थाना चरथावल पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान उत्तराखंड के रुड़की स्थित एक फैक्ट्री से चोरी किए गए करीब पांच लाख रुपये मूल्य के कॉपर के साथ चार अंतरराज्यीय चोरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 किलोग्राम वजन की 10 तांबे की खंभेनुमा प्लेटें और एक स्विफ्ट कार बरामद की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यनारायण दहिया के नेतृत्व में पुलिस टीम थानाभवन-चरथावल मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिरालसी चौकी के निकट एक संदिग्ध स्विफ्ट कार (संख्या यूपी-15-डीसी-9309) को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक वाहन मोड़कर भागने लगा, लेकिन बिरालसी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक कुलदीप परिहार और उनकी टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान कार की डिग्गी और सीटों के पीछे से तांबे की 10 भारी प्लेटें बरामद हुईं, जिनमें से प्रत्येक का वजन लगभग 50 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक कुलदीप परिहार, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल जीवन, सिद्धांत, भानु प्रताप और राजा बाबू शामिल रहे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादाब पुत्र महफूश (निवासी हबीबगढ़ रोड, दून पैलेस, अमहीर हसन मस्जिद के पास, थाना कुतुबशेर, सहारनपुर), उवैश पुत्र इकराम (निवासी मोहल्ला हरिजन कॉलोनी, छुटमलपुर, थाना फतेहपुर, सहारनपुर), आशिफ पुत्र इकराम (निवासी मोहल्ला हरिजन कॉलोनी, छुटमलपुर, थाना फतेहपुर, सहारनपुर) तथा फरमान पुत्र हनीफ (निवासी ग्राम चोली सहाबुद्दीनपुर, थाना भगवानपुर, हरिद्वार, उत्तराखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने हरिद्वार जनपद के थाना गंगनहर क्षेत्र स्थित पनियाला गांव में ग्रीन विलो रिसाइकिलिंग कंपनी के गोदाम का ताला तोड़कर ये कॉपर प्लेटें चोरी की थीं। आरोपी चोरी का माल सहारनपुर ले जाकर बेचने की फिराक में थे। पुलिस द्वारा थाना गंगनहर से संपर्क करने पर वहां चोरी का मुकदमा दर्ज होना भी सत्यापित हुआ। फैक्ट्री मालिक मोहम्मद गुलरेज ने बरामद कॉपर की पहचान अपनी कंपनी के माल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री से कुल 12 कॉपर प्लेटें चोरी हुई थीं, जिनमें से 10 प्लेटें बरामद कर ली गई हैं। बरामदगी के आधार पर थाना चरथावल में मुकदमा संख्या 88/2026 धारा 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ थाना गंगनहर, रुड़की में भी मुकदमा संख्या 204/2026 धारा 305 बीएनएस दर्ज है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने के लिए कुछ स्थानीय छुटभैया नेताओं का थाना परिसर में जमावड़ा भी लगा रहा, लेकिन पुलिस ने किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी रखी। पुलिस अब शेष प्लेटों तथा अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
थाना चरथावल पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान उत्तराखंड के रुड़की स्थित एक फैक्ट्री से चोरी किए गए करीब पांच लाख रुपये मूल्य के कॉपर के साथ चार अंतरराज्यीय चोरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 किलोग्राम वजन की 10 तांबे की खंभेनुमा प्लेटें और एक स्विफ्ट कार बरामद की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यनारायण दहिया के नेतृत्व में पुलिस टीम थानाभवन-चरथावल मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिरालसी चौकी के निकट एक संदिग्ध स्विफ्ट कार (संख्या यूपी-15-डीसी-9309) को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक वाहन मोड़कर भागने लगा, लेकिन बिरालसी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक कुलदीप परिहार और उनकी टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान कार की डिग्गी और सीटों के पीछे से तांबे की 10 भारी प्लेटें बरामद हुईं, जिनमें से प्रत्येक का वजन लगभग 50 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक कुलदीप परिहार, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल जीवन, सिद्धांत, भानु प्रताप और राजा बाबू शामिल रहे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादाब पुत्र महफूश (निवासी हबीबगढ़ रोड, दून पैलेस, अमहीर हसन मस्जिद के पास, थाना कुतुबशेर, सहारनपुर), उवैश पुत्र इकराम (निवासी मोहल्ला हरिजन कॉलोनी, छुटमलपुर, थाना फतेहपुर, सहारनपुर), आशिफ पुत्र इकराम
