शहडोल पुलिस के निलंबित हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर एक लोकप्रिय चेहरा हैं, जिनके फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर करीब 1.88 करोड़ फॉलोअर्स हैं। उन्हें 3 जून को ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और इस दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने के आरोप में निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद, उन्होंने 15 जून को पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, पुलिस विभाग ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है और मामले की जांच जारी है। 'वायरल कॉप' के नाम से मशहूर तिवारी की सोशल मीडिया से होने वाली संभावित कमाई एक हेड कॉन्स्टेबल के वेतन से कई गुना अधिक बताई जा रही है, जहां उनकी सैलरी 40 हजार रुपये और सोशल मीडिया से कमाई 6 लाख रुपये तक होने की बात कही गई है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि निलंबन के बाद हुए मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह फैसला लिया, न कि कमाई को इस्तीफे की वजह माना।
शहडोल पुलिस के निलंबित हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर एक लोकप्रिय चेहरा हैं, जिनके फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर करीब 1.88 करोड़ फॉलोअर्स हैं। उन्हें 3 जून को ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और इस दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने के आरोप में निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद, उन्होंने 15 जून को पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, पुलिस विभाग ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है और मामले की जांच जारी है। 'वायरल कॉप' के नाम से मशहूर तिवारी की सोशल मीडिया से होने वाली संभावित कमाई एक हेड कॉन्स्टेबल के वेतन से कई गुना अधिक बताई जा रही है, जहां उनकी सैलरी 40 हजार रुपये और सोशल मीडिया से कमाई 6 लाख रुपये तक होने की बात कही गई है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि निलंबन के बाद हुए मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह फैसला लिया, न कि कमाई को इस्तीफे की वजह माना।
- शनिवार को शहडोल जिले के आखेटपुर गांव में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल के नेतृत्व में, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस बदहाल सड़क पर जमा पानी से भरे गड्ढों में बैठकर विधि-विधान से हवन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि आखेटपुर से गुजरने वाली यह मुख्य सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। बारिश के पानी से सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे तालाब का रूप ले चुके हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसी कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं, और स्कूली बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग करते हुए, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- राज्य सरकार ने देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत शहडोल और शाजापुर के पुलिस अधीक्षकों को बदला गया है। इन आदेशों के अनुसार, संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, वहीं प्रियंका शुक्ला को शाजापुर का एसपी बनाया गया है। इन तबादलों में सागर, नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण में भी नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की पदस्थापना की गई है। मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का आईजी बनाया गया है; वे वर्तमान में नर्मदापुरम जोन के आईजी हैं और पहले से ही उनके पास सागर आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी था। यह पद हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद से अतिरिक्त प्रभार के रूप में संचालित हो रहा था। गृह विभाग ने चंद्रशेखर सोलंकी को, जो वर्तमान में इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ थे, आईजी नर्मदापुरम के पद पर नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त, रुचि वर्धन मिश्रा, जो पीएचक्यू में आईजी प्रशासन के पद पर थीं, उन्हें भोपाल ग्रामीण जोन का आईजी बनाया गया है।1
- डीएसपी ऋषभ छारी ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, उन्होंने लोगों से साइबर अपराध से सतर्क और सुरक्षित रहने का आग्रह किया है।1
- शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है। यह बारिश खेतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस बारिश ने शहडोल के लिए मानसून की अपनी चुनौतियां भी पेश की हैं। जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इन हालातों से निपटने के लिए लोगों ने अपनी छतरी के साथ-साथ मोमबत्ती और पावरबैंक को भी सक्रिय कर लिया है।1
- शहडोल के वार्ड नंबर 39 से पानी की समस्या सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड का नल अभी तक ठीक नहीं किया गया है।2
