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हाली अमावस्या पर राजकीय विद्यालय कुम्हारों की ढाणी में परिंडे लगाकर दिया पक्षियों के प्रति दयाभाव का संदेश हाली अमावस्या पर राजकीय विद्यालय कुम्हारों की ढाणी में परिंडे लगाकर दिया पक्षियों के प्रति दयाभाव का संदेश बायतु हाली अमावस्या के अवसर पर रा.उ.मा.वि. कुम्हारों की ढाणी, सिरिया देवी नगर, कुण्डल में पर्यावरण संरक्षण एवं जीव-जंतुओं के प्रति दयाभाव का संदेश देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में मूक पक्षियों के लिए परिंडे लगाकर विद्यार्थियों को जीवों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबोधक जबरसिंह राजपुरोहित, शारीरिक शिक्षक भगवती, शिक्षिका सुमित्रा छापरवाल, ममता, कान्तीलाल तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर विद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर परिंडे लगाए, जिनमें नियमित रूप से पानी भरने एवं पक्षियों के लिए दाना रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की अत्यधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह मूक पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था कर मानवता का परिचय दे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अपने-अपने घरों पर कम से कम दो-दो परिंडे लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि आसपास के क्षेत्रों में भी पक्षियों को राहत मिल सके। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा जीव-जंतुओं के प्रति करुणा का महत्व भी समझाया। विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ इस अभियान में भाग लेते हुए नियमित रूप से परिंडों में पानी भरने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।

20 hrs ago
user_Ghamanda Ram
Ghamanda Ram
पत्रकार बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
20 hrs ago
b7587590-97f5-47f8-a2e7-087b4cd0e59d

हाली अमावस्या पर राजकीय विद्यालय कुम्हारों की ढाणी में परिंडे लगाकर दिया पक्षियों के प्रति दयाभाव का संदेश हाली अमावस्या पर राजकीय विद्यालय कुम्हारों की ढाणी में परिंडे लगाकर दिया पक्षियों के प्रति दयाभाव का संदेश बायतु हाली अमावस्या के अवसर पर रा.उ.मा.वि. कुम्हारों की ढाणी, सिरिया देवी नगर, कुण्डल में पर्यावरण संरक्षण एवं जीव-जंतुओं के प्रति दयाभाव का संदेश देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में मूक पक्षियों के लिए परिंडे लगाकर विद्यार्थियों को जीवों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबोधक जबरसिंह राजपुरोहित, शारीरिक शिक्षक भगवती, शिक्षिका सुमित्रा छापरवाल, ममता, कान्तीलाल तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर विद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर परिंडे लगाए, जिनमें नियमित रूप से पानी भरने एवं पक्षियों के लिए दाना रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की अत्यधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह मूक पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था कर मानवता का परिचय दे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अपने-अपने घरों पर कम से कम दो-दो परिंडे लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि आसपास के क्षेत्रों में भी पक्षियों को राहत मिल सके। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा जीव-जंतुओं के प्रति करुणा का महत्व भी समझाया। विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ इस अभियान में भाग लेते हुए नियमित रूप से परिंडों में पानी भरने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Pukhraj soni
