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Vadodara bridge traffic se Rahat mile Jo 2 ghante se traffic lagi hui thi

1 hr ago
user_Ganesh Katara
Ganesh Katara
Farmer सज्जनगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
1 hr ago

Vadodara bridge traffic se Rahat mile Jo 2 ghante se traffic lagi hui thi

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Vadodara bridge traffic se Rahat mile Jo 2 ghante se traffic lagi hui thi
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    Vadodara bridge traffic se Rahat mile Jo 2 ghante se traffic lagi hui thi
    user_Ganesh Katara
    Ganesh Katara
    Farmer सज्जनगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • *प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज - नारी शक्ति विशेष* *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)* *"जागेगी नारी तो जगेगा सनातन" - नारी शक्ति प्रमुख साधना पंचाल से तीखे सवाल, बेबाक जवाब* *कुशलगढ़।* बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ की धरती से राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत की नारी शक्ति प्रमुख श्रीमती साधना पंचाल डुंगरीपाड़ा ने प्राइम न्यूज राजस्थान से विशेष संवाद किया। वागड़ की यह वीरांगना आज हजारों महिलाओं की प्रेरणा बन चुकी हैं। पेश है 5 सवालों में सनातन का सार। *सवाल 1: संघ में नारी शक्ति की क्या भूमिका है?* *साधना जी:* हमारे संघ में नारी शक्ति शोभा नहीं, सेना है। पुरुष संगठन चलाता है, लेकिन नारी संगठन को संस्कार देती है। हमारी तीन बड़ी जिम्मेदारी है। पहला - घर-घर में धर्म की अलख जगाना। हम पीपलीपाड़ा से लेकर छोटी सरवा तक हर आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर माताओं को एकत्रित करती हैं। दूसरा - हम धर्म की ढाल हैं। जहां-जहां धर्म पर प्रहार होता है, वहां नारी शक्ति सबसे पहले पहुंचती है। तीसरा - हम भविष्य की निर्माता हैं। एक संस्कारी मां ही शिवाजी जैसे पुत्र को जन्म दे सकती है। इसलिए संघ ने नारी को केंद्र में रखा है। *सवाल 2: आज की सनातनी महिलाओं को आपका संदेश?* *साधना जी:* बहनों, तुम खुद को कमजोर मत समझो। तुम वही हो जिसने सीता बनकर त्याग दिखाया, सावित्री बनकर मृत्यु को हराया। आज फैशन के नाम पर अपनी जड़ें मत काटो। जींस पहनो लेकिन माथे पर बिंदी जरूर लगाओ। इंस्टाग्राम चलाओ लेकिन दिन में एक बार गीता का एक श्लोक जरूर पढ़ो। अपनी बेटी को केवल डॉक्टर, इंजीनियर नहीं, धर्म रक्षिका भी बनाओ। याद रखो - जब नारी बिंदी लगाना छोड़ देती है, तो संस्कृति दम तोड़ने लगती है। *सवाल 3: बांसवाड़ा-कुशलगढ़ में अवैध धर्मांतरण पर आपका संदेश?* *साधना जी:* यह वागड़ के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को प्रलोभन देकर, इलाज और पैसे का लालच देकर उनका धर्म बदला जा रहा है। मैं अपनी हर बहन से कहूंगी - सावधान रहो। कोई अगर कहे कि तुम्हारे देवी-देवता कुछ नहीं करते, तो उसे वहीं रोक दो। हमारा धर्म चावल की बोरी में बिकने वाला नहीं है। अपने बच्चों को चर्च के प्रलोभन से बचाओ। अपने घर में तुलसी लगाओ, रोज दीया जलाओ। अगर कोई जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराए तो तुरंत राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ को सूचित करो। हम प्रशासन के साथ मिलकर आपकी रक्षा करेंगे। अपना धर्म मत छोड़ो, यही तुम्हारी पहचान है। *सवाल 4: युवा वर्ग में श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों के पतन पर आपके विचार?