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बेलाही गांव में भीषण आग से सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख, ग्रामीणों में हड़कंप लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बेलाही गांव में शनिवार को भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सैकड़ों बीघा खड़ी फसल उसकी चपेट में आ गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और किसान अपनी फसल बचाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे के पीछे विद्युत विभाग की घोर लापरवाही जिम्मेदार है। गांव में लंबे समय से जर्जर तारों को बदलने की मांग की जा रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद जेई और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी।मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब यह सामने आया कि क्षेत्र में पिछले करीब 6 वर्षों से अग्निशमन केंद्र का निर्माण अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, मौके पर तत्काल फायर ब्रिगेड की उपलब्धता भी नहीं रही, जिससे आग पर काबू पाने में भारी देरी हुई और नुकसान कई गुना बढ़ गया।ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अग्निशमन केंद्र बनकर तैयार हो जाता और व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं, तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

16 hrs ago
user_जितेन्द्र श्रीवास्तव
जितेन्द्र श्रीवास्तव
Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

बेलाही गांव में भीषण आग से सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख, ग्रामीणों में हड़कंप लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बेलाही गांव में शनिवार को भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सैकड़ों बीघा खड़ी फसल उसकी चपेट में आ गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और किसान अपनी फसल बचाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे के पीछे विद्युत विभाग की घोर लापरवाही जिम्मेदार है। गांव में लंबे समय से जर्जर तारों को बदलने की मांग की जा रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद जेई और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी।मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब यह सामने आया कि क्षेत्र में पिछले करीब 6 वर्षों से अग्निशमन केंद्र का निर्माण अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, मौके पर तत्काल फायर ब्रिगेड की उपलब्धता भी नहीं रही, जिससे आग पर काबू पाने में भारी देरी हुई और नुकसान कई गुना बढ़ गया।ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अग्निशमन केंद्र बनकर तैयार हो जाता और व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं, तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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  • *बेलाही अग्निकांड: 50 बीघा से अधिक फसल राख, 50 से ज्यादा किसान प्रभावित—प्रशासन पर लापरवाही के आरोप* लम्भुआ, सुल्तानपुर कोतवाली लम्भुआ क्षेत्र के बेलाही गांव में लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 50 बीघा से अधिक फसल जलकर राख हो गई, जिससे लगभग 50 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय से नहीं पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया। घटना के दौरान ना ही राजस्व विभाग की टीम समय पर पहुंची और ना ही पुलिसकर्मी मौके पर नजर आए। ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और एकजुटता से आग पर काबू पाया। प्रभावित किसानों में प्रमुख नाम: अच्छेलाल मिश्रा राधेश्याम मिश्रा राम मिलन मिश्रा हरकेश मिश्रा विद्या प्रसाद मिश्रा बांकेलाल मिश्रा रामलाल मिश्रा ओम प्रकाश शुक्ला हवालदार मिश्रा (इसके अलावा लगभग 50 से अधिक किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं) ग्रामीणों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीणों की मांग: सभी प्रभावित किसानों का तत्काल सर्वे कर मुआवजा दिया जाए शॉर्ट सर्किट की निष्पक्ष जांच हो फायर ब्रिगेड व प्रशासन की लापरवाही पर कार्रवाई हो
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    *बेलाही अग्निकांड: 50 बीघा से अधिक फसल राख, 50 से ज्यादा किसान प्रभावित—प्रशासन पर लापरवाही के आरोप*
लम्भुआ, सुल्तानपुर
कोतवाली लम्भुआ क्षेत्र के बेलाही गांव में लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 50 बीघा से अधिक फसल जलकर राख हो गई, जिससे लगभग 50 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय से नहीं पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
घटना के दौरान ना ही राजस्व विभाग की टीम समय पर पहुंची और ना ही पुलिसकर्मी मौके पर नजर आए। ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और एकजुटता से आग पर काबू पाया।
प्रभावित किसानों में प्रमुख नाम:
अच्छेलाल मिश्रा
राधेश्याम मिश्रा
राम मिलन मिश्रा
हरकेश मिश्रा
विद्या प्रसाद मिश्रा
बांकेलाल मिश्रा
रामलाल मिश्रा
ओम प्रकाश शुक्ला हवालदार मिश्रा 
(इसके अलावा लगभग 50 से अधिक किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं)
ग्रामीणों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
ग्रामीणों की मांग:
सभी प्रभावित किसानों का तत्काल सर्वे कर मुआवजा दिया जाए
शॉर्ट सर्किट की निष्पक्ष जांच हो
फायर ब्रिगेड व प्रशासन की लापरवाही पर कार्रवाई हो
