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हरियाणा का मंजीत ने नया फ़ोन गिफ्ट किया... मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी को

13 hrs ago
user_Misty Helping Foundation
Misty Helping Foundation
Voice of people Garhani, Bhojpur•
13 hrs ago

हरियाणा का मंजीत ने नया फ़ोन गिफ्ट किया... मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी को

More news from बिहार and nearby areas
  • Buxar marriage
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    Buxar marriage
    user_Rohit Kumar
    Rohit Kumar
    अगिआंव, भोजपुर, बिहार•
    11 hrs ago
  • हरियाणा का मंजीत ने नया फ़ोन गिफ्ट किया... मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी को
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    हरियाणा का मंजीत ने नया फ़ोन गिफ्ट किया... मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी को
    user_Misty Helping Foundation
    Misty Helping Foundation
    Voice of people Garhani, Bhojpur•
    13 hrs ago
  • आरा नगर निगम बन गया है गटर निगम मुख्यालय में प्रशासनिक पतन की भयावह तस्वीर: गंदगी, गैरहाजिरी, टूटी व्यवस्था और जनता के अधिकारों पर खुला प्रहार बिहार न्यूज़ 24 आरा बिहार :- निष्पक्ष पत्रकार पाठक जी विष्णु
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    आरा नगर निगम बन गया है गटर निगम मुख्यालय में प्रशासनिक पतन की भयावह तस्वीर: गंदगी, गैरहाजिरी, टूटी व्यवस्था और जनता के अधिकारों पर खुला प्रहार
बिहार न्यूज़ 24 आरा बिहार :- निष्पक्ष पत्रकार पाठक जी विष्णु
    user_Bihar News 24
    Bihar News 24
    Journalist Bhojpur, Bihar•
    17 hrs ago
  • नगर थाना क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी चोरी की वारदात हुई। चोरों द्वारा फिर एक बंद घर का ताला तोड़कर नगदी और जेवर सहित लाखों का सामना उड़ा लिया गया
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    नगर थाना क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी चोरी की वारदात हुई। चोरों द्वारा फिर एक बंद घर का ताला तोड़कर नगदी और जेवर सहित लाखों का सामना उड़ा लिया गया
    user_Neha Gupta
    Neha Gupta
    Reporter hai reporting karte Hain आरा, भोजपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • आरा से संजय श्रीवास्तव स्लग। एस एन जे एस इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन एंकर। भोजपुर जिले के खजुआता, आरा स्थित एस एन जे एस इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता बड़े उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों,अभिभावकों एवं शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री सम्मान से अलंकृत समाजसेवी भीम सिंह भवेश रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ये भी कही की एस इंटरनेशनल स्कूल ने पुरे भोजपुर मे शिक्षा के क्षेत्र में अपना एक अलग पहचान बना रहा है जिसके लिए उन्होंने व्यवस्थापक उमेश कुमार को धन्यवाद दिया । कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ट्रस्टी सह रसायन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर गुप्तेश्वर राय , प्रोफेसर प्रमोद राय , डॉक्टर हरिशंकर तथा प्रोफेसर संजय कुमार सिंह की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने मैनेजर उदय नारायण एवं विद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।कार्यक्रम की शुरुआत मार्च-पास्ट से हुई, जिसमें विद्यालय के विभिन्न सदनों के छात्र-छात्राओं ने अनुशासन और एकता का परिचय दिया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा खेलकूद प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया गया। विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताएं, रिले रेस, वॉली बॉल, खो खो, कबड्डी, लंबी कूद एवं अन्य खेलों का आयोजन किया गया। अभिभावकों के लिए भी विशेष मनोरंजक खेल आयोजित किए गए, जिससे कार्यक्रम और भी रोचक बन गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। अंत में विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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    आरा से संजय श्रीवास्तव
स्लग। एस एन जे एस इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
