पाली वार्ड नंबर 6 कई दिनों से मरी हुई गाय में कीड़े एवं दुर्गंध से बड़वासीयो में आक्रोश वार्ड 6 में मरी गाय से फैली दुर्गंध, रहवासी परेशान बिरसिंहपुर-- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 6 में सेंट्रल बैंक के पास पिछले कई दिनों से मरी हुई गाय कीड़े पड़ गए हैं पड़े होने से पूरे क्षेत्र में भारी दुर्गंध फैल गई है। दुर्गंध के कारण वार्डवासियों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाय की मौत के बाद से उसका शव वहीं पड़ा है। नगर पालिका को सूचना देने के बावजूद अभी तक शव को हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। भीषण गर्मी में शव सड़ने से बदबू और तेज हो गई है, जिससे मक्खियां और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। वार्डवासी ने बताया कि दुर्गंध से बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी, सिरदर्द की शिकायत हो रही है। लोगों ने जल्द से जल्द शव को हटाकर क्षेत्र में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने की मांग की है। इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिल सका।
पाली वार्ड नंबर 6 कई दिनों से मरी हुई गाय में कीड़े एवं दुर्गंध से बड़वासीयो में आक्रोश वार्ड 6 में मरी गाय से फैली दुर्गंध, रहवासी परेशान बिरसिंहपुर-- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 6 में सेंट्रल बैंक के पास पिछले कई दिनों से मरी हुई गाय कीड़े पड़ गए हैं पड़े होने से पूरे क्षेत्र में भारी दुर्गंध फैल गई है। दुर्गंध के कारण वार्डवासियों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाय की मौत के बाद से उसका शव वहीं पड़ा है। नगर पालिका को सूचना देने के बावजूद अभी तक शव को हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। भीषण गर्मी में शव सड़ने से बदबू और तेज हो गई है, जिससे मक्खियां और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। वार्डवासी ने बताया कि दुर्गंध से बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी, सिरदर्द की शिकायत हो रही है। लोगों ने जल्द से जल्द शव को हटाकर क्षेत्र में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने की मांग की है। इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिल सका।
- उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत घुनघुटी वन परिक्षेत्र जंगल में बाग का मूवमेंट लगातार *घुनघुटी वन परिक्षेत्र जंगल में बाघ का मूवमेंट लगातार अपडेट* दूसरी वीडियो नई सोशल मीडिया में वायरस 28/7/26 शाम को सड़क पर दिखा था जो कर चालक को बाघ हमला करने की कोशिश कर रहा था उसी की जमकर सोशल मीडिया में वायरल हुआ,, अब31/7/26शाम 5:00 घुनघुटी शहडोल बीच अचानक उसी जगह सड़क के बगल में बैठा था बाघ बच्चों के साथ वहीं राहगीरों ने देखा तो कार से वीडियो बनाने लगे तभी बाघ मुख को खोलकर गाड़ी की ओर दौड़ने का प्रयास करने लगा बाघिन सोचती है कि मेरे बच्चे के ऊपर कोई हमला न करें, जबकि वन विभाग के टीम लगातार चारों ओर जंगल की निगरानी में लगी हुई है।1
- जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू एवं प्रकाश झारिया ने रासायनिक, जैविक, प्राकृतिक पर प्रकाश डाला *शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा,जिला डिण्डौरी में जैविक कृषि : इसकी आवश्यकता एवं वैश्विक संभावनाएं” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा* *जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू एवं प्रकाश झारिया ने रासायनिक, जैविक, प्राकृतिक पर प्रकाश डाला* शहपुरा। आज 1 सितम्बर 2026 को स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना, उच्च शिक्षा विभाग, म.