उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि या तो वे प्रदेश छोड़ दें या अपराध करना बंद कर दें, क्योंकि अपराध को लेकर किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और संभावित एनकाउंटर के डर से अपराधियों में फैली दहशत के बाद, लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड के फरार आरोपियों ने स्वयं थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। यह घटना रविवार शाम पत्रकारपुरम चौराहे स्थित मनीष ईटिंग प्वाइंट चाय की दुकान पर दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद हुई थी। विवाद बढ़ने पर कुछ आरोपी दोबारा बाइक से घटनास्थल पर पहुंचे और फायरिंग कर फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके से ही हिरासत में लिया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस की बढ़ती सख्ती और एनकाउंटर के डर से घबराकर गोलीकांड के फरार आरोपी खुद गोमतीनगर थाने पहुंच गए और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी भी अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि या तो वे प्रदेश छोड़ दें या अपराध करना बंद कर दें, क्योंकि अपराध को लेकर किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और संभावित एनकाउंटर के डर से अपराधियों में फैली दहशत के बाद, लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड के फरार आरोपियों ने स्वयं थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। यह घटना रविवार शाम पत्रकारपुरम चौराहे स्थित मनीष ईटिंग प्वाइंट चाय की दुकान पर दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद हुई थी। विवाद बढ़ने पर कुछ आरोपी दोबारा बाइक से घटनास्थल पर पहुंचे और फायरिंग कर फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके से ही हिरासत में लिया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस की बढ़ती सख्ती और एनकाउंटर के डर से घबराकर गोलीकांड के फरार आरोपी खुद गोमतीनगर थाने पहुंच गए और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी भी अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
- बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में कथित अवैध खनन और डंपरों के अनियंत्रित संचालन को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार शिकायतें करने और सोशल मीडिया पर इस संबंध में वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में दौड़ने वाले डंपर अक्सर तेज रफ्तार में चलते हैं और कई बार बिना तिरपाल के ही मिट्टी व अन्य खनन सामग्री का परिवहन करते हैं। इस स्थिति के कारण राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा को लगातार खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अवैध खनन को कथित रूप से संरक्षण मिल रहा है और अनियमितताओं पर कार्रवाई न होने के कारण खनन गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनकी मांग है कि अवैध खनन और परिवहन से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाए और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाले बड़े हादसों से बचा जा सके। उन्होंने यह भी जोर दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।1
- लखनऊ में एक युवक वसीम पिछले लगभग एक साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है और अब डॉक्टरों ने भी उसे जवाब दे दिया है, जिससे उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इस कठिन समय में बीमार वसीम अपनी सात साल की मासूम बेटी से एक बार मिलना चाहता है, एक नजर उसे देखना उसकी आखिरी ख्वाहिश है। हालांकि, वसीम की पत्नी करीब एक साल पहले उसे छोड़कर अपने मायके चली गई थी और अपनी सात साल की बेटी को भी अपने साथ ले गई थी। अब वह बीमार वसीम को बच्ची से मिलने नहीं दे रही है, जिसे 'खुदगर्ज औरत' बताया गया है जो अपने पति की ऐसी हालत में भी तरस नहीं खा रही। वसीम ने अपने भाई के माध्यम से ठाकुरगंज पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तहरीर लेने के बावजूद पीड़ित की कोई सहायता नहीं की। इस पूरी घटना को 'मानवता को शर्मसार' करने वाला बताया गया है, जहाँ एक बीमार पिता अपनी मासूम बेटी से मिलने के लिए बेताब है और उसे कोई मदद नहीं मिल पा रही। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस से तत्परता दिखाते हुए बीमार बाप की तुरंत मदद करने और उसकी अंतिम इच्छा पूरी करने की अपेक्षा की गई है।1
- लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में स्थित Redox Cafe एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय निवासियों ने कैफे पर आरोप लगाया है कि रिंग रोड पर जगरानी अस्पताल के सामने, यमाहा शोरूम के पास स्थित यह प्रतिष्ठान कथित रूप से देर रात तक हुक्का परोसता है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कैफे के अंदर से बनाए गए कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर लोगों को हुक्का पीते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, इन वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब यह देखना होगा कि वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर विकासनगर पुलिस या संबंधित विभाग द्वारा कोई उचित कार्रवाई की जाती है या नहीं।1
- सुल्तानपुर जनपद के कोतवाली नगर स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी के साथ 27 जून, 2026 को कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 353/26 पंजीकृत किया गया था। विवेचना के क्रम में, पुलिस ने 29 जून, 2026 को अमन निषाद, दिलशाद अहमद और आलोक यादव नामक तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126, 135 और 170 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अभियुक्तों के पास से दो फोर-व्हीलर वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें एक काली स्कॉर्पियो और एक स्विफ्ट डिजायर शामिल है, जिनका उपयोग घटना को अंजाम देने में किया गया था। क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामन्त के अनुसार, मौके पर शांति व्यवस्था सामान्य है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ नगर निगम जोन 1 में हजरतगंज कोतवाली और हजरतगंज फायर स्टेशन के ठीक सामने अतिक्रमण के खिलाफ एक अभियान चलाया गया। इस दौरान यह सामने आया कि दुकानदारों द्वारा सड़कों पर कब्जा करके गाड़ियां बनाई जाती हैं, जिससे पूरी सड़क पर उनका कब्जा रहता है। इस गंभीर अतिक्रमण के कारण यदि कोई घटना या दुर्घटना होती है, या कहीं आग लगने की घटना होती है, तो अक्सर भारी जाम का सामना करना पड़ता है। हजरतगंज कोतवाली पुलिस को भी जाम की समस्या से जूझना पड़ता है, वहीं फायर विभाग की गाड़ियां भी इन दुकानदारों के अतिक्रमण में फंस जाती हैं। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई कि शहर का सबसे वीआईपी इलाका होने के बावजूद भी दुकानदार अपनी आदतें सुधार नहीं रहे हैं। अभियान के दौरान ज़ोनल अधिकारी, राजस्व इंस्पेक्टर देवी शंकर दूबे और 296 टिम मौके पर मौजूद रही।4
- लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र के पत्रकारपुरम चौराहे पर रविवार शाम चाय की दुकान पर हुई मारपीट के बाद गोलीबारी करने के आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह आत्मसमर्पण सिंघम लेडी डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा के खौफ और पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई का नतीजा है। यह घटना पत्रकारपुरम चौराहे स्थित मनीष ईटिंग प्वाइंट चाय की दुकान पर दो गुटों के बीच विवाद से शुरू हुई थी, जिसके बाद कुछ आरोपी दोबारा बाइक से पहुंचे और फायरिंग कर फरार हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने एक आरोपी को मौके से हिरासत में लिया था और अन्य आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगाकर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की इस सख्ती और एनकाउंटर के डर से घबराकर आरोपी खुद गोमतीनगर थाने पहुंच गए और आत्मसमर्पण कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि वे या तो प्रदेश छोड़ दें या अपराध करना बंद कर दें, क्योंकि अपराध को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि या तो वे प्रदेश छोड़ दें या अपराध करना बंद कर दें, क्योंकि अपराध को लेकर किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और संभावित एनकाउंटर के डर से अपराधियों में फैली दहशत के बाद, लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड के फरार आरोपियों ने स्वयं थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। यह घटना रविवार शाम पत्रकारपुरम चौराहे स्थित मनीष ईटिंग प्वाइंट चाय की दुकान पर दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद हुई थी। विवाद बढ़ने पर कुछ आरोपी दोबारा बाइक से घटनास्थल पर पहुंचे और फायरिंग कर फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके से ही हिरासत में लिया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस की बढ़ती सख्ती और एनकाउंटर के डर से घबराकर गोलीकांड के फरार आरोपी खुद गोमतीनगर थाने पहुंच गए और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी भी अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह विमान नेशनल हाईवे के पास आकर गिरा। इस हादसे में ट्रेनी महिला पायलट घायल हो गई हैं। दुर्घटना के बाद बचाव और राहत कार्य जारी है।2