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उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर स्थित मवीकला टोल प्लाजा पर एक टोल मैनेजर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक पूर्व प्रचारक को कथित तौर पर खुलेआम धमकी देने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह विवाद फास्टैग रिचार्ज न होने को लेकर हुआ, जिसके बाद टोल मैनेजर ने गुंडई दिखाते हुए पूर्व प्रचारक को "होश में रहो, ठोक भी दूंगा" जैसी आपत्तिजनक धमकी दी। टोल मैनेजर की इस दबंगई और धमकी का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस घटना को चर्चा का विषय बना दिया है।
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उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर स्थित मवीकला टोल प्लाजा पर एक टोल मैनेजर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक पूर्व प्रचारक को कथित तौर पर खुलेआम धमकी देने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह विवाद फास्टैग रिचार्ज न होने को लेकर हुआ, जिसके बाद टोल मैनेजर ने गुंडई दिखाते हुए पूर्व प्रचारक को "होश में रहो, ठोक भी दूंगा" जैसी आपत्तिजनक धमकी दी। टोल मैनेजर की इस दबंगई और धमकी का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस घटना को चर्चा का विषय बना दिया है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर स्थित मवीकला टोल प्लाजा पर एक टोल मैनेजर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक पूर्व प्रचारक को कथित तौर पर खुलेआम धमकी देने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह विवाद फास्टैग रिचार्ज न होने को लेकर हुआ, जिसके बाद टोल मैनेजर ने गुंडई दिखाते हुए पूर्व प्रचारक को "होश में रहो, ठोक भी दूंगा" जैसी आपत्तिजनक धमकी दी। टोल मैनेजर की इस दबंगई और धमकी का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस घटना को चर्चा का विषय बना दिया है।1
- वोटर आईडी कार्ड की जानकारी खोजने में दिक्कत का सामना कर रहे व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। BLO (बूथ लेवल अधिकारी) ने ऐसे सभी लोगों की सहायता के उद्देश्य से एक वीडियो अपलोड किया है, जिसे देखकर वे अपनी वोटर आईडी संबंधी विवरण आसानी से ढूंढ सकते हैं।1
- दिल्ली में 20 बागी TMC सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया में विलय होने के बाद, TMC सांसद कीर्ति आज़ाद ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विलय करने वाले इन सांसदों को सीधे तौर पर 'गद्दार' करार दिया। आज़ाद ने आरोप लगाया कि इन 'गद्दारों' के बीच असल बगावत इस बात पर है कि उनमें से कौन मंत्री (MoS) बनेगा। उन्होंने उस पार्टी, नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया, जिस में इन सांसदों का विलय हुआ है, पर भी गंभीर सवाल उठाए। कीर्ति आज़ाद के अनुसार, इस पार्टी का संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है और यह एक 'अनरिकॉग्नाइज़्ड' तथा 'अनरजिस्टर्ड' पार्टी है, जिसकी कोई 'पहचान' नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह 'डेमोक्रेटिक नहीं है'।1
- Hiralalsuryvanshi2
- बागपत के पलड़ी गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में एक निजी कंपनी द्वारा मोबाइल टावर लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मोबाइल टावर से निकलने वाला रेडिएशन व्यक्ति और पशुओं दोनों के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालता है। प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने अधिकारियों से तत्काल यह टावर आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर खेतों या जंगल में स्थापित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांव में कई लोग पहले से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और टावर लगने से उनके स्वास्थ्य पर और भी बुरा असर पड़ेगा। बड़ी संख्या में महिला ग्रामीणों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और चेतावनी दी कि यदि टावर लगाने का काम नहीं रोका गया और उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगी।1
- राम भैया भगतजी के अनुसार, एक दरगाह ऐसी है जहाँ हाथ रखते ही भूत-प्रेत के हाथ चिपक जाते हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उन्होंने अपना व्हाट्सएप नंबर 8527233646 साझा किया है।1
- गाजियाबाद के लोनी इलाके से जावेद नामक एक व्यक्ति पिछले एक महीने से लापता हैं। उनके लापता होने के कारण उनकी माँ का रो-रोकर बहुत बुरा हाल हो गया है।1
- कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को लिखे अपने पत्र पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। खरगे ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने कुछ सवाल उठाए हैं, और अब RSS व मोहन भागवत को ही उन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने पलटवार करते हुए सवाल किया कि वे खुद क्यों जवाब दें, जब RSS स्वयं पंजीकृत ही नहीं है। खरगे ने जोर देकर कहा कि वे इस बात का जवाब कैसे दे सकते हैं कि RSS खुद को पंजीकृत क्यों नहीं करता।1