प्र. शासन के आदेशों के परिप्रेक्ष्य में शासकीय आदर्श महाविद्यालय, शहपुरा, डिण्डौरी में “जैविक कृषि : इसकी आवश्यकता एवं वैश्विक संभावनाएं” विषय पर एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य पी.एस. वरकड़े के संरक्षण में हुआ। *जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने कहा : जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि* जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य प्राचार्य श्री पी.एस. वरकड़े, जैविक कृषि विशेषज्ञ प्रशिक्षक श्री बिहारी लाल साहू, श्री प्रकाश झारिया, श्री भगवत सिंह धुर्वे, डॉ नरेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ वीणा शिवहरे, डॉ सुषमा मिश्रा, डॉ ज्योति त्रिपाठी आदि ने भारत माता को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर, सरस्वती वंदना से किया गया। कु. निहालिका के नेतृत्व में उपस्थित समस्त छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना की। कु. भूमिका ने स्वागत गीत का गायन करके उपस्थित सभी जनों का मन मोह लिया। शुभारंभ कार्यक्रम में श्री अभिषेक पटेल, डॉ. रश्मि चक्रवर्ती, डॉ निहारिका सेंगर, डॉ दीपक अग्रवाल, डॉ परमेश कुमार साकेत, सुश्री कृति जैन, सुश्री आकांक्षा, डॉ. ए.के. झारिया, आदि महाविद्यालय के सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम के संयोजक डॉ नरेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक (सांख्यिकी) ने बताया कि कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बहुत ही उत्साह के साथ पंजीयन करायें है। गूगल फार्म के माध्यम से हुए पंजीकरण में कुल निर्धारित पंजीयनों से दोगुने पंजीयन फार्म प्राप्त हुए हैं, जो कि छात्र-छात्राओं के जैविक कृषि में अत्यधिक उत्साह होने का प्रमाण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित होगा और शहर के विख्यात प्रशिक्षकों श्री बिहारी लाल साहू, श्री प्रकाश झारिया के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। महाविद्यालय परिवार के डॉ. अजय कुमार राय, डॉ. बसंती चौहान, डॉ कल्पना सागर, डॉ खेमराज कनौजिया, डॉ. प्रीत नेगी, डॉ. प्रतिभा उरमलिया, डॉ. अंचल वर्मा, डॉ.राजू रैदास, डॉ.सी एल आदि भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में जैविक कृषि की उपयोगिता एवं महत्व पर व्याख्यान देंगे।4
- 🚨 महा-ब्रेकिंग: ग्राम पंचायत तगावर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा गरीब का आशियाना, जनता कब तक रहेगी गुलाम? 💥 #BREAKING_NEWS 📍 स्थान: ग्राम पंचायत तगावर (शहडोल) 🤬 'नाली गायब, सड़क बनी मुसीबत'... पंचायत के भ्रष्टाचार से ढह गई रोहिणी यादव के पक्के मकान की दीवार, अब पूरे घर पर मंडराया खतरा! ग्राम पंचायत तगावर से विकास के दावों की पोल खोलने वाली एक बेहद दर्दनाक और आक्रोशित करने वाली खबर सामने आ रही है। पंचायत की तानाशाही और घटिया निर्माण कार्य के कारण आज एक गरीब परिवार बेघर होने की कगार पर पहुंच गया है। 🔍 क्या है पूरा मामला? जानिए भ्रष्टाचार की क्रोनोलॉजी: 3 साल पहले की लापरवाही: पंचायत द्वारा 3 साल पहले यहाँ PCC रोड का निर्माण कराया गया था। इंजीनियरिंग का खेल: जहाँ पानी की निकासी के लिए पुलिया/पोल डालना बेहद जरूरी था, वहाँ भ्रष्टाचार के चलते पोल नहीं डाला गया। मकान पर आफत: पोल न होने के कारण जलभराव इस कदर बढ़ा कि रोहिणी यादव के पक्के मकान की दीवार भरभरा कर गिर गई। अब स्थिति इतनी बदतर है कि पूरा मकान कभी भी जमींदोज हो सकता है। 