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सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव की टीम ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। महमूदपुर गांव में छापेमारी के दौरान एक जेसीबी मशीन को सीज कर दिया गया, जिसे अवैध खनन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद अन्य वाहन चालक अपने वाहनों को लेकर फरार हो गए। नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव ने तत्परता दिखाते हुए जेसीबी को कब्जे में लिया और उसे सीज कर द्वारिकागंज चौकी परिसर में खड़ा कराया। जिलाधिकारी के निर्देशों पर यह अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों में नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव के सख्त तेवरों की काफी चर्चा है और ग्रामीणों ने उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे तेज-तर्रार अधिकारी ही जिले से अवैध कारोबार को खत्म कर सकते हैं। धर्मेंद्र यादव ने बताया कि जिलाधिकारी साहब के निर्देशों के आधार पर शिकायतों और सूचनाओं की लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमानुसार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

1 hr ago
user_Vimlesh kumar
Vimlesh kumar
Aadhar center लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव की टीम ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। महमूदपुर गांव में छापेमारी के दौरान एक जेसीबी मशीन को सीज कर दिया गया, जिसे अवैध खनन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद अन्य वाहन चालक अपने वाहनों को लेकर फरार हो गए। नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव ने तत्परता दिखाते हुए जेसीबी को कब्जे में लिया और उसे सीज कर द्वारिकागंज चौकी परिसर में खड़ा कराया। जिलाधिकारी के निर्देशों पर यह अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों में नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव के सख्त तेवरों की काफी चर्चा है और ग्रामीणों ने उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे तेज-तर्रार अधिकारी ही जिले से अवैध कारोबार को खत्म कर सकते हैं। धर्मेंद्र यादव ने बताया कि जिलाधिकारी साहब के निर्देशों के आधार पर शिकायतों और सूचनाओं की लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमानुसार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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  • हरदोई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने एक खुले मंच से कहा कि चुनाव विकास से नहीं, बल्कि तिकड़म से जीते जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगला चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सहित हर संभव तिकड़म का प्रयोग किया जाना चाहिए। हालांकि, इस बात की पुष्टि मूल पोस्ट करने वाले द्वारा नहीं की गई है, लेकिन वीडियो में विधायक का यह बयान साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
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    हरदोई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने एक खुले मंच से कहा कि चुनाव विकास से नहीं, बल्कि तिकड़म से जीते जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगला चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सहित हर संभव तिकड़म का प्रयोग किया जाना चाहिए।

हालांकि, इस बात की पुष्टि मूल पोस्ट करने वाले द्वारा नहीं की गई है, लेकिन वीडियो में विधायक का यह बयान साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर एक वायरल ट्रेनिंग वीडियो सामने आया है, जिसमें सभी लोग ऑर्केस्ट्रा का भरपूर आनंद लेते हुए मस्ती करते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो में लोग खुशी से झूमते हुए अपना समय बिताते दिख रहे हैं।
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    सोशल मीडिया पर एक वायरल ट्रेनिंग वीडियो सामने आया है, जिसमें सभी लोग ऑर्केस्ट्रा का भरपूर आनंद लेते हुए मस्ती करते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो में लोग खुशी से झूमते हुए अपना समय बिताते दिख रहे हैं।
    user_Rohit Rajbhar
    Rohit Rajbhar
    Artist कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • एक ओर जहाँ आधुनिकता के इस दौर में लोग लकड़ी, स्टील और प्लास्टिक से बने तैयार फर्नीचर को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं चारपाई बुनने की पारंपरिक कला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। ऐसे समय में भी कुछ बुजुर्ग कारीगर अपनी मेहनत और हुनर के दम पर इस पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। हाथ से रस्सियों को एक-एक कर मज़बूत तरीके से बुनना आसान काम नहीं है, इसमें वर्षों का अनुभव, धैर्य और अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है। आज की युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कार्य से दूर होती जा रही है, जिससे यह कला संकट में दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले गाँवों में लगभग हर घर में चारपाई होती थी और कारीगरों की अच्छी माँग रहती थी, लेकिन आधुनिक फर्नीचर के बढ़ते चलन ने इस व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके बावजूद, कुछ समर्पित कारीगर आज भी अपने पुश्तैनी हुनर को बचाने के लिए जुटे हुए हैं। चारपाई बुनने की यह कला केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की एक महत्वपूर्ण पहचान भी है, जिसे संरक्षित किया जाना बेहद आवश्यक है।
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    एक ओर जहाँ आधुनिकता के इस दौर में लोग लकड़ी, स्टील और प्लास्टिक से बने तैयार फर्नीचर को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं चारपाई बुनने की पारंपरिक कला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। ऐसे समय में भी कुछ बुजुर्ग कारीगर अपनी मेहनत और हुनर के दम पर इस पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। हाथ से रस्सियों को एक-एक कर मज़बूत तरीके से बुनना आसान काम नहीं है, इसमें वर्षों का अनुभव, धैर्य और अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है।

आज की युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कार्य से दूर होती जा रही है, जिससे यह कला संकट में दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले गाँवों में लगभग हर घर में चारपाई होती थी और कारीगरों की अच्छी माँग रहती थी, लेकिन आधुनिक फर्नीचर के बढ़ते चलन ने इस व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है।

