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जलगोन में आपसी विवाद में मारपीट, घायल को डायल-112 से पहुंचाया अस्पताल जलगोन। क्षेत्र में पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार सिरसा मकाराम फलिया में हुए इस विवाद में एक व्यक्ति घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था, जिसके चलते यह घटना हुई। फिलहाल मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दे दी गई है और आगे की जांच की जा रही है।
Allrounder Rahul Gupta
जलगोन में आपसी विवाद में मारपीट, घायल को डायल-112 से पहुंचाया अस्पताल जलगोन। क्षेत्र में पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार सिरसा मकाराम फलिया में हुए इस विवाद में एक व्यक्ति घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था, जिसके चलते यह घटना हुई। फिलहाल मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दे दी गई है और आगे की जांच की जा रही है।
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- । अग्रवाल समाज महिला मंडल एवं बहु मंडल के संयुक्त तत्वावधान में सत्यनारायण मंदिर परिसर में दो दिवसीय नेल आर्ट कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में समाज की बेटियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नेल आर्ट की बारीकियां सीखी। कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में सपना गर्ग ने उपस्थित प्रतिभागियों को आधुनिक नेल आर्ट के विभिन्न डिज़ाइन, तकनीक एवं ट्रेंड्स की जानकारी दी। उन्होंने व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण देते हुए बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। महिला मंडल अध्यक्ष सपना गोयल ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य समाज की बेटियों को हुनरमंद बनाना एवं उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे । कार्यशाला के आयोजन से समाज की महिलाओं एवं बेटियों में विशेष उत्साह देखा गया तथा सभी ने इसे उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षण देने वाली सपना गर्ग का सम्मान कर उनका आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान समाज की पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें सचिव रितु गोयल, कोषाध्यक्ष रजनी तायल, संरक्षक किरण तायल, सुशीला सिंहल, निर्मला मंगल, संतोष चौमूवाला, कार्यकारिणी सदस्य ज्योत्सना दीवान, रानी मंगल, निर्मला मित्तल, उषा तायल, गीता सिंहल, कविता अग्रवाल, श्वेता मित्तल, सारिका एरन, संगीता मित्तल, मीना एरन, निशा एरन, कृति खलघाटवाले, टीना गर्ग, संगीता मंगल सहित बहु-बेटी प्रभारी सरोज मंगल, वर्षा मंगल एवं तृप्ति मित्तल प्रमुख रूप से मौजूद रही।1
- युवा नेता सुनील शिव सिंह राजपूत अमरपाटन1
- Post by निमाड़ का दबंग न्यूज3
- जिला मुख्यालय पर नवीन आपराधिक कानून अंतर्गत योजनाओं के क्रियान्वन हेतु कार्यशाला का आयोजन हुआ,जिसमे पुलिस अधिकारियों सहित पानसेमल,खेतिया,राजपुर एवं अन्य स्थानों से थाना प्रभारी,चौकी प्रभारियों ने सहभागिता की।1
- मांडू दौरे पर आए राज्यपाल, संतोष चौहान के द्वारा बनी हैंडलूम साड़ी देखकर हुए प्रभावित... *राज्यपाल ने कहा- मैं भी तुम्हारी उम्र में "पावर हैंडलूम का कार्य करता था..!* राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/ - धार जिले मे मांडू में राज्यपाल मंगू भाई पटेल दौरे पर पहुंचे मांडू की प्राचीन विरासतो का किया भ्रमण। वही धार जिले के मांडू में हाथकरघा विभाग के कौशल एवं तकनीकी विकास योजना अंतर्गत जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गिरीश वाघमारे के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाओं में स्वीकृत नवाचार कार्यक्रम के माध्यम से पर्यटन स्थल मांडव स्थित आदिवासी समूह को जिले के प्रसिद्ध हाथकरघा बुनकर संतोष सिंह चौहान द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। विवो 1 -महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल द्वारा मांडव हथकरघा बालीपुर हैंडलूम साड़ी निर्माण स्थान पर पहुंचे जहां कार्य देख रहे,संतोष चौहान ने राज्यपाल महोदय मंगू भाई पटेल को साड़ी बनाने की बारकी से जानकारी दी,राज्यपाल द्वारा संतोष से कहा कि मैं आपकी उम्र में भी पावर हैंडलूम का काम करता था आज मुझे खुशी हुई की हैंडलूम देखने का सौभाग्य हुआ। विवो 02 संतोष चौहान ने राज्यपाल महोदय मंगू भाई पटेल को