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बेलाही गांव में शनिवार को भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सैकड़ों बीघा खड़ी फसल उसकी चपेट में आ गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और किसान अपनी फसल बचाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे के पीछे विद्युत विभाग की घोर लापरवाही जिम्मेदार है। गांव में लंबे समय से जर्जर तारों को बदलने की मांग की जा रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद जेई और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी।मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब यह सामने आया कि क्षेत्र में पिछले करीब 6 वर्षों से अग्निशमन केंद्र का निर्माण अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, मौके पर तत्काल फायर ब्रिगेड की उपलब्धता भी नहीं रही, जिससे आग पर काबू पाने में भारी देरी हुई और नुकसान कई गुना बढ़ गया।ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अग्निशमन केंद्र बनकर तैयार हो जाता और व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं, तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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    लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बेलाही गांव में शनिवार को भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सैकड़ों बीघा खड़ी फसल उसकी चपेट में आ गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और किसान अपनी फसल बचाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे के पीछे विद्युत विभाग की घोर लापरवाही जिम्मेदार है। गांव में लंबे समय से जर्जर तारों को बदलने की मांग की जा रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद जेई और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी।मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब यह सामने आया कि क्षेत्र में पिछले करीब 6 वर्षों से अग्निशमन केंद्र का निर्माण अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, मौके पर तत्काल फायर ब्रिगेड की उपलब्धता भी नहीं रही, जिससे आग पर काबू पाने में भारी देरी हुई और नुकसान कई गुना बढ़ गया।ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अग्निशमन केंद्र बनकर तैयार हो जाता और व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं, तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
    user_जितेन्द्र श्रीवास्तव
    जितेन्द्र श्रीवास्तव
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर मैं मॉर्निंग वॉक पर निकले वकील राजीव कुमार सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई वारदात को बाइक सवार दो हमलावरों ने अंजाम दिया बताया जा रहा है कि एक गमछा धारी बदमाश वकील के बिल्कुल पास पहुंचा और देशी तमंचे से गोली मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक वारदात के बाद भागने की कोशिश में बदमाशों की बाइक तुरंत स्टार्ट नहीं हो सकी बाइक पर बैठे दूसरे बदमाश ने करीब उन्नीस बार किक मारकर बाइक स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली के इसके बाद गमछा धारी हमलावर ने तमंचा बाइक के बैग में रखा और तीन कोशिशो के बाद बाइक स्टार्ट कर दी इसी दौरान दूसरे हमलावर ने उधर आ रहे दो लोगों को तमंचा दिखाकर रोक दिया जिससे मौके पर दहशत फैल गई।।
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    उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर मैं मॉर्निंग वॉक पर निकले वकील राजीव कुमार सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई वारदात को बाइक सवार दो हमलावरों ने अंजाम दिया बताया जा रहा है कि एक गमछा धारी बदमाश वकील के बिल्कुल पास पहुंचा और देशी तमंचे से गोली मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक वारदात के बाद भागने की कोशिश में बदमाशों की बाइक तुरंत स्टार्ट नहीं हो सकी बाइक पर बैठे दूसरे बदमाश ने करीब उन्नीस बार किक मारकर बाइक स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली के इसके बाद गमछा धारी हमलावर ने तमंचा बाइक के बैग में रखा और तीन कोशिशो के बाद  बाइक स्टार्ट कर दी इसी दौरान दूसरे हमलावर ने उधर आ रहे दो लोगों को तमंचा दिखाकर रोक दिया जिससे मौके पर दहशत फैल गई।।
    user_Prashant Yadav
    Prashant Yadav
    Local News Reporter कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
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    Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    user_नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    Local News Reporter पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • एटा मेडिकल कॉलेज में प्रेस वार्ता का एटा के पत्रकारों ने किया बहिष्कार एटा मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का पत्रकारों ने किया बहिष्कार,पत्रकारों में आक्रोश। पत्रकारों के साथ अभद्रता मामले में कार्रवाई न होने पर उठे सवाल, कॉलेज प्रशासन पर उदासीनता के आरोप। विधायक की मौजूदगी में हो रही प्रेस वार्ता को लेकर जनपद के पत्रकारों ने जताई नाराजगी। पत्रकार एकता को बनाए रखने के लिए किया गया प्रेस वार्ता का सामूहिक बहिष्कार। साथियों से अपील—सम्मान और हक की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रेस वार्ता से बनाई दूरी। मामले को लेकर पत्रकारों में बढ़ता आक्रोश,पेश की एकजुटता की मिशाल।
