डीसी अनुपमा अंजली ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समय पर निपटान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा जनसेवा के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों को लोगों की समस्याओं का निराकरण करने का एक सशक्त माध्यम बताया। प्रशासन का मूल प्रयास है कि इन शिविरों के माध्यम से आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए लोगों को तुरंत राहत प्रदान की जाए। इसी दिशा में, वीरवार को लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में डीसी अनुपमा अंजली के मार्गदर्शन में एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आए नागरिकों की शिकायतों को डीसी अनुपमा अंजली ने स्वयं सुना और संबंधित अधिकारियों को उन शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे एसडीएम के समक्ष भी रखीं, और इस दौरान एसपी दीपक भी वहां उपस्थित थे। समाधान शिविर में मुख्य रूप से जल आपूर्ति, बिजली से संबंधित मामले, अवैध कब्जे हटाने, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा तथा राजस्व मामलों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं सामने आईं। इन समस्याओं में से कई का मौके पर ही त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए नागरिकों को उनका समाधान प्रदान किया गया। डीसी अनुपमा अंजली ने यह भी जानकारी दी कि जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, लोगों की समस्याओं का निवारण करने तथा उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाने के उद्देश्य से जिला और उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का नियमित आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर अपनी समस्याओं को रखने और उनका समाधान प्राप्त करने की सुविधा मिल सके।
डीसी अनुपमा अंजली ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समय पर निपटान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा जनसेवा के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों को लोगों की समस्याओं का निराकरण करने का एक सशक्त माध्यम बताया। प्रशासन का मूल प्रयास है कि इन शिविरों के माध्यम से आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए लोगों को तुरंत राहत प्रदान की जाए। इसी दिशा में, वीरवार को लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में डीसी अनुपमा अंजली के मार्गदर्शन में एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आए नागरिकों की शिकायतों को डीसी अनुपमा अंजली ने स्वयं सुना और संबंधित अधिकारियों को उन शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे एसडीएम के समक्ष भी रखीं, और इस दौरान एसपी दीपक भी वहां उपस्थित थे। समाधान शिविर में मुख्य रूप से जल आपूर्ति, बिजली से संबंधित मामले, अवैध कब्जे हटाने, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा तथा राजस्व मामलों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं सामने आईं। इन समस्याओं में से कई का मौके पर ही त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए नागरिकों को उनका समाधान प्रदान किया गया। डीसी अनुपमा अंजली ने यह भी जानकारी दी कि जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, लोगों की समस्याओं का निवारण करने तथा उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाने के उद्देश्य से जिला और उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का नियमित आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर अपनी समस्याओं को रखने और उनका समाधान प्राप्त करने की सुविधा मिल सके।
- डीसी अनुपमा अंजली ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समय पर निपटान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा जनसेवा के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों को लोगों की समस्याओं का निराकरण करने का एक सशक्त माध्यम बताया। प्रशासन का मूल प्रयास है कि इन शिविरों के माध्यम से आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए लोगों को तुरंत राहत प्रदान की जाए। इसी दिशा में, वीरवार को लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में डीसी अनुपमा अंजली के मार्गदर्शन में एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आए नागरिकों की शिकायतों को डीसी अनुपमा अंजली ने स्वयं सुना और संबंधित अधिकारियों को उन शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे एसडीएम के समक्ष भी रखीं, और इस दौरान एसपी दीपक भी वहां उपस्थित थे। समाधान शिविर में मुख्य रूप से जल आपूर्ति, बिजली से संबंधित मामले, अवैध कब्जे हटाने, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा तथा राजस्व मामलों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं सामने आईं। इन समस्याओं में से कई का मौके पर ही त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए नागरिकों को उनका समाधान प्रदान किया गया। डीसी अनुपमा अंजली ने यह भी जानकारी दी कि जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, लोगों की समस्याओं का निवारण करने तथा उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाने के उद्देश्य से जिला और उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का नियमित आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर अपनी समस्याओं को रखने और उनका समाधान प्राप्त करने की सुविधा मिल सके।1
- नारनौल शहर में मानसून की पहली बारिश ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी है। आज सुबह से हो रही इस पहली बरसात के कारण नारनौल के अधिकांश मोहल्ले, गलियां और सड़कें झील में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर की 'जीवन रेखा' माने जाने वाला छलक नाला, जिस पर अब तक लगभग ₹35 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसकी पूर्णता के बारे में केवल भगवान ही जानता है। यदि ऐसी दो-तीन और बारिशें हुईं, तो नारनौल शहर को डूबने से कोई नहीं बचा पाएगा। नगर परिषद अधिकारियों ने हाल ही में नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए के टेंडर दिए थे, लेकिन जब यह छलक नाला ही पीछे से अधूरा है, तो इसमें से पानी का निकास कैसे होगा, यह बात अधिकारियों को कब समझ आएगी? नारनौल टुडे न्यूज़ जनहित में जिला उपायुक्त से आग्रह करता है कि वे स्वयं इस गंभीर समस्या का कड़ा संज्ञान लें, क्योंकि यह तो मानसून की शुरुआत भर है और सावन का महीना अभी बाकी है। यदि उस दौरान दो-चार और ऐसी बरसात हुईं, तो शहर का क्या हाल होगा? इसलिए, नारनौल की जनता के शांतिपूर्ण जीवन के लिए समय रहते आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।1
- उत्तर क्षेत्र पंजाब में वर्ष 2026 के लिए प्रथम विशालखेल स्वयं कार्यकर्ता विकास वर्ग का आयोजन किया जाएगा।1
- चरखी दादरी में घर में घुसकर किए गए एक जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- 2 जुलाई 2026 के लिए हरियाणा से संबंधित ताजा और मुख्य समाचार उपलब्ध हैं। यह जानकारी दैनिक हरियाणा समाचारों का हिस्सा है।1
- हरियाणा के नूंह में कष्ट निवारण समिति की एक बैठक आयोजित की गई, जहाँ मंत्री विपुल गोयल ने मार्केट कमेटी के एक्सईएन को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान मंत्री विपुल गोयल ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- महेंद्रगढ़ प्रशासन ने मानसून के आगमन से पूर्व सक्रियता दिखाते हुए नालों और सीवरों की सफाई का काम शुरू किया था। हालाँकि, प्रशासन द्वारा की गई इन तैयारियों की पोल पहली बारिश होते ही खुल गई, जिससे उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ गए।1