देवरीकला बबलिया में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ उपचुनाव उपचुनाव में दिखा भारी उत्साह, 985 मतदाताओं ने किया मतदान देवरीकला बबलिया में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ उपचुनाव उपचुनाव में दिखा भारी उत्साह, 985 मतदाताओं ने किया मतदान नारायणगंज विकासखंड के ग्राम देवरीकला बबलिया में 29 सितंबर मंगलवार सात बजे शुरू हुआ उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव को लेकर मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला, जिसके चलते सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर मतदान करने वालों की लंबी कतारें लग गईं। निर्धारित समय के अनुसार मतदान प्रक्रिया दोपहर 3.30 बजे तक चली और उसके बाद मतदान संपन्न घोषित कर दिया गया। बताया गया कि इस उपचुनाव की मतदाता सूची में कुल 1305 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनमें से 985 महिला और पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पोलिंग बूथ 88 में 249 महिलाओं और 240 पुरुषों ने मतदान किया। इसके साथ ही अन्य बूथों पर 262 पुरुषों और 234 महिलाओं ने चुनाव में हिस्सा लिया। पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था : पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अमला मुस्तैद रहा। चुनाव निर्वाचन अधिकारी हरि सिंह धुर्वे, नारायणगंज तहसीलदार और सहायक निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई गई। सुरक्षा व्यवस्था की कमान निवास थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने संभाली। उनके नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रही। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने में सचिव रामू सिंह वरकडे और सह-सचिव दिनेश यादव का सराहनीय योगदान रहा। प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। 000000000000000000000000000000
देवरीकला बबलिया में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ उपचुनाव उपचुनाव में दिखा भारी उत्साह, 985 मतदाताओं ने किया मतदान देवरीकला बबलिया में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ उपचुनाव उपचुनाव में दिखा भारी उत्साह, 985 मतदाताओं ने किया मतदान नारायणगंज विकासखंड के ग्राम देवरीकला बबलिया में 29 सितंबर मंगलवार सात बजे शुरू हुआ उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव को लेकर मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला, जिसके चलते सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर मतदान करने वालों की लंबी कतारें लग गईं। निर्धारित समय के अनुसार मतदान प्रक्रिया दोपहर 3.30 बजे तक चली और उसके बाद मतदान संपन्न घोषित कर दिया गया। बताया गया कि इस उपचुनाव की मतदाता सूची में कुल 1305 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनमें से 985 महिला और पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पोलिंग बूथ 88 में 249 महिलाओं और 240 पुरुषों ने मतदान किया। इसके साथ ही अन्य बूथों पर 262 पुरुषों और 234 महिलाओं ने चुनाव में हिस्सा लिया। पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था : पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अमला मुस्तैद रहा। चुनाव निर्वाचन अधिकारी हरि सिंह धुर्वे, नारायणगंज तहसीलदार और सहायक निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई गई। सुरक्षा व्यवस्था की कमान निवास थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने संभाली। उनके नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रही। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने में सचिव रामू सिंह वरकडे और सह-सचिव दिनेश यादव का सराहनीय योगदान रहा। प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। 000000000000000000000000000000
- मंडला - तीन पीढ़ियों से रह रहे मोहनटोला के ग्रामीणों ने मांगा पट्टा...स्वामित्व योजना के तहत जताई प्रशासन से पट्टे की उम्मीद,1