📢 निजी खर्च पर बनाई नाली, फिर भी पंचायत की कुंभकर्णी नींद नहीं खुली! हैरानी की बात यह है कि पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत खर्च पर नाली का निर्माण भी कराया, लेकिन पंचायत प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। पंचायत में बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई के नाम पर सिर्फ 'शून्य' मिला है। 🔥 जनता का तीखा सवाल: क्या पंचायत ने लोगों को गुलाम बना दिया है? आज तगावर की जनता पूछ रही है कि क्या ग्राम पंचायत ने ग्रामीणों को इतना गुलाम बना दिया है कि लोग अपने हक, अधिकार और विकास पर आवाज भी नहीं उठा सकते? चंद रुपयों के भ्रष्टाचार के लिए किसी के आशियाने को उजाड़ देना कहाँ का न्याय है? ⚠️ उच्च अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग: इस गंभीर लापरवाही के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व जिला पंचायत सीईओ से मांग की है कि: भ्रष्ट ग्राम पंचायत तगावर के खिलाफ तत्काल जांच बैठाई जाए। रोहिणी यादव के मकान को बचाने के लिए तुरंत पानी निकासी का पुख्ता इंतजाम (पोल/पुलिया) किया जाए। पीड़ित परिवार को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। #TagavarPanchayat #CorruptionMPExtreme #ShahdolNews #RationingCorruption #Jaisinghnagar #CMHelpline181 #GramPanchayatGhotala1
- 🌱 जैविक कृषि की आवश्यकता और वैश्विक संभावनाओं पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में एक माह चलेगा प्रशिक्षण, विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह शहपुरा, डिण्डौरी | 1 सितंबर 2026 स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में शासकीय आदर्श महाविद्यालय, शहपुरा, जिला डिण्डौरी में मंगलवार को “जैविक कृषि : इसकी आवश्यकता एवं वैश्विक संभावनाएं” विषय पर एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य पी.एस. वरकड़े के संरक्षण में किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य पी.एस. वरकड़े, जैविक कृषि विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू तथा प्रकाश झारिया सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कु. भूमिका ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों एवं उपस्थितजनों का मन मोह लिया। 🌾 जंगल की प्राकृतिक व्यवस्था से सीखने की जरूरत : बिहारी लाल साहू प्रशिक्षण में जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति में पेड़-पौधों को अलग से यूरिया, कीटनाशक या कृत्रिम खाद देने की आवश्यकता नहीं पड़ती, फिर भी जंगल के पेड़ उचित समय पर फलते-फूलते हैं। उन्होंने कहा कि “जंगल में जो प्राकृतिक नियम काम करता है, वही नियम हमारे खेतों में भी अपनाने की आवश्यकता है। यही प्राकृतिक कृषि का मूल सिद्धांत है।” उन्होंने सुरक्षित स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों को महत्वपूर्ण बताया। 👨🎓 विद्यार्थियों में जैविक कृषि को लेकर खासा उत्साह कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नरेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक (सांख्यिकी) ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए विद्यार्थियों ने बेहद उत्साह के साथ पंजीयन कराया है। गूगल फॉर्म के माध्यम से प्राप्त पंजीयनों की संख्या निर्धारित सीटों से लगभग दोगुनी रही, जो विद्यार्थियों की जैविक कृषि के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित किया जाएगा। इसमें शहर के विख्यात प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू एवं प्रकाश झारिया विद्यार्थियों को जैविक एवं प्राकृतिक कृषि के विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण देंगे। