जुमलों की चमक में धूमिल होती फरियादी की लाचार आंखें! उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सामने आई यह तस्वीर सत्ता के उन बड़े-बड़े दावों और वादों की पोल खोलने के लिए काफी है, जो मंचों से बड़ी-बड़ी डींगें हांकने के लिए गढ़े जाते हैं। एक तरफ जहां जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे पर विकास और सुशासन के दावे किए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक बेबस महिला न्याय और अपनी फरियाद की गुहार लेकर सिस्टम के पहरेदारों के बीच भटकती नजर आई। मामला जगतपुर थाने का है। दर्दनाक हकीकत: -सूबे के मुखिया के हाई-प्रोफाइल दौरे और सुरक्षा के भारी-भरकम इंतजामों के बीच एक दुखी महिला की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचना तो दूर, उससे मिलने की उम्मीद तक को बेरहमी से कुचल दिया गया। -मंचों से चाहे जितने भी लोकलुभावन जुमले फेंके जाएं, लेकिन जमीन पर सच यह है कि आम जनता की तकलीफें सुनने वाला कोई नहीं है। -जब एक पीड़ित महिला को पुलिस और प्रशासन के घेरे के बीच दर-दर भटकना पड़े, तो यह साफ हो जाता है कि जनता की समस्याओं के समाधान के दावे केवल कागजी और खोखले हैं। सवाल यह है कि अगर जनता के राजा ही अपनी ही प्रजा के आंसुओं से मुंह फेर लें, तो इस ‘रामराज्य’ में न्याय की उम्मीद आखिर किससे की जाए? जुमलों की चमक में धूमिल होती फरियादी की लाचार आंखें! उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सामने आई यह तस्वीर सत्ता के उन बड़े-बड़े दावों और वादों की पोल खोलने के लिए काफी है, जो मंचों से बड़ी-बड़ी डींगें हांकने के लिए गढ़े जाते हैं। एक तरफ जहां जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे पर विकास और सुशासन के दावे किए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक बेबस महिला न्याय और अपनी फरियाद की गुहार लेकर सिस्टम के पहरेदारों के बीच भटकती नजर आई। मामला जगतपुर थाने का है। दर्दनाक हकीकत: -सूबे के मुखिया के हाई-प्रोफाइल दौरे और सुरक्षा के भारी-भरकम इंतजामों के बीच एक दुखी महिला की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचना तो दूर, उससे मिलने की उम्मीद तक को बेरहमी से कुचल दिया गया। -मंचों से चाहे जितने भी लोकलुभावन जुमले फेंके जाएं, लेकिन जमीन पर सच यह है कि आम जनता की तकलीफें सुनने वाला कोई नहीं है। -जब एक पीड़ित महिला को पुलिस और प्रशासन के घेरे के बीच दर-दर भटकना पड़े, तो यह साफ हो जाता है कि जनता की समस्याओं के समाधान के दावे केवल कागजी और खोखले हैं। सवाल यह है कि अगर जनता के राजा ही अपनी ही प्रजा के आंसुओं से मुंह फेर लें, तो इस ‘रामराज्य’ में न्याय की उम्मीद आखिर किससे की जाए?
