संतकबीरनगर- दहेज के भूखे भेड़ियों ने ली नवविवाहिता की जान हैवानियत: 4 लाख, बाइक, सोने के बाद भी नहीं भरा पेट, कार-जमीन के लिए नवविवाहिता को मारकर टांगा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे के बीच जनपद से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। मेंहदावल थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव की एक मां ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बेटी के दहेज हत्यारों को फांसी पर लटकाने की मांग की है। पीड़िता उर्मिला पत्नी सुभाष ने बताया कि उसकी बेटी वन्दना की शादी 2 नवंबर 2025 को चिउट्ठना, थाना दुधारा निवासी सूरज पुत्र जितेन्द्र के साथ हिन्दू रीति रिवाज से हुई थी। मां ने अपनी हैसियत से बढ़कर 4,00,000 रुपये नकद, सोने की अंगूठी, सोने की चैन, मोटरसाइकिल और घर गृहस्थी का पूरा सामान देकर बेटी को विदा किया था। दो महीने तक ससुराल में सब ठीक रहा, फिर शुरू हुआ दहेज लोभियों का असली खेल। वन्दना के पति सूरज ने 2 लाख रुपये व चार पहिया गाड़ी के लिए और ससुर जितेन्द्र ने जमीन खरीदने के लिए 1 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर पति, ससुर, सास और ननद रोशनी व सुमन मिलकर वन्दना को गाली-गलौज, आवारा-बदचलन कहकर प्रताड़ित करते, मारते-पीटते, खाना-पीना बंद कर कमरे में बंद कर देते और कहते - जब दहेज लेकर आना तभी इस घर में रहना। दिनांक 10.09.2026 को दोपहर 1:30 बजे वन्दना ने फोन कर अपनी मां से कहा - माँ, मैं यहाँ ठीक नहीं हूँ, मेरे साथ कभी भी कोई घटना हो सकती है। मां ने समझा-बुझाकर वहीं रहने को कहा। थोड़ी देर बाद ही दामाद सूरज ने फोन कर कहा - अपनी बेटी से आखिरी बार मिल लो। जब परिवार दौड़ते हुए ससुराल पहुंचा तो बेटी का शव गायब था। आरोप है कि पति सूरज, ससुर जितेन्द्र, सास, ननद रोशनी, सुमन ने मिलकर उसका स्त्रीधन छीनकर दहेज के लिए जान से मारकर टांग दिया। थाने पर जाने पर पुलिस ने सिर्फ इतना बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीड़ित मां को न तो बेटी का शव दिखाया गया और न ही कोई मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ित परिवार ने एसपी संतकबीर नगर से पति, ससुर, सास और दोनों ननदों के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
संतकबीरनगर- दहेज के भूखे भेड़ियों ने ली नवविवाहिता की जान हैवानियत: 4 लाख, बाइक, सोने के बाद भी नहीं भरा पेट, कार-जमीन के लिए नवविवाहिता को मारकर टांगा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे के बीच जनपद से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। मेंहदावल थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव की एक मां ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बेटी के दहेज हत्यारों को फांसी पर लटकाने की मांग की है। पीड़िता उर्मिला पत्नी सुभाष ने बताया कि उसकी बेटी वन्दना की शादी 2 नवंबर 2025 को चिउट्ठना, थाना दुधारा निवासी सूरज पुत्र जितेन्द्र के साथ हिन्दू रीति रिवाज से हुई थी। मां ने अपनी हैसियत से बढ़कर 4,00,000 रुपये नकद, सोने की अंगूठी, सोने की चैन, मोटरसाइकिल और घर गृहस्थी का पूरा सामान देकर बेटी को विदा किया था। दो महीने तक ससुराल में सब ठीक रहा, फिर शुरू हुआ दहेज लोभियों का असली खेल। वन्दना के पति सूरज ने 2 लाख रुपये व चार पहिया गाड़ी के लिए और ससुर जितेन्द्र ने जमीन खरीदने के लिए 1 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर पति, ससुर, सास और ननद रोशनी व सुमन मिलकर वन्दना को गाली-गलौज, आवारा-बदचलन कहकर प्रताड़ित करते, मारते-पीटते, खाना-पीना बंद कर कमरे में बंद कर देते और कहते - जब दहेज लेकर आना तभी इस घर में रहना। दिनांक 10.09.2026 को दोपहर 1:30 बजे वन्दना ने फोन कर अपनी मां से कहा - माँ, मैं यहाँ ठीक नहीं हूँ, मेरे साथ कभी भी कोई घटना हो सकती है। मां ने समझा-बुझाकर वहीं रहने को कहा। थोड़ी देर बाद ही दामाद सूरज ने फोन कर कहा - अपनी बेटी से आखिरी बार मिल लो। जब परिवार दौड़ते हुए ससुराल पहुंचा तो बेटी का शव गायब था। आरोप है कि पति सूरज, ससुर जितेन्द्र, सास, ननद रोशनी, सुमन ने मिलकर उसका स्त्रीधन छीनकर दहेज के लिए जान से मारकर टांग दिया। थाने पर जाने पर पुलिस ने सिर्फ इतना बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीड़ित मां को न तो बेटी का शव दिखाया गया और न ही कोई मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ित परिवार ने एसपी संतकबीर नगर से पति, ससुर, सास और दोनों ननदों के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
- राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह जिंदाबाद1
- Post by Shailendra Pandey1