* *साधना जी:* बहुत पीड़ा होती है। आज का युवा भगवान से ज्यादा गूगल पर विश्वास करता है। मां-बाप को प्रणाम नहीं, गुड मॉर्निंग बोलता है। इसका दोषी कौन? हम खुद। हमने बच्चों को मोबाइल तो दिया, लेकिन रामायण नहीं दी। मैंने देखा है - जिन घरों में सुबह हनुमान चालीसा बजती है, उन घरों के बच्चे नशे से दूर रहते हैं। श्रद्धा उपदेश से नहीं, अभ्यास से आती है। रोज अपने बच्चों के साथ 10 मिनट भजन करो। उन्हें बताओ कि झलकारी बाई कौन थी, पद्मावती कौन थी। जब तक संस्कार नहीं होंगे, तब तक संस्कृति नहीं बचेगी। *सवाल 5: धर्म-कर्म पर कोई कविता के माध्यम से संदेश?* *साधना जी:* मेरे दिल से निकली एक कविता आपके दर्शकों के लिए - *उठो सनातनी वीरांगनाओं, अब शंखनाद कर दो।* *धर्मांतरण की लहरों को, अब तुम ही मात कर दो।* *जिस आंगन में दीया जलेगा, वहां अंधेरा हारेगा।* *जिस घर में गीता पढ़ी जाएगी, वह घर स्वर्ग बनेगा।* *दान करो, पुण्य करो, यही सनातन कहता है।* *नारी जगेगी तो ही, मेरा वतन बचेगा।* अंत में साधना जी ने कहा कि उनका जीवन सनातन धर्म के लिए समर्पित है और जब तक वागड़ की हर महिला धर्म के प्रति जागृत नहीं होगी, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
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    *प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज - नारी शक्ति विशेष*
*ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)*
*"जागेगी नारी तो जगेगा सनातन" - नारी शक्ति प्रमुख साधना पंचाल से तीखे सवाल, बेबाक जवाब*
*कुशलगढ़।* बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ की धरती से राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत की नारी शक्ति प्रमुख श्रीमती साधना पंचाल डुंगरीपाड़ा ने प्राइम न्यूज राजस्थान से विशेष संवाद किया। वागड़ की यह वीरांगना आज हजारों महिलाओं की प्रेरणा बन चुकी हैं। पेश है 5 सवालों में सनातन का सार।
*सवाल 1: संघ में नारी शक्ति की क्या भूमिका है?*
*साधना जी:* हमारे संघ में नारी शक्ति शोभा नहीं, सेना है। पुरुष संगठन चलाता है, लेकिन नारी संगठन को संस्कार देती है। हमारी तीन बड़ी जिम्मेदारी है। पहला - घर-घर में धर्म की अलख जगाना। हम पीपलीपाड़ा से लेकर छोटी सरवा तक हर आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर माताओं को एकत्रित करती हैं। दूसरा - हम धर्म की ढाल हैं। जहां-जहां धर्म पर प्रहार होता है, वहां नारी शक्ति सबसे पहले पहुंचती है। तीसरा - हम भविष्य की निर्माता हैं। एक संस्कारी मां ही शिवाजी जैसे पुत्र को जन्म दे सकती है। इसलिए संघ ने नारी को केंद्र में रखा है।
*सवाल 2: आज की सनातनी महिलाओं को आपका संदेश?*
*साधना जी:* बहनों, तुम खुद को कमजोर मत समझो। तुम वही हो जिसने सीता बनकर त्याग दिखाया, सावित्री बनकर मृत्यु को हराया। आज फैशन के नाम पर अपनी जड़ें मत काटो। जींस पहनो लेकिन माथे पर बिंदी जरूर लगाओ। इंस्टाग्राम चलाओ लेकिन दिन में एक बार गीता का एक श्लोक जरूर पढ़ो। अपनी बेटी को केवल डॉक्टर, इंजीनियर नहीं, धर्म रक्षिका भी बनाओ। याद रखो - जब नारी बिंदी लगाना छोड़ देती है, तो संस्कृति दम तोड़ने लगती है।
*सवाल 3: बांसवाड़ा-कुशलगढ़ में अवैध धर्मांतरण पर आपका संदेश?*
*साधना जी:* यह वागड़ के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को प्रलोभन देकर, इलाज और पैसे का लालच देकर उनका धर्म बदला जा रहा है। मैं अपनी हर बहन से कहूंगी - सावधान रहो। कोई अगर कहे कि तुम्हारे देवी-देवता कुछ नहीं करते, तो उसे वहीं रोक दो। हमारा धर्म चावल की बोरी में बिकने वाला नहीं है। अपने बच्चों को चर्च के प्रलोभन से बचाओ। अपने घर में तुलसी लगाओ, रोज दीया जलाओ। अगर कोई जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराए तो तुरंत राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ को सूचित करो। हम प्रशासन के साथ मिलकर आपकी रक्षा करेंगे। अपना धर्म मत छोड़ो, यही तुम्हारी पहचान है।
