पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत चौतरवा थाना क्षेत्र में रविवार को एक युवती के मोबाइल टावर पर चढ़ने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लक्ष्मीपुर गांव के समीप हुई इस घटना की सूचना मिलते ही चारों ओर हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित दिखे, वहीं प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती काफी ऊंचाई तक मोबाइल टावर पर चढ़ गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत चौतरवा थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को नियंत्रण में लेते हुए युवती को सुरक्षित नीचे उतारने की कवायद शुरू की। इस दौरान टावर के आसपास सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए, जो यह जानने को उत्सुक थे कि आखिर युवती ने ऐसा कदम क्यों उठाया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक टावर के नीचे हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, जहाँ पुलिसकर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण लगातार युवती से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास करते रहे। काफी मशक्कत, धैर्य और सूझबूझ के बाद युवती नीचे उतरने के लिए तैयार हुई और उसके सुरक्षित नीचे आते ही वहां मौजूद लोगों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। बाद में युवती की पहचान प्रियंका कुमारी के रूप में हुई। शुरुआत में इस घटना को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन बगहा एसडीपीओ निहार भूषण ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामला पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा है। पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रियंका उत्तर प्रदेश की रहने वाली है और उसने चौतरवा क्षेत्र के एक युवक से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ गई थीं और युवक रोजगार के लिए दूसरे प्रदेश चला गया था। प्रियंका अपने पति से मिलने और बातचीत करने की उम्मीद में उत्तर प्रदेश से चौतरवा पहुंची थी, लेकिन उससे मुलाकात न होने और जानकारी न मिलने पर वह भावनात्मक रूप से आहत हो गई, जिसके चलते मानसिक तनाव और निराशा में उसने मोबाइल टावर पर चढ़ने जैसा बड़ा कदम उठाया। इस पूरी घटना के दौरान पुलिस ने बेहद संयम और सतर्कता का परिचय दिया। पुलिसकर्मियों ने जल्दबाजी से बचते हुए पहले युवती का विश्वास जीता और लगातार बातचीत के जरिए स्थिति को बिना किसी नुकसान के नियंत्रित किया। यदि समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों की सक्रियता नहीं होती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में लिया और विस्तृत पूछताछ की। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है तथा युवती और उसके पति से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। फिलहाल, यह घटना पूरे बगहा और चौतरवा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती को सुरक्षित बचाने में पुलिस की तत्परता और सूझबूझ की सराहना की जा रही है, क्योंकि समय रहते किए गए प्रयासों से एक बड़ी अनहोनी टल गई। यह घटना रिश्तों में संवाद और समझ की अहमियत के साथ-साथ संकट की घड़ी में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के महत्व को भी उजागर करती है।
पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत चौतरवा थाना क्षेत्र में रविवार को एक युवती के मोबाइल टावर पर चढ़ने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लक्ष्मीपुर गांव के समीप हुई इस घटना की सूचना मिलते ही चारों ओर हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित दिखे, वहीं प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती काफी ऊंचाई तक मोबाइल टावर पर चढ़ गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत चौतरवा थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को नियंत्रण में लेते हुए युवती को सुरक्षित नीचे उतारने की कवायद शुरू की। इस दौरान टावर के आसपास सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए, जो यह जानने को उत्सुक थे कि आखिर युवती ने ऐसा कदम क्यों उठाया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक टावर के नीचे हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, जहाँ पुलिसकर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण लगातार युवती से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास करते रहे। काफी मशक्कत, धैर्य और सूझबूझ के बाद युवती नीचे उतरने के लिए तैयार हुई और उसके सुरक्षित नीचे आते ही वहां मौजूद लोगों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। बाद में युवती की पहचान प्रियंका कुमारी के रूप में हुई। शुरुआत में इस घटना को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन बगहा एसडीपीओ निहार भूषण ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामला पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा है। पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रियंका उत्तर प्रदेश की रहने वाली है और उसने चौतरवा क्षेत्र के एक युवक से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ गई थीं और युवक रोजगार के लिए दूसरे प्रदेश चला गया था। प्रियंका अपने पति से मिलने और बातचीत करने की उम्मीद में उत्तर प्रदेश से चौतरवा पहुंची थी, लेकिन उससे मुलाकात न होने और जानकारी न मिलने पर वह भावनात्मक रूप से आहत हो गई, जिसके चलते मानसिक तनाव और निराशा में उसने मोबाइल टावर पर चढ़ने जैसा बड़ा कदम उठाया। इस पूरी घटना के दौरान पुलिस ने बेहद संयम और सतर्कता का परिचय दिया। पुलिसकर्मियों ने जल्दबाजी से बचते हुए पहले युवती का विश्वास जीता और लगातार बातचीत के जरिए स्थिति को बिना किसी नुकसान के नियंत्रित किया। यदि समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों की सक्रियता नहीं होती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में लिया और विस्तृत पूछताछ की। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है तथा युवती और उसके पति से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। फिलहाल, यह घटना पूरे बगहा और चौतरवा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती को सुरक्षित बचाने में पुलिस की तत्परता और सूझबूझ की सराहना की जा रही है, क्योंकि समय रहते किए गए प्रयासों से एक बड़ी अनहोनी टल गई। यह घटना रिश्तों में संवाद और समझ की अहमियत के साथ-साथ संकट की घड़ी में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के महत्व को भी उजागर करती है।
- पश्चिम चंपारण के बगहा स्थित चौतरवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के पास रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना के प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलने पर चौतरवा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवती को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद युवती सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आई। युवती की पहचान मौजे गांव निवासी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है, हालांकि पुलिस ने प्रेम प्रसंग के मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस युवती को पूछताछ के लिए थाने ले गई है और पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के दौरान क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ लगी रही। फिलहाल युवती पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है।1
- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने पोषण वाटिका के महत्व पर जोर देते हुए इसे 'कुपोषण मुक्त भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय बताया है। डॉ. सिंह के अनुसार, पोषण वाटिका घर के आस-पास की खाली भूमि पर या जमीन उपलब्ध न होने पर छत पर भी बनाई जा सकती है। प्राकृतिक तरीके और बिना रसायन के उगाई गई सब्जियों व फलों का सेवन परिवार के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। गोबर की खाद, जीवामृत और प्राकृतिक विधि से उगाई गई ये फसलें कीटनाशकों के अवशेषों से मुक्त होती हैं, जिससे कैंसर, किडनी और लीवर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। ताजी हरी सब्जियां, सहजन, पालक, गाजर, पपीता, अमरूद, नींबू और आंवला विटामिन-A, C, आयरन, कैल्शियम व जिंक के प्रमुख स्रोत हैं। इनके नियमित सेवन से बच्चों में कुपोषण और महिलाओं में खून की कमी दूर होती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-C से भरपूर आंवला, नींबू, अमरूद और सहजन का सेवन मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक है। इसके अतिरिक्त, किसान अतिरिक्त उत्पादन को स्थानीय बाजार में बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं और बाजार पर निर्भरता कम कर सकते हैं। नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव के किसान राघोशरण प्रसाद ने बताया कि लगभग 250 वर्ग मीटर की पोषण वाटिका से उनके पूरे परिवार की साल भर की सब्जी-फल की जरूरत पूरी हो जाती है और अतिरिक्त उत्पादन बेचकर उन्हें लाभ मिलता है। वे प्रतिमाह 2000-2500 रुपये की बचत भी कर रहे हैं। वहीं, बैरिया प्रखंड के पुजहा गांव की श्रीमति विंदा देवी ने तो अपने घर की छत पर पोषण वाटिका बनाकर एक मिसाल पेश की है। डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि सहजन, पपीता, नींबू, आंवला और करौंदा जैसे बड़े पौधों को वाटिका की उत्तर और पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए ताकि उनकी छाया अन्य सब्जियों पर न पड़े। वहीं, हल्दी, अदरक और पत्तेदार साग-भाजी को छायादार स्थान पर लगाना उचित रहता है। कृषि विज्ञान केंद्र 'एक घर, एक पोषण वाटिका' अभियान के तहत चयनित गांवों में महिलाओं को सब्जी बीज किट और तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने अंत में कहा कि हर घर में पोषण वाटिका का होना अनिवार्य है, क्योंकि रसायन-मुक्त सब्जियों का सेवन करने से डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाती है।4
- मानसून के आगमन को देखते हुए चनपटिया नगर पंचायत प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद तेज़ कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को दोपहर करीब एक बजे नगर पंचायत की मुख्य पार्षद रजनी देवी ने वार्ड संख्या-7 में नालों की उड़ाही एवं सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अपनी देखरेख में इस पूरे अभियान का संचालन कराया। मुख्य पार्षद रजनी देवी ने बताया कि बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है। नालों में जमी गाद और कचरे को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके। उन्होंने सफाई कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा निकाले गए कचरे का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, रजनी देवी ने नगरवासियों से भी नालों में कूड़ा-कचरा नहीं फेंकने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। इस निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद नीरज कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी निशा कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं सफाईकर्मी भी मौजूद रहे।1