    1
    Post by Pukhraj soni
    user_Pukhraj soni
    Pukhraj soni
    पत्रकार पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़ किया। कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपने बैंक खाते किराए पर देने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों के देश के 8 अलग-अलग राज्यों में करीब 70 लाख रुपए की ठगी की रकम इन आरोपियों के खातों में आई थी।
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    जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़ किया। कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपने बैंक खाते किराए पर देने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों के देश के 8 अलग-अलग राज्यों में करीब 70 लाख रुपए की ठगी की रकम इन आरोपियों के खातों में आई थी।
    user_Gopal singh jodha
    Gopal singh jodha
    Local News Reporter फलसूंड, जैसलमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जय श्री राम जय श्री राम जय भीम साथियों आज भारत आजाद हुए 70 साल हो गए फिर भी हम गुलामी की आड़ में जी रहे हैं शिव विधानसभा क्षेत्र गांव बलाई स्वास्थ्य की बस्ती मेघवालों की ढाणी लिख्मौनी लोंगोनी परिहार परिवार जो कि मेरे दादाजी का यह घर है परिवार तो मेरे दादाजी के परिवार में आधे गांव में रहते हैं और यह ग्राम दादा का परिवार यहां रहते हैं तो मेरे दादाजी के परिवार में साथ करें और दूसरी मेघवाल जो हमारे साथ में रहती है बलवा परिवार तो यह लोग इनकी घर की बस्ती कम से कम 55 60 घर है और हमारे भाइयों की ढाणी जो हमारे पुत्रनानी है जो हमारे उप सरपंच सुखदेव परिहार साहब की धनी थोड़ी दूर रहती है तो हमारा परिवार इन बलवा परिवार के साथ में मेरे दादाजी पहले जमाने से ही राजा महाराजाओं के टाइम में जागीर में जमीन दी थी तो यहीं बैठे तो यहां हमारे एक ऐसी पोजीशन बनी हुई है कि हमारे काम से कम जो साथ में बैठे हुए हमारे भाई है हम उनके भाई है मेघवाल समाज एक ही है तो हमारे यहां मेवाड़ की ढाणी में सबसे बड़ी समस्या स्कूल लाइट पानी और स्कूल है तो पांचवी की है उससे ज्यादा है या नहीं और सबसे में समस्या पांचवी की स्कूल है तो रास्ता नहीं है हमारे आने जाने के लिए जब हम इलेक्शन आते हैं तो हम सब गांव की एक होकर एक राय में चलते हैं और इलेक्शन निकालने के बाद में ग्राम पंचायत से लेकर सांस 2 तक जब सत्ता हाथ में आती है तो गांव के दबंग लोग हैं अब हमारे मेघवाल समाज को तो बलाई गांव में क्या नंबर दे भले ऐसी की सीट भी आएगी तो वह राजपूत समाज के लोग अपना आदमी चुनकर रिमोट पर रखेंगे और सरपंच बना देंगे और डेट भी है चाहे ओबीसी की आती है तो भी सरपंच अपना मनचाहा बनाते हैं और गांव का कोई विकास नहीं होता है बलाई गांव का और ना हुआ है ना हो रहा है वर्तमान में भी तो हमारे सबसे ज्यादा मेघवालों की ढाणी में रास्ते की समस्या है जो कि मेरे साथ में अभी रास्ते के बारे में आपस में भाइयों भाइयों को जोडानियों की ढाणी के राजपूत समाज के लोगों ने रास्ता निकाला जेसीबी चलाई और साथ में जीवन सिंह ऑफ सरपंच देरावर सिंह के पुत्र है और उनके बड़े भाई जालम सिंह जी वह भी दलाल सिंह जी पुत्र है और इंदु सिंह जी वह जेतमाल सिंह जी के पुत्र है तो मतलब जो रानी परिवार राठौर परिवार के लोगों ने रास्ते के लिए खुद के लिए यह हमारे ऊपर भी जो भी मन जैसे भी चला कर वह भी हमारे खेत के अंदर उसके