साड़ी के बने के बारकी से जानकारी दी तो राज्यपाल महोदय नाम संतोष से कहा कि मैं आपकी उम्र में भी पावर हैंडलूम का काम करता था आज मुझे खुशी हुई की हैंडलूम देखने का सौभाग्य हुआ* विवो 03 धार जिले के छोटे से गांव बालीपुर बुजुर्ग का रहने वाला संतोष चौहान आज महेश्वर की कला आकृति सीख कर पहाड़ी क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं को महेश्वर साड़ी की कला आकृति सिखा कर रोजगार प्रदान कर पूरे क्षेत्र में गांव का नाम रोशन कर रहा है। विवो 3 मांडव क्लस्टर क्लब की अध्यक्षा श्रीमती नेहा जायसवाल द्वारा ब्लॉक प्रिंटिंग के शिल्पियों को कच्चा माल उपलब्धि हेतु क्लस्टर योजना में विकसित भवन में उमरबन के हथकरघा शिल्पियों की सहायता से हथकरघा प्रशिक्षण हेतु स्थान उपलब्ध कराया गया है । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय द्वारा प्रशिक्षण तथा उपकरण प्रदाय हेतु 90% की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है । मुख्य प्रशिक्षक जिला धार के सुप्रसिद्ध व प्रतिष्ठित हथकरघा मास्टर बुनकर श्री संतोष सिंह चौहान की देखरेख में दो सत्रों मेंशिल्पियों द्वारा बुनाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है । इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्र, विभागीय अधिकारी, स्थानीय भाजपा पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।4
- ram ram ram1
- Post by Dinesh Chandra Rathore1
- सेंधवा । बड़वानी जिले के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र सेंधवा में सैनिक स्कूल की स्थापना को लेकर मांग तेज हो गई है । अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने इस संबंध में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को पत्र लिखकर सेंधवा में नवीन सैनिक स्कूल स्थापित करने की मांग की है। आर्य ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा में जनजातीय क्षेत्रों का योगदान हमेशा से अतुलनीय रहा है। मध्यप्रदेश का बड़वानी जिला, विशेषकर सेंधवा विकासखंड, जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है, जहां के युवाओं में शारीरिक दक्षता, साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति गहरा जज्बा देखा जाता है। उन्होंने सेंधवा की भौगोलिक एवं सामरिक महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि यह क्षेत्र मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां का शांत वातावरण एवं अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां सैन्य प्रशिक्षण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। आर्य ने यह भी बताया कि क्षेत्र के अनेक जनजातीय युवा पहले से ही सेना और पुलिस बलों में सेवाएं दे रहे हैं। यदि सेंधवा में सैनिक स्कूल की स्थापना होती है तो स्थानीय प्रतिभाशाली बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही अनुशासित वातावरण और उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। उन्होंने अपने पत्र में सामाजिक एवं शैक्षणिक उत्थान पर भी जोर देते हुए कहा कि सैनिक स्कूल की स्थापना से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि यह पिछड़ा जनजातीय क्षेत्र राष्ट्रीय मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा। आर्य ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में सैनिक स्कूलों की संख्या सीमित है और निमाड़ अंचल के जनजातीय बाहुल्य बड़वानी जिले में ऐसा कोई संस्थान संचालित नहीं है। अंत में उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि सामरिक महत्व एवं सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए सेंधवा (जिला बड़वानी) में नवीन सैनिक स्कूल की स्वीकृति प्रदान करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। सैनिक स्कूल स्थापना के संबंध में आर्य ने नपा एल्डरमैन सुनील अग्रवाल व नपा पार्षद पति सचिन शर्मा को अवगत कराते हुए बताया कि सैनिक स्कूल की स्थापना होती है । सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने के प्रमुख फायदे एक अनुशासित, शारीरिक रूप से फिट और बौद्धिक रूप से सक्षम जीवनशैली का निर्माण करना है। ये स्कूल मुख्य रूप से नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के लिए छात्रों को तैयार करते हैं, जहाँ बेहतरीन शिक्षा, हॉस्टल सुविधा, सैन्य प्रशिक्षण, और खेल-कूद के साथ-साथ नेतृत्व कौशल का विकास होता है।1