-------------------------------- बिहार भ्रमण को पहुंचा थाईलैंड का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल - बोधगया में भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली पर आध्यात्मिक अनुभूति से अभिभूत हुआ प्रतिनिधिमंडल - राजगीर और नालंदा के पर्यटन स्थलों का भी करेंगे भ्रमण - पटना में पर्यटन हितधारकों के साथ भी होगी बैठक **पटना, 20 सितंबर 2026।* बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित *फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल—ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट* के अंतर्गत बिहार भ्रमण को थाईलैंड से आए 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को बोधगया स्थित विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर का दर्शन किया। पवित्र बौद्ध परिपथ की यात्रा पर आए प्रतिनिधिमंडल ने महाबोधि मंदिर में प्रार्थना कर भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली का आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए विश्व का प्रमुख तीर्थस्थल और आध्यात्मिक केंद्र है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उस पवित्र स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा व्यक्त की, जहां भगवान बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। सदियों से चली आ रही श्रद्धा, शांति और करुणा की अनुभूति ने थाई अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया। श्री उदयन मिश्रा, विशेष सचिव सह पर्यटन निदेशक ने बताया कि राज्य में बौद्ध परिपथ से जुड़े स्थलों के विकास, प्रचार-प्रसार और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। थाईलैंड से आए प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा बिहार की बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने तथा भारत-थाईलैंड के पर्यटन एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देने में सहायक होगा। इस अवसर पर थाई प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि बोधगया की यात्रा उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली पर उपस्थित होना उनके लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण रहा। महाबोधि मंदिर परिसर की शांति और आध्यात्मिक वातावरण ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रतिनिधिमंडल ने बोधगया में डूंगरेश्वरी पहाड़ी, सुजाता मंदिर और सुजाता स्तूप का भी भ्रमण किया। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने थाई मंदिर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संग्रहालय तथा 80 फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा का अवलोकन किया। बिहार पर्यटन विभाग द्वारा तैयार कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के बौद्ध, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को परिचित कराना है। यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल को बिहार की समृद्ध विरासत, स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य से भी अवगत कराया जा रहा है। थाई प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत और थाईलैंड के बीच साझा बौद्ध विरासत तथा सदियों पुराने आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बोधगया से प्रारंभ हुई यह यात्रा राजगीर, नालंदा, वैशाली और पटना के प्रमुख पर्यटन एवं विरासत स्थलों तक जारी रहेगी। प्रतिनिधिमंडल द्वारा बोधगया के बाद 21 सितम्बर को गेहलौर में दशरथ मांझी स्मारक, राजगीर नेचर सफारी और ग्लास ब्रिज का भ्रमण किया जाएगा। इसके उपरांत नालंदा में विश्व धरोहर स्थल प्राचीन नालंदा महाविहार तथा राजगीर में विश्व शांति स्तूप, वेणुवन और अन्य प्रमुख स्थलों का अवलोकन प्रस्तावित है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल वैशाली में relic stupa, विश्व शांति स्तूप और कोल्हुआ स्थित अशोक स्तंभ का भ्रमण करेगा। यात्रा के अंतिम चरण में पटना में स्थानीय पर्यटन हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
-------------------------------- बिहार भ्रमण को पहुंचा थाईलैंड का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल - बोधगया में भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली पर आध्यात्मिक अनुभूति से अभिभूत हुआ प्रतिनिधिमंडल - राजगीर और नालंदा के पर्यटन स्थलों का भी करेंगे भ्रमण - पटना में पर्यटन हितधारकों के साथ भी होगी बैठक **पटना, 20 सितंबर 2026।* बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित *फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल—ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट* के अंतर्गत बिहार भ्रमण को थाईलैंड से आए 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को बोधगया स्थित विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर का दर्शन किया। पवित्र बौद्ध परिपथ की यात्रा पर आए प्रतिनिधिमंडल ने महाबोधि मंदिर में प्रार्थना कर भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली का आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए विश्व का प्रमुख तीर्थस्थल
