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*शंकर पार्वती गणेश जी के नारे से गुज उठा मलगांव* *10 वषों से विराजमान होते हैं शिव पार्वती गणेश* *आप देख रहे हैं लाईव इंडिया न्यूज़ 24* *सतना जिले से
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
*शंकर पार्वती गणेश जी के नारे से गुज उठा मलगांव* *10 वषों से विराजमान होते हैं शिव पार्वती गणेश* *आप देख रहे हैं लाईव इंडिया न्यूज़ 24* *सतना जिले से
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- *शंकर पार्वती गणेश जी के नारे से गुज उठा मलगांव* *10 वषों से विराजमान होते हैं शिव पार्वती गणेश* *आप देख रहे हैं लाईव इंडिया न्यूज़ 24* *सतना जिले से1
- *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां। पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां मनिकवार विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां मनिकवार पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।2
- *सड़कों के निर्माण में देरी पर कमिश्नर सख्त, बाधाएं दूर कर समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश* *रीवा-सीधी फोरलेन की सभी बाधाएं दूर कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश, वन अनुमति से अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर संभाग में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित मार्गों की प्रगति, लंबाई, लागत, अनुबंध राशि, अनुबंध दिनांक तथा अब तक हुए व्यय की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, योजना मद एवं विशेष मजबूतीकरण मद से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने नवीन सड़क निर्माण के लिए लगाए गए टेंडरों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधक बन रहे भू-अर्जन एवं मुआवजे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि,रीवा-मनकहरी-मझियार-फरहद मार्ग, रीवा-गड्डी मार्ग तथा रघुराजगढ़ से करियाझर मार्ग में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रगतिरत है। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत निर्माणाधीन नागौद बाईपास मार्ग तथा चितरंगी-सिंगरौली मार्ग की समीक्षा करते हुए दोनों कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे रीवा-सीधी फोरलेन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। *वन अनुमति के कारण अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* बैठक में एमपीआरडीसी द्वारा निर्माणाधीन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मार्गों के निर्माण में वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है।इस पर कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने ऐसे सभी मार्गों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक नहीं है, वहां निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर कार्य पूर्ण होने की स्थिति अपलोड की जाए। कमिश्नर ने सभी निर्माण विभागों को सड़क परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और भूमि अधिग्रहण, वन अनुमति सहित अन्य बाधाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल सहित लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पगरा के युवा सदस्य के द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम 🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ - पगरा से 🔴 गणेश आरती से गूंजा पगरा, माँ काली नृत्य और लोकगीतों ने बांधा समा, विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के युवाओं ने रचा आस्था और संस्कृति का संगम दैनिक तत्काल संदेश। पगरा /बेला/राम पुर बघेलान/सतना ग्राम पगरा में बीती शाम आस्था और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पगरा के युवा सदस्यों द्वारा आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश जी की भव्य आरती के साथ हुआ। संध्या होते ही मंदिर परिसर "गणपति बप्पा मोरया"के जयकारों से गूंज उठा। आरती में गांव के बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आरती के बाद माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। लोकगीतों पर झूमे ग्रामीण, काली नृत्य बना आकर्षण का केंद्र आरती के पश्चात लोक गायकों द्वारा एक से बढ़कर एक लोकगीत एवं भगत की प्रस्तुतियां दी गईं, जिस पर ग्रामीण झूमने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण माँ काली का चमत्कारी नृत्य रहा। कलाकार की जीवंत प्रस्तुति और आस्था से भरे नृत्य ने वहां मौजूद सैकड़ों दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ बुंदेली लोक संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और बाहर से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक भंडारा अनवरत चलता रहा। यह पूरा आयोजन किसी बड़े चंदे से नहीं, बल्कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पगरा के युवा सदस्योंकी मेहनत और आपसी सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। युवाओं की सक्रिय भागीदारी और अनुशासन की ग्रामीणों ने खूब सराहना की।4
- वीडियो 👆 _________ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री और रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में सर्किट हाउस राजनिवास में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में आयोजित बैठक। सेवा संकल्प अभियान को लेकर बैठक, प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने की तैयारियों की समीक्षा रीवा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को सर्किट हाउस राजनिवास में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के तहत जिले में किए जाने वाले विभिन्न जनसेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यों की तैयारियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों से अभियान की रूपरेखा, गतिविधियों और क्रियान्वयन को लेकर जानकारी ली गई। प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में अभियान से जुड़े विभिन्न विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- रीवा ब्रेकिंग। देर रात दो दुकानदारों के बीच महा संग्राम, जमकर हुई मारपीट। रीवा में देर रात दुकान के लिए जगह को लेकर दो दुकानदारों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर झूमाझटकी और मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान महिलाये भी शामिल थी। घटना में कई लोगों के घायल होने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि दुकान के लिए जगह को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। फिलहाल घटना की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस कार्रवाई और घायलों की स्थिति की जानकारी का इंतजार है।1
- "जमीनी विवाद में लहूलुहान हुआ किसान,सिर के साथ पैर पर भी गंभीर चोट,, "ग्राम ऐरा का मामला,घर में घुसकर धारदार हथियारों से हमला,रामपुर थाने में FIR दर्ज,, विराट 24 न्यूज़ की खबर को देखने के लिए ऊपर वाले नीले से लिंक को टच करें और देखो पूरी खबर1
- दीप प्रज्वलन के बाद रोजगार सेवक से मारपीट का आरोप, जातिसूचक गाली और जान से मारने की धमकी देने की तहरीर चित्रकूट। रैपुरा थाना क्षेत्र के भखरवार गांव में ग्राम रोजगार सेवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पीड़ित लवकुश पुत्र लोटन ने रैपुरा थाने में तहरीर देकर एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तहरीर के मुताबिक, 17 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे ग्राम पंचायत भखरवार के पंचायत भवन में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के बाद वह घर लौट रहा था। आरोप है कि गांव के ही सिब्बू सिंह ने उसे रोककर दीप जलाने के बाद सफाई को लेकर सवाल किया। पीड़ित के जवाब देने पर आरोपी ने कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट की और गला दबाकर जमीन पर पटक दिया। पीड़ित का आरोप है कि उसके बाएं कान पर पैर से वार किया गया और लात-घूंसों से मारपीट की गई, जिससे मुंह से खून निकलने लगा और शरीर में कई जगह चोटें आईं। तहरीर में जान से मारने तथा घर में आग लगाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। बीच-बचाव करने पहुंचे कल्लूराम साहू के साथ भी गाली-गलौज करने और उनका मोबाइल व मोबाइल कवर में रखे 2,000 रुपये ले जाने का आरोप तहरीर में लगाया गया है। पीड़ित के मुताबिक, घटना के बाद गांव के अंजनी पटेल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर चोटों के कारण उसे जिला चिकित्सालय चित्रकूट रेफर किया गया, जहां भर्ती कर उपचार किया गया। पीड़ित ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर चोटों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने तथा दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद उसे बाएं कान से सुनाई नहीं दे रहा है और चक्कर आने की शिकायत बनी हुई है। मामले में पुलिस की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।1