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय परिवार के डॉ. अजय कुमार राय, डॉ. बसंती चौहान, डॉ. कल्पना सागर, डॉ. खेमराज कनौजिया, डॉ. प्रीत नेगी, डॉ. प्रतिभा उरमलिया, डॉ. अंचल वर्मा, डॉ. राजू रैदास, डॉ. सी.एल. सहित अन्य शिक्षक भी जैविक कृषि की उपयोगिता एवं महत्व पर व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम में श्री भगवत सिंह धुर्वे, डॉ. वीणा शिवहरे, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, श्री अभिषेक पटेल, डॉ. रश्मि चक्रवर्ती, डॉ. निहारिका सेंगर, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. परमेश कुमार साकेत, सुश्री कृति जैन, सुश्री आकांक्षा, डॉ. ए.के. झारिया सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- *फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* *फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* *डिंडौरी01सितंबर2026* डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें। जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 321 किसानों में से 1 लाख 50 हजार 297 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 2 लाख 51 हजार 24 किसानों की फार्मर आईडी बनना अभी शेष है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर फार्मर आईडी बनाने हेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजस्व अधिकारी एवं संबंधित अमला घर-घर पहुंचकर भी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। डिप्टी कलेक्टर श्री वासनिक ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी। उन्होंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी कैंप, निर्धारित केंद्र अथवा घर पहुंचने वाले राजस्व अमले के सहयोग से समय पर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।1
- डा प्रणय तिवारी शराब की राक्षसी दुकानों पर हल्ला बोल, असामाजिक पेय समाज के बीच आबकारी एक्ट का उल्लंघन करते हुए ब्योहारी अथर्व पैरामेडिकल, इंदिरा गांधी कम्प्यूटर कालेज,एवं विद्यालयों तथा महाविद्यालय की लाईन में मुख्य मार्ग से पांच मीटर की दूरी पर संचालित शराब के ठेके की दुकान भले ही आबकारी नियमानुसार प्रदाय की गई हो परंतु इसकी लोकेशन भारतीय संविधान के एकदम विपरीत है, ज्ञात होना चाहिए कि जहां से महिलाओं, बच्चों, छात्रों,के शैक्षणिक संस्थानों में आने जाने का प्रमुख मार्ग हो वहां पर मदिरा की दुकान को खोलना मन मस्तिष्क में प्रतिकूल प्रभाव डालता है एवं मुख्य सड़क से एकदम सटा हुआ होना तो सीधे सीधे इस बात की ओर इशारा करता है कि हमें कमाई से मतलब है भाड़ में जाएं नियम और कानून इसके अतिरिक्त यहां पर घनी बस्ती है और छोटे छोटे बच्चे, लड़कियां एवं मदिरापान को माननीय उच्चतम ने पूरी तरह से बहिष्कृत कर रखा है मदिरापान स्वयं की, परिवार की और राष्ट्र की मौत है,ये तो राज्य सरकारों के राजस्व नियमों के अंतर्गत एक निर्धारित सीमा के अंतर्गत ही ठेके पर संचालित की जाएं या ना की जाएं वह राज्य सरकारों पर निर्भर करता है वह भी मदिरालयों को कोई संवैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं है क्योंकि बात चाहे चिकित्सा विज्ञान की हो या दर्शनशास्त्र की या अपराधशास्त्र एवं मनोविज्ञान की प्रत्येक दृष्टिकोण में शराब केवल अमानुषिक, अमानवीय, अपराधिक गतिविधियों को ही बढ़ाता है। द्वितीय यह कि शराब चाहे बुद्ध दर्शन में हो,चाहे जैन दर्शन में हो चाहे हिंदू दर्शन में हो सभी में इसे राक्षसी प्रवृत्ति की ही संज्ञा दी गई है कोई ऐसा अधिकारी या नेता है जो यह लिखकर दे सके की शराब ना पिएंगे तो राष्ट्रीय विकास अवरुद्ध हो जाएगा इसलिए शराब तो पीनी पड़ेगी जब चारों