और आध्यात्मिक केंद्र है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उस पवित्र स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा व्यक्त की, जहां भगवान बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। सदियों से चली आ रही श्रद्धा, शांति और करुणा की अनुभूति ने थाई अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया। श्री उदयन मिश्रा, विशेष सचिव सह पर्यटन निदेशक ने बताया कि राज्य में बौद्ध परिपथ से जुड़े स्थलों के विकास, प्रचार-प्रसार और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। थाईलैंड से आए प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा बिहार की बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने तथा भारत-थाईलैंड के पर्यटन एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देने में सहायक होगा। इस अवसर पर थाई प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि
बोधगया की यात्रा उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली पर उपस्थित होना उनके लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण रहा। महाबोधि मंदिर परिसर की शांति और आध्यात्मिक वातावरण ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रतिनिधिमंडल ने बोधगया में डूंगरेश्वरी पहाड़ी, सुजाता मंदिर और सुजाता स्तूप का भी भ्रमण किया। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने थाई मंदिर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संग्रहालय तथा 80 फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा का अवलोकन किया। बिहार पर्यटन विभाग द्वारा तैयार कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के बौद्ध, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को परिचित कराना है। यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल को बिहार की समृद्ध विरासत, स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य से भी अवगत कराया जा रहा है। थाई प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत और थाईलैंड
के बीच साझा बौद्ध विरासत तथा सदियों पुराने आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बोधगया से प्रारंभ हुई यह यात्रा राजगीर, नालंदा, वैशाली और पटना के प्रमुख पर्यटन एवं विरासत स्थलों तक जारी रहेगी। प्रतिनिधिमंडल द्वारा बोधगया के बाद 21 सितम्बर को गेहलौर में दशरथ मांझी स्मारक, राजगीर नेचर सफारी और ग्लास ब्रिज का भ्रमण किया जाएगा। इसके उपरांत नालंदा में विश्व धरोहर स्थल प्राचीन नालंदा महाविहार तथा राजगीर में विश्व शांति स्तूप, वेणुवन और अन्य प्रमुख स्थलों का अवलोकन प्रस्तावित है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल वैशाली में relic stupa, विश्व शांति स्तूप और कोल्हुआ स्थित अशोक स्तंभ का भ्रमण करेगा। यात्रा के अंतिम चरण में पटना में स्थानीय पर्यटन हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
- *बैजना 31 नंबर में कर्मियों से मारपीट के विरोध में फूटा गुस्सा, सुरक्षा की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चा ने ठप किया उत्पादन, ECL प्रबंधन और CISF पर उठे सवाल* *मुगमा, निरसा:* ECL मुगमा एरिया के बैजना 31 नंबर में बीती रात केबल चोरों द्वारा 5 कर्मियों के साथ की गई बर्बर मारपीट के विरोध में आज सुबह से संयुक्त मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है। सुरक्षा की मांग को लेकर सभी यूनियन के संयुक्त मोर्चा ने एकजुट होकर खदान का उत्पादन पूरी तरह से ठप कर दिया है। सुबह से ही सैकड़ों मजदूर और कर्मी खदान के मुहाने पर धरने पर बैठ गए हैं। *ECL और CISF की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल* आक्रोशित कर्मियों का कहना है कि मुगमा एरिया में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन ECL प्रबंधन और CISF सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। रात के अंधेरे में भारी संख्या में चोर खदान में घुस जाते हैं और हथियार के बल पर कर्मियों को पीटकर केबल काटकर ले जाते हैं। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा, "अगर रात 3 बजे 50-60 चोर खदान में घुसकर कर्मियों को मार सकते हैं तो यह सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता है। CISF कैंप बगल में होने के बावजूद कर्मी सुरक्षित नहीं हैं। जब तक पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिलती और दोषी चोरों की गिरफ्तारी नहीं होती, उत्पादन बंद रहेगा।" इधर उत्पादन ठप होने से ECL को लाखों का नुकसान होने की आशंका है। प्रबंधन की ओर से कर्मियों को समझाने का प्रयास जारी है, लेकिन संयुक्त मोर्चा अपनी मांग पर अड़ा हुआ है।5