एंकर। भोजपुर जिले के खजुआता, आरा स्थित एस एन जे एस इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता बड़े उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों,अभिभावकों एवं शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री सम्मान से अलंकृत समाजसेवी भीम सिंह भवेश रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ये भी कही की एस इंटरनेशनल स्कूल ने पुरे भोजपुर  मे शिक्षा के क्षेत्र में अपना  एक अलग पहचान बना रहा है जिसके लिए उन्होंने व्यवस्थापक उमेश कुमार को धन्यवाद दिया ।  कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ट्रस्टी सह रसायन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर गुप्तेश्वर राय , प्रोफेसर प्रमोद राय , डॉक्टर हरिशंकर तथा प्रोफेसर संजय कुमार सिंह की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने मैनेजर उदय नारायण एवं विद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।कार्यक्रम की शुरुआत मार्च-पास्ट से हुई, जिसमें विद्यालय के विभिन्न सदनों के छात्र-छात्राओं ने अनुशासन और एकता का परिचय दिया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा खेलकूद प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया गया। विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताएं, रिले रेस, वॉली बॉल, खो खो, कबड्डी, लंबी कूद एवं अन्य खेलों का आयोजन किया गया। अभिभावकों के लिए भी विशेष मनोरंजक खेल आयोजित किए गए, जिससे कार्यक्रम और भी रोचक बन गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। अंत में विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
    user_Sanjay srivastava
    Sanjay srivastava
    रिपोर्टर आरा, भोजपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के ग्राम पंचायत बड़हरा मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने पंचायत में विकास नहीं होने पर नाराजगी जताई एवं पंचायत में सरकार के द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बहुत दुख जताया एवं नल जल योजना के बारे में निष्क्रिय बताया एवं साथ ही आवासीय योजना के हुई गड़बड़ी को लेकर निंदा की तथा होली पर्व को लेकर अपने पंचायत सहित देशवासियों को दी शुभकामनाएं
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    भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के ग्राम पंचायत बड़हरा मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने पंचायत में विकास नहीं होने पर नाराजगी जताई एवं पंचायत में सरकार के द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बहुत दुख जताया एवं नल जल योजना के बारे में निष्क्रिय बताया एवं  साथ ही आवासीय योजना के हुई गड़बड़ी को लेकर निंदा की तथा होली पर्व को लेकर अपने पंचायत सहित देशवासियों को दी शुभकामनाएं
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    Arrah, Bhojpur•
    16 hrs ago
  • पटना जिला के पालीगंज कस्तूरबा गांधी छात्रावास से गायब छात्रा को पुलिस ने यूपी के लखनऊ से छात्र के साथ बरामद किया
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    पटना जिला के पालीगंज कस्तूरबा गांधी छात्रावास से गायब छात्रा को  पुलिस ने यूपी के लखनऊ से छात्र के साथ बरामद किया
    user_संध्या न्यूज़ NH139 पालीगंज
    संध्या न्यूज़ NH139 पालीगंज
    पालीगंज, पटना, बिहार•
    3 hrs ago
  • गड़हनी प्रखंड मुख्यालय में प्रशासनिक पतन की भयावह तस्वीर: गंदगी, गैरहाजिरी, टूटी व्यवस्था और जनता के अधिकारों पर खुला प्रहार बिहार न्यूज़ 24 /गडहनी। गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की मौजूदा स्थिति किसी साधारण प्रशासनिक लापरवाही की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस गहरे संकट का प्रतीक बन चुकी है जिसमें व्यवस्था धीरे-धीरे ढहती नजर आ रही है। सोमवार और शुक्रवार को सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जनता दरबार का आयोजन नहीं होना केवल एक कार्यक्रम का रद्द होना नहीं, बल्कि यह आम लोगों के अधिकारों और उम्मीदों पर सीधे प्रहार जैसा साबित हो रहा है।प्रतिदिन सुबह से ही विभिन्न पंचायतों और गांवों से लोग अपनी समस्याएं लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं। किसी को राशन से जुड़ी शिकायत है, तो किसी को जमीन विवाद का समाधान चाहिए था, तो कोई पेंशन, आवास या प्रमाणपत्र के लिए भटक रहा है। लेकिन जैसे-जैसे कार्यालय का समय बीतता जाता, लोगों की उम्मीदें निराशा में बदलती चली जाती है। *जनता दरबार बना ‘कागजी हकीकत’* सरकार की मंशा साफ है कि जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन सीधे लोगों की समस्याएं सुने और त्वरित समाधान दे। लेकिन गड़हनी में यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गई है। सोमवार और शुक्रवार को न तो जनता दरबार की कोई तैयारी होता और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी इसे लेकर गंभीर नजर आता है। स्थानीय जनता ने बताया कि हमलोग कई बार पहले भी यहां जनता दरबार के नाम पर आए, लेकिन अक्सर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।