अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी के आरोपों तथा विवाद के बाद, अयोध्या का बड़ा संत समाज और प्रमुख अखाड़े श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। संतों के इस समर्थन और पूरे घटनाक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: सफाई और संवाद अभियान: ट्रस्ट के महासचिव पद से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने अयोध्या में साधु-संतों और अखाड़ों (जैसे निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास) से मुलाकात कर संवाद शुरू किया। उन्होंने चढ़ावा प्रकरण में प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी दी और भ्रम दूर करने का प्रयास किया। मणिराम दास छावनी में बैठक: मणिराम दास छावनी में लगभग 300 साधु-संतों, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और RSS के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी हुई। इसकी अध्यक्षता महंत कमलनयन दास ने की। षड्यंत्र और चरित्र हनन का आरोप: संत समाज और धार्मिक न्यास समिति के सदस्यों (जैसे स्वामी राजकुमार दास और महंत मिथिलेश नंदिनी शरण) ने कहा कि चंपत राय निष्कलंक और बेदाग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन और निर्माण को नीचा दिखाने के लिए विपक्षी ताकतों द्वारा सुनियोजित तरीके से उनका चरित्र हनन और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। विपक्ष पर निशाना: संतों का कहना था कि जिन्होंने कोर्ट में रामलला के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वे अब राजनीति के तहत इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं। जांच प्रक्रिया पर भरोसा: संत समाज ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है और मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी पर बिना साक्ष्य के आरोप लगाना अनुचित है। संतों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव रखा कि चंपत राय का राम मंदिर निर्माण और आंदोलन में अतुलनीय योगदान रहा है और उनकी निष्ठा पर कोई शंका नहीं की जा सकती।
अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी के आरोपों तथा विवाद के बाद, अयोध्या का बड़ा संत समाज और प्रमुख अखाड़े श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। संतों के इस समर्थन और पूरे घटनाक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: सफाई और संवाद अभियान: ट्रस्ट के महासचिव पद से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने अयोध्या में साधु-संतों और अखाड़ों (जैसे निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास) से मुलाकात कर संवाद शुरू किया। उन्होंने चढ़ावा प्रकरण में प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी दी और भ्रम दूर करने का प्रयास किया। मणिराम दास छावनी में बैठक: मणिराम दास छावनी में लगभग 300 साधु-संतों, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और RSS के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी हुई। इसकी अध्यक्षता महंत कमलनयन दास ने की। षड्यंत्र और चरित्र हनन का आरोप: संत समाज और धार्मिक न्यास समिति के सदस्यों (जैसे स्वामी राजकुमार दास और महंत मिथिलेश नंदिनी शरण) ने कहा कि चंपत राय निष्कलंक और बेदाग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन और निर्माण को नीचा दिखाने के लिए विपक्षी ताकतों द्वारा सुनियोजित तरीके से उनका चरित्र हनन और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। विपक्ष पर निशाना: संतों का कहना था कि जिन्होंने कोर्ट में रामलला के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वे अब राजनीति के तहत इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं। जांच प्रक्रिया पर भरोसा: संत समाज ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है और मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी पर बिना साक्ष्य के आरोप लगाना अनुचित है। संतों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव रखा कि चंपत राय का राम मंदिर निर्माण और आंदोलन में अतुलनीय योगदान रहा है और उनकी निष्ठा पर कोई शंका नहीं की जा सकती।
- अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी के आरोपों तथा विवाद के बाद, अयोध्या का बड़ा संत समाज और प्रमुख अखाड़े श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। संतों के इस समर्थन और पूरे घटनाक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: सफाई और संवाद अभियान: ट्रस्ट के महासचिव पद से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने अयोध्या में साधु-संतों और अखाड़ों (जैसे निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास) से मुलाकात कर संवाद शुरू किया। उन्होंने चढ़ावा प्रकरण में प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी दी और भ्रम दूर करने का प्रयास किया। मणिराम दास छावनी में बैठक: मणिराम दास छावनी में लगभग 300 साधु-संतों, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और RSS के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी हुई। इसकी अध्यक्षता महंत कमलनयन दास ने की। षड्यंत्र और चरित्र हनन का आरोप: संत समाज और धार्मिक न्यास समिति के सदस्यों (जैसे स्वामी राजकुमार दास और महंत मिथिलेश नंदिनी शरण) ने कहा कि चंपत राय निष्कलंक और बेदाग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन और निर्माण को नीचा दिखाने के लिए विपक्षी ताकतों द्वारा सुनियोजित तरीके से उनका चरित्र हनन और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। विपक्ष पर निशाना: संतों का कहना था कि जिन्होंने कोर्ट में रामलला के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वे अब राजनीति के तहत इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं। जांच प्रक्रिया पर भरोसा: संत समाज ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है और मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी पर बिना साक्ष्य के आरोप लगाना अनुचित है। संतों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव रखा कि चंपत राय का राम मंदिर निर्माण और आंदोलन में अतुलनीय योगदान रहा है और उनकी निष्ठा पर कोई शंका नहीं की जा सकती।1