दिशाओं से इस विनाशकारी शराब नामक विष का केवल विरोध ही है,समाज में कोई स्थान ही नहीं है तो इसका संचालन तो हिटलरशाही का उदाहरण ही कहा जाएगा, 200 वर्षों तक अंग्रेजों ने अफीम का नशा लगवाकर समूचे भारतवर्ष की अस्मिता को तार तार किया था एवं उस अफीम एवं गांजे की खेती ने भारतवर्ष की पौराणिक संस्कृति, स्वतंत्रता,एकता,अखण्डता,सम्प्रभुता सब कुछ छीन लिया था, उन्हें नशे से बाहर लाने के लिए सहस्रों शीश राष्ट्रीय बलिवेदी पर हवन हुए थे । और आज के वर्तमान माहौल पर विचार जरा गंभीरता पूर्वक करिए किस प्रकार से देश की युवा पीढ़ी जो भारतीय सेनाओं में जाकर देश की सुरक्षा करती है शराब उन सबकी नसों में बहकर उनके रक्त को पानी कर रहा है और वाह रे मेरे देश उन देशों से सीख लीजिए जहां के वायुमार्ग से भी शराब परिवहन वायुयान तक नहीं गुजर सकता यदि उन मर्यादाओं का उल्लंघन ऐसे देश पाते हैं जो शराब नाम से घृणा करते हैं वो फैसले लेने के लिए किसी चार्जशीट या पुलिस प्राथमिकी की प्रतीक्षा नहीं करते हैं सीधे उनका मिलन ऊपर वाले से करवा देते हैं। शराब तो अन्याय और अनाचार,पाप और अपराध की जननी है जिसका समर्थन हमारे भारतवर्ष के ना तो वेद,पुराण, उपनिषद,संहिताओं में ही है अपितु उनके प्रति आकर्षण मात्र से छात्र हो,आचार्य हो ,गृहणी हो, अधिकारी हो या कोई भी तीसमार खान हो उन्हें कुल कलंक के नाम से ही अपमानित कर बुलाया जाएगा। शराब का शनै: शनै: मनमानी पन और धड़ल्ले से उसका गांव गांव तक प्रचार प्रसार कर देश को दीमक की तरह खोखला किया जा रहा है, पारिवारिक विघटन,विवाह विच्छेद,एसिड अटैक,लूट ,चोरी, बालात्कार,अपहरण, हत्याएं, एवं वो अपराध जो कोई मनुष्य अपने होश करने की विचेरेगा तक नहीं वो शराब के सेवन के बाद वही अपराध बड़ी आसानी से कर डालता है एवं होश आने के पश्चात पछताता है। परिवार के मुखिया हों या बच्चे यदि इस गैर कानूनी पेय का सेवन कर लिया तो उस परिवार के सर्वनाश को कोई नहीं रोक सकता, उन्हें सुधारने के लिए नशामुक्ति केन्द्र एवं पुनर्वास केंद्र बनाए जाते हैं जहां किसी की ग़रीबी या अमीरी से कोई लेना-देना नहीं होता है उन्हें तो बस पीड़ित के परिवारजनों से पैसे ही ऐंठने रहते हैं। अनावश्यक रूप से एक सामाजिक बीमारी को पनपाया जाता रहा है, पनपाया जा रहा है यदि शराब पाप और अधर्म की राक्षसी प्रवृत्ति ना होती तो उसे प्रमुख तीर्थ स्थलों से हटवाया ही क्यों जाता ? मैं जानता हूं कि इस लेख में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्चतम न्यायालय, भारतीय संविधान मेरे ही पक्ष में है और एक सड़क का भिखारी तक इस बात को स्वीकार नहीं करेगा कि वो शराब को पीने के प्रमुख प्रचारक के रूप में अपने हस्ताक्षर करे,2
- उमरिया जिले के नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली में हाईवे के किनारे खुली नालियों में एक गाय के गिर के मर जाने और नाली में पड़े पड़े सड़ने के कारण वार्ड वासियों को हो रही दिक्कत चारों तरफ बदबू फैली है सड़ने के कारण बीमारियों का खतरा वार्ड 6 में मरी गाय से फैली दुर्गंध, रहवासी परेशान बिरसिंहपुर-- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 6 में सेंट्रल बैंक के पास पिछले कई दिनों से मरी हुई गाय कीड़े पड़ गए हैं पड़े होने से पूरे क्षेत्र में भारी दुर्गंध फैल गई है। दुर्गंध के कारण वार्डवासियों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाय की मौत के बाद से उसका शव वहीं पड़ा है। नगर पालिका को सूचना देने पर अभी शव को हटाने की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी में शव सड़ने से बदबू और तेज हो गई है, जिससे मक्खियां और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। वार्डवासी