- BPSC शिक्षिका गुंजा कुमारी ने अपनी जान को खतरे में बताया है।1
- कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 9 जून 2026 को एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। सीपीआई गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों को लामबंद करते हुए भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाएगी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार के शासनकाल में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भ्रूण हत्या जैसी गंभीर समस्याएं अपने चरम पर पहुँच गई हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं भी पूरी तरह चरमरा गई हैं। सीपीआई का कहना है कि धर्म के नाम पर समाज में जहर घोला जा रहा है और देश को बांटने की साजिश रची जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं: 1 से 200 यूनिट तक बिजली का बिल माफ किया जाए; गरीबों को पेंशन या बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए; प्रदेश में मुस्लिमों का धार्मिक उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए; बजरंग दल, हिन्द युवा वाहिनी और आरएस पर प्रतिबंध लगाया जाए; 7वें प्रदेश में पुलिस अफसरशाही द्वारा की जा रही लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए तथा गांव-गांव में हो रही लूट को बंद किया जाए; और 8वां भागा दिवस, तहसील दिवस जैसे दिखावटी कार्यक्रमों को बंद कर गरीबों को वास्तविक न्याय दिया जाए। इस धरने में सीपीआई के जिला मंत्री कुशीनगर, तहसील मंत्री तमकुहीराज, एडवोकेट रामाशंकर पटेल और कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे तहसील मुख्यालय चमकुहीराज पर पहुँचकर अपनी इन मांगों को सरकार तक पहुँचाएंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रदर्शन से कैसे निपटता है और सरकार इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।2
- बेतिया/मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के अमवा मझार पंचायत स्थित फरवां गांव के समीप 55 आरडी गंडक नहर में रविवार दोपहर नहाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। ये दोनों युवक क्रिकेटर दोस्त थे और अपने अन्य साथियों के साथ क्रिकेट मैच खेलने जा रहे थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतकों के गांव में कोहराम मच गया है। मृतकों की पहचान बेतिया नगर निगम क्षेत्र के बारी टोला वार्ड संख्या-32 निवासी नंदलाल महतो के 19 वर्षीय पुत्र करण कुमार और विनोद यादव के 22 वर्षीय पुत्र धर्म कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आठ युवकों की टोली बारी टोला से पिपरा क्रिकेट मैच खेलने के लिए एक ऑटो से जा रही थी। फरवां स्थित 55 आरडी पुल के निकट पहुंचने पर करण और धर्म कुमार ने नहर में स्नान करने की इच्छा जताई और ऑटो से उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों, जिनमें नहर किनारे मौजूद चरवाहे भी शामिल थे, के अनुसार, दोनों युवक स्नान के दौरान धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ गए और देखते ही देखते डूबने लगे। चरवाहों के शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण और अमवा मझार पंचायत के मुखिया लालदेव राम मौके पर पहुंचे। तत्काल एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय तैराकों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव नहर से बाहर निकाल लिए। सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। मुफस्सिल थाना प्रभारी सम्राट सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना की खबर मिलते ही बारी टोला वार्ड संख्या-32 से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और शवों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।1
- शुक्रवार देर रात करीब दस बजे चनपटिया नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आए तेज आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। नगर पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित पकड़ीहार मोहल्ले में रातभर अंधेरा छाया रहा, जिससे पेयजल सहित दैनिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। इसके अलावा, पकड़ीहार-चनपटिया मुख्य सड़क पर दो बिजली के खंभे गिरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तूफान का सबसे गंभीर असर आम उत्पादकों पर पड़ा, जहाँ तेज हवाओं ने बड़ी संख्या में कच्चे और पके आमों को पेड़ों से गिरा दिया। इससे किसानों और बागवानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों और खंभों की तुरंत मरम्मत कराने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने प्रभावित आम उत्पादक किसानों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की है।1
- बिहार सरकार इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठा रही है। इस पहल के तहत, राज्य में पेट्रोल पंपों, होटलों और आवासीय सोसाइटियों में EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। सरकार इस योजना के अंतर्गत चार्जिंग सुविधा लगाने वाले प्रतिष्ठानों को ₹15 लाख तक का अनुदान प्रदान करेगी, जिससे EV के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।1
- गोपालगंज बाईपास पर चौराव के समीप एक खतरनाक मोटरसाइकिल दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए। इस घटना के मद्देनजर, लोगों को सावधानी बरतने और वाहन धीरे चलाने की हिदायत दी गई है, क्योंकि 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी'।1