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भक्ति के मार्ग से ही जीवन सफल होता है । रायपुर क्षेत्र के कुटकी परासली चौराहा पंचमुखी बालाजी हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा की तृतीय दिवस में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री नागेश्वर जी शर्मा धुलमहूं उज्जैन वाले ने कथा के माध्यम से भक्तों को बताया कि भागवत कथा जन्म और मृत्यु दोनों को सुधारती है कथा के माध्यम से गुरुदेव ने व्यास पीठ से बताया कि हम सब हिंदू को संगठित रहकर संघ में रहना है जात-पात के मतभेद में बंट करके हम अपने हिंदू धर्म को पतन की ओर न ले जाए हम सब हिंदू हिंदू भाई-भाई एक होकर के ऐसे धार्मिक आयोजन का आनंद लें और गुरुदेव ने कहा हम सब अलग-अलग जाति-पाति में नहीं बंटे एक जाति और वह है हिंदू जाति कथा के माध्यम से गुरुदेव ने बताया कि ध्रुव जी की बचपन की भक्ति थी इसलिए भगवान और भक्ति के मार्ग में कभी आदमी को उम्र का ख्याल नहीं रखना चाहिए जो भक्ति बचपन में होती है ऐसी भक्ति जवानी में नहीं और जो भक्ति जवानी में हो ऐसी भक्ति ऐसी बुढ़ापे में नहीं होती लोग अक्सर यूं कहते हैं कि भगवान का कार्य बुढ़ापे में देखेंगे अभी तो उनको यह भी समझना चाहिए कि बुढ़ापे में हमारी क्या ताकत जो हम भगवान को देखें बुढ़ापे में तो भगवान हमको देखेगा इसलिए अपना जीवन सुधारने के लिए मानव जीवन को कृतार्थ करने के लिए हर एक जीव को हरी का भजन करना चाहिए और आसपास के समस्त ग्रामीण जन भक्तों ने इस कथा का भरपूर आनंद लिया। यह कथा लगातार 28 जनवरी तक चलेगी जिसमें गुरुदेव ने अधिक से अधिक भक्तों को कथा में आने के लिए आग्रह किया।

12 hrs ago
user_Mukesh Mehar
Mukesh Mehar
Journalist Raipur, Jhalawar•
12 hrs ago
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भक्ति के मार्ग से ही जीवन सफल होता है । रायपुर क्षेत्र के कुटकी परासली चौराहा पंचमुखी बालाजी हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा की तृतीय दिवस में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री नागेश्वर जी शर्मा धुलमहूं उज्जैन वाले ने कथा के माध्यम से भक्तों को बताया कि भागवत कथा जन्म और मृत्यु दोनों को सुधारती है कथा के माध्यम से गुरुदेव ने व्यास पीठ से बताया कि हम सब हिंदू को संगठित रहकर संघ में रहना है जात-पात के मतभेद में बंट करके हम अपने हिंदू धर्म को पतन की ओर न

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ले जाए हम सब हिंदू हिंदू भाई-भाई एक होकर के ऐसे धार्मिक आयोजन का आनंद लें और गुरुदेव ने कहा हम सब अलग-अलग जाति-पाति में नहीं बंटे एक जाति और वह है हिंदू जाति कथा के माध्यम से गुरुदेव ने बताया कि ध्रुव जी की बचपन की भक्ति थी इसलिए भगवान और भक्ति के मार्ग में कभी आदमी को उम्र का ख्याल नहीं रखना चाहिए जो भक्ति बचपन में होती है ऐसी भक्ति जवानी में नहीं और जो भक्ति जवानी में हो ऐसी भक्ति ऐसी बुढ़ापे में नहीं होती लोग

अक्सर यूं कहते हैं कि भगवान का कार्य बुढ़ापे में देखेंगे अभी तो उनको यह भी समझना चाहिए कि बुढ़ापे में हमारी क्या ताकत जो हम भगवान को देखें बुढ़ापे में तो भगवान हमको देखेगा इसलिए अपना जीवन सुधारने के लिए मानव जीवन को कृतार्थ करने के लिए हर एक जीव को हरी का भजन करना चाहिए और आसपास के समस्त ग्रामीण जन भक्तों ने इस कथा का भरपूर आनंद लिया। यह कथा लगातार 28 जनवरी तक चलेगी जिसमें गुरुदेव ने अधिक से अधिक भक्तों को कथा में आने के लिए आग्रह किया।

