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पीलीभीत पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹2.15 करोड़ की ड्रग्स आग के हवाले, नशे के सौदागरों में हड़कंप पीलीभीत। जनपद में नशे के काले कारोबार पर प्रहार करते हुए पीलीभीत पुलिस ने आज मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी निस्तारण कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के कुशल निर्देशन में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने करोड़ों रुपये के अवैध मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। प्रमुख बिंदु: कार्रवाई का ब्यौरा नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस ने निम्नलिखित आंकड़े साझा किए: कुल मुकदमे: 95 विभिन्न मुकदमों से संबंधित माल। कुल वजन: 70.908 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ। बाजार मूल्य: नष्ट की गई खेप की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग ₹2.15 करोड़ है। कहाँ और कैसे हुई कार्रवाई? यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संपन्न की गई। जब्त किए गए नशीले पदार्थों को बरेली के परसाखेड़ा स्थित ENVIRAD MEDICARE PVT. LTD. ले जाया गया, जहाँ इन्सिनेटर (भट्टी) के माध्यम से उन्हें पूरी तरह जलाकर नष्ट कर दिया गया। "जिले में नशे के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी रहेगा। मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।" — पीलीभीत पुलिस प्रशासन अपराधियों पर कड़ा प्रहार पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के नेतृत्व में जिले में अपराधियों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि पीलीभीत को नशा मुक्त बनाया जा सके।

4 hrs ago
user_Journalist Amit Dixit
Journalist Amit Dixit
Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
4 hrs ago

पीलीभीत पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹2.15 करोड़ की ड्रग्स आग के हवाले, नशे के सौदागरों में हड़कंप पीलीभीत। जनपद में नशे के काले कारोबार पर प्रहार करते हुए पीलीभीत पुलिस ने आज मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी निस्तारण कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के कुशल निर्देशन में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने करोड़ों रुपये के अवैध मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। प्रमुख बिंदु: कार्रवाई का ब्यौरा नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस ने निम्नलिखित आंकड़े साझा किए: कुल मुकदमे: 95 विभिन्न मुकदमों से संबंधित माल। कुल वजन: 70.908 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ। बाजार मूल्य: नष्ट की गई खेप की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग ₹2.15 करोड़ है। कहाँ और कैसे हुई कार्रवाई? यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संपन्न की गई। जब्त किए गए नशीले पदार्थों को बरेली के परसाखेड़ा स्थित ENVIRAD MEDICARE PVT. LTD. ले जाया गया, जहाँ इन्सिनेटर (भट्टी) के माध्यम से उन्हें पूरी तरह जलाकर नष्ट कर दिया गया। "जिले में नशे के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी रहेगा। मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।" — पीलीभीत पुलिस प्रशासन अपराधियों पर कड़ा प्रहार पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के नेतृत्व में जिले में अपराधियों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि पीलीभीत को नशा मुक्त बनाया जा सके।

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  • Post by समाचार Crime News
    1
    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • रोमांटिक सिनेस लव स्टोरी वकील की वकील की कालीकट
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    रोमांटिक सिनेस लव स्टोरी वकील की वकील की कालीकट
    user_MAHAVEER
    MAHAVEER
    फ़िज़ियोथेरेपिस्ट कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रूरिया सलेमपुर में गैस सिलेंडर ब्लॉक होने से ग्रामीण परेशान, एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप जिला पीलीभीत की तहसील कलीनगर क्षेत्र के रूरिया सलेमपुर (पिन कोड 262122) में स्थित राज इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी गैस आईडी बार-बार ब्लॉक कर दी जाती है, जिससे उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि गैस एजेंसी में जानबूझकर गैस ब्लॉक में बेचने की शिकायत भी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जाता, जबकि कुछ लोगों को सीधे ब्लॉक में गैस दी जा रही है। इस कारण गांव की महिलाओं और परिवारों को खाना बनाने में भारी परेशानी हो रही है और कई लोगों को मजबूरी में लकड़ी व अन्य ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
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    रूरिया सलेमपुर में गैस सिलेंडर ब्लॉक होने से ग्रामीण परेशान, एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप
