रोहतास जिले के चेनारी स्थित कृषि विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार, 12 जून 2026 को जिला कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी की उपस्थिति में किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी खरीफ मौसम की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को बीज बुवाई, आधुनिक कृषि तकनीकों और "खेत बचाओ अभियान" को सफल बनाने के लिए जागरूक करना था। बैठक के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को समय पर बीज बुवाई के महत्व, उन्नत किस्म के बीजों के चयन, फसल सुरक्षा, जल संरक्षण तथा विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाएं और कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करें। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और किसानों ने सिंचाई, बीज उपलब्धता, उर्वरक वितरण और फसल सुरक्षा से जुड़ी अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में बीडीसी प्रतिनिधि और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रखंड अध्यक्ष गुड्डू शर्मा, विशिष्ट अतिथि धर्मेंद्र कुशवाहा, चेनारी प्रखंड उप प्रमुख विकास कुमार, देवडिही पंचायत के मुखिया अशोक भारद्वाज सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अंचला अधिकारी पर भी सवाल उठाए गए, जिसमें शिकायत की गई कि "परिवारजन प्लस" और नाम गलत होने के कारण कृषि विभाग में फर्म का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। किसानों और प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अंचला अधिकारी के कार्यालय के चक्कर लगाते-लगाते थक गए हैं, जिसके कारण कृषि विभाग का काम और किसानों का हित बाधित हो रहा है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने, फसल उत्पादन बढ़ाने और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों की सुरक्षा के उपायों के बारे में भी विस्तार से बताया। बैठक का समापन किसानों के हित में कृषि विभाग और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों के संकल्प के साथ हुआ।
रोहतास जिले के चेनारी स्थित कृषि विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार, 12 जून 2026 को जिला कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी की उपस्थिति में किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी खरीफ मौसम की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को बीज बुवाई, आधुनिक कृषि तकनीकों और "खेत बचाओ अभियान" को सफल बनाने के लिए जागरूक करना था। बैठक के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को समय पर बीज बुवाई के महत्व, उन्नत किस्म के बीजों के चयन, फसल सुरक्षा, जल संरक्षण तथा विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाएं और कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करें। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और किसानों ने सिंचाई, बीज उपलब्धता, उर्वरक वितरण और फसल सुरक्षा से जुड़ी अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में बीडीसी प्रतिनिधि और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रखंड अध्यक्ष गुड्डू शर्मा, विशिष्ट अतिथि धर्मेंद्र कुशवाहा, चेनारी प्रखंड उप प्रमुख विकास कुमार, देवडिही पंचायत के मुखिया अशोक भारद्वाज सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अंचला अधिकारी पर भी सवाल उठाए गए, जिसमें शिकायत की गई कि "परिवारजन प्लस" और नाम गलत होने के कारण कृषि विभाग में फर्म का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। किसानों और प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अंचला अधिकारी के कार्यालय के चक्कर लगाते-लगाते थक गए हैं, जिसके कारण कृषि विभाग का काम और किसानों का हित बाधित हो रहा है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने, फसल उत्पादन बढ़ाने और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों की सुरक्षा के उपायों के बारे में भी विस्तार से बताया। बैठक का समापन किसानों के हित में कृषि विभाग और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों के संकल्प के साथ हुआ।
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने देश में व्याप्त एक महत्वपूर्ण सामाजिक विरोधाभास की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ 70 वर्ष की आयु के लोग मंत्री पद प्राप्त कर रहे हैं, वहीं 30 वर्ष की आयु के युवा रोजगार के बिना हैं और बेरोजगार बने हुए हैं।1
- चंदौली में रॉयल और आरएल मसाला फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई मिलावट की शिकायत मिलने के बाद की गई, जिसके तहत दोनों फैक्ट्रियों से नमूने (सैंपल) लिए गए।1
- जनपद चन्दौली की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर के लोगों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि ये गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" जैसी कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दरों पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों के जरिए संपर्क कर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर धनराशि जमा कराते थे, लेकिन बाद में न तो ऋण देते थे और न ही जमा राशि वापस करते थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के विश्लेषण से आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज मिलीं, साथ ही गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी उनके खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज होना सामने आया है। चन्दौली में एक कार्यालय से इस गिरोह के संचालन की सूचना मिलने पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी की, जहाँ पुलिस को देखकर आरोपियों ने सामान हटाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का संचालन कर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देश भर में होने वाली अन्य साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसका वे करीब 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगाकर फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार (निवासी बर्थरा बुर्द), आशीष पटवा (निवासी बबुरी बाजार) और सोनी (निवासी शाहपुर, चकिया) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें, और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- चन्दौली जनपद की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह में शामिल एक महिला सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड करा लिया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, यह गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" सहित कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क साधकर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करवाते थे। राशि जमा होने के बाद न तो उन्हें ऋण मिलता था और न ही उनकी जमा राशि वापस की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसमें से आरोपी लगभग 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगे फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार कर रखे थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली जानकारी के विश्लेषण से पता चला कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग राज्यों से दर्ज हुई थीं। इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज पाया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस गिरोह का संचालन चन्दौली जनपद स्थित एक कार्यालय से हो रहा था, जिसके आधार पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग सामान हटाकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार और सोनी निवासी शाहपुर, चकिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर कोई धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों व उनके वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।3
- अमराहिदह को तीर्थ स्थल और पर्यटन स्थल दोनों का दर्जा प्रदान करने की मांग की गई है। इस पर जोर दिया गया है कि अमराहिदह को ये दोनों महत्वपूर्ण पहचान मिलनी चाहिए।1
- यह एक अच्छा घूमने का स्थान है। यहाँ बड़े-बड़े पहाड़ों के बाद एक बहुत ही खास मूर्ति स्थित है। मंदिर के पास भी कई अन्य घूमने लायक स्थल मौजूद हैं।4
- मिलावटखोरों के खिलाफ शुरू किए गए एक बड़े अभियान के तहत, दो प्रमुख मसाला फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया है। इस दौरान, फैक्ट्रियों से भारी मात्रा में मसालों के सैंपल जब्त किए गए, जिन्हें आगे की जाँच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया है। यह कार्रवाई मिलावट के गोरखधंधे पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे महा-अभियान का हिस्सा है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना में 10वीं कक्षा के एक छात्र लवकुश (16 वर्ष) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना कोचिंग संस्थान के बाहर हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी छात्र को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। मृतक छात्र लवकुश प्रतापपुर गांव का निवासी था, जबकि आरोपी छात्र भी फतेहपुर गांव का रहने वाला है और उसी कोचिंग संस्थान में 10वीं कक्षा में पढ़ता है। बताया गया है कि गुरुवार सुबह लगभग 7:30 बजे कोचिंग संस्थान के बाहर दोनों छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान आरोपी छात्र ने लवकुश पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी छात्र ने यह कबूल किया है कि मृतक उसे पिछले तीन-चार दिनों से लगातार गाली दे रहा था, जिससे नाराज होकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सदर देवेंद्र कुमार और कोतवाली पुलिस भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है और उसका कहना है कि विधिक कार्रवाई तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक एवं आक्रोश का माहौल है।1
- पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) असिस्टेंट लाइनमैन ऑनलाइन फॉर्म 2026 का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। PSPCL में असिस्टेंट लाइनमैन के कुल 3289 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है, जिसके लिए उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।1