होते रहेंगे।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • गढ़वा जिले के खरौंधी में एक सोनभद्र बस पलट गई, जो वाराणसी से केतार की ओर जा रही थी। इस दुर्घटना से एक बड़ा हादसा टल गया और बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।
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    गढ़वा जिले के खरौंधी में एक सोनभद्र बस पलट गई, जो वाराणसी से केतार की ओर जा रही थी। इस दुर्घटना से एक बड़ा हादसा टल गया और बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।
    user_The Update Abtak
    The Update Abtak
    Court reporter केतर, गढ़वा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के जोरूखार में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां एक कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हुई। इस दुखद दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई है।
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    सोनभद्र जिले के जोरूखार में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां एक कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हुई। इस दुखद दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई है।
    user_Anil Vishwakarma
    Anil Vishwakarma
    Carpenter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    28 min ago
  • विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय स्थित दर्जी मुहल्ला में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर मेहदी हसन ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जबकि जावेद इकबाल ने इसका संचालन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मोहर्रम पर्व के आयोजन पर चर्चा करना था, जिसमें सर्वसम्मति से इस बार पर्व को बड़े धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। इसी दौरान, विश्रामपुर मोहर्रम इंतेजामिया कमेटी का भी गठन किया गया, और तनवीर आलम को इसका सदर नियुक्त किया गया है।
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    विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय स्थित दर्जी मुहल्ला में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर मेहदी हसन ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जबकि जावेद इकबाल ने इसका संचालन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मोहर्रम पर्व के आयोजन पर चर्चा करना था, जिसमें सर्वसम्मति से इस बार पर्व को बड़े धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। इसी दौरान, विश्रामपुर मोहर्रम इंतेजामिया कमेटी का भी गठन किया गया, और तनवीर आलम को इसका सदर नियुक्त किया गया है।
    user_पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
    पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    1 hr ago
  • बुधवार सुबह डंडई थाना क्षेत्र के डंडई गांव में स्थित सोनेहरा मोड़ के पास राधा-कृष्ण मंदिर के समीप एक तालाब से एक नवजात बच्ची का शव बरामद होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना को मानवता को झकझोर देने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच रामा प्रसाद के तालाब में सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने पानी में एक नवजात शिशु का शव तैरता हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों के मुताबिक, बरामद शव एक नवजात बच्ची का है, और उस पर अस्पताल में जन्म के दौरान लगाए जाने वाले कीट भी लगे हुए देखे गए। लोगों का अनुमान है कि बच्ची को बीती रात ही तालाब में फेंका गया होगा, क्योंकि शव न तो सड़ा-गला प्रतीत हो रहा था और न ही उससे किसी प्रकार की दुर्गंध आ रही थी। इस हृदयविदारक घटना पर ग्रामीण अजय प्रसाद उर्फ तूफानी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में आज भी लड़का-लड़की के बीच भेदभाव की मानसिकता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने किसी भी नवजात के साथ इस प्रकार के व्यवहार को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए मामले की गहन जांच कर दोषियों की पहचान करने की मांग की। सूचना मिलने पर डंडई थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि ग्रामीणों से नवजात शिशु का शव तालाब में पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रख रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में गहरी चर्चा का माहौल है, जहाँ लोग दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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    बुधवार सुबह डंडई थाना क्षेत्र के डंडई गांव में स्थित सोनेहरा मोड़ के पास राधा-कृष्ण मंदिर के समीप एक तालाब से एक नवजात बच्ची का शव बरामद होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना को मानवता को झकझोर देने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच रामा प्रसाद के तालाब में सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने पानी में एक नवजात शिशु का शव तैरता हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों के मुताबिक, बरामद शव एक नवजात बच्ची का है, और उस पर अस्पताल में जन्म के दौरान लगाए जाने वाले कीट भी लगे हुए देखे गए। लोगों का अनुमान है कि बच्ची को बीती रात ही तालाब में फेंका गया होगा, क्योंकि शव न तो सड़ा-गला प्रतीत हो रहा था और न ही उससे किसी प्रकार की दुर्गंध आ रही थी।

इस हृदयविदारक घटना पर ग्रामीण अजय प्रसाद उर्फ तूफानी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में आज भी लड़का-लड़की के बीच भेदभाव की मानसिकता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने किसी भी नवजात के साथ इस प्रकार के व्यवहार को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए मामले की गहन जांच कर दोषियों की पहचान करने की मांग की।

सूचना मिलने पर डंडई थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि ग्रामीणों से नवजात शिशु का शव तालाब में पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रख रही है।

इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में गहरी चर्चा का माहौल है, जहाँ लोग दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    user_दैनिक भास्कर डंडई
    दैनिक भास्कर डंडई
    Teacher दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • झारखंड के हज़ारीबाग में हुई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है, जहाँ मासूम तमन्ना और 3 वर्षीय रिज़वान की मौत हो गई। इस हृदय विदारक त्रासदी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। मृतकों के परिवार ने अब प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है, यह सवाल पूछते हुए कि आखिर इन मासूमों का कसूर क्या था। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही है, क्योंकि पीड़ितों की चीखें अब न्याय चाहती हैं और पीड़ित परिवार न्याय की आस में प्रशासन की ओर देख रहा है।
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    झारखंड के हज़ारीबाग में हुई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है, जहाँ मासूम तमन्ना और 3 वर्षीय रिज़वान की मौत हो गई। इस हृदय विदारक त्रासदी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।

मृतकों के परिवार ने अब प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है, यह सवाल पूछते हुए कि आखिर इन मासूमों का कसूर क्या था। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही है, क्योंकि पीड़ितों की चीखें अब न्याय चाहती हैं और पीड़ित परिवार न्याय की आस में प्रशासन की ओर देख रहा है।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    5 hrs ago
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