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  • भक्ति के मार्ग से ही जीवन सफल होता है । रायपुर क्षेत्र के कुटकी परासली चौराहा पंचमुखी बालाजी हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा की तृतीय दिवस में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री नागेश्वर जी शर्मा धुलमहूं उज्जैन वाले ने कथा के माध्यम से भक्तों को बताया कि भागवत कथा जन्म और मृत्यु दोनों को सुधारती है कथा के माध्यम से गुरुदेव ने व्यास पीठ से बताया कि हम सब हिंदू को संगठित रहकर संघ में रहना है जात-पात के मतभेद में बंट करके हम अपने हिंदू धर्म को पतन की ओर न ले जाए हम सब हिंदू हिंदू भाई-भाई एक होकर के ऐसे धार्मिक आयोजन का आनंद लें और गुरुदेव ने कहा हम सब अलग-अलग जाति-पाति में नहीं बंटे एक जाति और वह है हिंदू जाति कथा के माध्यम से गुरुदेव ने बताया कि ध्रुव जी की बचपन की भक्ति थी इसलिए भगवान और भक्ति के मार्ग में कभी आदमी को उम्र का ख्याल नहीं रखना चाहिए जो भक्ति बचपन में होती है ऐसी भक्ति जवानी में नहीं और जो भक्ति जवानी में हो ऐसी भक्ति ऐसी बुढ़ापे में नहीं होती लोग अक्सर यूं कहते हैं कि भगवान का कार्य बुढ़ापे में देखेंगे अभी तो उनको यह भी समझना चाहिए कि बुढ़ापे में हमारी क्या ताकत जो हम भगवान को देखें बुढ़ापे में तो भगवान हमको देखेगा इसलिए अपना जीवन सुधारने के लिए मानव जीवन को कृतार्थ करने के लिए हर एक जीव को हरी का भजन करना चाहिए और आसपास के समस्त ग्रामीण जन भक्तों ने इस कथा का भरपूर आनंद लिया। यह कथा लगातार 28 जनवरी तक चलेगी जिसमें गुरुदेव ने अधिक से अधिक भक्तों को कथा में आने के लिए आग्रह किया।
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    भक्ति के मार्ग से ही जीवन सफल होता है ।
रायपुर क्षेत्र के कुटकी परासली चौराहा पंचमुखी बालाजी हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा की तृतीय दिवस में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री नागेश्वर जी शर्मा धुलमहूं उज्जैन वाले ने कथा के माध्यम से भक्तों को बताया कि  भागवत कथा जन्म और मृत्यु दोनों को सुधारती है कथा के माध्यम से गुरुदेव ने व्यास पीठ से बताया कि हम सब हिंदू को संगठित रहकर संघ में रहना है जात-पात के मतभेद में बंट करके हम अपने हिंदू धर्म को पतन की ओर न ले जाए हम सब हिंदू हिंदू भाई-भाई एक होकर के ऐसे धार्मिक आयोजन का आनंद लें और गुरुदेव ने कहा हम सब अलग-अलग जाति-पाति में नहीं बंटे एक जाति और वह है हिंदू  जाति  कथा के माध्यम से गुरुदेव ने बताया कि ध्रुव जी की बचपन की भक्ति थी इसलिए भगवान और भक्ति के मार्ग में कभी आदमी को उम्र का ख्याल नहीं रखना चाहिए जो भक्ति बचपन में होती है ऐसी भक्ति जवानी में नहीं और जो भक्ति जवानी में हो ऐसी भक्ति  ऐसी  बुढ़ापे में नहीं होती लोग अक्सर यूं कहते हैं कि भगवान का कार्य बुढ़ापे में देखेंगे अभी तो उनको यह भी समझना चाहिए कि बुढ़ापे में हमारी क्या ताकत जो हम भगवान को देखें बुढ़ापे में तो भगवान हमको देखेगा इसलिए अपना जीवन सुधारने के लिए मानव जीवन को कृतार्थ करने के लिए हर एक जीव को हरी का भजन करना चाहिए और आसपास के समस्त ग्रामीण जन भक्तों ने इस कथा का भरपूर आनंद लिया।
यह कथा लगातार 28 जनवरी तक चलेगी जिसमें गुरुदेव ने अधिक से अधिक भक्तों को कथा में आने के लिए आग्रह किया।
    user_Mukesh Mehar
    Mukesh Mehar
    Journalist Raipur, Jhalawar•
    12 hrs ago
  • आज खेजड़िया गांव में भगवान श्री देवनारायण जी की छट मनाई DJ के साथ भव्य जुलुस निकाला जिसमें पुरे ग्रामीण उपस्थित रहे
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    आज खेजड़िया गांव में भगवान श्री देवनारायण जी की छट मनाई DJ के साथ भव्य जुलुस निकाला जिसमें पुरे ग्रामीण उपस्थित रहे
    user_Gordhan Singh thakur
    Gordhan Singh thakur
    Pirawa, Jhalawar•
    13 hrs ago
  • mpl सीजन 2 क्रिकेट टूर्नामेंट फाइनल मैच मुकाबला खिलचीपुर जयहिंद टीम को हराकर लोकल भगोरी टीम ने जीत हासिल की। क्षेत्रीय विधायक हजारीलाल दांगी ने फाइनल विजेता को 42000 का चेक उप विजेता को 21000 की राशि भेंट की।
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    mpl सीजन 2 क्रिकेट टूर्नामेंट फाइनल मैच मुकाबला खिलचीपुर जयहिंद टीम को हराकर लोकल भगोरी टीम ने जीत हासिल की।
क्षेत्रीय विधायक हजारीलाल दांगी ने फाइनल विजेता को 42000 का चेक उप विजेता को 21000 की राशि भेंट की।
    user_BS Mandloi The News Today
    BS Mandloi The News Today
