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User7197 मेराज सिलवर
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- मंदार में दर्दनाक हादसा: पापहरनी पोखर में डूबा युवक, 21 वर्षीय आशीष की मौत से पसरा मातम 🔴 घूमने गया था, मौत ने घेर लिया बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी 21 वर्षीय आशीष कुमार राय की रविवार को दर्दनाक मौत हो गई। आशीष मंदार घूमने गया था, जहां पापहरनी पोखर में स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी जान चली गई। 😢 परिवार का सहारा था आशीष मृतक आशीष कुमार राय, सुवास राय का बड़ा बेटा था। वह कश्मीर में चाट बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब एक महीने पहले ही वह घर लौटा था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 👨👩👧👦 बहन-जीजा के साथ गया था घूमने रविवार को आशीष अपनी छोटी बहन मुस्कान कुमारी के घर धोरैया थाना क्षेत्र के धोबिया गांव गया था। सुबह वह अपने जीजा जयंत कुमार और चचेरे भाई दिलखुश कुमार के साथ मंदार घूमने निकला था। घूमने के दौरान सभी लोग पापहरनी पोखर में स्नान कर रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। ⚠️ गहराई बनी जानलेवा बताया जा रहा है कि स्नान के दौरान आशीष अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 💔 घर में मचा कोहराम आशीष अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। परिवार में दो बहनें—मुस्कान (18) और जुली कुमारी (17) तथा दो छोटे भाई—प्रिंस (14) और आसुतोष उर्फ गोलू (13) हैं। पिता फिलहाल कश्मीर में हैं। घटना के बाद मां सुधा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है। 🚨 पुलिस कार्रवाई और अंतिम विदाई हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही आशीष का शव सलेमपुर गांव पहुंचा, गांव में मातमी भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल गमगीन हो गया। ⚡ बड़ी खबर: इस हादसे ने एक बार फिर मंदार के पापहरनी पोखर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- चांदन (बांका): प्रखंड मुख्यालय में पंचायतीराज, विकास एवं समाज कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा को लेकर बीडीओ अजयेश कुमार की अध्यक्षता में साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी अवनीश कुमार, लेखापाल सुरज कुमार, हरिवर्धन कुमार, डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल कुमार सहित प्रखंड के सभी पंचायत सेवक एवं कर्मी मौजूद रहे।बैठक के दौरान “गांव चले योजना” की विस्तृत समीक्षा की गई तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही समाज कल्याण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई और इसे जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।इस अवसर पर पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बीडीओ ने प्रखंड क्षेत्र में बंद पड़े चापाकलों की सूची तैयार कर शीघ्र मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि खराब चापाकलों को चिन्हित कर जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम लोगों को पेयजल समस्या से राहत मिल सके।इसके अलावा चांदन पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या तीन में पिछले एक वर्ष से बंद पड़े जलमीनार (वाटर टावर) का मामला भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। इसे शीघ्र चालू कराने को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई।बैठक में सोलर लाइट की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई तथा इसके विस्तार एवं रखरखाव को लेकर संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस मौके पर प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी अनिश कुमार, लेखापाल सुरज कुमार, हरिवर्धन कुमार, डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल कुमार, पंचायत सेवक चंदन कुमार, आशीष कुमार, रंधीर कुमार, कल्याण नीरज सहित सभी पंचायत व पंचायत कर्मी मौजूद थे।अंत में अधिकारियों ने सभी कर्मियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं आम जनता तक लाभ पहुंचाने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट:उमाकांत पोद्दार2