जुमलों की चमक में धूमिल होती फरियादी की लाचार आंखें! उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सामने आई यह तस्वीर सत्ता के उन बड़े-बड़े दावों और वादों की पोल खोलने के लिए काफी है, जो मंचों से बड़ी-बड़ी डींगें हांकने के लिए गढ़े जाते हैं। एक तरफ जहां जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे पर विकास और सुशासन के दावे किए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक बेबस महिला न्याय और अपनी फरियाद की गुहार लेकर सिस्टम के पहरेदारों के बीच भटकती नजर आई। मामला जगतपुर थाने का है। दर्दनाक हकीकत: -सूबे के मुखिया के हाई-प्रोफाइल दौरे और सुरक्षा के भारी-भरकम इंतजामों के बीच एक दुखी महिला की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचना तो दूर, उससे मिलने की उम्मीद तक को बेरहमी से कुचल दिया गया। -मंचों से चाहे जितने भी लोकलुभावन जुमले फेंके जाएं, लेकिन जमीन पर सच यह है कि आम जनता की तकलीफें सुनने वाला कोई नहीं है। -जब एक पीड़ित महिला को पुलिस और प्रशासन के घेरे के बीच दर-दर भटकना पड़े, तो यह साफ हो जाता है कि जनता की समस्याओं के समाधान के दावे केवल कागजी और खोखले हैं। सवाल यह है कि अगर जनता के राजा ही अपनी ही प्रजा के आंसुओं से मुंह फेर लें, तो इस ‘रामराज्य’ में न्याय की उम्मीद आखिर किससे की जाए? जुमलों की चमक में धूमिल होती फरियादी की लाचार आंखें! उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सामने आई यह तस्वीर सत्ता के उन बड़े-बड़े दावों और वादों की पोल खोलने के लिए काफी है, जो मंचों से बड़ी-बड़ी डींगें हांकने के लिए गढ़े जाते हैं। एक तरफ जहां जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे पर विकास और सुशासन के दावे किए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक बेबस महिला न्याय और अपनी फरियाद की गुहार लेकर सिस्टम के पहरेदारों के बीच भटकती नजर आई। मामला जगतपुर थाने का है। दर्दनाक हकीकत: -सूबे के मुखिया के हाई-प्रोफाइल दौरे और सुरक्षा के भारी-भरकम इंतजामों के बीच एक दुखी महिला की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचना तो दूर, उससे मिलने की उम्मीद तक को बेरहमी से कुचल दिया गया। -मंचों से चाहे जितने भी लोकलुभावन जुमले फेंके जाएं, लेकिन जमीन पर सच यह है कि आम जनता की तकलीफें सुनने वाला कोई नहीं है। -जब एक पीड़ित महिला को पुलिस और प्रशासन के घेरे के बीच दर-दर भटकना पड़े, तो यह साफ हो जाता है कि जनता की समस्याओं के समाधान के दावे केवल कागजी और खोखले हैं। सवाल यह है कि अगर जनता के राजा ही अपनी ही प्रजा के आंसुओं से मुंह फेर लें, तो इस ‘रामराज्य’ में न्याय की उम्मीद आखिर किससे की जाए?
- सासनी में बारह वफात का जुलूस: चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस, चाक-चौबंद सुरक्षा और सुचारु यातायात के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आयोजन सासनी में बारह वफात का जुलूस: चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस, चाक-चौबंद सुरक्षा और सुचारु यातायात के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आयोजन सासनी: कस्बे में बुधवार दोपहर बारह वफात का जुलूस पूरी धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ निकाला गया, जिसमें पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और पैनी नजर मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार का कोई जाम न लग सके और यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। तयशुदा मार्गों से निकाले गए इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी भारी संख्या में भाग लिया। इस दौरान पूरा कस्बा धार्मिक नारों और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शान में पढ़ी जा रही नात व कलाम से गूंज उठा। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने स्वागत करने के साथ-साथ पानी आदि की उचित व्यवस्था की थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत सासनी पुलिस-प्रशासन ने हर संवेदनशील स्थान पर भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था। पुलिसकर्मी लगातार जुलूस के साथ-साथ चलते रहे और पल-पल की गतिविधि पर नजर बनाए रहे। जुलूस के दौरान मार्ग में यातायात बाधित न हो और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए कड़े प्रबंध किए थे, जिससे कस्बे के चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा दिखाई दिया। अधिकारियों की लगातार निगरानी और आयोजकों की ओर से शांति व भाईचारा बनाए रखने की अपील के चलते यह धार्मिक आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- हाथरस व्यूरो रिपोर्ट खेत में काम कर गई महिला को सांप ने डसा1
