अमृतपुर में अनाथ हुए तीन बच्चों की मदद को आगे आए समाजसेवी डॉ. जितेंद्र सिंह यादव शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेने का किया ऐलान, होली पर बढ़ाया सहारा का हाथ अमृतपुर। होली के पावन अवसर पर कस्बा अमृतपुर में एक मार्मिक घटना के बीच समाजवादी पार्टी विधानसभा अमृतपुर के पूर्व प्रत्याशी डॉ जितेंद्र सिंह यादव ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अनाथ हुए तीन भाई-बहनों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर बच्चों का हाल-चाल जाना और तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई। उन्होंने तीनों नाबालिग बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएंगे और हर संभव मदद के लिए 24 घंटे तत्पर रहेंगे। बड़े भाई के नाते उन्होंने न केवल तीनों बच्चों बल्कि उनकी बड़ी शादीशुदा बहन की शिक्षा में भी सहयोग देने की बात कही। गौरतलब है कि लगभग तीन वर्ष पूर्व कस्बा अमृतपुर निवासी अखिलेश दर्जी की एक सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी कुसुमलता ही बच्चों का एकमात्र सहारा थीं। बीते शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान कुसुमलता का भी निधन हो गया। इस दोहरी त्रासदी से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और तीन छोटे बच्चे माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गए। परिवार में चार बच्चे हैं। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बड़ी बेटी दिव्यांशी का विवाह हजियापुर में कर दिया गया था। वर्तमान में घर पर हिमांशी (लगभग 15 वर्ष), शिवांगी (लगभग 17 वर्ष) और अर्चित (लगभग 12 वर्ष) रह गए हैं। माता-पिता के निधन के बाद तीनों बच्चों के सामने पालन-पोषण और शिक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे कठिन समय में डॉ. जितेंद्र सिंह यादव द्वारा आगे बढ़कर की गई सहायता से बच्चों और परिजनों को कुछ राहत अवश्य मिली है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवीय संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण बताया
अमृतपुर में अनाथ हुए तीन बच्चों की मदद को आगे आए समाजसेवी डॉ. जितेंद्र सिंह यादव शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेने का किया ऐलान, होली पर बढ़ाया सहारा का हाथ अमृतपुर। होली के पावन अवसर पर कस्बा अमृतपुर में एक मार्मिक घटना के बीच समाजवादी पार्टी विधानसभा अमृतपुर के पूर्व प्रत्याशी डॉ जितेंद्र सिंह यादव ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अनाथ हुए तीन भाई-बहनों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर बच्चों का हाल-चाल जाना और तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई। उन्होंने तीनों नाबालिग बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी वे स्वयं
उठाएंगे और हर संभव मदद के लिए 24 घंटे तत्पर रहेंगे। बड़े भाई के नाते उन्होंने न केवल तीनों बच्चों बल्कि उनकी बड़ी शादीशुदा बहन की शिक्षा में भी सहयोग देने की बात कही। गौरतलब है कि लगभग तीन वर्ष पूर्व कस्बा अमृतपुर निवासी अखिलेश दर्जी की एक सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी कुसुमलता ही बच्चों का एकमात्र सहारा थीं। बीते शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान कुसुमलता का भी निधन हो गया। इस दोहरी त्रासदी से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और तीन छोटे बच्चे माता-पिता दोनों के
साये से वंचित हो गए। परिवार में चार बच्चे हैं। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बड़ी बेटी दिव्यांशी का विवाह हजियापुर में कर दिया गया था। वर्तमान में घर पर हिमांशी (लगभग 15 वर्ष), शिवांगी (लगभग 17 वर्ष) और अर्चित (लगभग 12 वर्ष) रह गए हैं। माता-पिता के निधन के बाद तीनों बच्चों के सामने पालन-पोषण और शिक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे कठिन समय में डॉ. जितेंद्र सिंह यादव द्वारा आगे बढ़कर की गई सहायता से बच्चों और परिजनों को कुछ राहत अवश्य मिली है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवीय संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण बताया
