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दिव्यांश एजेंसी गिडा गोरखपुर thok फुटकर विक्रेता फिनायल एसिड हार्पिक क्लीनर
Vinay kumar giri
दिव्यांश एजेंसी गिडा गोरखपुर thok फुटकर विक्रेता फिनायल एसिड हार्पिक क्लीनर
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- हर घर तिरंगा अभियान चालू हो चुका है आप सभी लोग अपने-अपने छत पर एक तिरंगा जरुर लगाया जाए जय हिंद1
- विश्व स्तनपान सप्ताह: नुक्कड़ नाटकों के जरिए गांव-गांव पहुंचा मातृ एवं शिशु पोषण का संदेश विश्व स्तनपान सप्ताह: नुक्कड़ नाटकों के जरिए गांव-गांव पहुंचा मातृ एवं शिशु पोषण का संदेश सहजनवा, गोरखपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर बाल विकास विभाग, गोरखपुर एवं प्रोग्रेसिव फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सहजनवा विकास खंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहजनवा तथा बेलहर और जुड़ियन गांवों में मातृ एवं शिशु पोषण जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्तनपान, कुपोषण की रोकथाम और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. व्यास कुशवाहा एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी ऋचा पांडेय ने किया। डॉ. व्यास कुशवाहा ने कहा कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध ही शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है तथा कुपोषण की रोकथाम के लिए संतुलित पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच आवश्यक है। बाल विकास परियोजना अधिकारी ऋचा पांडेय ने कहा कि कुपोषित बच्चों का प्रबंधन घर पर भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों के भोजन में कम से कम चार खाद्य समूह शामिल करने, दूध एवं दुग्ध उत्पादों का नियमित सेवन कराने तथा पौष्टिक आहार अपनाने की अपील की। साथ ही प्रोग्रेसिव फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की। "सही पोषण–स्वस्थ बचपन" विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक में कलाकारों ने गीत, संवाद और अभिनय के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की देखभाल, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, छह माह तक केवल स्तनपान, समय पर पूरक आहार, नियमित टीकाकरण और कुपोषण की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावी संदेश दिए। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, प्रोग्रेसिव फाउंडेशन के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। अंत में ऋचा पांडेय ने बताया कि यह जागरूकता अभियान 1 से 3 अगस्त 2026 तक सहजनवा, उरुवा और खोराबार विकास खंड के चयनित गांवों में संचालित किया जाएगा, ताकि "सही पोषण–देश रोशन" का संदेश अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाया जा सके।4
- गोरखपुर में गरजे मुकेश साहनी! 'कार्यक्रम नहीं करने दिया जा रहा', निषाद पार्टी और BJP पर बड़ा हमला1
- बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर मासूम की पीट-पीटकर हत्या, परिजनों का पुलिस पर गम्भीर आरोप गोरखपुर जिले के पिपराइच थानाक्षेत्र के माधोपुर बेला गांव में बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर नौ साल के बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आधा दर्जन से अधिक लड़कों ने पहचे दोनों बच्चों को रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। जब परिवार के लोग पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया। इसके बाद भाग गए। परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार सुबह सरस सिंह (9) की मौत हो गई। वहीं, शिवकुमार की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं पुलिस ने मामले में गांव के ही 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जबकि मामले में लापरवाही बरतने पर पिपराइच थाना प्रभारी विवेक त्रिवेदी को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह झंगहा थाना प्रभारी रहे अनुप सिंह को थाना पिपराइच का प्रभारी बनाया गया है। सीओ कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि पिपराइच के बेला क्षेत्र में माधवपुर ग्राम में एक मारपीट की घटना हुई जिसमें एक किशोर को चोटें आईं। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।1
- *आज दिनांक 02.08.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद को जिला अस्पताल संतकबीरनगर से प्राप्त मेमो के आधार पर जानकारी हुई कि गोरखाल खलीलाबाद में किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई करने वाली एक छात्रा द्वारा प्रथम दृष्टया फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई है । उक्त घटना में पोस्मार्टम व प्रचलित अन्य विधिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गई बाइट ।*1
- मासूम की हत्या के विरोध में घघसरा में निकला कैंडल मार्च, हत्यारे को फांसी देने की उठी मांग मासूम की हत्या के विरोध में घघसरा में निकला कैंडल मार्च, हत्यारे को फांसी देने की उठी मांग घघसरा (गोरखपुर)। मासूम बच्चे की निर्मम हत्या के विरोध में गोरखपुर जिले के विकास खंड पाली क्षेत्र स्थित घघसरा कस्बे में समाजसेवियों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाला और दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने "हत्यारे को फांसी दो", "मासूम को न्याय दो" और "अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करो" जैसे नारे लगाते हुए सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी एवं उन्हें कठोरतम सजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मासूम बच्चों के साथ होने वाली ऐसी जघन्य घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं। यदि दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा नहीं मिली तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे। समाजसेवियों ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर आरोपियों के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर उन्हें फांसी की सजा दिलाने की मांग की। कैंडल मार्च घघसरा के प्रमुख मार्गों से होकर निकला, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए। मार्च के अंत में सभी ने दिवंगत मासूम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा तथा ईश्वर से शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि मासूम को न्याय मिलने तक वे अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।3