(निवासी मोहल्ला हरिजन कॉलोनी, छुटमलपुर, थाना फतेहपुर, सहारनपुर) तथा फरमान पुत्र हनीफ (निवासी ग्राम चोली सहाबुद्दीनपुर, थाना भगवानपुर, हरिद्वार, उत्तराखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने हरिद्वार जनपद के थाना गंगनहर क्षेत्र स्थित पनियाला गांव में ग्रीन विलो रिसाइकिलिंग कंपनी के गोदाम का ताला तोड़कर ये कॉपर प्लेटें चोरी की थीं। आरोपी चोरी का माल सहारनपुर ले जाकर बेचने की फिराक में थे। पुलिस द्वारा थाना गंगनहर से संपर्क करने पर वहां चोरी का मुकदमा दर्ज होना भी सत्यापित हुआ। फैक्ट्री मालिक मोहम्मद गुलरेज ने बरामद कॉपर की पहचान अपनी कंपनी के माल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री से कुल 12 कॉपर प्लेटें चोरी हुई थीं, जिनमें से 10 प्लेटें बरामद कर ली गई हैं। बरामदगी के आधार पर थाना चरथावल में मुकदमा संख्या 88/2026 धारा 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ थाना गंगनहर, रुड़की में भी मुकदमा संख्या 204/2026 धारा 305 बीएनएस दर्ज है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने के लिए कुछ स्थानीय छुटभैया नेताओं का थाना परिसर में जमावड़ा भी लगा रहा, लेकिन पुलिस ने किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी रखी। पुलिस अब शेष प्लेटों तथा अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
- मुजफ्फरनगर के कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी अज़ीम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और एक कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। न्याज़ूपुरा निवासी अज़ीम पुत्र शमीम अहमद ने SSP को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व उसका प्रेम विवाह थाना भवन निवासी ज़ैनब के साथ हुआ था। अज़ीम का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद उसकी पत्नी का संपर्क शाहपुर थाना क्षेत्र के गाँव तावली निवासी फारूक से हो गया, जो स्वयं को किसान नेता बताता है। अज़ीम के अनुसार, जब वह मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहता था, तब उसकी पत्नी और फारूक के बीच लगातार संपर्क बना रहा। पीड़ित ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों को लेकर दिल्ली के नरेला में रहने लगा था, लेकिन वहां भी फारूक का कथित संपर्क उसकी पत्नी से बना रहा। अज़ीम का आरोप है कि 9 मई 2026 को उसकी पत्नी दोनों बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर चली गई, जिसकी सूचना पड़ोसियों ने पुलिस और उसे दी। अज़ीम के अनुसार, 13 मई को उसके ससुर रहीश, सास सायरा, साला अबूबकर, फारूक तथा अन्य लोग उसके किराये के मकान पर पहुंचे। उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने के साथ-साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी, जिसके बाद वे उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए। पीड़ित का कहना है कि वह अब दोनों बच्चों को लेकर मुजफ्फरनगर वापस आ गया है और बच्चों की देखभाल उसकी मां व बहन कर रही हैं। अज़ीम ने आशंका जताई है कि फारूक, उसके साथी तथा ससुराल पक्ष के लोग उसके और बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं या उसे झूठे मुकदमे में फंसा सकते हैं। पीड़ित ने SSP से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र की एक युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपहरण के एक मामले में निर्दोष लोगों को न फंसाने की गुहार लगाई है। युवती ने स्पष्ट किया है कि वह 30 मई को अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। युवती ने आरोप लगाया कि उसके परिवार वाले उसकी इच्छा के विरुद्ध उसकी शादी कराना चाहते थे, जिसका वह विरोध कर रही थी। परिवार के दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर ही उसने घर छोड़ दिया था। इसके बाद उसकी माँ ने कुछ लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। युवती का दावा है कि जिन लोगों को इस मामले में नामजद किया गया है, उनका उसके घर छोड़ने से कोई संबंध नहीं है और उन्हें रंजिशन फंसाया जा रहा है। युवती ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच करने और निर्दोष लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के निर्देश देने की मांग की है।1
- जनपद गोरखपुर में संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज से 12 वर्ष पहले देश के अन्नदाता किसान सर्वाधिक आत्महत्या कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि यदि 2005 से 2014 के कालखंड को देखें, तो लाखों किसानों ने देश में आत्महत्या की थी। इसके पीछे कई गंभीर त्रासदी थीं, जिनमें अच्छी गुणवत्ता वाले बीज न मिलना, खेती की लागत का बढ़ना, और उत्पादन का कम होना प्रमुख थे। साथ ही, उन्हें एमएसपी का सही दाम नहीं मिल पाता था और आपदा से बचाव का भी कोई उपयुक्त प्रबंधन नहीं था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसान यदि अपनी मेहनत से अन्न उत्पादन कर भी देते थे, तो उन्हें उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।1