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेने का किया ऐलान, होली पर बढ़ाया सहारा का हाथ अमृतपुर। होली के पावन अवसर पर कस्बा अमृतपुर में एक मार्मिक घटना के बीच समाजवादी पार्टी विधानसभा अमृतपुर के पूर्व प्रत्याशी डॉ जितेंद्र सिंह यादव ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अनाथ हुए तीन भाई-बहनों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर बच्चों का हाल-चाल जाना और तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई। उन्होंने तीनों नाबालिग बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएंगे और हर संभव मदद के लिए 24 घंटे तत्पर रहेंगे। बड़े भाई के नाते उन्होंने न केवल तीनों बच्चों बल्कि उनकी बड़ी शादीशुदा बहन की शिक्षा में भी सहयोग देने की बात कही। गौरतलब है कि लगभग तीन वर्ष पूर्व कस्बा अमृतपुर निवासी अखिलेश दर्जी की एक सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी कुसुमलता ही बच्चों का एकमात्र सहारा थीं। बीते शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान कुसुमलता का भी निधन हो गया। इस दोहरी त्रासदी से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और तीन छोटे बच्चे माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गए। परिवार में चार बच्चे हैं। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बड़ी बेटी दिव्यांशी का विवाह हजियापुर में कर दिया गया था। वर्तमान में घर पर हिमांशी (लगभग 15 वर्ष), शिवांगी (लगभग 17 वर्ष) और अर्चित (लगभग 12 वर्ष) रह गए हैं। माता-पिता के निधन के बाद तीनों बच्चों के सामने पालन-पोषण और शिक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे कठिन समय में डॉ. जितेंद्र सिंह यादव द्वारा आगे बढ़कर की गई सहायता से बच्चों और परिजनों को कुछ राहत अवश्य मिली है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवीय संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण बताया3
- खाना बनाते समय फटा सिलेंडर, घर का सामान राख भूमिहारी गांव में दोपहर 3 बजे हादसा, ग्रामीणों की सूझबूझ से टली बड़ी घटना फर्रुखाबाद। जनपद के फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भूमिहारी में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार 03 मार्च 2026 को करीब 3 बजे रमेश चंद पुत्र शिवराम के मकान में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर से आग लग गई। आग लगते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने रसोई समेत घर में रखे घरेलू सामान को अपनी चपेट में ले लिया। साथ ही बाहर से सिलाई के लिए आए कुछ कपड़े भी जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। हालांकि ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों की सूझबूझ और सामूहिक प्रयास से आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मौके पर हालात पूरी तरह सामान्य हैं और लाइन ऑर्डर की कोई समस्या नहीं है। स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है। रिपोर्ट सादर प्रेषित कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची4
- Post by Vijay PRATAP (parmar live tv news)1
- होली पर जगह-जगह हुई सजावट कहीं-कहीं जगह सोमवार को जलाई गई होली कहीं जलाई जाएगी सुबह 4:00 बजे फर्रुखाबाद में जगह-जगह मोहल्ले में रोडो पर होली की सजावट कराई गई लोगों ने शांतिपूर्ण होली मनाने के लिए प्रशासन द्वारा संदेश भी प्रसारित हो रहे हैं इसके लिए चुस्त व मुस्तैक है सभी लोगों का कहना है हम भी शांतिपूर्ण मनाना चाहते हैं लेकिन शराबियों और दारूवाजों के चक्कर में विवाद की स्थितियां बनती हैं जिसके लिए प्रशासन सतर्क है घूम-घूम कर चारों तरफ निगरानी की जा रही है देखा जा रहा है की कोई भी अराजक तत्व किसी प्रकार की विवाद की स्थिति न बन सके शांतिपूर्ण होली का पर्व मनाया जाए1
- गाली-गलौज का विरोध करना पड़ा महंगा, ताऊ ने भतीजे को चाकू से गोदकर उतार दिया मौत के घाट उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गंगोली में पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। फोन पर अपनी मां को गाली-गलौज करने वाले ताऊ राजेश से कारण पूछने पहुंचे युवक वैभव कुमार पुत्र कमलेश दिवाकर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। युवक अपने पिता के साथ ताऊ के घर पहुंचा था, लेकिन बात बढ़ने पर आरोपी ताऊ ने गुस्से में आकर भतीजे के पेट में धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे मौके पर ही युवक की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा1
- देखी मेरी वीडियो है इसे कमेंट करो फॉलो करो अजय पांडे के1
- फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम भूमिहारी में मंगलवार को रसोई गैस सिलेंडर में आग लगने से एक मकान में अफरा-तफरी मच गई। घटना दिनांक 03 मार्च 2026 को लगभग अपराह्न 3:00 बजे की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भूमिहारी निवासी रमेश चंद पुत्र शिवराम के मकान में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर से आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने रसोई में रखे घरेलू सामान को अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा बाहर से सिलाई के लिए आए कुछ कपड़े भी जलकर नष्ट हो गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्रशासन के अनुसार क्षेत्र में स्थिति सामान्य है तथा कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। मामले की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है।1