जिला पीलीभीत की तहसील कलीनगर क्षेत्र के रूरिया सलेमपुर (पिन कोड 262122) में स्थित राज इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी गैस आईडी बार-बार ब्लॉक कर दी जाती है, जिससे उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गैस एजेंसी में जानबूझकर गैस ब्लॉक में बेचने की शिकायत भी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जाता, जबकि कुछ लोगों को सीधे ब्लॉक में गैस दी जा रही है।
इस कारण गांव की महिलाओं और परिवारों को खाना बनाने में भारी परेशानी हो रही है और कई लोगों को मजबूरी में लकड़ी व अन्य ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
    user_Devendra Puri
    Devendra Puri
    Teacher कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by यूपी समाचार
    1
    Post by यूपी समाचार
    user_यूपी समाचार
    यूपी समाचार
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जिलाधिकारी ने क्राॅप कटिंग के माध्यम से जांची गेहूं की उत्पादकता पीलीभीत सूचना विभाग 10 अप्रैल 2026/जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की देखरेख में फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आंकड़ों के संकलन को लेकर विकासखण्ड मरौरी के ग्राम पंचायत चंदोई में गेहूं की फसल कटाई की स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्रीय लेखपाल ने चंदोई के कृषक राजा तोमर जी व सुभाष चन्द्र जी के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के 10×10×10 मीटर का समबाहु त्रिभुज का प्लाॅट बनावाकर सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से फसल की क्रॉप कटिंग कराई। इसके बाद उन्होंने गेहूं की पिटाई कराकर उसकी तौल भी कराई, जिसमें दो गाटों का क्रॉप कटिंग प्रयोग कराया गया। उत्पादकता 18.160 किलो ग्राम व 15.230 किलो ग्राम की फसल प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के चंदोई गांव में क्रॉप कटिंग के निरीक्षण के दौरान फसल नपाई, कटाई, सीसीई एग्री ऐप पर ऑनलाइन फीडिंग आदि बिंदुओं की जानकारी अपर सांख्यिकी अधिकारी से ली। जिलाधिकारी द्वारा किसान बन्धुओं से आग्रह किया कि किसान अपनी जमीन की फॉर्मर रजिस्ट्री,फसलों का बीमा व किसान पंजीकरण अवश्य कराए जिससे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर क्षेत्रीय कानूनगो तेज बहादुर गंगवार, लेखपाल कृष्ण मुरारी, अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद सिंह, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत इफको टोकियो कंपनी के जिला प्रतिनिधि महेन्द्र भारती, तहसील समन्वयक महेन्द्र वर्मा व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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    जिलाधिकारी ने क्राॅप कटिंग के माध्यम से जांची गेहूं की उत्पादकता
पीलीभीत सूचना विभाग 10 अप्रैल 2026/जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की देखरेख में फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आंकड़ों के संकलन को लेकर विकासखण्ड मरौरी के ग्राम पंचायत चंदोई में गेहूं की फसल कटाई की स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्रीय लेखपाल ने चंदोई के कृषक राजा तोमर जी व सुभाष चन्द्र जी के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के 10×10×10 मीटर का समबाहु त्रिभुज का प्लाॅट बनावाकर सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से फसल की क्रॉप कटिंग कराई। इसके बाद उन्होंने गेहूं की पिटाई कराकर उसकी तौल भी कराई, जिसमें दो गाटों का क्रॉप कटिंग प्रयोग कराया गया। उत्पादकता 18.160 किलो ग्राम व 15.230 किलो ग्राम की फसल प्राप्त हुई। 
जिलाधिकारी ने क्षेत्र के चंदोई गांव में क्रॉप कटिंग के निरीक्षण के दौरान फसल नपाई, कटाई, सीसीई एग्री ऐप पर ऑनलाइन फीडिंग आदि बिंदुओं की जानकारी अपर सांख्यिकी अधिकारी से ली। जिलाधिकारी द्वारा किसान बन्धुओं से आग्रह किया कि किसान अपनी जमीन की फॉर्मर रजिस्ट्री,फसलों का बीमा व किसान पंजीकरण अवश्य कराए जिससे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिल सके।
इस अवसर पर क्षेत्रीय कानूनगो तेज बहादुर गंगवार, लेखपाल कृष्ण मुरारी, अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद सिंह, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत इफको टोकियो कंपनी के जिला प्रतिनिधि महेन्द्र भारती, तहसील समन्वयक महेन्द्र वर्मा व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_Shivkumar Gangwar
    Shivkumar Gangwar
    Voice of people बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by समाचार Crime News