*सवाल 4: युवा वर्ग में श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों के पतन पर आपके विचार?*
*साधना जी:* बहुत पीड़ा होती है। आज का युवा भगवान से ज्यादा गूगल पर विश्वास करता है। मां-बाप को प्रणाम नहीं, गुड मॉर्निंग बोलता है। इसका दोषी कौन? हम खुद। हमने बच्चों को मोबाइल तो दिया, लेकिन रामायण नहीं दी। मैंने देखा है - जिन घरों में सुबह हनुमान चालीसा बजती है, उन घरों के बच्चे नशे से दूर रहते हैं। श्रद्धा उपदेश से नहीं, अभ्यास से आती है। रोज अपने बच्चों के साथ 10 मिनट भजन करो। उन्हें बताओ कि झलकारी बाई कौन थी, पद्मावती कौन थी। जब तक संस्कार नहीं होंगे, तब तक संस्कृति नहीं बचेगी।
*सवाल 5: धर्म-कर्म पर कोई कविता के माध्यम से संदेश?*
*साधना जी:* मेरे दिल से निकली एक कविता आपके दर्शकों के लिए -
*उठो सनातनी वीरांगनाओं, अब शंखनाद कर दो।*
*धर्मांतरण की लहरों को, अब तुम ही मात कर दो।*
*जिस आंगन में दीया जलेगा, वहां अंधेरा हारेगा।*
*जिस घर में गीता पढ़ी जाएगी, वह घर स्वर्ग बनेगा।*
*दान करो, पुण्य करो, यही सनातन कहता है।*
*नारी जगेगी तो ही, मेरा वतन बचेगा।*
अंत में साधना जी ने कहा कि उनका जीवन सनातन धर्म के लिए समर्पित है और जब तक वागड़ की हर महिला धर्म के प्रति जागृत नहीं होगी, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    22 min ago
  • बारिश रूठी तो शिवजी को किया जलमग्न, नीलकंठ मंदिर में गूंजे वर्षा के मंत्र कुशलगढ़, 27 सितंबर। कम वर्षा के बीच अच्छी बारिश की कामना को लेकर नीलकंठ महादेव मंदिर में विशेष आयोजन हुआ। शिवलिंग को जलमग्न कर श्रद्धालुओं ने वर्षा की प्रार्थना की। गायत्री यज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। नीलकंठ महिला मंडल ने भजन-कीर्तन कर पर्याप्त वर्षा, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। आयोजन में विजयपाल सिंह जादव, पंडित हेमेन्द्र पांड्या, नरेश गादिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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    बारिश रूठी तो शिवजी को किया जलमग्न, नीलकंठ मंदिर में गूंजे वर्षा के मंत्र
कुशलगढ़, 27 सितंबर। कम वर्षा के बीच अच्छी बारिश की कामना को लेकर नीलकंठ महादेव मंदिर में विशेष आयोजन हुआ। शिवलिंग को जलमग्न कर श्रद्धालुओं ने वर्षा की प्रार्थना की। गायत्री यज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। नीलकंठ महिला मंडल ने भजन-कीर्तन कर पर्याप्त वर्षा, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। आयोजन में विजयपाल सिंह जादव, पंडित हेमेन्द्र पांड्या, नरेश गादिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    30 min ago
  • पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपनी विनम्रता, ईमानदारी और दूरदर्शिता से उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय को नई दिशा दी। भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक निर्णय और अमूल्य योगदान हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपनी विनम्रता, ईमानदारी और दूरदर्शिता से उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय को नई दिशा दी। भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक निर्णय और अमूल्य योगदान हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।
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    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।

अपनी विनम्रता, ईमानदारी और दूरदर्शिता से उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय को नई दिशा दी। भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक निर्णय और अमूल्य योगदान हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