उपरांत में मेरे साथ में मारपीट की गई हमारे में हुआ समाज के ही लोग थे मेरे को बहरा में से मारा चलो कोई बात नहीं जब तक जिंदा है तब तक मारपीट लड़ाई झगड़ा होता रहता है लेकिन मेरा एक ही अनुरोध है कि हमारे ग्राम पंचायत बलाई में मेघवाल समाज की ढाणी में स्वर सिंह की बस्ती में हर सरकारी योजना से हम वंचित है चाहे रविंद्र सिंह जी है तो इनका है राजपूतों का भाई स्वरूप सिंह है तो इनका ही है भाई तो इन राजपूत समाज का काम चलता रहता है और यदि किसी मेघवाल समाज बेबी कोई सरकारी योजना देते हैं तो वह अलग से आदमी या घर कोई डालकर उनका योजना देते हैं खास आदमी को और हमारे मेघवाल समाज की प्याऊ आई हुई है अभी वर्तमान में तो वह स्कूल के आगे बढ़ने चाहिए तो वह मकरम सन ऑफ आत्माराम बलुआ के घर के पास में बनी हुई है और कई लोगों को पता नहीं है लेकिन ज्यादातर 10% पता है लोगों को तो हम लोग बोलते नहीं है कि भाई राजपूत समाज है उन्होंने अपने ही आदमी को दिए तो मैंने कई बार मुद्दे उठाए तो मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई है और अभी पर वही की वहीं सार्वजनिक बनी हुई है जब इलेक्शन आते हैं उसे टाइम हाथ पांव पढ़ते हैं तो मेरा एक ही हाथ जोड़कर निवेदन है कि वह हमारे ग्राम पंचायत वाले के युवा दबंग नेता राजपूत समाज सब एक है होकर हमारे से वोट ले लेते हैं फिर बाद मेंआईना तक
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    जय श्री राम जय श्री राम जय भीम साथियों आज भारत आजाद हुए 70 साल हो गए फिर भी हम गुलामी की आड़ में जी रहे हैं शिव विधानसभा क्षेत्र गांव बलाई स्वास्थ्य की बस्ती मेघवालों की ढाणी लिख्मौनी लोंगोनी परिहार परिवार जो कि मेरे दादाजी का यह घर है परिवार तो मेरे दादाजी के परिवार में आधे गांव में रहते हैं और यह ग्राम दादा का परिवार यहां रहते हैं तो मेरे दादाजी के परिवार में साथ करें और दूसरी मेघवाल जो हमारे साथ में रहती है बलवा परिवार तो यह लोग इनकी घर की बस्ती कम से कम 55 60 घर है और हमारे भाइयों की ढाणी जो हमारे पुत्रनानी है जो हमारे उप सरपंच सुखदेव परिहार साहब की धनी थोड़ी दूर रहती है तो हमारा परिवार इन बलवा परिवार के साथ में मेरे दादाजी पहले जमाने से ही राजा महाराजाओं के टाइम में जागीर में जमीन दी थी तो यहीं बैठे तो यहां हमारे एक ऐसी पोजीशन बनी हुई है कि हमारे काम से कम जो साथ में बैठे हुए हमारे भाई है हम उनके भाई है मेघवाल समाज एक ही है तो हमारे यहां मेवाड़ की ढाणी में सबसे बड़ी समस्या स्कूल लाइट पानी और स्कूल है तो पांचवी की है उससे ज्यादा है या नहीं और सबसे में समस्या पांचवी की स्कूल है तो रास्ता नहीं है हमारे आने जाने के लिए जब हम इलेक्शन आते हैं तो हम सब गांव की एक होकर एक राय में चलते हैं और इलेक्शन निकालने के बाद में ग्राम पंचायत से लेकर सांस 2 तक जब सत्ता हाथ में आती है तो गांव के दबंग लोग हैं अब हमारे मेघवाल समाज को तो बलाई गांव में क्या नंबर दे भले ऐसी की सीट भी आएगी तो वह राजपूत समाज के लोग अपना आदमी चुनकर रिमोट पर रखेंगे और सरपंच बना देंगे और डेट भी है चाहे ओबीसी की आती है तो भी सरपंच अपना मनचाहा बनाते हैं और गांव का कोई विकास नहीं होता है बलाई गांव का और ना हुआ है ना हो रहा है वर्तमान में भी तो हमारे सबसे ज्यादा मेघवालों की ढाणी में रास्ते की समस्या है जो कि मेरे साथ में अभी रास्ते के बारे में आपस में भाइयों भाइयों को जोडानियों की ढाणी के राजपूत समाज के लोगों ने रास्ता निकाला जेसीबी चलाई और साथ में जीवन सिंह ऑफ सरपंच देरावर सिंह के पुत्र है और उनके बड़े भाई जालम सिंह जी वह भी दलाल