कवर्धा में निर्माणाधीन शासकीय मेडिकल कॉलेज को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी से काम की विस्तृत जानकारी ली और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। सांसद संतोष पांडेय ने इस मेडिकल कॉलेज को कवर्धा जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिसके लिए उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को जिलेवासियों को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात देने का श्रेय दिया। उनके अनुसार, मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिले में स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी, मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, सांसद पांडेय ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज का संचालन वैकल्पिक भवन में प्रस्तावित था, लेकिन नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने अधोसंरचना और अन्य जरूरी मानकों का हवाला देते हुए फिलहाल इसे मान्यता नहीं दी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, सांसद पांडेय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से हस्तक्षेप करने और मेडिकल कॉलेज को आवश्यक मान्यता दिलाने का आग्रह किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और मेडिकल कॉलेज का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कवर्धा में निर्माणाधीन शासकीय मेडिकल कॉलेज को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी से काम की विस्तृत जानकारी ली और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। सांसद संतोष पांडेय ने इस मेडिकल कॉलेज को कवर्धा जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिसके लिए उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को जिलेवासियों को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात देने का श्रेय दिया। उनके अनुसार, मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिले में स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी, मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, सांसद पांडेय ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज का संचालन वैकल्पिक भवन में प्रस्तावित था, लेकिन नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने अधोसंरचना और अन्य जरूरी मानकों का हवाला देते हुए फिलहाल इसे मान्यता नहीं दी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, सांसद पांडेय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से हस्तक्षेप करने और मेडिकल कॉलेज को आवश्यक मान्यता दिलाने का आग्रह किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और मेडिकल कॉलेज का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
- छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने अमर जवान की कोठी के संचालक के साथ एक खास मुलाकात की है।1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक मा. बालासाहेब (मधुकर दत्तात्रेय) देवरस और ज्येष्ठ प्रचारक मा. भाऊराव (मुरलीधर दत्तात्रेय) देवरस के पैतृक ग्राम कारंजा में नवनिर्मित स्मृति भवन का पूजन एवं प्रवेश कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शनिवार, 27 जून 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आरंभ सुबह 8 बजे वास्तु पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद सुबह 11 बजे भवन प्रवेश और मंच का औपचारिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे से भोजन प्रारंभ किया गया। यह स्मृति भवन संघ शताब्दी के पावन अवसर पर सभी के प्रयासों से निर्मित किया गया है। इस अवसर पर बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास कारंजा के समस्त न्यासी मण्डल, संघ के पदाधिकारी कार्यकर्ता और अन्य लोग प्रमुखता से मौजूद रहे।1
- हमारे गांव में एक प्रसिद्ध मौसमी फल, जिसे 'राय जान' कहा जाता है, उसकी इन दिनों विशेष मांग है। बच्चे और यहां तक कि पढ़ने-लिखने वाले छात्र भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं और खा रहे हैं। इस मौसमी फल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसी बात सामने आई है कि इसे हमारे देश का राष्ट्रीय फल कहा जाना चाहिए।1
- खरोरा में बलौदाबाजार बायपास रोड स्थित एम.आर.एम. मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने अपनी स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन शुरू किया है। इस भव्य आयोजन के पहले ही दिन अस्पताल परिसर में कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस धार्मिक उत्सव का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में सजी मातृशक्ति और अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ नगर भ्रमण किया। इसके उपरांत, व्यासपीठ से प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पं. लहरेश्वरानंद महाराज (सिमगा वाले) ने श्रीराम कथा का वाचन किया। प्रथम दिन उन्होंने श्रीराम अवतार और उनकी बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन ने सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल भी पेश की है। इसके तहत दो दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा क्षेत्रवासियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर परामर्श दिया जा रहा है। यह त्रिदिवसीय आयोजन 25 से 27 जून तक चलेगा, जिसमें श्रीराम-जानकी विवाह उत्सव, लंका विजय और रामराज्य के प्रसंगों का भी वाचन किया जाएगा। डॉ. नम्रता सिरमौर सहित समस्त अस्पताल प्रबंधन और सिरमौर परिवार इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान दे रहा है।3
