*किसानों के हक़ की लड़ाई में अकेले खड़े रहे विधायक उमेश कुमार जी — किसान मजदूर महासंग्राम संगठन ने की सराहना!* किसानों की आवाज़ उठाना ही जनप्रतिनिधि की असली जिम्मेदारी है! देहरादून, उत्तराखंड। खानपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक श्री उमेश कुमार जी द्वारा किसानों एवं जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के घटनाक्रम पर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन उनकी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और सदन में किसानों की समस्याओं को उठाने के प्रयासों की सराहना करता है। श्री उमेश कुमार जी ने किसानों की समस्याओं, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों तथा किसानों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ जैसे गंभीर विषयों को विधानसभा में उठाया। उन्होंने विपक्ष से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर भी अपनी निराशा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। *जब किसानों के मुद्दों पर साथ की जरूरत थी, तब समर्थन क्यों नहीं मिला?* किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का मानना है कि किसानों के सवाल किसी एक पार्टी, दल या व्यक्ति के नहीं होते। किसान का बकाया भुगतान, फसल का उचित मूल्य, आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा और बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याएं जनहित के मुद्दे हैं। किसानों के हितों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना चाहिए। *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का स्पष्ट संदेश* हम किसानों के हक़, सम्मान और न्याय के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि के प्रयासों की सराहना करते हैं। किसान को केवल आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए। किसान को केवल भाषण नहीं, उसका हक़ चाहिए। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों, मजदूरों के सम्मान और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए है। *जय जवान! जय किसान!* *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन जिंदाबाद!* मोबीन अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मजदूर महासंग्राम संगठन *किसानों के हक़ की लड़ाई में अकेले खड़े रहे विधायक उमेश कुमार जी — किसान मजदूर महासंग्राम संगठन ने की सराहना!* किसानों की आवाज़ उठाना ही जनप्रतिनिधि की असली जिम्मेदारी है! देहरादून, उत्तराखंड। खानपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक श्री उमेश कुमार जी द्वारा किसानों एवं जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के घटनाक्रम पर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन उनकी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और सदन में किसानों की समस्याओं को उठाने के प्रयासों की सराहना करता है। श्री उमेश कुमार जी ने किसानों की समस्याओं, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों तथा किसानों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ जैसे गंभीर विषयों को विधानसभा में उठाया। उन्होंने विपक्ष से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर भी अपनी निराशा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। *जब किसानों के मुद्दों पर साथ की जरूरत थी, तब समर्थन क्यों नहीं मिला?* किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का मानना है कि किसानों के सवाल किसी एक पार्टी, दल या व्यक्ति के नहीं होते। किसान का बकाया भुगतान, फसल का उचित मूल्य, आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा और बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याएं जनहित के मुद्दे हैं। किसानों के हितों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना चाहिए। *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का स्पष्ट संदेश* हम किसानों के हक़, सम्मान और न्याय के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि के प्रयासों की सराहना करते हैं। किसान को केवल आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए। किसान को केवल भाषण नहीं, उसका हक़ चाहिए। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों, मजदूरों के सम्मान और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए है। *जय जवान! जय किसान!* *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन जिंदाबाद!* मोबीन अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मजदूर महासंग्राम संगठन
*किसानों के हक़ की लड़ाई में अकेले खड़े रहे विधायक उमेश कुमार जी — किसान मजदूर महासंग्राम संगठन ने की सराहना!* किसानों की आवाज़ उठाना ही जनप्रतिनिधि की असली जिम्मेदारी है! देहरादून, उत्तराखंड। खानपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक श्री उमेश कुमार जी द्वारा किसानों एवं जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के घटनाक्रम पर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन उनकी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और सदन में किसानों की समस्याओं को उठाने के प्रयासों की सराहना करता है। श्री उमेश कुमार जी ने किसानों की समस्याओं, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों तथा किसानों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ जैसे गंभीर विषयों को विधानसभा में उठाया। उन्होंने विपक्ष से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर भी अपनी निराशा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। *जब किसानों के मुद्दों पर साथ की जरूरत थी, तब समर्थन क्यों नहीं मिला?* किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का मानना है कि किसानों के सवाल किसी एक पार्टी, दल या व्यक्ति के नहीं होते। किसान का बकाया भुगतान, फसल का उचित मूल्य, आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा और बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याएं जनहित के मुद्दे हैं। किसानों के हितों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना चाहिए। *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का स्पष्ट संदेश* हम किसानों के हक़, सम्मान और न्याय के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि के प्रयासों की सराहना करते हैं। किसान को केवल आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए। किसान को केवल भाषण नहीं, उसका हक़ चाहिए। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों, मजदूरों के सम्मान और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए है। *जय जवान! जय किसान!* *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन जिंदाबाद!* मोबीन अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मजदूर महासंग्राम संगठन *किसानों के हक़ की लड़ाई में अकेले खड़े रहे विधायक उमेश कुमार जी — किसान मजदूर महासंग्राम संगठन ने की सराहना!* किसानों की आवाज़ उठाना ही जनप्रतिनिधि की असली जिम्मेदारी है! देहरादून, उत्तराखंड। खानपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक श्री उमेश कुमार जी द्वारा किसानों एवं जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के घटनाक्रम पर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन उनकी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और सदन में किसानों की समस्याओं को उठाने के प्रयासों की सराहना करता है। श्री उमेश कुमार जी ने किसानों की समस्याओं, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों तथा किसानों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ जैसे गंभीर विषयों को विधानसभा में उठाया। उन्होंने विपक्ष से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर भी अपनी निराशा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। *जब किसानों के मुद्दों पर साथ की जरूरत थी, तब समर्थन क्यों नहीं मिला?* किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का मानना है कि किसानों के सवाल किसी एक पार्टी, दल या व्यक्ति के नहीं होते। किसान का बकाया भुगतान, फसल का उचित मूल्य, आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा और बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याएं जनहित के मुद्दे हैं। किसानों के हितों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना चाहिए। *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का स्पष्ट संदेश* हम किसानों के हक़, सम्मान और न्याय के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि के प्रयासों की सराहना करते हैं। किसान को केवल आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए। किसान को केवल भाषण नहीं, उसका हक़ चाहिए। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों, मजदूरों के सम्मान और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए है। *जय जवान! जय किसान!* *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन जिंदाबाद!* मोबीन अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मजदूर महासंग्राम संगठन
- दून में एलिवेटेड रोड के नए रूट से तीन सौ पचास परिवारों के घरों पर संकट, लोग सड़क पर दून में एलिवेटेड रोड के नए रूट से तीन सौ पचास परिवारों के घरों पर संकट, लोग सड़क पर आशारोड़ी-मोहकमपुर एलिवेटेड रोड: एलाइनमेंट बदलने से भड़के लोग, घर बचाने को कर रहे आंदोलन,1
- *किसानों के हक़ की लड़ाई में अकेले खड़े रहे विधायक उमेश कुमार जी — किसान मजदूर महासंग्राम संगठन ने की सराहना!* किसानों की आवाज़ उठाना ही जनप्रतिनिधि की असली जिम्मेदारी है! देहरादून, उत्तराखंड। खानपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक श्री उमेश कुमार जी द्वारा किसानों एवं जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के घटनाक्रम पर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन उनकी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और सदन में किसानों की समस्याओं को उठाने के प्रयासों की सराहना करता है। श्री उमेश कुमार जी ने किसानों की समस्याओं, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों तथा किसानों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ जैसे गंभीर विषयों को विधानसभा में उठाया। उन्होंने विपक्ष से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर भी अपनी निराशा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। *जब किसानों के मुद्दों पर साथ की जरूरत थी, तब समर्थन क्यों नहीं मिला?* किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का मानना है कि किसानों के सवाल किसी एक पार्टी, दल या व्यक्ति के नहीं होते। किसान का बकाया भुगतान, फसल का उचित मूल्य, आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा और बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याएं जनहित के मुद्दे हैं। किसानों के हितों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना चाहिए। *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का स्पष्ट संदेश* हम किसानों के हक़, सम्मान और न्याय के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि के प्रयासों की सराहना करते हैं। किसान को केवल आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए। किसान को केवल भाषण नहीं, उसका हक़ चाहिए। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों, मजदूरों के सम्मान और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए है। *जय जवान! जय किसान!* *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन जिंदाबाद!* मोबीन अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मजदूर महासंग्राम संगठन *किसानों के हक़ की लड़ाई में अकेले खड़े रहे विधायक उमेश कुमार जी — किसान मजदूर महासंग्राम संगठन ने की सराहना!