Shuru
Apke Nagar Ki App…
फिलीपींस में आए एक भयंकर भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस जबरदस्त भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है, जिसके बाद चीखते-चिल्लाते स्कूली बच्चों के वीडियो सामने आए हैं। भूकंप के बाद की तस्वीरें बेहद डरावनी बताई जा रही हैं, जो भयावह स्थिति को दर्शाती हैं।
अरुण कुमार दुबे ब्यूरो चीफ
फिलीपींस में आए एक भयंकर भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस जबरदस्त भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है, जिसके बाद चीखते-चिल्लाते स्कूली बच्चों के वीडियो सामने आए हैं। भूकंप के बाद की तस्वीरें बेहद डरावनी बताई जा रही हैं, जो भयावह स्थिति को दर्शाती हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जौनपुर जिले की केराकत तहसील के छितौना गांव में प्रशासन ने कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद भूमिधरी जमीन पर बनाए गए एक कथित अवैध खड़ंजे को बुलडोजर से हटा दिया। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की आदर्श नगर पंचायत पट्टी के वार्ड संख्या-07 स्थित बाईपास तिराहा पर कंपोजिट शराब की दुकान खोले जाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। दर्जनों नागरिकों ने उप जिलाधिकारी पट्टी को ज्ञापन सौंपकर दुकान को तत्काल हटाने की मांग की है। नागरिकों का आरोप है कि आबादी के बीच और प्राचीन हनुमान मंदिर के समीप शराब की दुकान संचालित होने से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और क्षेत्र का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब की दुकान से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। मंदिर के नजदीक शराब की बिक्री से श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसे लोग सामाजिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टियों से अनुचित बता रहे हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दुकान खुलने के बाद क्षेत्र में आने-जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है, जिससे भविष्य में कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस विरोध को दर्ज कराने के लिए नागरिकों ने एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। ज्ञापन पर ओमप्रकाश गुप्ता, शिव प्रसाद शुक्ला, मनोज प्रसाद गुप्ता, विजय कुमार सिंह और ओमप्रकाश वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिकों के हस्ताक्षर हैं। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। जनता अब यह सवाल उठा रही है कि क्या प्रशासन ने मंदिर, आबादी और सार्वजनिक आवागमन वाले क्षेत्र के बीच शराब की दुकान खोलने से पहले स्थानीय लोगों की भावनाओं और सुविधा का ध्यान रखा है।1
- 🌹!!!:::::::::::::::!!!🌹#Good♥️!!!.............!!!♥️ #मॉर्निंग🙏🙏!!!............!!!👌👌#दोस्तों💐💐!!!::::::::::!!!💐💐#राम #राम 🌹!!!..........!!!♥️🌹#राधे #राधे!!!.......!!!❤️#जय #श्री!!!!!...........!!!🙏♥️ #राम #हर #हर♥️🙏!!!::::::::!!!♥️🌹🌹#महादेव #सुप्रभात 🙏!!!.........!!!#मोटिवेशन!!!.........!!!#सायरी🌹🙏!!!:::::::::!!♥️🌹 #ashishzx 🌹!!!:::::::::::::::!!!🌹#Good♥️!!!.............!!!♥️ #मॉर्निंग🙏🙏!!!............!!!👌👌#दोस्तों💐💐!!!::::::::::!!!💐💐#राम #राम 🌹!!!..........!!!♥️🌹#राधे #राधे!!!.......!!!❤️#जय #श्री!!!!!...........!!!🙏♥️ #राम #हर #हर♥️🙏!!!::::::::!!!♥️🌹🌹#महादेव #सुप्रभात 🙏!!!.........!!!#मोटिवेशन!!!.........!!!#सायरी🌹🙏!!!:::::1
- सुल्तानपुर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत शिवगढ़ पुलिस ने हत्या के एक गंभीर मामले में वांछित और लंबे समय से फरार चल रहे ₹25,000 के इनामी आरोपी मान सिंह, पुत्र बिन्देश्वर, निवासी ग्राम भिटौरा पर शिकंजा कसा है। पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर के निर्देश पर फरार अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय द्वारा धारा 84 बीएनएसएस के अंतर्गत उद्घोषणा जारी की गई थी, जिसके अनुपालन में आज दिनांक 07.06.2026 को यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा के नेतृत्व में शिवगढ़ पुलिस की पूरी टीम ने आरोपी के गांव भिटौरा में दबिश दी। इस दौरान पुलिस बल ने ढोल-नगाड़ों के साथ सार्वजनिक मुनादी करते हुए आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा की। इस कार्रवाई से पूरे गांव का माहौल बदल गया और पुलिस की सख्ती को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून से भागने वालों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, और फरार अपराधियों के लिए अब कोई राहत नहीं है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश जारी रहेगी और उसे जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर इलाके में पुलिस की सख्ती की जमकर चर्चा हो रही है।1
- वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण के निर्देशानुसार, जौनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री कुँवर अनुपम सिंह के कुशल निर्देशन में जनपद जौनपुर में 'ऑपरेशन वज्रपात' नामक एक विशेष पाँच दिवसीय अभियान चलाया गया। दिनांक 01.06.2026 से 05.06.2026 तक संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक गैंगों, अराजक तत्वों और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। अभियान के दौरान, पुलिस ने जनपद में सक्रिय गैंग लीडरों और उनके सदस्यों की पहचान कर उनकी गतिविधियों का गहन सत्यापन किया। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों, गैंगों और उनके समूहों की सोशल मीडिया पर निरंतर निगरानी की गई, जिसके आधार पर निरोधात्मक और विधिक कार्रवाइयाँ की गईं। खासकर मारपीट, धमकी, अवैध गैंग संचालन, शांति व्यवस्था भंग करने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर विशेष नज़र रखी गई। इस पहल से जनपद में कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने, अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने और आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को सशक्त करने का कार्य किया गया। ऑपरेशन वज्रपात के तहत जौनपुर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाईयों के परिणामस्वरूप, कुल 56 गैंग और उनके 423 गैंग लीडर व सदस्य चिन्हित किए गए। अभियान के दौरान कुल 10 अभियोग पंजीकृत हुए और 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, 44 अभियुक्तों के विरुद्ध गुण्डा एक्ट, 126 अभियुक्तों के विरुद्ध 110 जी, 6 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंग्स्टर एक्ट और 90 अभियुक्तों के विरुद्ध निरोधात्मक पाबन्दी की कार्यवाही की गई है। पुलिस के अनुसार, ये आपराधिक गैंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील, फोटो और वीडियो अपलोड कर अपना प्रभाव व भय प्रदर्शित करते हैं। वे अवैध असलहों व हथियारों का प्रदर्शन कर आमजन में दहशत फैलाते हैं और भय व आतंक का वातावरण बनाकर गुंडागर्दी व दबंगई जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं। ये समूह बनाकर संगठित गैंग के रूप में कार्य करते हैं और मारपीट, धमकी जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों से कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, साथ ही अपराध संबंधी वीडियो और संदेश प्रसारित कर युवाओं को असामाजिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं। जनपद में चिन्हित प्रमुख गैंगों में महाकाल गैंग, अविरल गैंग, कर्रा गैंग, सूटर गैंग 505, कट्टा गैंग-606, टीम दादा मुफ्तीगंज 9696 गैंग, शक्तिमान गैंग, यदुवंशी गैंग, शिवा-94 गैंग, पंकज किंग-8558 गैंग, राउडी-001 गैंग, मेढ़ा गैंग, आशु यादव राइडर गैंग, जानसन गैंग और सावन गैंग शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन वज्रपात' के अंतर्गत ऐसी कार्रवाइयाँ भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सक्रिय नए आपराधिक गैंगों, अराजक तत्वों और उनकी गतिविधियों पर सतर्क एवं प्रभावी निगरानी रखी जाएगी, और चिन्हित किए जाने वाले गैंग लीडरों व सदस्यों के विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक एवं विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान का निरंतर अमल जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से किया जाएगा।1
- प्रतापगढ़ के रानीगंज तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक दरोगा की सोते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। यह घटना तब हुई जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे और फरियादियों की शिकायतें सुनी जा रही थीं। बताया गया है कि इसी दौरान किसी व्यक्ति ने समाधान दिवस में कुर्सी पर बैठे दरोगा की झपकी लेते हुए तस्वीर ले ली, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद से लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हमारी खबर अपने माध्यम से वायरल फोटो की पुष्टि नहीं करती है।1
- व्यक्ति ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए दृढ़ता से कहा है कि उनका प्यार कभी झूठा नहीं था और उन्होंने लोगों से अपील की है कि उन्हें कभी गलत न समझा जाए। उन्होंने आगे स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई उनकी बुराई किसी के मुँह से सुनता है, तो उसे यह समझना चाहिए कि उन्होंने उस व्यक्ति को उसकी 'औकात' याद दिला दी है।1
- प्रतापगढ़ में राजपाल चौराहे से लगभग 200 मीटर आगे, मदरसे गुलशन-ए-मदीना के भीतर एक संकरी गली में स्थित हिंद नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की दुखद मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, जब परिजनों ने अपनी आपत्ति व्यक्त की, तो आरोप है कि अस्पताल के गुंडों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। इस गंभीर घटना ने जिले की पूरी मेडिकल व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह प्रश्न उठता है कि ऐसे नर्सिंग होम को आखिर कौन लाइसेंस जारी करता है, या क्या सब कुछ केवल 'सिस्टम के हवाले' छोड़ दिया गया है। इस अस्पताल की कार्यप्रणाली जिले में 'मेडिकल माफियाओं के आतंक' की स्थिति को स्पष्ट रूप से उजागर करती है, जहाँ न तो कोई उचित व्यवस्था है और न ही प्रशिक्षित कर्मचारी। यह केवल चार बेड और एक रक्तचाप मापने की मशीन लगाकर चलाए जा रहे एक नर्सिंग होम जैसा प्रतीत होता है। परिणामस्वरूप, जहाँ मरीज अपनी जान गँवा रहे हैं और उनके परिजन लूटे जा रहे हैं, वहीं इस पूरी अव्यवस्था और अन्याय पर संबंधित व्यवस्था पूरी तरह से खामोश है।1