हरदोई जिले के जज्वासी गांव, मोहल्ला नौशारा में सड़क की बेहद खराब स्थिति पर लोगों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय प्रधान इस जर्जर सड़क की हालत से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन फिर भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बताया गया है कि जब भी प्रधान से इस सड़क के बारे में पूछा जाता है, तो उनका जवाब होता है कि रोड 'पास' हो गई है। हालांकि, प्रधान यह स्पष्ट नहीं करते कि सड़क का निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होगा। इस खराब सड़क के कारण आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश होने पर कीट-पतंगों और दलदल के कारण महिलाओं को आवागमन में सबसे ज़्यादा परेशानी होती है। आरोप है कि सरकार या संबंधित अधिकारियों को इस सड़क के बनने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनमें कोई जिम्मेदारी बची ही नहीं है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अधिकारियों को सिर्फ अपनी नौकरी और 'दो नंबर का पैसा' यानी घूस चाहिए।
हरदोई जिले के जज्वासी गांव, मोहल्ला नौशारा में सड़क की बेहद खराब स्थिति पर लोगों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय प्रधान इस जर्जर सड़क की हालत से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन फिर भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बताया गया है कि जब भी प्रधान से इस सड़क के बारे में पूछा जाता है, तो उनका जवाब होता है कि रोड 'पास' हो गई है। हालांकि, प्रधान यह स्पष्ट नहीं करते कि सड़क का निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होगा। इस खराब सड़क के कारण आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश होने पर कीट-पतंगों और दलदल के कारण महिलाओं को आवागमन में सबसे ज़्यादा परेशानी होती है। आरोप है कि सरकार या संबंधित अधिकारियों को इस सड़क के बनने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनमें कोई जिम्मेदारी बची ही नहीं है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अधिकारियों को सिर्फ अपनी नौकरी और 'दो नंबर का पैसा' यानी घूस चाहिए।
- हरदोई जिले के जज्वासी गांव, मोहल्ला नौशारा में सड़क की बेहद खराब स्थिति पर लोगों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय प्रधान इस जर्जर सड़क की हालत से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन फिर भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बताया गया है कि जब भी प्रधान से इस सड़क के बारे में पूछा जाता है, तो उनका जवाब होता है कि रोड 'पास' हो गई है। हालांकि, प्रधान यह स्पष्ट नहीं करते कि सड़क का निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होगा। इस खराब सड़क के कारण आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश होने पर कीट-पतंगों और दलदल के कारण महिलाओं को आवागमन में सबसे ज़्यादा परेशानी होती है। आरोप है कि सरकार या संबंधित अधिकारियों को इस सड़क के बनने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनमें कोई जिम्मेदारी बची ही नहीं है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अधिकारियों को सिर्फ अपनी नौकरी और 'दो नंबर का पैसा' यानी घूस चाहिए।1
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) सहित देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों पर तीखा प्रहार किया है। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से अपनी निष्पक्षता भी जाहिर की। शंकराचार्य ने इन दलों पर हमला करते हुए कड़े शब्दों में कहा कि "हमने सभी को रिजेक्ट किया" है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक स्लीपर बस लगभग 20 फीट नीचे गिर गई, जिससे करीब 50 यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, इन 50 घायलों में से 12 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है।1
- अहिरोरी ब्लॉक के सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक लड़का अपनी बकरी को इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचा था, जहाँ डॉक्टर ने कथित तौर पर इस सेवा के लिए ₹300 की मांग की। यह वीडियो अब व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।1
- हरदोई जिले के पिहानी थाने में सावन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में कई फैसले लिए गए हैं, जिनके अनुसार सावन के दौरान न तो तेज आवाज में डीजे बजाए जाएंगे और न ही सड़कों पर मीट-मछली की दुकानें लगाई जाएंगी।1
- हरदोई के माधौगंज थानाक्षेत्र के इकसई गांव में हरे और प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों की सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने एक ठेकेदार अमरीश से सौदा होने की जानकारी दी थी। जब वन विभाग के वैभव त्रिपाठी से इस विषय पर बात की गई तो उनका कहना था कि जब पेड़ कट जाएं, तब बताना। ठेकेदार अमरीश के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बिलग्राम रेंजर के.पी. सिंह से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि कटान बिना परमिट के कराया जा रहा था और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही, लेकिन यह सोचने का विषय है कि क्या कार्रवाई होगी। इससे कुछ दिन पहले माधौगंज-बिलग्राम-बिल्हौर-कटरा हाईवे पर एक कंटेनर पकड़ा गया था, जिसमें लदी लकड़ी के बारे में आज तक कोई जानकारी नहीं मिली है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उस मामले में क्या कार्रवाई हुई, वह माल किस ठेकेदार का था, किस किस्म की लकड़ी थी और उसका परमिट था या नहीं। दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रेंजर से लेकर जिले के अधिकारी और कर्मचारी इस बारे में बताने से इनकार कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या कारण है – क्या यह बंद कमरे में जेबें गर्म होने का मामला है या कुछ और? क्या सत्ता के दबाव में अधिकारी-कर्मचारी मीडिया के सामने आकर जानकारी नहीं देना चाहते, या वन विभाग को ठेकेदारों का खौफ सता रहा है? एक तरफ सरकार गांव-गांव और शहर-शहर वन महोत्सव का कार्यक्रम चलाकर लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार हरे पेड़ों पर आरा चलाकर पर्यावरण को उजाड़ने का काम कर रहे हैं। आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।2
- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद रविवार को हरदोई पहुंचे, जहाँ उन्होंने गांधी भवन में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान, उन्होंने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जनसरोकारों से जुड़े लोगों से बातचीत की और गौ माता को "राष्ट्र माता" का दर्जा दिए जाने की अपनी मांग को दोहराया। अपने संबोधन में, शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को यह संकल्प भी दिलाया कि यदि सरकार गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की इस मांग को स्वीकार नहीं करती है, तो वे ऐसी सरकार का समर्थन करने और उसे वोट देने पर विचार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गौ माता को केवल एक पशु मानते हैं, वे उनकी सोच से सहमत नहीं हैं। इस कार्यक्रम में विभिन्न दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों की उपस्थिति नहीं रही। कार्यक्रम में विक्रम पाण्डेय, अखिलेश पाठक, रामज्ञान गुप्ता, हरिनाम यादव, सुधीर गुप्ता सहित कई समर्थक और श्रद्धालु उपस्थित थे। शंकराचार्य द्वारा दिलाई गई शपथ को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी दोहराया और गौ संरक्षण के साथ-साथ गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग का समर्थन किया। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- कन्नौज जिले के सहियापुर गांव में रविवार को तालाब की सफाई के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई। सफाई कार्य में लगी जेसीबी मशीन अचानक पलट गई, जिसकी चपेट में आकर गांव निवासी कुलदीप सिंह (23) नीचे दब गए। यह हादसा होते ही जेसीबी चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी के नीचे दबे युवक को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। कुलदीप की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, साथ ही फरार जेसीबी चालक की तलाश और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।1