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मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के भावरा में शादी के अवसर पर आदिवासी समाज की अनूठी और पारंपरिक प्रथा देखने को मिल रही है। इस मांगलिक उत्सव के दौरान लोग अपनी संस्कृति और विरासत का सम्मान करते हुए पूरे गर्व के साथ "जय जोहार, जय आदिवासी" का उद्घोष कर रहे हैं।
Bhiku Vasuniya
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के भावरा में शादी के अवसर पर आदिवासी समाज की अनूठी और पारंपरिक प्रथा देखने को मिल रही है। इस मांगलिक उत्सव के दौरान लोग अपनी संस्कृति और विरासत का सम्मान करते हुए पूरे गर्व के साथ "जय जोहार, जय आदिवासी" का उद्घोष कर रहे हैं।
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- मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के भावरा में शादी के अवसर पर आदिवासी समाज की अनूठी और पारंपरिक प्रथा देखने को मिल रही है। इस मांगलिक उत्सव के दौरान लोग अपनी संस्कृति और विरासत का सम्मान करते हुए पूरे गर्व के साथ "जय जोहार, जय आदिवासी" का उद्घोष कर रहे हैं।1
- बांसवाड़ा के साईं मंदिर के पीछे स्थित मदारेश्वर क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्री हरिकृष्ण गौ सेवा संस्थान का भव्य शुभारंभ हुआ। इस गरिमामयी समारोह में क्षेत्र के अनेक संतों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और गौभक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन मुख्य रूप से गौ सेवा, गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से किया गया था। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान संत सभा के प्रदेश अध्यक्ष औघड़ पीर योगी ईश्वर नाथ जी महाराज रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता की सेवा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिससे समाज में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम के दौरान योगी बालक नाथ जी, किसनगिरि महाराज, बंशीगिरी महाराज, शंकर लाल डिंडोर, वकील डिंडोर और तूफान डिंडोर सहित कई संत-महंत उपस्थित रहे, जिन्होंने गौ माता का पूजन कर क्षेत्र की खुशहाली के लिए मंगलकामनाएं कीं। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में निराश्रित और बीमार गौवंश की सेवा और संरक्षण की आवश्यकता बहुत अधिक बढ़ गई है। गौशाला के संस्थापक अनिल डिंडोर ने समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालते हुए बताया कि इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य केवल गौशाला का संचालन करना नहीं, बल्कि समाज में गौ सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना है। अंत में संतों व अतिथियों के सम्मान और प्रसाद वितरण के साथ इस भक्तिमय कार्यक्रम का समापन हुआ।4
- राजस्थान समान नागरिक संहिता (यूसीसी), 2026 के प्रारूप पर आम जनता की राय और सुझाव प्राप्त करने के लिए डूंगरपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला परिषद के ईडीपी सभागार में उदयपुर संभाग स्तरीय एक दिवसीय वर्चुअल जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता और समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य श्री बसंत सिंह छाबा ने की। बैठक के दौरान विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार और पारिवारिक कानूनों सहित विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई और उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस वर्चुअल जनसुनवाई में सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, जिला कलक्टर देशलदान, समाजसेवी अशोक पटेल (रणोली), बंसीलाल कटारा, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रैगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न धर्मों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक शंकरलाल डेचा ने समान नागरिक संहिता को आमजन के हित में बताते हुए कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन से समाज में समानता, न्याय और सामाजिक समरसता मजबूत होगी। समाजसेवी बंसीलाल कटारा ने इसे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने वाला बताया और पैतृक संपत्ति व वैवाहिक अधिकारों में महिलाओं की भागीदारी सुदृढ़ करने की बात कही। सामाजिक कार्यकर्ता मधुलिका ने सुझाव दिया कि इस प्रक्रिया में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए और व्यापक स्तर पर सुझाव लेकर पारिवारिक संपत्ति के संरक्षण के प्रावधान जोड़े जाएं। अधिवक्ता सिद्धार्थ मेहता ने सभी धर्मों के पारिवारिक कानूनों में समानता लाने की वकालत करते हुए बाल भिक्षावृत्ति के समाधान के लिए विशेष कानूनी प्रावधान और लिव-इन रिलेशनशिप पर स्पष्ट विधिक नियम बनाने का सुझाव दिया। 