- रक्षाबंधन पर एसपी हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा का जनता के नाम संदेश...... रक्षाबंधन पर एसपी हाथरस की जनपदवासियों से अपील, यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा का दिया संदेश रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पुलिस अधीक्षक हाथरस ने जनपदवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने लोगों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने का संदेश दिया। एसपी ने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का प्रयोग करने की अपील की। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने और तेज गति से वाहन न चलाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है। रक्षाबंधन के अवसर पर सभी लोग सुरक्षित यात्रा करें और सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचें।1
- बंधन भाई बहन का अटूट प्रेम विश्वास का पर्व हमेशा भाई बहन की रक्षा करते रहे1
- सरकारी स्कूलों में बदहाल व्यवस्था पर ADHR ने DM को सौंपा ज्ञापन, कहा - गरीब का बच्चा भी सम्मानजनक शिक्षा का हकदार हाथरस। जनपद के सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR), हाथरस द्वारा जिलाधिकारी अतुल वत्स के नाम संबोधित ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट में उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को सौंपा गया। ज्ञापन राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालयों की बुनियादी व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। शिक्षा केवल प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, क्रियाशील शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, फर्नीचर, बिजली-पंखे, खेल सुविधाएं, पर्याप्त शिक्षक तथा पौष्टिक भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलना भी आवश्यक है। ADHR ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 21-क, 39(फ) एवं 45 का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा, गरिमा, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। संगठन ने चिंता जताई कि जनपद के कुछ सरकारी विद्यालयों में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायतें आती रहती हैं। *ADHR की प्रमुख मांगें:* 1. सभी सरकारी विद्यालयों का व्यापक स्थलीय सर्वेक्षण और तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। 2. स्वच्छ पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, जर्जर भवनों की मरम्मत, पर्याप्त डेस्क-बेंच की व्यवस्था हो। 3. खेल मैदान सुरक्षित हों, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो और छात्र-शिक्षक अनुपात मानक के अनुरूप हो। 4. गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन, समय से ड्रेस, जूते-मोजे, पुस्तकें, बैग उपलब्ध कराए जाएं। 5. सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, पंखे, प्रकाश व्यवस्था, नियमित सफाई, जल निकासी व मच्छर रोकथाम की व्यवस्था हो। 6. छात्राओं के लिए विशेष स्वच्छता व सुरक्षा सुविधाएं और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप की व्यवस्था हो। संगठन ने प्रत्येक विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं की विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने, अभिभावकों की शिकायतों के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने और किसी भी बच्चे के साथ जाति, धर्म, लिंग, आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव न होने देने की मांग की। *राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा -* "किसी बच्चे को केवल इसलिए असुविधाजनक, असुरक्षित अथवा गरिमाहीन वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में पढ़ता है। जनपद का कोई भी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे।" ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल, राजेश वार्ष्णेय, अनिल अग्रवाल, रवि गुप्ता, उद्धव कृष्ण शर्मा आदि मौजूद रहे।3
- अलीगढ़ ढकेल लगाने से मना करने पर क्या बोले ढकेल वाले....1
- सासनी क्षेत्र के स्कूलों में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन, सजी कला और संस्कृति की महक सासनी क्षेत्र के स्कूलों में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन, सजी कला और संस्कृति की महक सासनी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भाई-बहन के अटूट स्नेह और पवित्र प्रेम के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन का पावन उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें ग्रामीण अंचल से लेकर शहरी क्षेत्र के विद्यालयों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। हेवन शैडो स्कूल में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक भव्य राखी मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जहां नन्हे कलाकारों ने रेशमी धागों, मोतियों और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से एक से बढ़कर एक मनमोहक राखियां बनाकर अपनी छिपी हुई रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कनक, वेदीका, साक्षी, दर्शिक, शिरीष, लक्ष्मी, इशिका, शनाया, महिमा, अभय