- नागपंचमी पर परवरपार शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा परिसर1
- चुनाहजूरी स्थित माता मंदिर से मड़देव तक कांवड़ यात्रा निकाली चुनाहजूरी माता मंदिर से मड़देव तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, सैलानी चौक पर हुआ स्वागत रिपोर्टर दुर्गेश यादव जन जन की आवाज न्यूज़ 24 बैतुल चुनाहजूरी। सावन माह के पावन अवसर पर चुनाहजूरी स्थित माता मंदिर से मड़देव तक कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारों के साथ कांवड़ लेकर मड़देव की ओर रवाना हुए। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक आस्था देखने को मिली। यात्रा का सैलानी चौक पहुंचने पर स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए स्वागत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं। कांवड़ यात्रा में बच्चों और महिलाओं की भागीदारी ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। यात्रा शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मड़देव की ओर रवाना हुई। कार्यक्रम में बदामी यादव, सन्तोष यादव, सरपंच पति दल्लू उईके, रोजगार सहायक दिनेश यादव तथा सैलानी चौक के दुकानदारों द्वारा कांवड़ यात्रा के श्रद्धालुओं को स्वफाहार देकर स्वागत किया4
- रानी अवंतीबाई लोधी जयंती पर CM योगी ने किया माल्यार्पण | वीरांगना को श्रद्धांजलि | UP News1
- *"इतिहास से सीख लेते हुए वर्तमान पीढ़ी को देश की संप्रभुता, शांति और सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए" - देवेंद्र नाथ द्विवेदी *"इतिहास से सीख लेते हुए वर्तमान पीढ़ी को देश की संप्रभुता, शांति और सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए" - देवेंद्र नाथ द्विवेदी आज दिनांक **15 अगस्त 2026** को स्व राम रहस्य पी. जी. कॉलेज सिंहपुर चौरी-चौरा गोरखपुर में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ ध्वजारोहण से हुआ तत्पश्चात राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रीय गान का गायन हुआ । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री देवेंद्र नाथ द्विवेदी(पूर्व आई.पी.एस.) जी रहे उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश वासियों को इतिहास से सीख लेते हुए युवाओ को देश की संप्रभुता, शांति और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए हमेशा प्रयास करना चाहिए तथा देश के विकास में सहयोग प्रदान करना चाहिए क्योंकि भारत वर्ष में योग्यता की कमी नहीं है बस उस योग्यता का प्रयोग करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ अभय मणि त्रिपाठी प्रदेश संयोजक चिकित्सा प्रकोष्ठ बीजेपी जी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रबंधक श्री ग्रीस राज त्रिपाठी जी ने किया तथा अतिथियों का स्वागत डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने किया तथा आभार ज्ञापन श्री राहुल श्रीवास्तव जी ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री ऋतुवेंद्र शर्मा एवं श्रीमती नेहा द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र/छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा थामकर देश की अखंडता और शांति बनाए रखने हेतु **राष्ट्रीय एकता और सद्भाव की शपथ** ली। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त शिक्षकगण , कर्मचारीगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।3
- बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र (पूरे कुमेदान, मजरे कोलवा गांव) में बंजर जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष की घटना सामने आई है। घटना का विवरण: कारण: शमशेर अली (70) और विक्रमाजीत सिंह के बीच मकान के सामने स्थित बंजर जमीन पर कब्जेदारी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। मारपीट और हमला: रविवार को ट्रैक्टर से जुताई करने का विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। मौत और घायल: हमले और ट्रैक्टर से कुचलने के कारण 70 वर्षीय शमशेर अली गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। घटना में महिलाओं समेत करीब 9 लोग घायल हुए हैं। पुलिस कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) अर्पित विजयवर्गीय और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और परिजनों की तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- गोरखपुर के बांसगांव क्षेत्र के बदौली बाबू गांव में दर्दनाक हादसा,नाग पंचमी पर तालाब में नहाने गए 3 बच्चों की डू/बने से मौ*त.......1
- गोरखपुर में 3 बच्चों की तालाब में डूब*कर मौ*त,परिवार में मचा कोह*राम गोरखपुर में 3 बच्चों की तालाब में डूब*कर मौ*त,परिवार में मचा कोह*राम1