- 30 सालों से अंधेरे में भोंगाद्वार के 9 परिवार, प्रशासन से गुहार लगाकर थके ग्रामीण 30 सालों से अंधेरे में भोंगाद्वार के 9 परिवार, प्रशासन से गुहार लगाकर थके ग्रामीण चिराईडोंगरी पंचायत का भोंगाद्वार मोहल्ला बिजली से वंचित 29 सितंबर मंगलवार चार बजे चिरईडोंगरी के प्रमोद चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मंडला जिले के विकासखंड नारायणगंज की ग्राम पंचायत चिरईडोंगरी के वार्ड नंबर 8 के अंतर्गत आने वाले भोंगाद्वार मोहल्ले में आज भी 9 परिवारों के करीब 40 लोग बिना बिजली के जीवन गुजारने को विवश हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित इस बसाहट में ग्रामीण पिछले 30 वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक यहां विद्युतीकरण नहीं हो सका है। इस मोहल्ले में निवास करने वाले लखन विश्वकर्मा, रामा विश्वकर्मा, जय सिंह विश्वकर्मा, मनीष यादव, मोना यादव, कृष्णा बाई यादव, प्रकाश अहिरवार, सतेन्द्र अहिरवार और सेवक लाल कुशराम के परिवार लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को लेकर जनसुनवाई में आवेदन देने के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन 181, कलेक्टर, स्थानीय विधायक और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते तक से गुहार लगाई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। बताया गया कि बिजली न होने के कारण सबसे अधिक परेशानी रात के समय होती है। ग्रामीण अब मोबाइल की टॉर्च या बैटरी के सहारे रातें गुजारने को मजबूर हैं, क्योंकि पहले मिलने वाला मिट्टी का तेल भी अब उपलब्ध नहीं है। बारिश के मौसम में जहरीले कीड़े, जीव, जंतुओं का खतरा बना रहता है, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी पूरी तरह से बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अतिशीघ्र विद्युतीकरण की मांग की है।1
- ओरिएंटल एथनॉल कंपनी की घोर लापरवाही किसानों को फसल पूरी तरह नष्ट जनसुनवाई में किसानों ने उचित मुआवजा एवं कार्रवाई की मांग1
- 📰 जबलपुर में होटल के बाहर पति-पत्नी और वकील के बीच विवाद, मारपीट का आरोप जबलपुर। मदन महल स्थित टिमटिम होटल के बाहर उस समय हंगामा हो गया, जब एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को उसके वकील के साथ होटल में देख लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। होटल में पत्नी को वकील के साथ देखने का दावा जानकारी के मुताबिक, रईस अहमद का अपनी पत्नी के साथ करीब चार साल से कोर्ट में विवाद चल रहा है। रईस का आरोप है कि उसकी पत्नी और उसके वकील सलीम खान के बीच फोन पर बातचीत होती थी। इसी शक के चलते वह होटल पहुंचा, जहां उसने पत्नी को वकील के साथ देखा। इसके बाद होटल के बाहर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। रईस अहमद ने वहीं अपनी पत्नी को तीन तलाक देने का दावा किया। ⚖️ वकील ने आरोपों को बताया गलत वहीं, वकील सलीम खान ने रईस अहमद के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि महिला उनकी क्लाइंट है और वे होटल में उससे दूसरे कानूनी मामले को लेकर चर्चा करने पहुंचे थे। वकील के मुताबिक, रईस पिछले करीब दो साल से उन पर इस तरह के आरोप लगा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल के रिसेप्शन पर पहुंचते ही रईस ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। 👮♂️ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला होटल में विवाद और हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। रईस अहमद ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ⚠️ जरूरी बात इस मामले में पति और वकील—दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए किसी भी आरोप को जांच पूरी होने से पहले तथ्य या दोष साबित होने के रूप में नहीं माना जा सकता। 🎤 दीपक विश्वकर्मा की रिपोर्ट | जबलपुर 📰 सच तक पत्रिका न्यूज़ हर खबर तक, सच के साथ।1
- जबलपुर वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत, जबलपुर के गांव में पसरा मातम—परिजनों ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग जबलपुर के परसवाड़ा (जमतरा) गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर गांव पहुंची। बचपन से धार्मिक प्रवृत्ति के दीपक की अचानक मौत से परिवार और ग्रामीण स्तब्ध हैं।