- बांका बिहार -अमरपुर प्रखंड के डटबाटी गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिहार सरकार की भूमि सर्वे योजना के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्वे कार्य में लगे अमीन द्वारा प्रत्येक जमीन के सर्वे के लिए ₹500 लिए जा रहे हैं। मंगलवार को गांव के दर्जनों किसान एकजुट होकर विरोध में सामने आए। मोहम्मद अमरुद्दीन, मोहम्मद सिकंदर, बीवी सजदा, मोहम्मद कलाम, मोहम्मद गौस, मोहम्मद समीर और बीबी लाडली सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से यह वसूली जारी है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। वहीं, सर्वे शिविर प्रभारी रोहन राज ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और जल्द ही जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- बिहार का गौरव कहे जाने वाले हेरिटेज स्थल 'मंदार' की पापहरनी सरोवर में सोमवार को एक बार फिर एक परिवार का चिराग बुझ गया। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी सुभाष मंडल का 21 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार स्नान करने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में समा गया। लेकिन इस हादसे से भी ज्यादा दर्दनाक रहा घटनास्थल पर मौजूद प्रशासन का रवैया, जिसने यह साबित कर दिया कि आम आदमी की जान की कीमत सरकारी फाइलों और कुर्सियों के सामने कुछ भी नहीं है। घटना का विवरण और लापरवाही की पराकाष्ठा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशीष अपने दो दोस्तों के साथ मंदार घूमने आया था। दोपहर करीब 2:20 बजे पापहरनी सरोवर में स्नान के दौरान उसका पैर फिसल गया। बगल में ही थाना होने के बावजूद, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने तत्परता नहीं दिखाई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे, तब प्रशासन 'गोताखोर आने' का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता रहा। बदहाल सिस्टम: जब रक्षक ही बन जाएं मूकदर्शक हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल के बिल्कुल समीप थाना होने के बावजूद कोई आला अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। हद तो तब हो गई जब स्थानीय लोगों ने खुद जाकर अधिकारियों को सूचना दी, फिर भी टालमटोल का सिलसिला जारी रहा। * थाना प्रभारी, BDO और CO की अनुपस्थिति: घटना के घंटों बाद तक न तो प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), न ही अंचलाधिकारी (CO) और न ही थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। * SDRF का गायब होना: बिहार सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि आपदा प्रबंधन के लिए SDRF की टीमें मुस्तैद हैं, लेकिन मंदार जैसे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल पर रेस्क्यू के नाम पर शून्य व्यवस्था दिखी। "बिना पैसे के नहीं हिलता सिस्टम" – पीड़ितों का आरोप मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "सिस्टम पूरी तरह से करप्ट हो चुका है, जब तक जेब गरम न की जाए, प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।" आशीष, जो तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था, उस घर की उम्मीद था। आज उस उम्मीद को प्रशासन की सुस्ती और संवेदनहीनता ने गहरे पानी में दफन कर दिया। स्थानीय गोताखोर बने सहारा, प्रशासन रहा नाकाम जिस शव को निकालने के लिए प्रशासन SDRF और सरकारी अमले का इंतजार कर रहा था, उसे अंततः क्षेत्रीय और स्थानीय गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला। यह जिला प्रशासन और बांसी अंचल के अधिकारियों के मुंह पर करारा तमाचा है कि जिस काम के लिए उन्हें वेतन मिलता है, उसे आम जनता को खुद के संसाधनों से करना पड़ा। मंदार 24 न्यूज़ के तीखे सवाल: * बांका जिला प्रशासन और बिहार सरकार से सवाल है कि क्या मंदार जैसे पवित्र और भीड़भाड़ वाले स्थल पर परमानेंट गोताखोरों या रेस्क्यू टीम की व्यवस्था क्यों नहीं है? * BDO और CO की जिम्मेदारी क्या केवल कागजों तक सीमित है? क्या किसी की जान जाने पर घटनास्थल पर पहुंचना उनकी प्राथमिकता में नहीं आता? * क्या प्रशासन केवल वीआईपी दौरों के लिए सुरक्षित रहता है? आम जनता की पुकार पर "गोताखोर आएगा तब निकालेंगे" जैसे गैर-जिम्मेदाराना जवाब देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? निष्कर्ष: अब जागने का वक्त है यह घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि 'प्रशासनिक हत्या' है। अगर समय रहते स्थानीय पुलिस और प्रशासन सक्रिय होता, तो शायद आशीष की जान बचाई जा सकती थी। मंदार 24 न्यूज़ मांग करता है कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी, BDO और CO पर तत्काल उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाए और उन्हें निलंबित किया जाए। यदि आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल फिर कोई मां अपना बेटा खोएगी और प्रशासन फिर से 'गोताखोर' का इंतजार करेगा। माननीय मुख्यमंत्री और जिला पदाधिकारी महोदय, क्या आप इस सोए हुए तंत्र को जगाएंगे? रिपोर्ट: मंदार 24 न्यूज़ टीम1
