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समस्याओं को लेकर कल सिवनी मालवा तहसील में किसानों ने किया धरना प्रदर्शन ई उपार्जन और कई समस्याओं को लेकर किसानों ने तिरंगे के नीचे किया धरना प्रदर्शन अधिकतर मांगों पर S D M महोदय ने जताई सहमति सुबह 11:00 से 4:00 तक किसानों ने अपनी तकलीफ और प्रशासन की मनमानी अपने भाषणों में व्यक्त करी
Surendra rajput
समस्याओं को लेकर कल सिवनी मालवा तहसील में किसानों ने किया धरना प्रदर्शन ई उपार्जन और कई समस्याओं को लेकर किसानों ने तिरंगे के नीचे किया धरना प्रदर्शन अधिकतर मांगों पर S D M महोदय ने जताई सहमति सुबह 11:00 से 4:00 तक किसानों ने अपनी तकलीफ और प्रशासन की मनमानी अपने भाषणों में व्यक्त करी
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- ई उपार्जन और कई समस्याओं को लेकर किसानों ने तिरंगे के नीचे किया धरना प्रदर्शन अधिकतर मांगों पर S D M महोदय ने जताई सहमति सुबह 11:00 से 4:00 तक किसानों ने अपनी तकलीफ और प्रशासन की मनमानी अपने भाषणों में व्यक्त करी3
- Post by Mohanlal Nagle1
- *गेहूं खरीदी में लापरवाही, बिजली और नहर समस्याओं को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी* *Pramod patel 7089118116*1
- दो अलग अलग आग लगने की घटनाओं में हुआ भारी नुकसान,एक झोपड़ी सहित मक्का फसल जलकर हुई खाक,लाखों का हुआ नुकसान। हरदा/-भीषण आग से किसान की मेहनत से पकी मक्का फसल जलकर हुई राख। हरदा जिले के रहटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम उमरधा में तेज आंधी और हवा के बीच लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते खलिहान में रखी मक्का की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि खलिहान में करीब 75 ट्रॉली मक्का रखी थी जिसमें से लगभग 50 ट्रॉली मक्का जलकर पूरी तरह राख हो गई। यह आग किसान बलराम पाटिल के खेत में लगी आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। हैरानी की बात यह रही कि फायर ब्रिगेड आग बुझने के बाद मौके पर पहुंची। पीड़ित किसान ने प्रशासन से मुआवजे और राहत देने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के विक्रमपुर में भी आगजनी की घटना सामने आई है जहां खेत में बनी एक झोपड़ी जलकर राख हो गई, उसमें रखा सारा सामान भी जल गया। फिलहाल दोनों ही मामलों में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।4
- स्थानीय लोगों ने बताया कि गौशाला के कर्मचारियों द्वारा इस गंभीर स्थिति की सूचना सरपंच प्रतिनिधि भूपेन्द्र सेंधव और सचिव रविशंकर दुबे को भी दी जा चुकी है, बावजूद इसके किसी प्रकार की चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं कराई गई। लापरवाही का आलम यह है कि बीमार गाय की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उनके शरीर का एक हिस्सा गलने लगा हैबीते पांच दिनों से गाय को न ठीक से खाना मिल रहा है और न ही कोई देखभाल करने वाला नजर आ रहा है। इस स्थिति ने पशु प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गौसंरक्षण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति बेहद खराब है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इसी तरह गौमाता की उपेक्षा होती रहेगी?मांग: ग्रामीणों और गौसेवकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बीमार गायों के उपचार, भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, साथ ही लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की भी अपील की है।1
- देवास में सगाई टूटने से नाराज पक्ष ने लड़की के माता-पिता का अपहरण कर उनके साथ मारपीट की और जूते-चप्पलों की माला पहनाकर अपमानित किया।1
- ग्राम पंचायत ओंकारा की गौशाला में लापरवाही, बीमार गायों की हालत गंभीर शुभम मीणा/ओंकारा (देवास)| ग्राम पंचायत ओंकारा की गौशाला में गायों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, गौशाला में कई गायें पिछले सात दिनों से बीमार पड़ी हैं, लेकिन अब तक उनके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौशाला के कर्मचारियों को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि भूपेन्द्र सेंधव और सचिव रविशंकर दुबे को भी सूचना दी गई, लेकिन उनके द्वारा भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बताया जा रहा है कि एक गाय की हालत इतनी गंभीर हो चुकी है कि उसके शरीर का एक हिस्सा गलने लगा है। वहीं, पिछले पांच दिनों से गायों को न तो पानी पिलाया गया और न ही चारे की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी हालत और बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि बीमार गायों का इलाज हो सके और गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सके। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि गौशालाओं के लिए योजनाएं और दावे करने वाली सरकार में आखिर गौ माता की ऐसी हालत क्यों हो रही है?1
- खरीदी इतनी धीमी गति से हो रही है कि किस दो-दो दिन लाइन में खड़ा रह रहा है समिति प्रबंधक समय का ध्यान नहीं रखते हैं शाम4, 5:00 बजे से पहले खरीदी नहीं शुरू करते कल दे मौसम बरसात के कारण कई किसानों का अनाज भीगा प्रकृति की मार भी किसान को ही झेलना पड़ रहा है2