बताया जा रहा है की दीपक आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिरे और उनकी मौत हो गई। पुत्र की मौत की खबर सुनकर पिता चैतराम लोधी को सीने में दर्द की शिकायत हुई, हालांकि अब उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक दीपक बेहद शांत स्वभाव के थे और नियमित रूप से दिन में दो बार नर्मदा दर्शन के लिए जाते थे। दीपक ने स्कूल की पढ़ाई के बाद स्नातक की डिग्री हासिल की थी। करीब तीन साल पहले नर्मदा परिक्रमा के दौरान उनका संपर्क संत भैया जी सरकार से हुआ, जिसके बाद उनका झुकाव अध्यात्म की ओर और गहरा हो गया। करीब दो साल पहले राधा अष्टमी के अवसर पर वे सांसारिक जीवन छोड़कर वृंदावन चले गए और आश्रम में रहकर साधना एवं सेवा करने लगे, जहां उन्हें 'रसिक दुलारी' नाम मिला। लेकिन परिजनों का कहना है कि धार्मिक और शांत स्वभाव वाले दीपक की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के भाई और मां ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मां का कहना है कि दीपक किसी तरह का नशा या व्यसन नहीं करता था और उन्हें विश्वास नहीं होता कि वह खुद कोई आत्मघाती कदम उठा सकता है। इसी आधार पर परिवार ने मौत के पीछे किसी साजिश की आशंका जताई है। भाई ने आश्रम में हुई घटना की हर पहलू से जांच कराने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय CBI जांच की मांग की है। अब परिवार को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच से दीपक की मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा। जबलपुर से आवाज़ न्यूज 24×7के लिए दीपक विश्वकर्मा की ख़ास रिपोर्ट4
- Seoni News: NH-44 पर फिर रफ्तार का कहर, ट्रक की टक्कर से 5 लोग घायल1
- देवरीकला बबलिया में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ उपचुनाव उपचुनाव में दिखा भारी उत्साह, 985 मतदाताओं ने किया मतदान देवरीकला बबलिया में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ उपचुनाव उपचुनाव में दिखा भारी उत्साह, 985 मतदाताओं ने किया मतदान नारायणगंज विकासखंड के ग्राम देवरीकला बबलिया में 29 सितंबर मंगलवार सात बजे शुरू हुआ उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव को लेकर मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला, जिसके चलते सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर मतदान करने वालों की लंबी कतारें लग गईं। निर्धारित समय के अनुसार मतदान प्रक्रिया दोपहर 3.30 बजे तक चली और उसके बाद मतदान संपन्न घोषित कर दिया गया। बताया गया कि इस उपचुनाव की मतदाता सूची में कुल 1305 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनमें से 985 महिला और पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पोलिंग बूथ 88 में 249 महिलाओं और 240 पुरुषों ने मतदान किया। इसके साथ ही अन्य बूथों पर 262 पुरुषों और 234 महिलाओं ने चुनाव में हिस्सा लिया। पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था : पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अमला मुस्तैद रहा। चुनाव निर्वाचन अधिकारी हरि सिंह धुर्वे, नारायणगंज तहसीलदार और सहायक निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई गई। सुरक्षा व्यवस्था की कमान निवास थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने संभाली। उनके नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रही। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने में सचिव रामू सिंह वरकडे और सह-सचिव दिनेश यादव का सराहनीय योगदान रहा। प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। 0000000000000000000000000000001
- अज्ञात कारणों ने 45 वर्षीय अधेड़ ने मकान की छत पर लगाई फांसी* *हत्या या आत्महत्या जाँच में जुटी वारासिवनी पुलिस* वारासिवनी। वारासिवनी पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत वारा के शिवधाम मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र मानेश्वर ने अज्ञात कारणों से अपने मकान की छत के कालम की लोहे की रॉड पर गमछे से लटक कर आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि मृतक सुरेन्द्र वारासिवनी बस स्टैंड स्थित एक सैलून की दुकान में काम करता था। मृतक के पुत्र अनुज मानेश्वर ने बताया कि रोज की तरह पिता जी सोमवार की रात लगभग साढ़े 8 बजे दुकान से घर में आए, तो मम्मी ममता ने उन्हें खाना खाने को कहा। तो उन्होंने कहा कि थोड़ी देर बाद खाता हूँ। लेकिन कुछ देर बाद वे गमछा लेकर बाहर निकले और छत पर चले गए। मै जब सुबह ट्यूशन जाने 6 बजे उठा और छत पर गया तो पापा लटके हुए थे।जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालो के बयान दर्ज कर पंचनामा कार्यवाही कर शव को फांसी के फंदे से उतारा और शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी में लाकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।वहीं मृतक ने किस कारण से आत्महत्या की है। पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है।1