- “बाँका पुलिस की एक बड़ी कामयाबी सामने आई है… ऑपरेशन मुस्कान के तहत… खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन को वापस दिलाने की दिशा में बाँका पुलिस ने सराहनीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनी विशेष टीम ने आधुनिक तकनीक और CEIR पोर्टल की मदद से कुल 51 मोबाइल फोन बरामद किए हैं… इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख 15 हजार रुपये बताई जा रही है। सबसे खास बात ये रही कि… इन सभी मोबाइल को उनके असली मालिकों को विधिवत वापस सौंप दिया गया… जिससे लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान… और पुलिस के प्रति विश्वास हुआ और भी मजबूत। इस सफल अभियान में तकनीकी शाखा और सोशल मीडिया सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई… बाँका पुलिस का संदेश साफ है— आपकी सुरक्षा और सेवा में हम हमेशा तत्पर हैं…”1
- तारापुर थाना क्षेत्र में पुलिस और खनन विभाग ने संयुक्त रूप से अवैध गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक हाइवा ट्रक जब्त किया। यह कार्रवाई तारापुर बाजार के समीप की गई, जहां 14 चक्का वाहन में गिट्टी लदा पाया गया। 6 अप्रैल 2026 को अवर निरीक्षक संदीप कुमार झा के नेतृत्व में जांच के दौरान चालक से वैध चालान मांगा गया, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहन को जब्त कर थाना परिसर में रखा गया। मामले में बांका निवासी चालक हीरा कुमार यादव और उपचालक राकेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। खनन विभाग ने 9 लाख 9 हजार 163 रुपये का जुर्माना लगाया है। अपर पुलिस अधीक्षक संकेत कुमार ने बताया कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। खान निरीक्षक अभिमन्यु कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- मुंगेर विश्वविद्यालय में पिछले करीब 7 वर्षों से लंबित छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों ने मंगलवार को डीन छात्र कल्याण (DSW) डॉ. महेश्वर मिश्र को ज्ञापन सौंपा। आर.एस. कॉलेज, तारापुर एवं हरि सिंह कॉलेज के छात्रों ने संयुक्त रूप से चुनाव शीघ्र कराने की मांग करते हुए 7 दिनों के भीतर तिथि घोषित करने का आग्रह किया। छात्रों ने कहा कि चुनाव नहीं होने से छात्रों के प्रतिनिधित्व में कमी आई है और समस्याओं के समाधान के लिए कोई सशक्त मंच नहीं मिल पा रहा है। इससे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर वे शांतिपूर्ण आंदोलन जैसे धरना-प्रदर्शन और अनशन का सहारा लेंगे। ज्ञापन देने वालों में श्रवण कुमार, अंकित कुमार सहित दर्जनों छात्र शामिल थे।1
- भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। सुल्तानगंज पुलिस के द्वारा मसदी गांव के समीप सुल्तानगंज–जमालपुर रेलखंड पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। सुबह करीब 4:30 बजे रेलवे पोल संख्या 331/18/20 के बीच शव देखे जाने की सूचना रेलवे आरपीएफ कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही आरपीएफ इंस्पेक्टर फिरोज अख्तर के नेतृत्व में आरपीएफ टीम मौके पर पहुंचे और स्थानीय सुल्तानगंज थाना पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद सुल्तानगंज इंस्पेटर मृत्युंजय कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पहचान के लिए थाना लाया। तलाशी के दौरान मृतक के पास से आधार कार्ड और दो रेलवे टिकट मिले, जिसके आधार पर उसकी पहचान बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के लोढ़िया गांव निवासी 36 वर्षीय पिंटू कुमार के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि पिंटू पिछले 10 वर्षों से हरियाणा में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे और हाल ही में वह हरियाणा गए और वापस घर लौट रहे थे। सूचना मिलते ही परिजन थाना पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। थाना अध्यक्ष एएसपी सयाम रजा के अनुसार युवक की मौत ट्रेन से कटने के कारण हुई है। फिलहाल कागजी प्रक्रिया पूरी कर सबको अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया गया है।1
- “बांका जिला के बौंसी में आज इंसानियत की एक मिसाल देखने को मिली… विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बौंसी स्थित होटल राजवीर इन में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया… इस शिविर का आयोजन संकल्प सेवा संस्था, व्यवसायिक कल्याण समिति और दुर्गा पूजा समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस खास मौके पर क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि पूरन लाल तुडू, समाजसेवी राजू सिंह, डॉ ऋषि केश और डॉ संजीव कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे… कार्यक्रम में न सिर्फ लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाई, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं ने आगे आकर रक्तदान किया… किसी ने पहली बार रक्तदान किया, तो किसी ने इसे अपना फर्ज समझकर निभाया… हर एक यूनिट ब्लड… किसी जरूरतमंद के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बन सकता है…1