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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने फायर विभाग और बिजली सुरक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये दोनों विभाग पैसे लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करते हैं।
लक्ष्मी देवी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने फायर विभाग और बिजली सुरक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये दोनों विभाग पैसे लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करते हैं।
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- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने फायर विभाग और बिजली सुरक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये दोनों विभाग पैसे लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करते हैं।1
- बाराबंकी जिले की फतेहपुर तहसील में 6 मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य आलम जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मरकज मस्जिद से शुरू होकर मुंशीगंज होते हुए बड़े इमामबाड़े में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। जुलूस के पूरे रास्ते 'या हुसैन या हुसैन' के नारे गूंजते रहे, और इस दौरान अकीदतमंदों ने नौहा पढ़ा और मातम किया। जिला व्यापार मंडल उपाध्यक्ष निजामुद्दीन की ओर से मस्तान रोड पर पानी का बंदोबस्त किया गया था। जुलूस के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, और कस्बा चौकी प्रभारी अजय पांडे अपने पुलिस बल के साथ जुलूस में मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिसके परिणामस्वरूप गाजीपुर और बलिया जैसे जिलों में जोरदार बारिश हुई है। वहीं, राज्य के 38 अन्य शहरों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और उनके लिए हीटवेव का अलर्ट घोषित किया गया है, जहाँ तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। इस बीच, मानसून महराजगंज के पास ही अटक गया है, जिससे पूरे प्रदेश में व्यापक राहत मिलने में देरी हो रही है।1
- बाराबंकी जिले के रानीगंज कस्बे में चोरों ने एक देशी शराब के ठेके को निशाना बनाया और वहाँ से लगभग 25,000 रुपये की चोरी को अंजाम दिया।1
- हरदोई में क्रेन की सहायता से बीम रखने के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया, जिसमें दो लोग घायल हो गए। इस घटना में वे 'बाल-बाल बचे', जिससे कोई बड़ी अनहोनी टल गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन तत्काल अलर्ट हो गया है।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने बाराबंकी के दो परिवारों की खुशियाँ छीन ली हैं। इस हादसे में बाराबंकी के दो युवकों, मोहम्मद अम्मार (24) और मो. शहजान (19), की मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही उनके घरों और मोहल्लों में गहरा मातम पसर गया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ले में हनफिया मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद अम्मार पुत्र मंसूर आलम की आग की चपेट में आने से मौत हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अम्मार लखनऊ में उसी इमारत में ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करता था, जहाँ कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। आग लगने के समय वह भवन के अंदर मौजूद था और गंभीर रूप से झुलस गया था। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन लखनऊ के लिए रवाना हुए, लेकिन बाद में अम्मार की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। उनके मित्र फैज अहमद खान ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही उनकी बात हुई थी। फैज के अनुसार, अम्मार तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था, और उसके पिता मंसूर आलम की कुरौली में वेल्डिंग की दुकान है। पड़ोसियों ने अम्मार को एक मेहनती और मिलनसार युवक बताया, जिनकी मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इसी अग्निकांड में तहसील फतेहपुर के मोहल्ला काजीपुर निवासी मो. शहजान पुत्र मो. इमरान की भी जान चली गई। आग लगने के बाद शहजान ने अपनी माँ नसरीन फातिमा को फोन कर बताया था कि बिल्डिंग में आग लग गई है और वह अंदर फंसा हुआ है। यह सूचना मिलते ही जानकीपुरम में रह रही उनकी माँ रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुँचीं, जहाँ उन्हें अपने बेटे का शव ही मिल सका। शहजान उस इमारत के दूसरे तल पर संचालित 'हेड हॉपर्स स्टूडियो' में बतौर प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहा था, जहाँ 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम आउटसोर्सिंग का काम होता है। उनके चचेरे भाई मो. फैसल ने बताया कि शहजान परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता पुत्र था। उसके पिता मो. इमरान दुबई में नौकरी करते हैं, और उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परवरिश के लिए परिवार को फतेहपुर से लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया था। दोनों युवकों की दुखद मौत से बाराबंकी के इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और उनके घरों व मोहल्लों में गहरा शोक व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना पर भावुक हो गए।1
- जनपद बाराबंकी की देवा रेंज के अंतर्गत घुघंटेर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत करुवा में एक घायल नीलगाय मिलने से ग्रामीणों में चिंता फैल गई। गांव के लोगों ने मानवीयता का परिचय देते हुए घायल वन्यजीव को सुरक्षित स्थान पर रखा और किसी भी प्रकार की क्षति से बचाने के लिए तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विभागीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घायल नीलगाय का निरीक्षण करने के बाद उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया और उपचार के लिए अपने साथ ले गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नीलगाय का आवश्यक उपचार कराया जाएगा और स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। ग्रामीणों की तत्परता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण घायल वन्यजीव की जान बचाई जा सकी, जिसकी क्षेत्रीय लोगों ने सराहना करते हुए वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बनाए रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।1