Shuru
Apke Nagar Ki App…
नर्मदा तट पर खोडीयार आश्रम मे 600 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश..
Govind sharma
नर्मदा तट पर खोडीयार आश्रम मे 600 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश..
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- नर्मदा तट पर खोडीयार आश्रम मे 600 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश..1
- ढकलगांव में संचालित शराब दुकान को बंद /हटाने की मांग ग्राम की महिलाएं कर रही है अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन *ग्राम ढकलगाँव में संचालित शराब दुकान को बंद/हटाने की मांग* ग्राम की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन सनावद:- समीपस्थ ग्राम ढकलगांव में मेन रोड़ पर संचालित शराब दुकान को बंद करने एवं वहां से हटाने के लिए ग्राम की महिलाएं धरने पर बैठ गई हैं सनावद के समीपस्थ ग्राम ढकलगांव, तहसील बड़वाह, जिला खरगोन की निवासी महिलाएँ जिनकी मांग है की हमारे ग्राम के मुख्य मार्ग पर संचालित शराब दुकान के कारण महिलाओं, बच्चियों एवं परिवारों को लगातार असुविधा एवं परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराब दुकान के आसपास शराब सेवन करने वाले लोगों की भीड एवं आवाजाही के कारण महिलाओं एवं बच्चियों का आवागमन प्रभावित होता है तथा उन्हें असहज एवं असुरक्षित वातावरण का सामना करना पड़ता है। शराब सेचन के कारण विवाद एवं सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी रहती है, जिससे ग्राम कर शांतिपूर्ण वातावरण प्रभावित हो रहा है।वर्तमान में शासन द्वारा नशा मुक्त समाज बनाने एवं नशे बढ़ रही दुर्घटनाओं से लोगों को बचाने के लिए नशामुक्ति एवं जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे समय में ग्राम के मुख्य मार्ग पर शराब दुकान का संचालन होना ग्राम की महिलाओं एवं परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हम ग्राम की महिलाएँ शासन के नशामुक्त समाज के उद्देश्य का समर्थन करते हुए मांग करती हैं कि ग्राम ढकलगाँव में संचालित उक्त शराब दुकान को बंद किया जाए अथवा ग्राम के मुख्य मार्ग एवं आबादी क्षेत्र से हटाकर अन्य उपयुक्त स्थान पर नियमानुसार स्थानांतरित किया जाए। उक्त समस्या के संबंध में पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या एवं मांग रखने के बावजूद यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई है, ग्राम की महिलाएँ ढकलगांव में शराब दुकान बंद/हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन, शांतिपूर्ण एवं अहिंसात्मक धरना-प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है यह धरना तब तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है, जब तक हमारी उचित मांग पर प्रशासन द्वारा सकारात्मक एवं नियमानुसार कार्रवाई नहीं की जाती।हम महिलाएँ स्पष्ट रूप से आवस्त किया हैं कि हमारा आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अहिंसात्मक एवं लोकतांत्रिक तरीके से होगा तथा कानून-व्यवस्था एवं प्रशासन द्वारा निर्धारित आवश्यक नियमों का पालन किया जाएगा। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं ने विनम्र निवेदन किया है कि हमारी गंभीर समस्या को जनहित एवं महिला सुरक्षा से जुड़ा विषय मानते हुए शराब दुकान का तत्काल स्थल निरीक्षण एवं आवश्यक जांच करवाकर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए तथा हमारी मांग का शीघ्र समाधान किया जाएासाथ ही प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिवित करने की कृपा करें। हमें विश्वास है कि प्रशासन ग्राम की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, परिवारों की सुख-शांति एवं नशामुक्त समाज के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हमारी मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करेगा।4
- पुनासा/मुंदी भोले की भक्ति में निकली भव्य कावड़ यात्रा, संत सिंगाजी समाधि से ओंकारेश्वर रवाना, बीड़-मोहद के बड़ी संख्या में कावड़िये हुए शामिल, विधायक प्रतिनिधि दीपक पटेल ने किया स्वागत। श्रावण मास शुरू होते ही मुंदी क्षेत्र के अलग-अलग ग्रामों से ओंकारेश्वर के लिए कावड़ यात्राओं के निकलने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को ग्राम बीड़ एवं मोहद के ग्रामीणों और युवाओं द्वारा कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ संत सिंगाजी महाराज की समाधि स्थल से किया गया। कावड़िये हाथों में कावड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान रास्तेभर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल नजर आया। जगह-जगह ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं द्वारा कावड़ियों का स्वागत किया गया तथा चाय-पानी सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। कावड़ यात्रा के बीड़ पहुंचने पर मांधाता विधायक प्रतिनिधि दीपक पटेल ने दोनों ग्रामों से शामिल कावड़ियों का स्वागत किया। वहीं कावड़ यात्रा के मुंदी पहुंचने पर नगर के भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने कावड़ियों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था कर सेवा की। कावड़ यात्रा में शामिल सदस्यों ने बताया कि वे श्रावण मास के दूसरे सोमवार को ओंकारेश्वर पहुंचेंगे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान ओंकारेश्वर का जलाभिषेक करेंगे और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। कावड़ियों ने बताया कि ग्राम बीड़ और मोहद से निकलने वाली यह कावड़ यात्रा पिछले कई वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है। श्रद्धा और आस्था से शुरू हुई यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा श्रद्धालु शामिल हैं, जो भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ ओंकारेश्वर की ओर आगे बढ़ रहे हैं।1