इसके बावजूद, कुछ समर्पित कारीगर आज भी अपने पुश्तैनी हुनर को बचाने के लिए जुटे हुए हैं। चारपाई बुनने की यह कला केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की एक महत्वपूर्ण पहचान भी है, जिसे संरक्षित किया जाना बेहद आवश्यक है।
    user_दीपक गुप्ता रिपोर्टर
    दीपक गुप्ता रिपोर्टर
    जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सार्वजनिक तौर पर लोगों से एक व्यक्ति के बारे में सूचना देने का निवेदन किया गया है। आग्रह है कि यदि यह व्यक्ति कहीं पर भी दिखाई दे तो इसकी जानकारी अवश्य दें।
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    सार्वजनिक तौर पर लोगों से एक व्यक्ति के बारे में सूचना देने का निवेदन किया गया है। आग्रह है कि यदि यह व्यक्ति कहीं पर भी दिखाई दे तो इसकी जानकारी अवश्य दें।
    user_अपना प्रतापगढ़ 🙏🙏
    अपना प्रतापगढ़ 🙏🙏
    पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार में स्थित एक क्लीनिक में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई, जिसके उपरांत उन्हें रेफर कर दिया गया। इस दुःखद घटना के बाद, माँ और बच्चे दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस पूरे मामले में परिजनों ने क्या कुछ कहा है, इसकी विस्तृत खबर सी न्यूज भारत चैनल पर पत्रकार रोहित जायसवाल द्वारा देखी जा सकती है।
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    प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार में स्थित एक क्लीनिक में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई, जिसके उपरांत उन्हें रेफर कर दिया गया। इस दुःखद घटना के बाद, माँ और बच्चे दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस पूरे मामले में परिजनों ने क्या कुछ कहा है, इसकी विस्तृत खबर सी न्यूज भारत चैनल पर पत्रकार रोहित जायसवाल द्वारा देखी जा सकती है।
    user_Sheetla Prasad
    Sheetla Prasad
    Patti, Pratapgarh•
    13 hrs ago
  • थाना पट्टी क्षेत्र में सामने आए एक जमीन विवाद के प्रकरण में स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर क्षेत्राधिकारी पट्टी श्री मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने अपनी बाइट में जानकारी दी।
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    थाना पट्टी क्षेत्र में सामने आए एक जमीन विवाद के प्रकरण में स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर क्षेत्राधिकारी पट्टी श्री मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने अपनी बाइट में जानकारी दी।
    user_Dharmendra Mishra
    Dharmendra Mishra
    Electronic Store पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं! ​📌 मुख्य बातें: ​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है। ​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को? डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे ​अम्बेडकरनगर (कहरा सलेमपुर): कहते हैं आयुर्वेद में बीमारी ठीक होने में धैर्य रखना पड़ता है, लेकिन कहरा सलेमपुर आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीज बीमारी के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं! ​📌 मुख्य बातें: ​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है। ​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को?
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    डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के  के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं!

​📌 मुख्य बातें:

​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है।

​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।

​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को?


डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे
​अम्बेडकरनगर (कहरा सलेमपुर): कहते हैं आयुर्वेद में बीमारी ठीक होने में धैर्य रखना पड़ता है, लेकिन कहरा सलेमपुर आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीज बीमारी के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं!
​📌 मुख्य बातें:
​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है।
​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को?
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक बेहद खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़प रहे मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले सच उगले हैं। पूछताछ में आरोपी विराज ने बताया कि वह मासूम आरव को सीधे गोली से उड़ाने की साजिश रचकर बदायूं से फ़िरोज़ाबाद आया था। वह पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका इरादा बदल गया। कातिल विराज ने खुलासा किया कि दिन के उजाले में गोली चलने की आवाज से लोगों के इकट्ठा होने और पकड़े जाने का उसे गहरा डर था। इसी डर की वजह से उसने ऐन मौके पर गोली मारने का इरादा बदल दिया। इसके बाद, वह मासूम को एक सुनसान गली में ले गया, जहां कोई देखने वाला नहीं था। वहां उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर कई बार पटक-पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में मासूम शिकार डेढ़ साल का आरव था, जिसे बदायूं के रहने वाले विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मारा। पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल हुआ, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह एनकाउंटर के बाद पानी के लिए तड़पता दिखाई दे रहा था। इस हत्याकांड का पूरा सच अब सबके सामने आ चुका है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
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    उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक बेहद खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़प रहे मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले सच उगले हैं।

पूछताछ में आरोपी विराज ने बताया कि वह मासूम आरव को सीधे गोली से उड़ाने की साजिश रचकर बदायूं से फ़िरोज़ाबाद आया था। वह पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका इरादा बदल गया। कातिल विराज ने खुलासा किया कि दिन के उजाले में गोली चलने की आवाज से लोगों के इकट्ठा होने और पकड़े जाने का उसे गहरा डर था। इसी डर की वजह से उसने ऐन मौके पर गोली मारने का इरादा बदल दिया। इसके बाद, वह मासूम को एक सुनसान गली में ले गया, जहां कोई देखने वाला नहीं था। वहां उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर कई बार पटक-पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।

इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में मासूम शिकार डेढ़ साल का आरव था, जिसे बदायूं के रहने वाले विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मारा। पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल हुआ, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह एनकाउंटर के बाद पानी के लिए तड़पता दिखाई दे रहा था। इस हत्याकांड का पूरा सच अब सबके सामने आ चुका है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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