और अनुष्का सहित विभिन्न कक्षाओं के मेधावी छात्रों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी कला का जादू बिखेरा, जिस दौरान प्राचार्या जी ने बच्चों को भारतीय संस्कारों से जोड़ने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। इसी कड़ी में सासनी विद्यापीठ इंटर कॉलेज सासनी, हाथरस में प्रधानाचार्य डॉक्टर राजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशन में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां छात्राओं ने अपने गुरुजनों को राखियां बांधकर शुभकामनाएं प्राप्त कीं और डॉक्टर अग्रवाल ने यम-यमुना तथा कृष्ण-द्रौपदी के पवित्र संबंधों का स्मरण कराते हुए इस पर्व के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस गरिमामयी अवसर पर अरुण कुमार कौशिक, राजीव कुमार और विनय कुमार सहित समस्त शिक्षक स्टाफ उपस्थित रहा। इसके अलावा, एस बी एस यूनियन स्कूल सासनी में भी डायरेक्टर एवं प्रमुख उद्योगपति डॉ विकास सिंह के कर-कमलों द्वारा राखी मेकिंग और मेहंदी प्रतियोगिताओं का सफल शुभारंभ किया गया, जिसमें कक्षा तीन से पांचवीं तक के बच्चों ने सुंदर राखियां बनाईं और छठी से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने मेहंदी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस रोमांचक मुकाबले में सारिका श्रीवास्तव, लावण्या दिवाकर, टिया, प्रांशी और चारु ने मेहंदी प्रतियोगिता में तथा लक्ष्मी, रिषित और लक्ष्य वार्ष्णेय ने राखी मेकिंग में अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किए, जिन्हें प्रधानाचार्य दुर्गेश पचौरी ने ज्ञान को बहुउद्देशीय बनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी विद्यालयों में बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इन सांस्कृतिक आयोजनों का भव्य समापन किया गया।1
- व्यापार के नाम पर एक लाख रुपये मांगने और दुष्कर्म का आरोप, महिला ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार नई दिल्ली। पटेल नगर निवासी एक महिला ने थाना पटेल नगर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर तीन लोगों पर व्यापार के नाम पर रुपये मांगने, दुष्कर्म, मारपीट और एक लाख रुपये चोरी कर कमरे में बंद करके फरार होने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, महिला ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसकी मुलाकात टिक्कू पुत्र अजय सिंह, निवासी थाना सासनी, जनपद हाथरस से हुई थी। महिला का आरोप है कि टिक्कू ने उसे व्यापार शुरू करने में मदद का भरोसा दिया और कपड़े की दुकान खोलने के लिए गांव जाने को कहा। इसके बाद उसने व्यापार के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की। महिला का आरोप है कि 11 अगस्त 2026 को उसने एक लाख रुपये की व्यवस्था की। इसी दौरान पवन पुत्र बाबूलाल और हेमंत राणा पुत्र रामवीर सिंह भी उसके संपर्क में आए और दुकान के लिए रुपये मांगने लगे। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि 25 अगस्त की रात आरोपितों ने शराब का सेवन किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसके बैग में रखे एक लाख रुपये चोरी कर उसे कमरे में बंद करके फरार हो गए। पीड़िता ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने, रुपये बरामद कराने तथा उसे न्याय दिलाने की मांग की है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। व्यापार के नाम पर एक लाख रुपये मांगने और दुष्कर्म का आरोप, महिला ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार नई दिल्ली। पटेल नगर निवासी एक महिला ने थाना पटेल नगर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर तीन लोगों पर व्यापार के नाम पर रुपये मांगने, दुष्कर्म, मारपीट और एक लाख रुपये चोरी कर कमरे में बंद करके फरार होने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, महिला ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसकी मुलाकात टिक्कू पुत्र अजय सिंह, निवासी थाना सासनी, जनपद हाथरस से हुई थी। महिला का आरोप है कि टिक्कू ने उसे व्यापार शुरू करने में मदद का भरोसा दिया और कपड़े की दुकान खोलने के लिए गांव जाने को कहा। इसके बाद उसने व्यापार के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की। महिला का आरोप है कि 11 अगस्त 2026 को उसने एक लाख रुपये की व्यवस्था की। इसी दौरान पवन पुत्र बाबूलाल और हेमंत राणा पुत्र रामवीर सिंह भी उसके संपर्क में आए और दुकान के लिए रुपये मांगने लगे। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि 25 अगस्त की रात आरोपितों ने शराब का सेवन किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसके बैग में रखे एक लाख रुपये चोरी कर उसे कमरे में बंद करके फरार हो गए। पीड़िता ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने, रुपये बरामद कराने तथा उसे न्याय दिलाने की मांग की है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।2