    Journalist जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सोयतथाना क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुरा में एक नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म का मामले में सोयतकला पुलिस ने खुलासा किया है। आज शनिवार की सुबह 11 बजे टीआई रामगोपाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया है। दरअसल कल्याणपुरा में नाबालिग 8 जनवरी की रात 1 बजे घर से शोच के लिए बाहर आई थी इस दौरान जबरन तीन युवक उसे कार में बेठाकर ले गये थे। पुलिस ने केस दर्ज कर गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को सुसनेर न्यायालय मे पेश किया जहां से सभी आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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    सोयतथाना क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुरा में एक नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म का मामले में सोयतकला पुलिस ने खुलासा किया है। आज शनिवार की सुबह 11 बजे टीआई रामगोपाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया है। दरअसल कल्याणपुरा में नाबालिग 8 जनवरी की रात 1 बजे घर से शोच के लिए बाहर आई थी इस दौरान जबरन तीन युवक उसे कार में बेठाकर ले गये थे। पुलिस ने केस दर्ज कर गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को सुसनेर न्यायालय मे पेश किया जहां से सभी आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
    user_राकेश बिकुन्दीया
    राकेश बिकुन्दीया
    पत्रकार सुसनेर, 10 वर्षो का अनुभव सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • गरोठ में कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान, मीनाक्षी नटराजन ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
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    गरोठ में कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान, मीनाक्षी नटराजन ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
    user_कैलाश विश्वकर्मा
    कैलाश विश्वकर्मा
    Journalist शामगढ़, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • हरनावदाशाहजी. हाड़ौती के खेतों में इन दिनों कुदरत का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। 'काले सोने' के नाम से मशहूर अफीम की फसल अब अपने पूरे यौवन पर आने लगी है। सर्दी की ओस और हल्की सुनहरी धूप के बीच अफीम के खेतों में खिल रहे सफेद मनमोहक फूल हर किसी का मन मोह रहे हैं। लेकिन इन फूलों की खूबसूरती के पीछे किसान की कड़ी मेहनत और रात-भर का पहरा भी छुपा है। श्वेत फूलों की चादर और खुशहाली की उम्मीद- अफीम की फसल पर आए फूल इस बात का संकेत हैं कि अब फसल परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। कुछ ही दिनों में इन फूलों की पंखुड़ियां गिर जाएंगी और हरे डोडे (फल) निकल आएंगे, जिनसे 'काला सोना' यानी अफीम का दूध निकाला जाएगा। काश्तकारों के लिए यह केवल एक फसल नहीं, बल्कि साल भर की वह उम्मीद है जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति तय होती है। परिंदा भी पर न मार सके, इसलिए 'चौकसी' सख्त- फसल के यौवन पर आते ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। इसकी सुरक्षा के लिए काश्तकारों ने खेतों पर डेरा डालकर दिन-रात का पहरा शुरू कर दिया है। क्योंकि नीलगाय, आवारा पशु और खास तौर पर 'तोतों' (जो डोडों को काटकर ले जाते हैं) से फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों पर ही झोपड़ियां बनाकर पडाव डाल दिए हैं। नेट का सुरक्षा कवच: कई प्रगतिशील किसानों ने पूरी फसल को ऊपर से जाली (नेट) से ढंक दिया है ताकि पक्षी फसल को नुकसान न पहुंचा सकें। कुछ इलाकों में तो किसान टॉर्च और लाठी लेकर रात-रात भर गश्त कर रहे हैं ताकि कीमती फसल सुरक्षित रहे। मौसम की मेहरबानी पर टिकी निगाहें- अफीम की खेती बेहद संवेदनशील होती है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का साफ रहना बहुत जरूरी है। यदि अचानक बादल छाते हैं या बेमौसम बारिश होती है, तो डोडे में दूध की मात्रा कम