विगद सोमवार को भी वही हुआ घंटों इंतजार, लेकिन न सुनवाई, न कोई व्यवस्था। *अधिकारी-कर्मचारियों की गैरहाजिरी ने खोली पोल* बुधवार को स्थिति तब और चिंताजनक दिखी जब दोपहर तक कई विभागो में सन्नाटा पसरा रहा। प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में दो दिनो से मौजूद नहीं रही वहीं बुधवार को दिन के 12:30 बजे कार्यालय पहुंची। इस बीच प्रतियोगी परीक्षा के फार्म भरने वाले छात्र छात्राएं ईडब्ल्यूएस, क्रिमिलेयर, जाति, आय, आवासीय बनवाने को लेकर कार्यालय का चक्कर लगाते रहे।वहीं ऋषि कुमार का कहना है कि 28 फरवरी तक रेलवे ग्रुप डी का हमे फार्म भरना है क्रिमिलेयर के लिए सोमवार से कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूँ लेकिन अभी तक नही बना।क्रिमिलेयर के अभाव मे फार्म नही भरा पा रहा है।करनौल चांदी गांव निवासी हरेराम, बलिगांव पंचायत अंतर्गत लालगंज गांव निवासी स्वर्गीय सत्यनारायण पाल के पत्नी सीता कुंअर, बडौरा पंचायत अंतर्गत शिवपुर डिहरी निवासी तपेश्वर तिवारी के पत्नी सहित दर्जनो ग्रामीण जनता ने कहा कि हमलोग पेंशन बनवाने के लिए और अन्य कई कार्यो को लेकर कई दिनो से दौड रहे हैं ना तो बीडीओ से भेंट हो रहा है और ना ही काम। कई महत्वपूर्ण कक्ष बंद पड़े मिले। कई कर्मियों की अनुपस्थिति ने आम लोगों के काम पूरी तरह ठप कर रखा है। केवल आरटीपीएस काउंटर पर कर्मी मौजूद थे, जहां लोगों की लंबी कतार लगी रही।विदित हो कि राजस्व कर्मचारियों के हडताल पर जाने के कारण पंचायत सचिवों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन उनके उपर कार्य की अधिकता के कारण अतिरिक्त कार्य करने मे वे सभी असमर्थता जता रहे हैं।वहीं कुछ पंचायत सचिव का कहीं अता-पता नहीं रहता। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदारियां तय होने के बावजूद निगरानी और जवाबदेही पूरी तरह नदारद है। *घोर अव्यवस्था का प्रतीक बना कार्यालय परिसर* प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रवेश करते ही जो दृश्य सामने आता है, वह प्रशासनिक संवेदनहीनता की कहानी खुद बयान करता है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है- गंदगी, दुर्गंध और बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रहा।वहीं कार्यालय के अंदर स्थित शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। वहीं कुछ लोगो का कहना है कि यहां आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। गंदगी का यह आलम केवल सफाई की कमी नहीं, बल्कि यह उस मानसिकता को दर्शाता है जहां आम नागरिक की गरिमा और सुविधा को महत्व ही नहीं दिया जा रहा। *ठप पड़ी सेवाएं, भटकते रहे लोग* पदाधिकारी व कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण कई लोग सुबह से फाइल लेकर भटकते रहे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। वहीं कुछ विभागो मे लोगों को बार-बार अगले दिन आने की सलाह दी जाती रही, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। उस दौरान जनता में बढ़ता आक्रोश लोगों की नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती थी। कई लोगों ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही अब रोजमर्रा की बात हो गई है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना दबाव या सिफारिश के यहां काम होना बेहद मुश्किल है। इससे आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहा है। *जवाबदेही का अभाव-सबसे बड़ा संकट* गड़हनी प्रखंड की स्थिति यह संकेत देती है कि यहां सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। जब अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं आते, जनता दरबार महज खानापूर्ति हो और कोई पूछने वाला नहीं होता, तो पूरी व्यवस्था अपने-आप ढीली पड़ जाती है। सरकार की योजनाएं कागजों पर चलती रहती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर नहीं दिखता। इससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता जा रहा है। *स्थानीय लोगों की मांग* स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी भोजपुर एवं बिहार सरकार से मांग की है कि जनता दरबार को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए और अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।