बलरामपुर जिला मुख्यालय को विकासखंड कुसमी से जोड़ने वाला कंटी घाट रोड, जो कि एक महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग है, आज बदहाल स्थिति में है। इस 28 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य की समय सीमा (एग्रीमेंट) समाप्त हो चुकी है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे हजारों राहगीरों और ग्रामीणों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुसमी लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO जे. के. तिग्गा ने बताया कि इस सड़क निर्माण के लिए कुल 28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसका ठेका 'मारुति कंस्ट्रक्शन' को दिया गया है। ठेकेदार ने अब तक 6 करोड़ रुपये का भुगतान भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम का उतना हिस्सा भी दिखाई नहीं देता है जितने पैसे निकाले जा चुके हैं। ठेकेदार का एग्रीमेंट पेपर पूरी तरह विफल हो चुका है, फिर भी काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है। एस.डी.ओ. तिग्गा ने इस मामले में विभाग की बेबसी व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर कहा कि "ठेकेदार की राजनीतिक पकड़ बहुत जबरदस्त है, जिसके कारण हम लोग ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते हैं।" स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क जिला मुख्यालय तक पहुँचने का मुख्य साधन है और इसके अधूरे रहने से लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, गाड़ियाँ खराब हो रही हैं और धूल के गुबार से परेशान हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब जनता बेहाल है, ठेकेदार सुस्त है और विभाग तरस रहा है, तो कमी किसकी है? यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या 'राजनीतिक रसूख' के आगे जनता यूं ही पिसती रहेगी और सरकारी नियम-कानून बौने साबित होते रहेंगे।
बलरामपुर जिला मुख्यालय को विकासखंड कुसमी से जोड़ने वाला कंटी घाट रोड, जो कि एक महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग है, आज बदहाल स्थिति में है। इस 28 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य की समय सीमा (एग्रीमेंट) समाप्त हो चुकी है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे हजारों राहगीरों और ग्रामीणों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुसमी लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO जे. के. तिग्गा ने बताया कि इस सड़क निर्माण के लिए कुल 28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसका ठेका 'मारुति कंस्ट्रक्शन' को दिया गया है। ठेकेदार ने अब तक 6 करोड़ रुपये का भुगतान भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम का उतना हिस्सा भी दिखाई नहीं देता है जितने पैसे निकाले जा चुके हैं। ठेकेदार का एग्रीमेंट पेपर पूरी तरह विफल हो चुका है, फिर भी काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है। एस.डी.ओ. तिग्गा ने इस मामले में विभाग की बेबसी व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर कहा कि "ठेकेदार की राजनीतिक पकड़ बहुत जबरदस्त है, जिसके कारण हम लोग ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते हैं।" स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क जिला मुख्यालय तक पहुँचने का मुख्य साधन है और इसके अधूरे रहने से लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, गाड़ियाँ खराब हो रही हैं और धूल के गुबार से परेशान हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब जनता बेहाल है, ठेकेदार सुस्त है और विभाग तरस रहा है, तो कमी किसकी है? यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या 'राजनीतिक रसूख' के आगे जनता यूं ही पिसती रहेगी और सरकारी नियम-कानून बौने साबित होते रहेंगे।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान कई नई पहलों की शुरुआत की। इसी क्रम में, उन्होंने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण भी किया।1
- जंगल बचाना किसी भी सूरत में अपराध नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। जो लोग अपने हक और जमीन की रक्षा कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर डराया या सताया नहीं जाना चाहिए। इस संदर्भ में, लैतेहार जिले के कैमा गाँव की आवाज़ को न्याय की आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है। यह दृढ़ता से कहा गया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसका दमन। विशेष रूप से जल, जंगल और जमीन तथा आदिवासी अधिकारों की रक्षा करने वालों को प्रताड़ित करना बंद होना चाहिए।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मनपट क्षेत्र से संबंधित दो जुड़वा भाइयों के बारे में एक जानकारी साझा की गई है। इस जानकारी के अनुसार, ये जुड़वा भाई वर्ष 2026 तक काफी प्रसिद्ध हो जाएंगे। पोस्ट में इन जुड़वा भाइयों को देखने का उल्लेख करते हुए, लोगों से एक 'लाइक' देने का आग्रह भी किया गया है।1
- बुलबुल में आजकल लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, जिसका कारण नगर निगम की बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। पहले शाम को ठीक से पानी आता था, लेकिन आजकल 10-15 मिनट से ज़्यादा पानी नहीं दिया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले के महुली बस स्टैंड पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर एक दुकान में जा घुसी, जिसके मलबे में शिवम नामक व्यक्ति दब गए। घटना के लगभग आधे घंटे बाद ग्रामीणों ने शिवम को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे के बाद अब तक कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित का गुस्सा फूट पड़ा है।1
- बुधवार सुबह डंडई थाना क्षेत्र के डंडई गांव में स्थित सोनेहरा मोड़ के पास राधा-कृष्ण मंदिर के समीप एक तालाब से एक नवजात बच्ची का शव बरामद होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना को मानवता को झकझोर देने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच रामा प्रसाद के तालाब में सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने पानी में एक नवजात शिशु का शव तैरता हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों के मुताबिक, बरामद शव एक नवजात बच्ची का है, और उस पर अस्पताल में जन्म के दौरान लगाए जाने वाले कीट भी लगे हुए देखे गए। लोगों का अनुमान है कि बच्ची को बीती रात ही तालाब में फेंका गया होगा, क्योंकि शव न तो सड़ा-गला प्रतीत हो रहा था और न ही उससे किसी प्रकार की दुर्गंध आ रही थी। इस हृदयविदारक घटना पर ग्रामीण अजय प्रसाद उर्फ तूफानी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में आज भी लड़का-लड़की के बीच भेदभाव की मानसिकता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने किसी भी नवजात के साथ इस प्रकार के व्यवहार को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए मामले की गहन जांच कर दोषियों की पहचान करने की मांग की। सूचना मिलने पर डंडई थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि ग्रामीणों से नवजात शिशु का शव तालाब में पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रख रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में गहरी चर्चा का माहौल है, जहाँ लोग दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान ध्यान मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अपनी इस यात्रा के तहत उन्होंने राज्य में कई नई पहलें भी शुरू कीं।1
- झारखंड के डाल्टनगंज में हुए एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है और मातम का माहौल है। पुलिस इस मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है और आगे की आवश्यक कार्रवाई जारी है।1
- विंढमगंज उप स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने एक नाली लंबे समय से टूटी हुई है, जिससे केंद्र पहुंचने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह टूटी हुई नाली इस रास्ते से गुजरने वाले सभी लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है, जिसके कारण स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने से पहले ही उन्हें खतरे का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस टूटी नाली की तत्काल मरम्मत कराए जाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1