हो सकती है और घटिया (अफीम की क्वालिटी) पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, खिली हुई धूप को देखकर किसानों के चेहरे पर संतोष की लकीरें दिखाई दे रही हैं। विभाग की भी रहती है पैनी नजर नारकोटिक्स विभाग के कड़े नियमों के बीच हो रही इस खेती की एक-एक इंच जमीन और एक-एक ग्राम अफीम का हिसाब सरकार के पास होता है। यही कारण है कि किसान इसे अपनी संतान की तरह पालते हैं ताकि तौल के समय विभाग के मानकों पर उनकी फसल खरी उतरे और उनका लाइसेंस बरकरार रहे। "अफीम की खेती हमारे लिए किसी तपस्या से कम नहीं है। फूल आने के बाद से जब तक अफीम घर न आ जाए, हमें चैन की नींद नहीं आती।"
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    हरनावदाशाहजी. हाड़ौती के खेतों में इन दिनों कुदरत का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। 'काले सोने' के नाम से मशहूर अफीम की फसल अब अपने पूरे यौवन पर आने लगी है। सर्दी की ओस और हल्की सुनहरी धूप के बीच अफीम के खेतों में खिल रहे सफेद मनमोहक फूल हर किसी का मन मोह रहे हैं। लेकिन इन फूलों की खूबसूरती के पीछे किसान की कड़ी मेहनत और रात-भर का पहरा भी छुपा है।
श्वेत फूलों की चादर और खुशहाली की उम्मीद-
अफीम की फसल पर आए फूल इस बात का संकेत हैं कि अब फसल परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। कुछ ही दिनों में इन फूलों की पंखुड़ियां गिर जाएंगी और हरे डोडे (फल) निकल आएंगे, जिनसे 'काला सोना' यानी अफीम का दूध निकाला जाएगा। काश्तकारों के लिए यह केवल एक फसल नहीं, बल्कि साल भर की वह उम्मीद है जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति तय होती है।
परिंदा भी पर न मार सके, इसलिए 'चौकसी' सख्त-
फसल के यौवन पर आते ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। इसकी सुरक्षा के लिए काश्तकारों ने खेतों पर डेरा डालकर दिन-रात का पहरा शुरू कर दिया है।
क्योंकि नीलगाय, आवारा पशु और खास तौर पर 'तोतों' (जो डोडों को काटकर ले जाते हैं) से फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों पर ही झोपड़ियां बनाकर पडाव डाल दिए हैं।
नेट का सुरक्षा कवच: कई प्रगतिशील किसानों ने पूरी फसल को ऊपर से जाली (नेट) से ढंक दिया है ताकि पक्षी फसल को नुकसान न पहुंचा सकें।
कुछ इलाकों में तो किसान टॉर्च और लाठी लेकर रात-रात भर गश्त कर रहे हैं ताकि कीमती फसल सुरक्षित रहे।
मौसम की मेहरबानी पर टिकी निगाहें-
अफीम की खेती बेहद संवेदनशील होती है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का साफ रहना बहुत जरूरी है। यदि अचानक बादल छाते हैं या बेमौसम बारिश होती है, तो डोडे में दूध की मात्रा कम हो सकती है और घटिया (अफीम की क्वालिटी) पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, खिली हुई धूप को देखकर किसानों के चेहरे पर संतोष की लकीरें दिखाई दे रही हैं।
विभाग की भी रहती है पैनी नजर
नारकोटिक्स विभाग के कड़े नियमों के बीच हो रही इस खेती की एक-एक इंच जमीन और एक-एक ग्राम अफीम का हिसाब सरकार के पास होता है। यही कारण है कि किसान इसे अपनी संतान की तरह पालते हैं ताकि तौल के समय विभाग के मानकों पर उनकी फसल खरी उतरे और उनका लाइसेंस बरकरार रहे।
"अफीम की खेती हमारे लिए किसी तपस्या से कम नहीं है। फूल आने के बाद से जब तक अफीम घर न आ जाए, हमें चैन की नींद नहीं आती।"
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    Journalist छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • सूरज ठाकुर
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    सूरज ठाकुर
    user_Suresh Bhilala
    Suresh Bhilala
    आगर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by राकेश बिकुन्दीया
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    Post by राकेश बिकुन्दीया
    user_राकेश बिकुन्दीया
    राकेश बिकुन्दीया
    पत्रकार सुसनेर, 10 वर्षो का अनुभव सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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