- मुजफ्फरनगरः डॉक्टर ने 8 हजार में जोड़ी हड्डी, बाकी पैसे नहीं मिले तो जबरन मरोड़कर दोबारा तोड़ी ! आरोपों पर CMO ने दिए जांच के आदेश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर एक बेबस मां रेशमा अपनी 14 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी को लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची. इस पीड़ित विधवा महिला ने जिले के स्वास्थ्य विभाग पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली और घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी बेटी के समुचित इलाज के लिए न केवल पैसों की मांग की, बल्कि गलत तरीके से इलाज करके उसकी मासूम बेटी के पैर को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. मुफ्त इलाज के आदेश भी बेअसर पीड़ित मां रेशमा के अनुसार, करीब डेढ़ माह पूर्व उसकी बेटी के दाहिने पैर की हड्डी का ऑपरेशन जिला अस्पताल में हुआ था. इसके लिए अस्पताल कर्मियों ने उससे ₹25,000 की मांग की थी. महिला ने जब खुद को विधवा बताते हुए असमर्थता जताई, तो उन्होंने इलाज से मना कर दिया. इसके बाद महिला ने डीएम साहब के दरबार में अर्जी लगाई, जिन्होंने सीएमओ को मुफ्त इलाज के आदेश दिए. इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने ₹8,000 ले लिए और कहा कि बाकी पैसे बाद में देने होंगे. डॉक्टर ने जबरन मोड़ा घुटना महिला को डॉक्टर ने कुछ दिन बाद चेकअप के लिए आने को कहा था ताकि घुटना मुड़ सके. जब महिला बेटी को लेकर पहुंची, तो ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर चतुर्वेदी ने उसकी बेटी का घुटना जबरन मोड़ दिया. मासूम दर्द से चिल्ला पड़ी और पैर से हड्डी टूटने की आवाज आई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे वहां से भगा दिया. बाद में जब पैर का एक्स-रे कराया गया, तो उसमें हड्डी टूटी हुई आई. परेशान मां ने बड़े डॉक्टरों से शिकायत की, पर किसी ने नहीं सुनी. मामले की जांच में जुटा विभाग 5G+ इस पूरे गंभीर मामले को लेकर मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुनील तेवतिया का बयान भी सामने आया है. सीएमओ का कहना है कि दूसरे पक्ष की बात को सुने बगैर अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. यदि जांच में अस्पताल कर्मियों या डॉक्टरों की किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.3
- गुरुवार सुबह मुजफ्फरनगर में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जूझ रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। सुबह तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से किसानों और आम लोगों के चेहरों पर संतोष दिखाई दिया। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। फिलहाल, तेज आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर दिया है।1
- मुज़फ्फरनगर में लगभग एक दशक पुराने हत्या के प्रयास के एक बहुचर्चित मुकदमे में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें तीनों आरोपितों हरिओम सैनी, विपिन और रामकुमार को बरी कर दिया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। तत्कालीन मंसूरपुर चेयरमैन श्याम पाल ने अपने भाई मैनपाल पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगभग 10 वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी का विस्तृत परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद आरोपित पक्ष ने राहत जताई और इसे न्याय की जीत बताया।4
- मुजफ्फरनगर जनपद के विकास खंड चरथावल स्थित दधेड़ू खुर्द गांव में मंदिर के पास लगा विद्युत ट्रांसफॉर्मर खराब होने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। समस्या की सूचना मिलने पर वर्तमान ग्राम प्रधान म हुसैन तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए। ग्राम प्रधान म हुसैन ने जेसीबी की मदद से खराब ट्रांसफॉर्मर को दुरुस्त करवाया, जिसके परिणामस्वरूप बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल हो गई। बिजली चालू होते ही ग्रामीणों ने राहत महसूस की और इस त्वरित कार्रवाई के लिए ग्राम प्रधान के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार भाई कामिल, पूर्व प्रधान मुजफ्फर और गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौके पर उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता से समस्या का शीघ्र समाधान होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- जनपद मुजफ्फरनगर के रामलीला टिल्ला क्षेत्र स्थित गली नंबर-2, राशन वाली गली और पुरानी आबकारी के बीच बने नाले की खराब स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। क्षेत्र की मौजूदा तस्वीरें स्पष्ट रूप से जल निकासी व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती हैं, जहाँ हल्की बारिश होने पर भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हल्की बारिश के तुरंत बाद नाले का पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे कई स्थानों पर भारी जलभराव हो गया है। बताया जा रहा है कि नाले की सफाई का काम चल रहा है, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण इस समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। सड़कों पर जमा इस गंदे पानी से राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका ने भी क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि यदि नाले की सफाई को तेजी और प्रभावी ढंग से किया जाए तो जलभराव की इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से अपील की है कि सफाई अभियान में तेजी लाई जाए और जल निकासी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि आगामी बरसात के मौसम में लोगों को ऐसी विकट परेशानियों का सामना न करना पड़े।1