ने बताया कि दुर्गंध से बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी, सिरदर्द की शिकायत हो रही है। लोगों ने जल्द से जल्द शव को हटाकर क्षेत्र में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने की मांग की है। एवं खुली नालियों के ऊपर स्लैप लगाकर नालियों को ढकने की भी मांग की गई है क्योंकि अभी कुछ ही दिनों पहले वार्ड नंबर 10 निवासी एक बुजुर्ग वार्ड नंबर 5 की खुली नाली में गिरने से दर्दनाक मौत हुई थी और आज फिर यह खुली नाली में एक गाय के गिरने से भी मौत हो गई है ऐसी दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं इसलिए वार्ड वासियों का कहना है कि जल्द से जल्द खुली नालियों के ऊपर ढक्कन स्लैप लगाकर उसे बंद किया जाए ताकि आगे चलकर कोई दुर्घटना ना हो सके इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास का भी प्रयास किया गया।3
- पाली वार्ड नंबर 6 कई दिनों से मरी हुई गाय में कीड़े एवं दुर्गंध से बड़वासीयो में आक्रोश वार्ड 6 में मरी गाय से फैली दुर्गंध, रहवासी परेशान बिरसिंहपुर-- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 6 में सेंट्रल बैंक के पास पिछले कई दिनों से मरी हुई गाय कीड़े पड़ गए हैं पड़े होने से पूरे क्षेत्र में भारी दुर्गंध फैल गई है। दुर्गंध के कारण वार्डवासियों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाय की मौत के बाद से उसका शव वहीं पड़ा है। नगर पालिका को सूचना देने के बावजूद अभी तक शव को हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। भीषण गर्मी में शव सड़ने से बदबू और तेज हो गई है, जिससे मक्खियां और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। वार्डवासी ने बताया कि दुर्गंध से बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी, सिरदर्द की शिकायत हो रही है। लोगों ने जल्द से जल्द शव को हटाकर क्षेत्र में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने की मांग की है। इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिल सका।1
- 🚜 फार्मर आईडी नहीं बनी तो योजनाओं का लाभ लेने में हो सकती है परेशानी, जल्द बनवाएं किसान आईडी : डिप्टी कलेक्टर डिंडौरी में 4.01 लाख किसानों में से 1.50 लाख की बनी फार्मर आईडी, 2.51 लाख किसानों की आईडी बनना बाकी डिंडौरी, 01 सितंबर 2026। डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द अपनी आईडी बनवा लें। जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 321 किसानों में से अब तक 1 लाख 50 हजार 297 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 2 लाख 51 हजार 24 किसानों की आईडी बनना अभी शेष है। गांव-गांव लगाए जा रहे कैंप किसानों की सुविधा के लिए जिले के विभिन्न स्थानों पर फार्मर आईडी बनाने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राजस्व अधिकारी एवं संबंधित अमला घर-घर पहुंचकर भी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य कर रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। योजनाओं का लाभ लेने में होगी सुविधा डिप्टी कलेक्टर श्री वासनिक ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि विभाग की योजनाओं, अनुदान एवं अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने नजदीकी कैंप, निर्धारित केंद्र अथवा घर पहुंचने वाले राजस्व अमले के सहयोग से समय पर फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। 📊 डिंडौरी में फार्मर आईडी की स्थिति कुल किसान: 4,01,321 फार्मर आईडी बन चुकी: 1,50,297 फार्मर आईडी बनना शेष: 2,51,024 पूर्णता: लगभग 37.45% समय चक्र | डिंडौरी1