- कृषि बाजार में पिकअप ने मजदूर को मारी टक्कर, मौत के बाद मंडी में प्रदर्शन1
- नशा मुक्ति जागरूकता को ले पुलिस ने कराया फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजित। देवघर जिला के मार्गोमुण्डा थाना, प्रभारी शशि कपूर के द्वारा रविवार को मार्गोमुंडा पंचायत भवन के समीप मैदान में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया।जहाँ क्षेत्र के कई युवाओं की टीम ने भाग लिया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से पुलिस इंस्पेक्टर राउतू होनहागा पहुंचे।इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने लोगों से पुलिस के साथ आपसी तालमेल बनाए रखने, दोस्ताना रवैया अपनाने तथा पुलिस को सहयोग करने की अपील की साथ ही लोगों को नशे से दूर रहने, वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने एवं आवश्यक कागजात साथ रखने के प्रति जागरूक किया गया।तथा साइबर अपराध से बचने और एक दूसरे को जागरूक करने की अपील kiya।मौके पर सुग्गापहाड़ी पंचायत के मुखिया बाबूराम मुर्मू, सुशील मरांडी, मनोज पंडित, गंगाधर मंडल, बिहुलाल हांसदा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।1
- भूली मोड़ पर दिनदहाड़े गूंजा गोलियों का शोर, महिला समेत दो को मारी गोली 7 खोखा बरामद, वारदात के बाद फरार हुए अपराधी—CCTV से खुलेगा राज?1
- धनबाद । कतरास थाना अंतर्गत छाता बाद में हो रही भू धसान एवं कतरास में ई ब्लॉकिंग को लेकर रविवार को सैकड़ो युवाओं ने सड़क पर आकर धनबाद के सी एम डी का पुतला फूंका साथी उन्होंने नाराजगी जाहिर की आपको बताते चले की कतरास एवं बाघमारा क्षेत्र में रह रह कर हो रही भू धसान को लेकर 3 महीने में तीन बार शिजूआ मोड में एक बार सिलेक्टर गोविंदपुर में एक बार इसके अलावा टंडाबाड़ी बस्ती में भी दो बार भू धसान हो चुकी है जिससे कतरास के लोगों में भय का माहौल है इसको लेकर एक माह पूर्व कतरास एवं छातावाद के लोगों ने ईस्ट कतरास स्थित डेको आउटसोर्सिंग के गेट के समक्ष लगभग ग्यारह बारह दिन अनिश्चितकालीन धरना दिए जिसमें झारखंड के कई मंत्री भी पहुंचे सीएमडी के साथ मंत्रियों की वार्ता भी हुई लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आने के कारण लोगों ने आक्रोश में रविवार को धनबाद के सीएमडी का पुतला दहन किया एवं बीसीसीएल के प्रति जोर-जोर से नारे लगाए कुछ युवाओं का इस पर क्या कुछ कहना है आईए जानते हैं इस खबर में1
- निरसा: सासनबेड़िया में उप-स्वास्थ्य केंद्र के छत की ढलाई शुरू निरसा विधानसभा की सासनबेड़िया पंचायत में 90 दिन पहले जिला परिषद फंड से शिलान्यास हुए उप-स्वास्थ्य केंद्र का भवन तेजी से तैयार हो रहा है। आज जिला परिषद सदस्य पिंटू सिंह ने विधिवत पूजा-अर्चना कर पहली मंजिल की ढलाई का कार्य शुरू कराया।5
- जमुई की घटना पर इरफान अंसारी का बिहार सरकार पर हमला कहा—मां-बेटी और बेटियां सुरक्षित नहीं, बिहार में फिर कायम हो गया जंगलराज। बड़ी खबर: जामताड़ा। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी मामले को लेकर जामताड़ा विधायक सह झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। डॉ. इरफान अंसारी ने घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि बिहार में मां-बेटी और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जमुई में बच्ची के साथ जिस तरह की घटना सामने आई है, वह समाज और शासन-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। स्वास्थ्य मंत्री ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में एक बार फिर जंगलराज कायम हो गया है। उन्होंने सरकार से महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ऐसी घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। गौरतलब है कि जमुई में 19 सितंबर की घटना से संबंधित वीडियो 20 सितंबर को वायरल हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- लोहारंगी में रफ्तार का कहर: हाईवा की टक्कर से दो नाबालिग गंभीर सिर में लगी गंभीर चोट, प्राथमिक उपचार के बाद दोनों धनबाद रेफर1