सिंह जी पुत्र है और इंदु सिंह जी वह जेतमाल सिंह जी के पुत्र है तो मतलब जो रानी परिवार राठौर परिवार के लोगों ने रास्ते के लिए खुद के लिए यह हमारे ऊपर भी जो भी मन जैसे भी चला कर वह भी हमारे खेत के अंदर उसके उपरांत में मेरे साथ में मारपीट की गई हमारे में हुआ समाज के ही लोग थे मेरे को बहरा में से मारा चलो कोई बात नहीं जब तक जिंदा है तब तक मारपीट लड़ाई झगड़ा होता रहता है लेकिन मेरा एक ही अनुरोध है कि हमारे ग्राम पंचायत बलाई में मेघवाल समाज की ढाणी में स्वर सिंह की बस्ती में हर सरकारी योजना से हम वंचित है चाहे रविंद्र सिंह जी है तो इनका है राजपूतों का भाई स्वरूप सिंह है तो इनका ही है भाई तो इन राजपूत समाज का काम चलता रहता है और यदि किसी मेघवाल समाज बेबी कोई सरकारी योजना देते हैं तो वह अलग से आदमी या घर कोई डालकर उनका योजना देते हैं खास आदमी को और हमारे मेघवाल समाज की प्याऊ आई हुई है अभी वर्तमान में तो वह स्कूल के आगे बढ़ने चाहिए तो वह मकरम सन ऑफ आत्माराम बलुआ के घर के पास में बनी हुई है और कई लोगों को पता नहीं है लेकिन ज्यादातर 10% पता है लोगों को तो हम लोग बोलते नहीं है कि भाई राजपूत समाज है उन्होंने अपने ही आदमी को दिए तो मैंने कई बार मुद्दे उठाए तो मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई है और अभी पर वही की वहीं सार्वजनिक बनी हुई है जब इलेक्शन आते हैं उसे टाइम हाथ पांव पढ़ते हैं तो मेरा एक ही हाथ जोड़कर निवेदन है कि वह हमारे ग्राम पंचायत वाले के युवा दबंग नेता राजपूत समाज सब एक है होकर हमारे से वोट ले लेते हैं फिर बाद मेंआईना तक
    user_Prahladparihar
    Prahladparihar
    Mechanic शेओ, बाड़मेर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • नाला पानी सफाई करने के लिए kago ki was karmawas samdari
    2
    नाला पानी सफाई करने के लिए kago ki was karmawas samdari
    user_Jagdish Patel
    Jagdish Patel
    समदड़ी, बाड़मेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by Apna jalor
    1
    Post by Apna jalor
    user_Apna jalor
    Apna jalor
    Video Creator सायला, जालोर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार का इतिहास देश कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत। चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार,राजा भोज,राजा भर्तहरी,जगदेव परमार,महाराणा प्रताप,झांसी कि राणी लक्ष्मीबाई ,राणी पद्मिनी,हाडी रानी,मीराबाई आदी तमाम महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत गांव आकोली से कि इस महत्वपूर्ण महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत करने वाले राजपूत समाज के पूरणसिंह काबावत आकोली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण महा अभियान को सफल बनाने के लिए एक मिशन के रूप मे लेकर इसके तहत हमारे जालोर क्षेत्र मे या आस पास दौरो पर आने वाले या पत्रो के माध्यम से जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,मंत्री,केन्द्रीय मंत्री,मुख्यमन्त्री प्रधानमंत्री आदी को चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार सहित तमाम वीर महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने के लिए समाज कि ओर से ज्ञापन दिऐ जाऐगे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य बांल बच्चो को संस्कारी बनाने एवंम सत्य,न्याय,धर्म पर चलने के लिए प्रेरित प्रेरित करना है।