'मन की उड़ान' संस्थान की संस्थापक कामना चौबीसा ने विवाह के लिए न्यूनतम आयु की तर्ज पर अधिकतम आयु सीमा निर्धारित करने और लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा, समाजसेवी नीरव जैन ने राष्ट्रीय एकरूपता की बात करते हुए अंतिम प्रारूप से पहले सभी समुदायों से व्यापक सुझाव लेने का आग्रह किया। इस संभाग स्तरीय जनसुनवाई के दूसरे चरण की वीसी मंगलवार को सुबह 10 बजे से जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के राजपुर में महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। अहिल्या माता और टंटया भील की इस पावन भूमि पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि निमाड़ की धरोहर पर आज जो संस्कृति को बचा कर रखा गया है, वह बहुत बड़ी बात है। उन्होंने महिलाओं को याद दिलाया कि यह वही संस्कृति है जहाँ नारी की पूजा होती है, इसलिए सभी महिलाओं को एकजुट होकर अपनी असली ताकत दिखानी होगी। श्रीमती अश्विनी परांजपे ने महिलाओं की उन्नति और रोजगार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि लघु उद्योग सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कपास से धागा और धागे से कपड़ा बनाकर बेचा जा सकता है, जिससे रोजगार के लिए महिलाएं खुद ही आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वहाँ बैठे जनप्रतिनिधि एक साथ आ जाएं तो सबको रोजगार दिला सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाओं को अपनी शक्ति को पहचानना पड़ेगा, क्योंकि जब नारी शक्ति संगठित होगी, तभी समाज से दूरविचारों को दूर किया जा सकता है।1
- धार में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर एक सरकारी कार्यालय के अंदर एक महिला गाने पर डांस करती दिखाई दे रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस कमरे में यह सब हो रहा है, वहां राष्ट्रपति की तस्वीर भी लगी नजर आ रही है, जिससे इसके किसी सरकारी कार्यालय का कक्ष होने का पूरा अनुमान लगाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी कार्यालय अब मनोरंजन का मंच बनते जा रहे हैं? आखिर यह कार्यक्रम किस अनुमति से हुआ और इसमें सरकारी गरिमा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। इसके साथ ही सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भी निशाना साधा गया है और तीखा सवाल पूछा गया है कि भाजपा सरकार में यह कौन-सी मीटिंग चल रही है? अगर यह कोई मीटिंग नहीं है, तो आखिर वहां क्या हो रहा है? फिलहाल, तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाने के लिए लोगों से इस वायरल वीडियो की सही जानकारी, स्थान या उद्देश्य की पुष्टि साझा करने को कहा गया है।1
- बड़वानी जिले के राजपुर के कुशल कारीगरों के लिए अब काम ढूंढना बेहद आसान होने जा रहा है, क्योंकि 'लेबर अड्डा' (Labour Addaa) पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस मंच पर प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, लेबर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक सहित सभी प्रकार के कुशल कामगारों का स्वागत किया जा रहा है, ताकि "मेरा काम — मेरी पहचान" के संकल्प के साथ हर कारीगर को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इस प्लेटफॉर्म पर कारीगरों को सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसकी वैलिडिटी लाइफ टाइम होगी। इसके लिए कोई कमीशन, कोई मासिक शुल्क या कोई सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। कारीगरों को अपने काम की तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें सीधे ग्राहकों से संपर्क करने का मौका मिलेगा और वे घर बैठे आसानी से काम के ऑर्डर हासिल कर सकेंगे।1
- दतिया उपचुनाव को लेकर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है। इस बड़े ऐलान के सामने आने के बाद अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इससे दतिया का सियासी समीकरण पूरी तरह से बदल जाएगा।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के अंतर्गत बड़ी सरवा से मध्यप्रदेश की सीमा तक जाने वाली सड़क अत्यंत खस्ताहाल हो चुकी है। इस डामरीकरण रोड़ के अभाव के चलते स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मौके पर सड़क की स्थिति ऐसी है कि वहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण गोपालसिंह, हरिसिंह और आनंद जोशी सहित अन्य लोगों ने सरकार और प्रशासन पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भरोसे के साथ उन्होंने जनप्रतिनिधियों को चुनकर सत्ता के सिंहासन पर बैठाया था, उन्होंने चुनाव जीतने के बाद अपने वादे पूरे नहीं किए। क्षेत्र में भले ही डबल इंजन की सरकार है, लेकिन बड़ी सरवा की इस खस्ताहाल सड़क की सुध न तो सरकार, न प्रशासन, न ही विपक्ष और न ही सार्वजनिक निर्माण विभाग ले रहा है। पिछले दो सालों से ग्रामीण इस सड़क के डामरीकरण और सुधार के लिए मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल, ग्रामीण सेवा शिविरों और जनप्रतिनिधियों को लगातार पत्र लिखकर मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गोपालसिंह के अनुसार, बड़ी सरवा से मध्यप्रदेश की सीमा तक मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर डामरीकरण हो जाने से आवागमन पूरी तरह सुचारू हो सकता है। यह सड़क मध्यप्रदेश के भामल खवासा और बामनिया पेटलवाद के समीप पड़ती है, जिस पर रोजाना झाबुआ, राजगढ़, इंदौर तथा गुजरात की ओर जाने वाले दर्जनों बड़े और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि यहाँ वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वर्षा के मौसम में बची-कुची सड़क भी पूरी तरह नष्ट हो जाएगी और कोई भी गंभीर दुर्घटना घट सकती है। अब देखना यह है कि क्या वातानुकूलित कमरों में बैठे अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे या नहीं।4