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खाद के दामों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ 'किसान गर्जना' संगठन ने शुक्रवार को हल्ला बोल करने की घोषणा की है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत, कटंगी में एक पैदल मार्च निकाला जाएगा। 'किसान गर्जना' के सदस्य इस मार्च के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें खाद की बढ़ी हुई कीमतों पर अपनी आपत्ति और मांगें रखेंगे।
Dev Anand
खाद के दामों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ 'किसान गर्जना' संगठन ने शुक्रवार को हल्ला बोल करने की घोषणा की है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत, कटंगी में एक पैदल मार्च निकाला जाएगा। 'किसान गर्जना' के सदस्य इस मार्च के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें खाद की बढ़ी हुई कीमतों पर अपनी आपत्ति और मांगें रखेंगे।
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- एक वायरल बयान में सवाल उठाया गया है कि 'बाबू बाबू, तुम अपने यार को पति की गोद में क्यों खिलाओगी?' यह टिप्पणी एक व्यक्ति के संबंध में की गई है।1
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- आज सिवनी में भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर विशेष रूप से इन लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से लगाया गया है।1
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- सिवनी जिले के घंसौर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ न्यूज नेशन 81 के क्राइम ब्यूरो चीफ मोहित यादव द्वारा लगातार प्रमुखता से प्रकाशित की गई तीन मासूम बेटियों के बेघर परिवार की दर्दभरी कहानी का बड़ा असर हुआ है। खबर सामने आने के बाद ग्राम पंचायत नयेगांव ने पीड़ित शालकराम पटेल को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में पंचायत भवन में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था करने और सात दिनों के भीतर पंचायत द्वारा उपलब्ध कराए गए उचित स्थान पर परिवार सहित रहने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत द्वारा जारी इस पत्र में स्पष्ट रूप से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों में प्रकाशित खबरों का उल्लेख किया गया है, जिससे यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम के बाद अब कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या जिस परिवार का घर बारिश में ढह गया, उसे स्थायी आवास मिलेगा? क्या प्रधानमंत्री आवास योजना या आपदा राहत का लाभ जल्द ही पीड़ित परिवार तक पहुँचेगा? क्या जिला प्रशासन उन तीन मासूम बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा? और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी? न्यूज नेशन 81 लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठा रहा है, और अब पूरे जिले की निगाहें जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को स्थायी राहत और न्याय कब तक मिलेगा। न्यूज नेशन 81 की यह मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक मासूम बेटियों को न्याय और बेघर परिवार को सिर पर छत नहीं मिल जाती।2