पुराने समय मे माता जब अपने पुत्र को पालने मे सुलाती थी तब अपने पुत को वीर बनाने के लिए लोरिया गाती थी जिसमे किसी वीर महापुरूष कि वीरगाथा सुनाती थी लेकिन आज कि माता को तो पता भी नही है कि वीर महापुरूष कौन है कैसे होते है क्योंकि सरकारो ने वीर महापुरूषो कि गाथा वाले पाठ पाठ्य पुस्तको से हटा दिए जिसके चलते बच्चे संस्कार ,बडो के प्रति का मान सम्मान ,व्यापारिक ज्ञान आदी सब भूले है पता नही सरकार बच्चो को कौनसा ज्ञान देना चाहती है एवंम अभियान का दुसरा मकसद लोगो को सत्य,न्याय का ज्ञान करवाकर सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना,न्याय का साथ देना हमेशा लोगो का न्याय करने,कथनी और करनी मे भेद नही करने आदी संस्कार जीवन मे अपनाने के लिए प्रेरित करना है क्योंकि लोग वीर विक्रमादित्य परमार सहित अन्य महापुरूषो के इतिहास व न्याय प्रिय बाते तो बडी बडी करते है लेकिन उनके पदचिन्हो पर चलने मे नाकाम साबित हो रहे है जो हाल ही में जग जाहिर हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही सिन्ताजन है काबावत ने जोर देकर कहां कि जब तक विक्रमादित्य मिशन मे कामयाबी नही मिलती तब तक राज नेताओ को माला श साफा नही पहनायेगे और न खुद माला पहनेंगे चाहे कई साल लगे वीर विक्रमादित्य महा अभियान मे जुडने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वीर विक्रमादित्य के नाम से अपने मन मे शपत लेनी होगी कि "मैं अपने जीवन मे वीर विक्रमादित्य के दिखाऐ मार्ग पर चलते हुए सत्य,न्याय,धर्म का हमेशा साथ दुंगा, "इस महत्वपूर्ण अभियान कि शुरूआत मे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन समाज के द्वारा दिया जाऐगा चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश के स्कूलो के पाठ्य पुस्तको सामिल करने के अभियान के बारे मे जब काबावत से पूछा गया कि ऐसे मिशन चलाने का आइडिया किसने दिया तब पूरणसिंह काबावत बताते है एक दिन रात को भरी निंद मे सोऐ हुए थे तब अचानक "वीर विक्रमादित्य परमार प्रकट हुए ओर कहने लगे कि सिर्फ मेरी मुर्ति स्थापित करने से जनता का भला नही होगा अतः मै खुश नही हुॅ खुश तब होगा जब लोग मेरे द्वारा दिखाऐ रास्ते पर चलकर कथनी व करनी मे भेद न रखते हुए अपने जीवन मे अपनाऐगे " मैने कहा सदवचन इतना कहकर वीर विक्रमादित्य अन्तर्ध्यान हो गए इसलिए लोगो को जागरूक करने के लिए वीर विक्रमादित्य मिशन कि शुरूआत कि गई है लोग साथ दे या न दे लेकिन मै इस मिशन कि कामयाबी तब चैन से नही बैंठुगा
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    सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार का इतिहास देश कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत। 
चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार,राजा भोज,राजा भर्तहरी,जगदेव परमार,महाराणा प्रताप,झांसी कि राणी लक्ष्मीबाई ,राणी पद्मिनी,हाडी रानी,मीराबाई आदी तमाम महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत गांव आकोली से कि इस महत्वपूर्ण महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत करने वाले राजपूत समाज के पूरणसिंह काबावत आकोली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण महा अभियान को सफल बनाने के लिए एक मिशन के रूप मे लेकर इसके तहत हमारे जालोर क्षेत्र मे या आस पास दौरो पर आने वाले या पत्रो के माध्यम से जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,मंत्री,केन्द्रीय मंत्री,मुख्यमन्त्री प्रधानमंत्री आदी को चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार सहित तमाम वीर महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने के लिए समाज कि ओर से ज्ञापन दिऐ जाऐगे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य बांल बच्चो को संस्कारी बनाने एवंम सत्य,न्याय,धर्म पर चलने के लिए प्रेरित प्रेरित करना है।