अपनी विनम्रता, ईमानदारी और दूरदर्शिता से उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय को नई दिशा दी। भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक निर्णय और अमूल्य योगदान हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।
    user_Harish Chandra Nagendra Kumar
    Harish Chandra Nagendra Kumar
    आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • विकसित भारत जन सेवा अभियान चिखली तहसील अंतर्गत गिरदावर सर्किल कुआं का 27 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत कुआं में होगा आयोजन अभियान में सभी 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | कुआं 🇮🇳 विकसित भारत जन सेवा अभियान 📍 चिखली तहसील अंतर्गत गिरदावर सर्किल कुआं 📅 27 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत कुआं में होगा आयोजन ➡️ अभियान में सभी 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। ✅ विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। 📢 ब्यूरो रिपोर्ट राकेश कलाल कुआं। ━━━━━━━━━━━━━━━ 📲 आपके क्षेत्र की लेटेस्ट खबरों को पाने के लिए हर खबर वागड़ न्यूज चैनल को फॉलो करें। 💬 इस खबर को लेकर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? कमेंट्स करके जरूर बताएं। 👍 खबर को लाइक करें। 🔄 खबर को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ शेयर करें। ❤️ स्थानीय खबरों से जुड़े रहने के लिए हर खबर वागड़ न्यूज के साथ बने रहें। 🔥 हर खबर वागड़ न्यूज — सही खबर, सबके साथ। आपकी खबर, आपके क्षेत्र की आवाज।
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    विकसित भारत जन सेवा अभियान
चिखली तहसील अंतर्गत गिरदावर सर्किल कुआं का 
27 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत कुआं में होगा आयोजन
अभियान में सभी 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।
🚨 ब्रेकिंग न्यूज | कुआं
🇮🇳 विकसित भारत जन सेवा अभियान
📍 चिखली तहसील अंतर्गत गिरदावर सर्किल कुआं
📅 27 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत कुआं में होगा आयोजन
➡️ अभियान में सभी 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।
✅ विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।
📢 ब्यूरो रिपोर्ट राकेश कलाल कुआं।
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    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • सरेडी बड़ी केन्द्र'बी' में 'आंगन मिलन समारोह' संपन्न, बच्चों व महिलाओं को दी पोषण की जानकारी दी | राज्य सरकार के निर्देशानुसार गढ़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरेडी बड़ी मे‌ स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र 'बी' में भव्य 'आंगन मिलन समारोह' आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य स्थानिय विद्यालय के अध्यापक जिसमे मुख्य अतिथि धर्मेंद्र शाह रहे तथा अध्यक्षता कृपा शंकर जी जोशी ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अरविंद जी पाठक, लोकेश जी पाठक और जगदीश जी , हेमा जोशी उपस्थित रहे। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कामिनी त्रिवेदी और शांता रावल को अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर भुवन त्रिवेदी, भूपेंद्र जोशी, केशवलाल जोशी, मणिलाल जोशी सहित आसपास के बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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    सरेडी बड़ी केन्द्र'बी' में 'आंगन मिलन समारोह' संपन्न, बच्चों व महिलाओं को दी पोषण की जानकारी दी | 