वहीं सफाई व्यवस्था को तत्काल सुधार मे लाते हुए लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे। *व्यवस्था सुधार की जरूरत क्यों जरूरी* प्रखंड स्तर का प्रशासन आम लोगों के लिए सरकार का सबसे नजदीकी चेहरा होता है। यहीं से लोगों को राहत, योजनाओं का लाभ और समस्याओं का समाधान मिलता है। अगर यही स्तर कमजोर पड़ जाए तो पूरी शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। गड़हनी की मौजूदा स्थिति इसी खतरे की ओर इशारा कर रही है। गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की बदहाली केवल एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से जमा हो रही प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम प्रतीत होती है। जनता दरबार का न लगना, अधिकारियों की अनुपस्थिति, गंदगी और ठप सेवाएं ये सभी संकेत हैं कि अब स्थिति सामान्य शिकायतों से आगे बढ़ चुकी है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह असंतोष बड़े जनआक्रोश में बदल सकता है। प्रशासन के लिए यह समय चेतावनी की घंटी है या तो व्यवस्था सुधारी जाए, या जनता का विश्वास पूरी तरह टूटने का जोखिम उठाया जाए।वहीं इस संबंध मे गडहनी बीडीओ अर्चना कुमारी से संपर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन नही उठाया गया।
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    गड़हनी प्रखंड मुख्यालय में प्रशासनिक पतन की भयावह तस्वीर: गंदगी, गैरहाजिरी, टूटी व्यवस्था और जनता के अधिकारों पर खुला प्रहार
बिहार न्यूज़ 24 /गडहनी।
गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की मौजूदा स्थिति किसी साधारण प्रशासनिक लापरवाही की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस गहरे संकट का प्रतीक बन चुकी है जिसमें व्यवस्था धीरे-धीरे ढहती नजर आ रही है। सोमवार और शुक्रवार को सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जनता दरबार का आयोजन नहीं होना केवल एक कार्यक्रम का रद्द होना नहीं, बल्कि यह आम लोगों के अधिकारों और उम्मीदों पर सीधे प्रहार जैसा साबित हो रहा है।प्रतिदिन सुबह से ही विभिन्न पंचायतों और गांवों से लोग अपनी समस्याएं लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं। किसी को राशन से जुड़ी शिकायत है, तो किसी को जमीन विवाद का समाधान चाहिए था, तो कोई पेंशन, आवास या प्रमाणपत्र के लिए भटक रहा है। लेकिन जैसे-जैसे कार्यालय का समय बीतता जाता, लोगों की उम्मीदें निराशा में बदलती चली जाती है।
*जनता दरबार बना ‘कागजी हकीकत’*
सरकार की मंशा साफ है कि जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन सीधे लोगों की समस्याएं सुने और त्वरित समाधान दे। लेकिन गड़हनी में यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गई है। सोमवार और शुक्रवार को न तो जनता दरबार की कोई तैयारी होता और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी इसे लेकर गंभीर नजर आता है। स्थानीय जनता ने बताया कि हमलोग कई बार पहले भी यहां जनता दरबार के नाम पर आए, लेकिन अक्सर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।विगद सोमवार को भी वही हुआ घंटों इंतजार, लेकिन न सुनवाई, न कोई व्यवस्था।
*अधिकारी-कर्मचारियों की गैरहाजिरी ने खोली पोल*
बुधवार को स्थिति तब और चिंताजनक दिखी जब दोपहर तक कई विभागो में सन्नाटा पसरा रहा। प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में दो दिनो से मौजूद नहीं रही वहीं बुधवार को दिन के 12:30 बजे कार्यालय पहुंची। इस बीच प्रतियोगी परीक्षा के फार्म भरने वाले छात्र छात्राएं ईडब्ल्यूएस, क्रिमिलेयर, जाति, आय, आवासीय बनवाने को लेकर कार्यालय का चक्कर लगाते रहे।वहीं ऋषि कुमार का कहना है कि 28 फरवरी तक रेलवे ग्रुप डी का हमे फार्म भरना है क्रिमिलेयर के लिए सोमवार से कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूँ लेकिन अभी तक नही बना।क्रिमिलेयर के अभाव मे फार्म नही भरा पा रहा है।करनौल चांदी गांव निवासी  हरेराम, बलिगांव पंचायत अंतर्गत लालगंज गांव निवासी स्वर्गीय सत्यनारायण पाल के पत्नी सीता कुंअर, बडौरा पंचायत अंतर्गत शिवपुर डिहरी निवासी तपेश्वर तिवारी के पत्नी सहित दर्जनो ग्रामीण जनता ने कहा कि हमलोग पेंशन बनवाने के लिए और अन्य कई कार्यो को लेकर कई दिनो से दौड रहे हैं ना तो बीडीओ से भेंट हो रहा है और ना ही काम। कई महत्वपूर्ण कक्ष बंद पड़े मिले। कई कर्मियों की अनुपस्थिति ने आम लोगों के काम पूरी तरह ठप कर रखा है। केवल आरटीपीएस काउंटर पर कर्मी मौजूद थे, जहां लोगों की लंबी कतार लगी रही।विदित हो कि राजस्व कर्मचारियों के हडताल पर जाने के कारण पंचायत सचिवों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन उनके उपर कार्य की अधिकता के कारण अतिरिक्त कार्य करने मे वे सभी असमर्थता जता रहे हैं।वहीं कुछ पंचायत सचिव का कहीं अता-पता नहीं रहता। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदारियां तय होने के बावजूद निगरानी और जवाबदेही पूरी तरह नदारद है।