पुराने समय मे माता जब अपने पुत्र को पालने मे सुलाती थी तब अपने पुत को वीर बनाने के लिए लोरिया गाती थी जिसमे किसी वीर महापुरूष कि वीरगाथा सुनाती थी लेकिन आज कि माता को तो पता भी नही है कि वीर महापुरूष कौन है कैसे होते है क्योंकि सरकारो ने वीर महापुरूषो कि गाथा वाले पाठ पाठ्य पुस्तको से हटा दिए जिसके चलते बच्चे संस्कार ,बडो के प्रति का मान सम्मान ,व्यापारिक ज्ञान आदी सब भूले है पता नही सरकार बच्चो को कौनसा ज्ञान देना चाहती है एवंम अभियान का दुसरा मकसद लोगो को सत्य,न्याय का ज्ञान करवाकर सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना,न्याय का साथ देना हमेशा लोगो का न्याय करने,कथनी और करनी मे भेद नही करने आदी संस्कार जीवन मे अपनाने के लिए प्रेरित करना है क्योंकि लोग वीर विक्रमादित्य परमार सहित अन्य महापुरूषो के इतिहास व न्याय प्रिय बाते तो बडी बडी करते है लेकिन उनके पदचिन्हो पर चलने मे नाकाम साबित हो रहे है जो हाल ही में जग जाहिर हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही सिन्ताजन है काबावत ने जोर देकर कहां कि जब तक  विक्रमादित्य मिशन मे कामयाबी नही मिलती तब तक राज नेताओ को माला श साफा नही पहनायेगे और न खुद माला पहनेंगे चाहे  कई साल लगे वीर विक्रमादित्य महा अभियान मे जुडने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वीर विक्रमादित्य के नाम से अपने मन मे शपत लेनी होगी कि "मैं अपने जीवन मे वीर विक्रमादित्य के दिखाऐ मार्ग पर चलते हुए सत्य,न्याय,धर्म का हमेशा साथ दुंगा, "इस महत्वपूर्ण अभियान कि शुरूआत मे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन समाज के द्वारा दिया जाऐगा चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश के स्कूलो के पाठ्य पुस्तको सामिल करने के अभियान के बारे मे जब काबावत से पूछा गया कि ऐसे मिशन चलाने का आइडिया किसने दिया तब पूरणसिंह काबावत बताते है एक दिन रात को भरी निंद मे सोऐ हुए थे तब अचानक "वीर विक्रमादित्य परमार प्रकट हुए ओर कहने लगे कि सिर्फ मेरी मुर्ति स्थापित करने से जनता का भला नही होगा अतः मै खुश नही हुॅ खुश तब होगा जब लोग मेरे द्वारा दिखाऐ रास्ते पर चलकर कथनी व करनी मे भेद न रखते हुए अपने जीवन मे अपनाऐगे " मैने कहा सदवचन इतना कहकर वीर विक्रमादित्य अन्तर्ध्यान हो गए इसलिए लोगो को जागरूक करने के लिए वीर विक्रमादित्य मिशन कि शुरूआत कि गई है लोग साथ दे या न दे लेकिन मै इस मिशन कि कामयाबी तब चैन से नही बैंठुगा
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by लाबु सिंह
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    Post by लाबु सिंह
    user_लाबु सिंह
    लाबु सिंह
    जालोर, जालोर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • ग्रामीण इलाको मे उपयोग मे किये जाने वाले तीन पहिया वाहन चालक की लापर वाही दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है , खुले आम वाहन niyamo की उड़ रही धजिया
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    ग्रामीण इलाको मे उपयोग मे किये जाने वाले तीन पहिया वाहन चालक की लापर वाही दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है  , खुले आम वाहन niyamo की उड़ रही धजिया
    user_लाबु सिंह
    लाबु सिंह
    जालोर, जालोर, राजस्थान•
    21 hrs ago
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