- सहजनवां तहसील का एडीएम ने किया औचक निरीक्षण, अभिलेखों की व्यवस्था और जनशिकायतों के निस्तारण पर जोर गोरखपुर। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ. वैभव शर्मा ने गुरुवार को सहजनवां तहसील का औचक निरीक्षण किया। एडीएम के अचानक तहसील पहुंचने से विभिन्न अनुभागों और पटलों पर तैनात कर्मचारियों में हलचल मच गई। उन्होंने तहसील के कामकाज की स्थिति का जायजा लेते हुए राजस्व कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव और जनशिकायतों के निस्तारण की प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने सबसे पहले संग्रह अनुभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों और राजस्व वसूली से संबंधित कार्यों की जानकारी कर्मचारियों से ली। इसके बाद उन्होंने आरके कार्यालय, नजारत अनुभाग समेत विभिन्न पटलों का निरीक्षण कर वहां संचालित कार्यों की स्थिति देखी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से लंबित मामलों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अभिलेख व्यवस्थित रखने के दिए निर्देश डॉ. वैभव शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी सरकारी अभिलेख और पत्रावलियां सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से रखी जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। कहा कि फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। राजस्व एवं जनसुनवाई से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एडीएम ने कहा कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, अनुशासन और समयबद्धता बनाए रखना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। तहसील परिसर की साफ-सफाई भी देखी निरीक्षण के दौरान एडीएम ने तहसील परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को कार्यालय और परिसर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यालय से आमजन को बेहतर माहौल मिलता है और सरकारी कार्यों के प्रति भी सकारात्मक संदेश जाता है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम नमन मेहता, तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा, नायब तहसीलदार राम सूरज प्रसाद और शुभम बरनवाल मौजूद रहे। इसके अलावा आरके अरुण गुप्ता, नाजिर सत्य प्रकाश दुबे, अजय श्रीवास्तव समेत अन्य राजस्व निरीक्षक, अमीन और तहसील कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- गोरखपुर में Force Motors का नया शोरूम शुरू | Urbania, School Bus, Trax की होगी बिक्री1
- गोरखपुर में कमरे में पड़ी थी इंजीनियर की लाश, दुर्गंध की सूचना पर पहुंची पुलिस गोरखपुर में शुक्रवार को सहारा स्टेट स्थित मकान नंबर 2/202 में अजीब घटना हई, पिछले चार दिनों से मकान बंद था। सुबह के समय घर से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही खोराबार पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, काफी आवाज देने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई तब पुलिस ने दरवाजे को तोड़ दिया और अदर घुसी अंदर दाखिल होने पर मृत अवस्था में एक व्यक्ति सोफे पर मिला ।शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़ चुका था, फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। जांच पड़ताल के बाद मृतक की पहचान इंजीनियर अभिषेक त्रिपाठी के रुप में हुई। तीन-चार दिन से पड़ा होने के कारण शव से दुर्गंध आ रही थी, तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जानकारी के मुताबिक मूल रूप से कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी स्थित महासोन गांव के रहने वाले अभिषेक त्रिपाठी पेशे से इंजीनियर थे और यहां अकेले रहकर वर्क फ्रॉम होम करते थे। पुलिस ने घटना की जानकारी उनके परिजनों को दे दी है और उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। सीओ कैंट कीर्ति निधि आनंद ने बताया कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था और कमरे में किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- देर रात दिल्ली में लैंड हुआ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जहाज #VladimirPutin | Vladimir Putin | #Putin | #BRICS | BRICS Summit 2026 देर रात दिल्ली में लैंड हुआ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जहाज #VladimirPutin | Vladimir Putin | #Putin | #BRICS | BRICS Summit 20261
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल1
- जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी गोरखपुर। जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक विशाल अजगर सड़क पर दिखाई दिया। अचानक सड़क पर अजगर दिखने से राहगीरों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमुना निषाद के घर के पास सड़क पर अजगर देखा गया। उसी समय स्थानीय निवासी शशांक राज अपने घर की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी नजर सड़क पर पड़े अजगर पर पड़ी, वे घबरा गए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही मुकेश, जमुना, परशुराम सहित कई ग्रामीण हाथों में टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक अजगर की तलाश शुरू की, लेकिन तब तक वह सड़क से निकलकर पास स्थित धान के खेत की ओर चला गया। अंधेरा और खेतों में घनी फसल होने के कारण अजगर का पता नहीं चल सका। अजगर के खेत की ओर चले जाने के बाद भी ग्रामीण काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते रहे। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा। लोगों ने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और जलभराव वाले क्षेत्रों से अक्सर सांप और अन्य वन्य जीव आबादी की ओर आ जाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए तथा ऐसे वन्य जीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन अजगर के दिखाई देने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि यदि दोबारा अजगर या कोई अन्य जंगली जीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें।2
- बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल | 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित! | 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल?1