* किसानों की आवाज़ उठाना ही जनप्रतिनिधि की असली जिम्मेदारी है! देहरादून, उत्तराखंड। खानपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक श्री उमेश कुमार जी द्वारा किसानों एवं जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के घटनाक्रम पर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन उनकी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और सदन में किसानों की समस्याओं को उठाने के प्रयासों की सराहना करता है। श्री उमेश कुमार जी ने किसानों की समस्याओं, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों तथा किसानों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ जैसे गंभीर विषयों को विधानसभा में उठाया। उन्होंने विपक्ष से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर भी अपनी निराशा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। *जब किसानों के मुद्दों पर साथ की जरूरत थी, तब समर्थन क्यों नहीं मिला?* किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का मानना है कि किसानों के सवाल किसी एक पार्टी, दल या व्यक्ति के नहीं होते। किसान का बकाया भुगतान, फसल का उचित मूल्य, आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा और बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याएं जनहित के मुद्दे हैं। किसानों के हितों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होना चाहिए। *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन का स्पष्ट संदेश* हम किसानों के हक़, सम्मान और न्याय के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि के प्रयासों की सराहना करते हैं। किसान को केवल आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए। किसान को केवल भाषण नहीं, उसका हक़ चाहिए। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों, मजदूरों के सम्मान और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए है। *जय जवान! जय किसान!* *किसान मजदूर महासंग्राम संगठन जिंदाबाद!* मोबीन अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मजदूर महासंग्राम संगठन1
- "कुर्सी" की पेटी बांध लीजिए, दिल्ली का मौसम बदलने वाला है। 1 नवंबर को मिलते हैं!1
- **सर्प मित्र भारत भूषण पेले के इशारों पर चलता दिखा खतरनाक नाग!** 🐍 **The Aman Times | डोईवाला** **सर्प मित्र भारत भूषण पेले के इशारों पर चलता दिखा खतरनाक नाग!** डोईवाला के राजीव नगर निवासी सर्प मित्र भारत भूषण पेले अपनी जान जोखिम में डालकर लगातार खतरनाक सांपों का रेस्क्यू कर लोगों को भय से निजात दिला रहे हैं। पेले के रेस्क्यू करने के अनोखे अंदाज को देखकर ऐसा लगता है मानो सांप भी उनके इशारों को समझने लगे हैं। ताजा वीडियो में एक नाग उनके इशारों को समझकर धीरे-धीरे जंगल की ओर जाता दिखाई दे रहा है। **देखिए रोमांचक वीडियो, कैसे पेले के इशारे पर जंगल की ओर चला गया नाग!** सर्प मित्र की अपील है कि सांप दिखाई देने पर खुद जोखिम न उठाएं, बल्कि विशेषज्ञ की मदद लें।1
- *विशेष दिव्यांग शिविरों में 150 दिव्यांगजनों को जारी किए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र* *दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भी किया गया चिह्नीकरण, यूडीआईडी कार्ड हेतु पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी* *देहरादून, 30 अक्टूबर 2026 (सू.वि.)* जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान की पहल पर दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा उन्हें आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जनपद में आयोजित विशेष दिव्यांग शिविरों में 150 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही, पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए उनका चिह्नीकरण तथा यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिडियाल ने बताया कि अक्टूबर में देहरादून के विकासखंडों एवं क्षेत्रों में चार विशेष दिव्यांग शिविर आयोजित किए गए। इनमें 21 अक्टूबर को विकासखंड रायपुर के अंतर्गत गांधी शताब्दी अस्पताल में आयोजित शिविर में 31 व 22 अक्टूबर को विकासखंड डोईवाला परिसर में 39 तथा 23 अक्टूबर को राजकीय इंटर कॉलेज मेहूंवाला परिसर (शिमला बाईपास) में 26 और 26 अक्टूबर को रियांश रिजॉर्ट, शिमला बाईपास रोड, समीप सींगनिवाला, शेरपुर में आयोजित शिविर में 54 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि शिविरों का आयोजन स्वास्थ्य विभाग एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से किया गया। शिविरों में दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दिव्यांगता की जांच की गई तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री दिव्यांग सहायता केंद्र के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत पात्र दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिह्नित किया गया। दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदकों द्वारा यूडीआईडी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है। इसके आधार पर संबंधित चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगता की जांच की जाती है तथा चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। जिलाधिकारी के दिशा निर्देशन में विशेष शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण, प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।4
- विशेष दिव्यांग शिविरों में 150 दिव्यांगजनों को जारी किए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भी किया गया चिह्नीकरण, यूडीआईडी कार्ड हेतु पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी।1
- केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी, बर्फ की सफेद चादर के बीच श्रद्धालुओं ने लगाए ‘जय केदार’ के जयकारे केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में ढक गया। धाम में बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने बाबा केदार के जयकारे लगाकर अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट की। बर्फ से ढके केदारनाथ धाम का मनमोहक नजारा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।1
- 1 नवंबर, रामलीला मैदान "वोट बचाओ, देश बचाओ जनमार्च और महारैली" बेफिक्र आइए, बिना किसी हिचक आइए - न पुलिस से डरना है, न लाठियों से - हमारे साथ हमारी एकता और सच्चाई है।1