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    एटा मेडिकल कॉलेज में प्रेस वार्ता का एटा के पत्रकारों ने किया बहिष्कार
एटा मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का पत्रकारों ने किया बहिष्कार,पत्रकारों में आक्रोश।
पत्रकारों के साथ अभद्रता मामले में कार्रवाई न होने पर उठे सवाल, कॉलेज प्रशासन पर उदासीनता के आरोप।
विधायक की मौजूदगी में हो रही प्रेस वार्ता को लेकर जनपद के पत्रकारों ने जताई नाराजगी।
पत्रकार एकता को बनाए रखने के लिए किया गया प्रेस वार्ता का सामूहिक बहिष्कार।
साथियों से अपील—सम्मान और हक की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रेस वार्ता से बनाई दूरी।
मामले को लेकर पत्रकारों में बढ़ता आक्रोश,पेश की एकजुटता की मिशाल।
    user_अमरजीत पांडे
    अमरजीत पांडे
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नेपाल अब इस जवान आदमीके हाथ में
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    नेपाल अब इस जवान आदमीके हाथ में
    user_Sheetla Prasad
    Sheetla Prasad
    Patti, Pratapgarh•
    8 hrs ago
  • Post by Raju.u.p.44
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    Post by Raju.u.p.44
    user_Raju.u.p.44
    Raju.u.p.44
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सेठ पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पट्टी एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। ताज़ा मामला डॉक्टर द्वारा मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं लिखने से जुड़ा है, जिससे गरीब मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों और मरीजों के अनुसार, सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद डॉक्टर राकेश द्वारा लगातार बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि एक रुपये का पर्चा कटवाने के बाद मरीजों को हजारों रुपये की दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों का आरोप है कि जब अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, तो फिर उन्हें बाहर से दवा लेने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। कई मरीजों ने यह भी कहा कि इस मनमानी के कारण गरीब और असहाय लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ कर्मचारियों का वेतन समय से नहीं मिल रहा है। वहीं, एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि बाहर की दवाओं पर 60% तक कमीशन मिलने की बात कही जा रही है, जिससे इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मामला लगातार सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अब तक इस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। यदि आरोप सही हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर सवाल है। *प्रशासन से मांग* स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों का शोषण रोका जा सके। *यह खबर मरीजों व सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है,* जिसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानी बाकी है।) बाकी इस पर्ची की पुष्टि मेरे खबर के द्वारा नहीं की जाती मरीज के द्वारा बताई गई इस पर्ची को मैं शेयर किया हूं उनका कहना है कि डॉक्टर राकेश ने यह बाहर की दवा लिखी है।
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    सेठ पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पट्टी एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। ताज़ा मामला डॉक्टर द्वारा मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं लिखने से जुड़ा है, जिससे गरीब मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों और मरीजों के अनुसार, सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद डॉक्टर राकेश द्वारा लगातार बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि एक रुपये का पर्चा कटवाने के बाद मरीजों को हजारों रुपये की दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मरीजों का आरोप है कि जब अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, तो फिर उन्हें बाहर से दवा लेने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। कई मरीजों ने यह भी कहा कि इस मनमानी के कारण गरीब और असहाय लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ कर्मचारियों का वेतन समय से नहीं मिल रहा है। वहीं, एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि बाहर की दवाओं पर 60% तक कमीशन मिलने की बात कही जा रही है, जिससे इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मामला लगातार सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अब तक इस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। यदि आरोप सही हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर सवाल है।
*प्रशासन से मांग*
स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों का शोषण रोका जा सके।
*यह खबर मरीजों व सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है,* जिसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानी बाकी है।) बाकी इस पर्ची की पुष्टि मेरे खबर के द्वारा नहीं की जाती मरीज के द्वारा बताई गई इस पर्ची को मैं शेयर किया हूं उनका कहना है कि डॉक्टर राकेश ने यह बाहर की दवा लिखी है।
    user_नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    Local News Reporter पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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