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    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • पीलीभीत। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद पीलीभीत में बैंक की विश्वसनीयता को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक आम खाताधारक, ऋषि कनौजिया, के साथ धोखाधड़ी की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। ऋषि के खाते पर उनकी जानकारी के बिना ही 5 लाख रुपये का फर्जी लोन आवंटित कर दिया गया। न दस्तखत, न वेरिफिकेशन: फिर कैसे हुआ 'चमत्कार'? बैंकिंग नियमों के मुताबिक, किसी भी लोन को पास करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, मूल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और ओटीपी (OTP) जैसे कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ऋषि कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने: कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया। किसी भी कागज़ात पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद, बैंक की फाइलों में लोन पास हो गया। यह सीधे तौर पर बैंक के भीतर बैठे कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत यानी 'भीतरघात' की ओर इशारा कर रहा है। न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, बैंक बना 'फुटबॉल' हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ऋषि अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुँचे, तो उन्हें समाधान देने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें 'फुटबॉल' बना दिया। पीड़ित को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टरकाया जा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल भरा रवैया इस आशंका को पुख्ता कर रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। "यह सिर्फ 5 लाख की चोरी नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो एक आम आदमी बैंक पर करता है। जब मैंने लोन लिया ही नहीं, तो वह पास कैसे हुआ? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।" — ऋषि कनौजिया, पीड़ित गंभीर सवाल जो जाँच के घेरे में हैं: बिना खाताधारक की मौजूदगी के लोन फाइल मैनेजर की टेबल तक कैसे पहुँची? क्या बैंक के भीतर कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ग्राहकों के डेटा का दुरुपयोग कर रहा है? उच्चाधिकारी इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? कानूनी कार्रवाई की आहट इस घटना ने अन्य खाताधारकों में भी असुरक्षा की लहर पैदा कर दी है। ऋषि कनौजिया ने अब हार न मानने का फैसला करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। यदि समय रहते बैंक प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो यह मामला एक बड़े जन-आक्रोश और उच्चस्तरीय जाँच का रूप ले सकता है।
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    पीलीभीत। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद पीलीभीत में बैंक की विश्वसनीयता को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक आम खाताधारक, ऋषि कनौजिया, के साथ धोखाधड़ी की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। ऋषि के खाते पर उनकी जानकारी के बिना ही 5 लाख रुपये का फर्जी लोन आवंटित कर दिया गया।
न दस्तखत, न वेरिफिकेशन: फिर कैसे हुआ 'चमत्कार'?
बैंकिंग नियमों के मुताबिक, किसी भी लोन को पास करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, मूल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और ओटीपी (OTP) जैसे कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ऋषि कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने:
कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया।
किसी भी कागज़ात पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए।
इसके बावजूद, बैंक की फाइलों में लोन पास हो गया। यह सीधे तौर पर बैंक के भीतर बैठे कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत यानी 'भीतरघात' की ओर इशारा कर रहा है।
न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, बैंक बना 'फुटबॉल'
हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ऋषि अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुँचे, तो उन्हें समाधान देने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें 'फुटबॉल' बना दिया। पीड़ित को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टरकाया जा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल भरा रवैया इस आशंका को पुख्ता कर रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
"यह सिर्फ 5 लाख की चोरी नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो एक आम आदमी बैंक पर करता है। जब मैंने लोन लिया ही नहीं, तो वह पास कैसे हुआ? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।"
— ऋषि कनौजिया, पीड़ित
गंभीर सवाल जो जाँच के घेरे में हैं:
बिना खाताधारक की मौजूदगी के लोन फाइल मैनेजर की टेबल तक कैसे पहुँची?
क्या बैंक के भीतर कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ग्राहकों के डेटा का दुरुपयोग कर रहा है?
उच्चाधिकारी इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?
कानूनी कार्रवाई की आहट
इस घटना ने अन्य खाताधारकों में भी असुरक्षा की लहर पैदा कर दी है। ऋषि कनौजिया ने अब हार न मानने का फैसला करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। यदि समय रहते बैंक प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो यह मामला एक बड़े जन-आक्रोश और उच्चस्तरीय जाँच का रूप ले सकता है।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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