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संवाददाता आशीष मिश्रा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें गिरने के बावजूद ग्राहकों से ईंधन के लिए ज़्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजहों में रिफाइनिंग का खर्च, भारी टैक्स जैसे उत्पाद शुल्क और वैट, तेल कंपनियों का मुनाफा और परिवहन लागत शामिल हैं। यह भी बताया गया है कि जब कच्चा तेल सस्ता होता है, तो ईंधन की खुदरा कीमतों में इस गिरावट का पूरा असर दिखने में समय लगता है।
आशीष कुमार मिश्रा
संवाददाता आशीष मिश्रा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें गिरने के बावजूद ग्राहकों से ईंधन के लिए ज़्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजहों में रिफाइनिंग का खर्च, भारी टैक्स जैसे उत्पाद शुल्क और वैट, तेल कंपनियों का मुनाफा और परिवहन लागत शामिल हैं। यह भी बताया गया है कि जब कच्चा तेल सस्ता होता है, तो ईंधन की खुदरा कीमतों में इस गिरावट का पूरा असर दिखने में समय लगता है।
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- यह जानकारी कन्नौज जिले के मुर्रा पोस्ट में स्थित ग्राम पंचायत बेगम से संबंधित है।1
- कन्नौज जिले के मदारपुर स्थित नार्धा गाँव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्राम प्रधान मदारपुर, श्री सतराम यादव ने बताया कि गाँव में पानी के नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। उन्होंने यह भी बताया कि पानी तीन गाँवों से होते हुए नार्धा तक पहुँचता है, पर वह नार्धा गाँव तक नहीं पहुँच पाता है, जिससे ग्रामीणों को पानी का उत्पादन नहीं मिल पा रहा है।1
- जोधपुर की 'लेडी डॉन' सुमिता विश्नोई (सुमता) और मध्य प्रदेश के हेड कॉन्स्टेबल राघवेंद्र सिंह ने मिलकर एक मिठाई कारोबारी से ₹2.45 करोड़ की ठगी की है। आरोपियों ने इस कारोबारी को सांवलिया सेठ मंदिर में प्रसाद का ठेका दिलाने और मनचाहा एसपी पदस्थापित कराने का झांसा देकर यह बड़ी रकम ठगी थी। जब पीड़ित कारोबारी ने अपने ठगे गए पैसे वापस मांगे, तो 'लेडी डॉन' सुमिता विश्नोई ने उसे जान से मारने की धमकी दी।1
- कन्नौज के सौरिख में पुलिस ने एक अवैध रूप से संचालित OYO होटल पर छापा मारकर दो युवतियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार दोपहर को की गई, जब पुलिस ने नगर में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास चल रहे इस होटल पर दबिश दी। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन युवक और दो युवतियां शामिल हैं, जिन्हें पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस प्रशासन की सख्ती के बावजूद भी इस तरह के होटल नगर में धड़ल्ले से चल रहे हैं। लगभग छह महीने पहले ऐसे कई होटलों को बंद कराया गया था, लेकिन समय बीतने के साथ ही लोग फिर से सक्रिय हो गए और उन्होंने अपना पुराना धंधा दोबारा शुरू कर दिया।2
- फर्रुखाबाद जनपद के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थानों के संचालकों ने मंगलवार को फतेहगढ़ स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। संचालकों ने अपनी संस्थाओं को अग्निशमन (फायर) एनओसी और अन्य आवश्यक मानकों को पूरा करने के लिए 90 दिन की मोहलत देने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का वर्गीकरण कर उन्हें राहत प्रदान करने की अपील भी की। कोचिंग संचालक निशांत के नेतृत्व में पहुंचे इन संचालकों ने एडीएम को बताया कि हाल ही में हुए प्रशासनिक निरीक्षणों और कार्यवाही के कारण जनपद के अधिकांश कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थान बंद पड़े हैं। इससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। उनकी मुख्य मांगों में सभी संस्थानों को कम से कम 90 दिनों का समय देना शामिल है ताकि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों, विशेष रूप से फायर एनओसी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर सकें। उन्होंने यह भी मांग की है कि छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का श्रेणीकरण किया जाए, जिससे छोटे और बड़े संस्थानों के लिए अलग-अलग मानकों के अनुरूप राहत दी जा सके। आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET, JEE, SSC, UPTET, Agniveer और UP Police भर्ती आदि को देखते हुए संस्थानों को तुरंत संचालन की अनुमति देने की भी मांग की गई। संचालकों ने तर्क दिया कि ये संस्थान विद्यार्थियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जीवन रेखा हैं और इनके अचानक बंद होने से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह ने संचालकों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों की जांच कराई जाएगी और नियमों के अनुसार उचित निर्णय लेकर आवश्यक मोहलत देने पर विचार किया जाएगा। फर्रुखाबाद के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए यह मुद्दा वर्तमान में बेहद महत्वपूर्ण है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे शिक्षा संस्थानों का संचालन नियमित हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।2
- ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। वकील इस नई प्रणाली का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।1
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