राज्य सरकार के निर्देशानुसार गढ़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरेडी बड़ी मे‌ स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र 'बी' में भव्य 'आंगन मिलन समारोह' आयोजित किया गया।  कार्यक्रम में मुख्य स्थानिय विद्यालय के अध्यापक जिसमे  मुख्य अतिथि धर्मेंद्र शाह रहे तथा अध्यक्षता कृपा शंकर जी जोशी ने की।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अरविंद जी पाठक, लोकेश जी पाठक और जगदीश जी ,  हेमा जोशी उपस्थित रहे। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कामिनी त्रिवेदी और शांता रावल को अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रमाण पत्र  प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनका स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर भुवन त्रिवेदी, भूपेंद्र जोशी, केशवलाल जोशी, मणिलाल जोशी सहित आसपास के बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
    user_Jyotish Trivedi
    Jyotish Trivedi
    गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • बांसवाड़ा राजस्थान में गणपति विसर्जन करने चले शहर वासी उमड़ा सैलाब
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    बांसवाड़ा राजस्थान में गणपति विसर्जन करने चले शहर वासी उमड़ा सैलाब
    user_Ajay kumar Pandit
    Ajay kumar Pandit
    Photographer Banswara, Rajasthan•
    19 hrs ago
  • *प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज* *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)* *श्री कल्लाजी राठोड़ - श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक, युवा संत जिला महामंत्री धीरु महाराज पलकपाड़ा* *कुशलगढ़।* वागड़ की धरती हमेशा से वीरों और संतों की धरती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत के जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा। युवा होते हुए भी जिनके मुख पर तेज, वाणी में ओज और हृदय में सनातन के प्रति अटूट निष्ठा है। आज प्राइम न्यूज राजस्थान के माध्यम से हम बात कर रहे हैं उनके आराध्य, श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक श्री कल्लाजी राठोड़ की। *कौन हैं श्री कल्लाजी राठोड़?* श्री कल्लाजी राठोड़ मेवाड़ के इतिहास के वह अमर पात्र हैं जिनका नाम सुनते ही वीरता और भक्ति दोनों एक साथ याद आती है। कल्लाजी राठोड़ मेड़ता के राव जयमल जी के भतीजे थे और चित्तौड़गढ़ की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान योद्धा थे। इतिहास कहता है कि जब 1568 में अकबर ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया तो वीर जयमल और कल्लाजी राठोड़ ने माँ चित्तौड़ेश्वरी की रक्षा का प्रण लिया। कल्लाजी राठोड़ को चार हाथ वाला देवता भी कहा जाता है। कहा जाता है कि युद्ध में उनके दोनों हाथ कट जाने के बाद भी उन्होंने तलवारें अपने कंधों पर बांधकर युद्ध किया था, इसलिए उन्हें "चार हाथ वाला देवता" कहा गया। वे केवल योद्धा नहीं, बल्कि सिद्ध योगी और श्री कृष्ण के अनन्य भक्त थे। युद्ध से पहले वे भगवान श्री कृष्ण की उपासना करते थे। इसीलिए आज भी राजस्थान और गुजरात में कल्लाजी को लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी समाधि चित्तौड़गढ़ में है, जहां आज भी ज्योति जलती है। *युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा - कल्लाजी के पथ के अनुयायी* जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा ने प्राइम न्यूज से बातचीत में कहा - "मेरे जीवन के प्रेरणास्रोत श्री कल्लाजी राठोड़ हैं। मैंने उनसे सीखा है कि धर्म की रक्षा के लिए यदि प्राण भी देने पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए।" धीरु महाराज पलकपाड़ा, उम्र में युवा लेकिन विचारों में एक तपस्वी संत। पलकपाड़ा जैसे छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने पूरे बांसवाड़ा जिले में सनातन धर्म की अलख जगाई है। वे राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ के जिला महामंत्री के रूप में दिन-रात धर्म प्रचार में लगे रहते हैं। महाराज जी ने कहा - "आज का युवा भटक रहा है। वह पश्चिमी संस्कृति की ओर जा रहा है। उसे यह नहीं पता कि हमारे अपने लोक देवता कितने महान थे। कल्लाजी राठोड़ ने सिखाया है कि भक्ति में ही शक्ति है। जब तक हमारे अंदर भक्ति नहीं होगी, तब तक हम धर्म की रक्षा नहीं कर सकते।" *श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम -* धीरु महाराज जी बताते हैं कि कल्लाजी राठोड़ में तीन गुणों का अद्भुत संगम था। *1. श्रद्धा -* अपने धर्म और अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा। अकबर की विशाल सेना को देखकर भी वे विचलित नहीं हुए। *2. भक्ति -* भगवान श्री कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति। वे युद्ध को भी भगवान की पूजा मानते थे। *3. आस्था -* अपनी तलवार और अपने कर्म पर आस्था। उन्होंने कभी फल की चिंता नहीं की, बस धर्म युद्ध किया। आज के युवाओं में इन्हीं तीन चीजों की कमी है। युवा संत धीरु महाराज इसी कमी को पूरा करने के लिए गांव-गांव जाकर कथा, सत्संग और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। *वागड़ में कल्लाजी की पूजा -* बांसवाड़ा और कुशलगढ़ क्षेत्र में कल्लाजी राठोड़ के कई मंदिर हैं। यहां के आदिवासी समाज में कल्लाजी के प्रति अगाध आस्था है। लोग उन्हें "कल्ला जी बाबा" कहकर पुकारते हैं। शादी हो, या कोई नया काम - सबसे पहले कल्लाजी की पूजा की जाती है। धीरु महाराज पलकपाड़ा ने पलकपाड़ा में कल्लाजी राठोड़ की कथा का आयोजन भी कराया था, जिसमें हजारों श्रद्धालु उमड़े थे। *संदेश -* अंत में युवा संत धीरु महाराज ने कहा - "मैं वागड़ के हर युवा से कहना चाहता हूं कि अपने इतिहास को पढ़ो। कल्लाजी राठोड़ जैसे वीरों को जानो। मोबाइल में रील देखने से कुछ नहीं होगा। अपने लोक देवताओं की कहानी सुनो, तभी तुम्हारे अंदर श्रद्धा, भक्ति और आस्था जागेगी और तभी तुम सनातन धर्म की सच्चे अर्थों में रक्षा कर पाओगे।" निश्चित ही धीरु महाराज जैसे युवा संत ही हैं जो कल्लाजी राठोड़ की वीरता और भक्ति की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे युवा संतों पर पूरे वागड़ को गर्व है। *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, प्राइम न्यूज राजस्थान, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)*
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    *प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज*
*ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)*
*श्री कल्लाजी राठोड़ - श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक, युवा संत जिला महामंत्री धीरु महाराज पलकपाड़ा*
*कुशलगढ़।* वागड़ की धरती हमेशा से वीरों और संतों की धरती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत के जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा। युवा होते हुए भी जिनके मुख पर तेज, वाणी में ओज और हृदय में सनातन के प्रति अटूट निष्ठा है। आज प्राइम न्यूज राजस्थान के माध्यम से हम बात कर रहे हैं उनके आराध्य, श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक श्री कल्लाजी राठोड़ की।
*कौन हैं श्री कल्लाजी राठोड़?*
श्री कल्लाजी राठोड़ मेवाड़ के इतिहास के वह अमर पात्र हैं जिनका नाम सुनते ही वीरता और भक्ति दोनों एक साथ याद आती है। कल्लाजी राठोड़ मेड़ता के राव जयमल जी के भतीजे थे और चित्तौड़गढ़ की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान योद्धा थे।