*घोर अव्यवस्था का प्रतीक बना कार्यालय परिसर*
प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रवेश करते ही जो दृश्य सामने आता है, वह प्रशासनिक संवेदनहीनता की कहानी खुद बयान करता है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है- गंदगी, दुर्गंध और बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रहा।वहीं कार्यालय के अंदर स्थित शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। वहीं कुछ लोगो का कहना है कि यहां आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। गंदगी का यह आलम केवल सफाई की कमी नहीं, बल्कि यह उस मानसिकता को दर्शाता है जहां आम नागरिक की गरिमा और सुविधा को महत्व ही नहीं दिया जा रहा।
*ठप पड़ी सेवाएं, भटकते रहे लोग*
पदाधिकारी व कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण  कई लोग सुबह से फाइल लेकर भटकते रहे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। वहीं कुछ विभागो मे लोगों को बार-बार अगले दिन आने की सलाह दी जाती रही, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। उस दौरान जनता में बढ़ता आक्रोश लोगों की नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती थी। कई लोगों ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही अब रोजमर्रा की बात हो गई है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना दबाव या सिफारिश के यहां काम होना बेहद मुश्किल है। इससे आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
*जवाबदेही का अभाव-सबसे बड़ा संकट* 
गड़हनी प्रखंड की स्थिति यह संकेत देती है कि यहां सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। जब अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं आते, जनता दरबार महज खानापूर्ति हो और कोई पूछने वाला नहीं होता, तो पूरी व्यवस्था अपने-आप ढीली पड़ जाती है। सरकार की योजनाएं कागजों पर चलती रहती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर नहीं दिखता। इससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता जा रहा है।
*स्थानीय लोगों की मांग*
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी भोजपुर एवं बिहार सरकार से मांग की है कि जनता दरबार को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए और अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।वहीं 
सफाई व्यवस्था को तत्काल सुधार मे लाते हुए 
लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
*व्यवस्था सुधार की जरूरत क्यों जरूरी*
प्रखंड स्तर का प्रशासन आम लोगों के लिए सरकार का सबसे नजदीकी चेहरा होता है। यहीं से लोगों को राहत, योजनाओं का लाभ और समस्याओं का समाधान मिलता है।
अगर यही स्तर कमजोर पड़ जाए तो पूरी शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। गड़हनी की मौजूदा स्थिति इसी खतरे की ओर इशारा कर रही है। गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की बदहाली केवल एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से जमा हो रही प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम प्रतीत होती है। जनता दरबार का न लगना, अधिकारियों की अनुपस्थिति, गंदगी और ठप सेवाएं ये सभी संकेत हैं कि अब स्थिति सामान्य शिकायतों से आगे बढ़ चुकी है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह असंतोष बड़े जनआक्रोश में बदल सकता है। प्रशासन के लिए यह समय चेतावनी की घंटी है या तो व्यवस्था सुधारी जाए, या जनता का विश्वास पूरी तरह टूटने का जोखिम उठाया जाए।वहीं इस संबंध मे गडहनी बीडीओ अर्चना कुमारी से संपर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन नही उठाया गया।
    user_Bihar News 24
    Bihar News 24
    Journalist Bhojpur, Bihar•
    18 hrs ago
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