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में लव जिहाद और ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने चंदिया में "के जी एन क्लिनिक" संचालित करने वाले आरोपी डॉक्टर हारून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, आरोपी डॉक्टर हारून ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को "भाजपा नेता अभिषेक सिंह परिहार" बताया और माथे पर टीका लगाकर महिला से दोस्ती बढ़ाई। विश्वास में लेने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला को डॉक्टर हारून की असली पहचान का पता चला और उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसका वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इस धमकी के जरिए उसने महिला से लगभग 8 लाख रुपए भी ऐंठ लिए। जब आरोपी ने और पैसों की मांग की, तब पीड़ित युवती ने चंदिया थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद चंदिया थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच के उपरांत आरोपी डॉक्टर हारून को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय के निर्देशानुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एस डी ओ पी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, चैट रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध सबूतों की गंभीरता से जांच की जाएगी ताकि घटनाक्रम की सत्यता सामने आ सके। इस दौरान आरोपी का एक सोशल मीडिया चैट भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि वह "हिंदू युवती के साथ ऐसा ही खिलवाड़ करता रहता हूँ"।4
- अनूपपुर पुलिस ने एस.ई.सी.एल. की रामपुर बटुरा ओपन कोल माइन्स के जय अम्बे प्रायवेट लिमिटेड के ग्राम खांडा स्थित कार्यालय में 7 जून 2026 को देशी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी श्री राम विश्वकर्मा को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री विक्रान्त मुराब के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ मरकाम एवं एसडीओपी अनूपपुर श्री नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। उल्लेखनीय है कि 7 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे जय अम्बे इंडस्ट्रियल प्रायवेट लिमिटेड में काम करने वाले टाइम कीपर अमन सिंह क्षत्रीय ने थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वह ग्राम खांडा स्थित कंपनी के कार्यालय में सहकर्मियों रोहित तिवारी, मनमोहन केवट, जीतेन्द्र प्रसाद, प्रभात कुशवाहा, कृष्णकान्त पाण्डेय, पारस और अन्य के साथ काम कर रहे थे, तभी श्री राम विश्वकर्मा अपने दो साथियों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश विश्वकर्मा के साथ कार्यालय में घुस आया। उसने आरोप लगाया कि "तुम लोग हमारे 8-10 लोगों को काम पर नहीं रखते हो" और इसी बात पर विवाद करते हुए गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद श्रीराम विश्वकर्मा ने कमर से देशी कट्टा निकालकर जान से मारने के इरादे से फायर कर दिया। गार्ड पारस द्वारा धक्का दिए जाने से गोली ऑफिस के फर्श की टाइल्स में जा धंसी और तीनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 324/2026 धारा 109 (1), 296 (बी), 351 (2), 331 (7), 333, 3 (5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की विवेचना के दौरान 10 जून 2026 को आरोपी पप्पू विश्वकर्मा और 11 जून 2026 को आरोपी मिथलेश चर्मकार को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया गया था। मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा घटना के तुरंत बाद फरार हो गया था, जिसकी कोतवाली पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जयपुश लकडा, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार (सायबर सेल), आरक्षक अमित यादव, आरक्षक पंकज मिश्रा (सायबर सेल) की टीम ने मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से वारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रान्त मुराब ने थाना कोतवाली अनूपपुर की इस टीम को देशी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।4
- शहडोल पुलिस के निलंबित हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर एक लोकप्रिय चेहरा हैं, जिनके फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर करीब 1.88 करोड़ फॉलोअर्स हैं। उन्हें 3 जून को ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और इस दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने के आरोप में निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद, उन्होंने 15 जून को पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, पुलिस विभाग ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है और मामले की जांच जारी है। 'वायरल कॉप' के नाम से मशहूर तिवारी की सोशल मीडिया से होने वाली संभावित कमाई एक हेड कॉन्स्टेबल के वेतन से कई गुना अधिक बताई जा रही है, जहां उनकी सैलरी 40 हजार रुपये और सोशल मीडिया से कमाई 6 लाख रुपये तक होने की बात कही गई है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि निलंबन के बाद हुए मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह फैसला लिया, न कि कमाई को इस्तीफे की वजह माना।1