- कवर्धा के भोरमदेव थाना क्षेत्र में स्थित सरोधा बांध में शनिवार को एक युवक के डूबने की सूचना मिली है। डूबे हुए युवक की पहचान कवर्धा के निषाद पारा निवासी शुभम मल्हा के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम सोनू मल्हा है। घटना की जानकारी मिलते ही भोरमदेव थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक डूबे हुए युवक का कोई पता नहीं चल सका था। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इसके साथ ही, प्रशासन ने लोगों से बांधों और अन्य जलाशयों के आसपास सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट में 100 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले को लेकर गहन जांच की मांग उठाई गई है। इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुजारे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे प्रकरण की जांच कराने और उच्च न्यायालय की निगरानी में यह जांच संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस बड़े रैकेट में उद्योगपतियों, नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत है।1
- मुस्लिम समाज ने पैगंबर साहब पर कथित टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए भरवेली थाने में अपनी नाराजगी व्यक्त की है। समाज ने इस मामले में नाजिया खान की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की मांग की है।1
- बालाघाट जिले में धान की खेती में आधुनिक और जल संरक्षण आधारित तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए 26 जून को एक पहल की गई। बालाघाट विकासखंड के ग्राम चीचगांव में जनपद सदस्य, एकता संघ जिला बालाघाट के अध्यक्ष और किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष महेश शरणागत के कृषि खेत में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) यानी बोवार पद्धति से सुपर सीडर मशीन के माध्यम से धान की बुवाई की गई। इस अवसर पर, किसान नेता महेश शरणागत ने ज़िले के किसानों से डीएसआर पद्धति अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि पहले अधिकांश किसान छिड़काव या बोवार पद्धति से ही धान की खेती करते थे, जिससे खेतों की मेड़ों में रुका पानी धीरे-धीरे ज़मीन में रिसकर भूजल स्तर को बनाए रखता था। इससे गांवों के कुओं और बोरवेल में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहता था, साथ ही खेतों की मिट्टी भी भुरभुरी एवं उपजाऊ बनी रहती थी। हालांकि, उनके अनुसार, रोपा पद्धति के बढ़ते प्रचलन के कारण अब खेतों में अत्यधिक कीचड़ किया जाता है, जिससे मेड़ों का पानी ज़मीन में समाहित होने के बजाय सीधे नदी-नालों में बह जाता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और खेतों की मिट्टी कठोर होती जा रही है, जिसके कारण उड़द, अलसी, पोपट और चना जैसी उतेरा एवं दलहनी फसलों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। श्री शरणागत ने किसानों से डीएसआर (बोवार) पद्धति अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यह तकनीक खेती की लागत कम करती है, पानी की बचत करती है, मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाए रखती है और खरीफ के बाद रबी एवं उतेरा फसलों का बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह पद्धति किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी क्रम में, ग्राम मगरदर्रा में भी किसानों के खेतों में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कराई गई। इस दौरान कृषक अशोक उइके, बस्तीराम उइके, रामन चौधरी, राजेश राहंगडाले, छमन बाई ऐड़े सहित अन्य किसानों ने भी इस तकनीक को अपनाते हुए अपने खेतों में धान की बुवाई की। बालाघाट के ग्राम गोंगलई में भी डीएसआर (बोवार) पद्धति से धान की बुवाई को बढ़ावा मिला है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डीएसआर तकनीक जल संरक्षण, कम लागत, श्रम की बचत और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक प्रभावी विकल्प है। ज़िले में इस तकनीक के प्रति किसानों का बढ़ता रुझान भविष्य में कृषि को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।4
- बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत कटगी के सरपंच और बीडीसी सदस्य के खिलाफ एक युवती द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों की पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने इस मामले को कथित तौर पर सेक्स एक्सटॉर्शन और भयादोहन (ब्लैकमेल) से जुड़ा पाया है। युवती ने सरपंच और बीडीसी सदस्य के खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर जांच शुरू हुई। जांच के दौरान, पुलिस को ऐसे तथ्य मिले जिनसे यह पूरा मामला एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा लगा। कसडोल के उप पुलिस अधीक्षक वासनिक ने पुष्टि की कि कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और विवेचना जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, और आने वाले समय में कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि युवती ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित रूप से इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने का प्रयास किया था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच जारी है, और अंतिम स्थिति जांच पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1