- आदिवासी डांडिया मामा की प्रतिमा पर माल अर्पण किया एवं बड़ी रैली निकाली गई जिसमें हजारों की तादाद में आदिवासी अपने ढोल नगाड़े और हथियारों के साथ देश निकले डीजे की थाप पर डांस किया तरह-तरह की आदिवासी राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष में आज इंदौर में डांडिया मामा बिल की प्रतिमा पर हिमालय अर्पण किया और रंगारंग झांकियां निकाली गई जिसमें लाखों की तादाद में आदिवासी उपलब्ध से जो अपनी भेज दो ढोल तमाशा डीजे1
- गुरु पर श्रद्धा ,विश्वास, निष्ठा ,रखने वाले व आत्मसात करने वालो का भाग्य गुरु के हाथ में होता है -संत श्री गोपालराम विश्व जागृति मिशन का गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से संपन्न* गुरु पर श्रद्धा ,विश्वास, निष्ठा ,रखने वाले व आत्मसात करने वालो का भाग्य गुरु के हाथ में होता है -संत श्री गोपालराम इंदौर । *लोक विख्यात संत आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज द्वारा स्थापित विश्व जागृति मिशन इंदौर मंडल के तत्वाधान में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से संपन्न* *विश्व जागृति मिशन इंदौर मंडल के महामंत्री श्री कृष्ण मुरारी शर्मा के द्वारा बताया गया कि गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन रामद्वारा उषा नगर में ब्यावर राजस्थान से चातुर्मास हेतु पधारे संत श्री गोपाल राम जी महाराज तथा बाल संत श्री गोविंद राम जी महाराज के uआतिथ्य में मनाया गया है* *संत श्री गोपालराम जी महाराज ने गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सदगुरुदेव पर श्रद्धा विश्वास और निष्ठा रखने वाले तथा सदगुरु के बताए मार्ग को आत्मसात करने वाले भक्तों का भाग्य हमेशा गुरु के हाथ में होता है, इसके अतिरिक्त संत श्री ने यह भी कहा कि जिस प्रकार लकड़ी के अन्दर जलने का गुण होता है किंतु उसे जलाने के लिए अग्नि की आवश्यकता होती है, समझ लीजिए की गुरु ही वह अग्नि है जो आपके ज्ञान को प्रकाशित करता है इसलिए जीवन में गुरु का होना अत्यावश्यक है* *बाल संत श्री गोविंद राम जी महाराज के द्वारा गुरु के लिए बहुत ही कारण प्रिय भजन "आनंद ही आनंद बरस रहा गुरुदेव तुम्हारे चरणों में" से वहां बड़ी संख्या में उपस्थित गुरु भक्तों को मंत्र मुग्ध कर दिया, आपके द्वारा हमारे सनातनी संस्कारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए संस्कार आज की सबसे बड़ी आवश्यकता प्रतिपादित किया कार्यक्रम में राजेंद्र अग्रवाल (टाइगर टॉर्च) दिलीप बडोले, ओमप्रकाश सोलंकी, अनिल शर्मा, पीतांबर मंगलानी,गोविंद गंगराड़े, सत्यनारायण मारू, अजय बैंडवाल,अजय कानूनगो, नवीनचंद्र भुसारी, श्रीमती आशालता डाबर, स्वीटी शर्मा, शोभा जोशी, शोभा सोलंकी, कुसुम ओसवाल, मधुकान्ता आदि के द्वारा आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है* *1
- शराब दुकान हटाने के लिए महिलाओं ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना..1
- मानपुर क्षेत्र के डालियामऊ गांव में जर्जर भवन में संचालित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा मानपुर। मानपुर क्षेत्र के ग्राम डालियामऊ में आज तक आंगनबाड़ी केंद्र का नया भवन नहीं बन पाया है। मजबूरी में छोटे-छोटे बच्चों को वर्षों पुराने जर्जर भवन में बैठकर पढ़ाई और अन्य गतिविधियां करनी पड़ रही हैं। बारिश के मौसम में भवन की छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन का प्लास्टर भी जगह-जगह से टूटकर गिर रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। देश के कई हिस्सों में भी ऐसे जर्जर आंगनबाड़ी भवनों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से नए आंगनबाड़ी भवन की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांववासियों ने प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि नौनिहाल सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ ले सकें। मानपुर क्षेत्र के डालियामऊ गांव में जर्जर भवन में संचालित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा मानपुर। मानपुर क्षेत्र के ग्राम डालियामऊ में आज तक आंगनबाड़ी केंद्र का नया भवन नहीं बन पाया है। मजबूरी में छोटे-छोटे बच्चों को वर्षों पुराने जर्जर भवन में बैठकर पढ़ाई और अन्य गतिविधियां करनी पड़ रही हैं। बारिश के मौसम में भवन की छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन का प्लास्टर भी जगह-जगह से टूटकर गिर रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। देश के कई हिस्सों में भी ऐसे जर्जर आंगनबाड़ी भवनों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से नए आंगनबाड़ी भवन की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांववासियों ने प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि नौनिहाल सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ ले सकें।4