इतिहास कहता है कि जब 1568 में अकबर ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया तो वीर जयमल और कल्लाजी राठोड़ ने माँ चित्तौड़ेश्वरी की रक्षा का प्रण लिया। कल्लाजी राठोड़ को चार हाथ वाला देवता भी कहा जाता है। कहा जाता है कि युद्ध में उनके दोनों हाथ कट जाने के बाद भी उन्होंने तलवारें अपने कंधों पर बांधकर युद्ध किया था, इसलिए उन्हें "चार हाथ वाला देवता" कहा गया।
वे केवल योद्धा नहीं, बल्कि सिद्ध योगी और श्री कृष्ण के अनन्य भक्त थे। युद्ध से पहले वे भगवान श्री कृष्ण की उपासना करते थे। इसीलिए आज भी राजस्थान और गुजरात में कल्लाजी को लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी समाधि चित्तौड़गढ़ में है, जहां आज भी ज्योति जलती है।
*युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा - कल्लाजी के पथ के अनुयायी*
जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा ने प्राइम न्यूज से बातचीत में कहा - "मेरे जीवन के प्रेरणास्रोत श्री कल्लाजी राठोड़ हैं। मैंने उनसे सीखा है कि धर्म की रक्षा के लिए यदि प्राण भी देने पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए।"
धीरु महाराज पलकपाड़ा, उम्र में युवा लेकिन विचारों में एक तपस्वी संत। पलकपाड़ा जैसे छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने पूरे बांसवाड़ा जिले में सनातन धर्म की अलख जगाई है। वे राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ के जिला महामंत्री के रूप में दिन-रात धर्म प्रचार में लगे रहते हैं।
महाराज जी ने कहा - "आज का युवा भटक रहा है। वह पश्चिमी संस्कृति की ओर जा रहा है। उसे यह नहीं पता कि हमारे अपने लोक देवता कितने महान थे। कल्लाजी राठोड़ ने सिखाया है कि भक्ति में ही शक्ति है। जब तक हमारे अंदर भक्ति नहीं होगी, तब तक हम धर्म की रक्षा नहीं कर सकते।"
*श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम -*
धीरु महाराज जी बताते हैं कि कल्लाजी राठोड़ में तीन गुणों का अद्भुत संगम था।
*1. श्रद्धा -* अपने धर्म और अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा। अकबर की विशाल सेना को देखकर भी वे विचलित नहीं हुए।
*2. भक्ति -* भगवान श्री कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति। वे युद्ध को भी भगवान की पूजा मानते थे।
*3. आस्था -* अपनी तलवार और अपने कर्म पर आस्था। उन्होंने कभी फल की चिंता नहीं की, बस धर्म युद्ध किया।
आज के युवाओं में इन्हीं तीन चीजों की कमी है। युवा संत धीरु महाराज इसी कमी को पूरा करने के लिए गांव-गांव जाकर कथा, सत्संग और जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
*वागड़ में कल्लाजी की पूजा -*
बांसवाड़ा और कुशलगढ़ क्षेत्र में कल्लाजी राठोड़ के कई मंदिर हैं। यहां के आदिवासी समाज में कल्लाजी के प्रति अगाध आस्था है। लोग उन्हें "कल्ला जी बाबा" कहकर पुकारते हैं। शादी हो, या कोई नया काम - सबसे पहले कल्लाजी की पूजा की जाती है।
धीरु महाराज पलकपाड़ा ने पलकपाड़ा में कल्लाजी राठोड़ की कथा का आयोजन भी कराया था, जिसमें हजारों श्रद्धालु उमड़े थे।
*संदेश -*
अंत में युवा संत धीरु महाराज ने कहा - "मैं वागड़ के हर युवा से कहना चाहता हूं कि अपने इतिहास को पढ़ो। कल्लाजी राठोड़ जैसे वीरों को जानो। मोबाइल में रील देखने से कुछ नहीं होगा। अपने लोक देवताओं की कहानी सुनो, तभी तुम्हारे अंदर श्रद्धा, भक्ति और आस्था जागेगी और तभी तुम सनातन धर्म की सच्चे अर्थों में रक्षा कर पाओगे।"
निश्चित ही धीरु महाराज जैसे युवा संत ही हैं जो कल्लाजी राठोड़ की वीरता और भक्ति की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे युवा संतों पर पूरे वागड़ को गर्व है।
*ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, प्राइम न्यूज राजस्थान, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)*
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    30 min ago
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