टीकमगढ़ जिले के पलेरा में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का 45वां स्थापना दिवस चरी निवावरी जलग्रहण परियोजना एवं बखतपुरा जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस विशेष अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण विकास का संदेश देते हुए विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया गया। नाबार्ड के इस स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पूरे सप्ताह लगभग 4000 पौधों के वृक्षारोपण का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान परियोजना प्रबंधक राम अवतार पांडे ने नाबार्ड के 44 वर्षों के सफर की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ग्रामीण आजीविका, जल संरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों के विकास में संस्था की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में चरी निवावरी जलग्रहण परियोजना के तहत किए गए कार्यों का ब्योरा साझा किया गया, जिसके अंतर्गत 7 किसानों के खेतों में खेत तालाब बनाकर मत्स्य पालन किया जा रहा है। इसके अलावा, 5 किसानों को सोलर पंप दिए गए जिससे उन्होंने गर्मी में मूंग की खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित की, 13 किसानों को स्प्रिंकलर सेट प्रदान किए गए, और लगभग 80 किसानों के खेतों में मेढ़ बंधान का कार्य पूरा किया गया है। ग्राम चरी में स्थापित बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं और 40 किसानों के यहां वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों का निर्माण किया गया है। इसी तरह बखतपुरा जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत अब तक 4 किसानों के यहां खेत तालाब और 56 किसानों के खेतों में मेढ़ बंधान के साथ सोलर पंप एवं वर्मी बेड की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए श्री पांडे ने बताया कि आगे खेत तालाब निर्माण, स्टॉप डेम, नाला गहरीकरण और उद्यानिकी विकास जैसे जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही भूमिहीन परिवारों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन, किराना दुकान, चूड़ी दुकान, टेंट हाउस, आटा चक्की, मसाला इकाई, कस्टम हायरिंग सेंटर, मुर्गी पालन एवं बकरी पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में भारतीय बहुउद्देशीय लोक शिक्षण संस्था ग्रामीणों को इन योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है, और बैंक अधिकारियों व ग्राम विकास समिति के साथ मिलकर एक ग्राम स्तरीय बैंकिंग प्लान भी तैयार किया जा रही है। इस कार्यक्रम के दौरान जलग्रहण समिति के अध्यक्ष श्रीपत सिंह भदौरिया, सचिव मनीराम साहू, उपाध्यक्ष रामस्वरूप मिश्रा, सदस्य गोकुल साहू, कुसुम यादव, रीता गुप्ता, सखी मिश्रा, पुष्पा आदिवासी, प्रिंस मिश्रा, कृषि अधिकारी विवेक द्विवेदी और सहायक अभियंता संदीप प्रजापति सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
टीकमगढ़ जिले के पलेरा में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का 45वां स्थापना दिवस चरी निवावरी जलग्रहण परियोजना एवं बखतपुरा जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस विशेष अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण विकास का संदेश देते हुए विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया गया। नाबार्ड के इस स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पूरे सप्ताह लगभग 4000 पौधों के वृक्षारोपण का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान परियोजना प्रबंधक राम अवतार पांडे ने नाबार्ड के 44 वर्षों के सफर की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ग्रामीण आजीविका, जल संरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों के विकास में संस्था की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में चरी निवावरी जलग्रहण परियोजना के तहत किए गए कार्यों का ब्योरा साझा किया गया, जिसके अंतर्गत 7 किसानों के खेतों में खेत तालाब बनाकर मत्स्य पालन किया जा रहा है। इसके अलावा, 5 किसानों को सोलर पंप दिए गए जिससे उन्होंने गर्मी में मूंग की खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित की, 13 किसानों को स्प्रिंकलर सेट प्रदान किए गए, और लगभग 80 किसानों के खेतों में मेढ़ बंधान का कार्य पूरा किया गया है। ग्राम चरी में स्थापित बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं और 40 किसानों के यहां वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों का निर्माण किया गया है। इसी तरह बखतपुरा जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत अब तक 4 किसानों के यहां खेत तालाब और 56 किसानों के खेतों में मेढ़ बंधान के साथ सोलर पंप एवं वर्मी बेड की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए श्री पांडे ने बताया कि आगे खेत तालाब निर्माण, स्टॉप डेम, नाला गहरीकरण और उद्यानिकी विकास जैसे जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही भूमिहीन परिवारों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन, किराना दुकान, चूड़ी दुकान, टेंट हाउस, आटा चक्की, मसाला इकाई, कस्टम हायरिंग सेंटर, मुर्गी पालन एवं बकरी पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में भारतीय बहुउद्देशीय लोक शिक्षण संस्था ग्रामीणों को इन योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है, और बैंक अधिकारियों व ग्राम विकास समिति के साथ मिलकर एक ग्राम स्तरीय बैंकिंग प्लान भी तैयार किया जा रही है। इस कार्यक्रम के दौरान जलग्रहण समिति के अध्यक्ष श्रीपत सिंह भदौरिया, सचिव मनीराम साहू, उपाध्यक्ष रामस्वरूप मिश्रा, सदस्य गोकुल साहू, कुसुम यादव, रीता गुप्ता, सखी मिश्रा, पुष्पा आदिवासी, प्रिंस मिश्रा, कृषि अधिकारी विवेक द्विवेदी और सहायक अभियंता संदीप प्रजापति सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
- मध्य प्रदेश में नरोत्तम के भ्रष्टाचार की फाइलें जल्द ही खोली जाएंगी। इस भ्रष्टाचार को लेकर चुनाव के तुरंत बाद ही पूरा हिसाब किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में आयोजित एक कार्यक्रम में मंच से भीम आर्मी के सांसद चंद्रशेखर आजाद जी ने लोगों को संबोधित किया। इस दौरान इतनी भीषण गर्मी होने के बावजूद उन्हें सुनने के लिए हजारों लोगों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम के दौरान मंच से सांसद चंद्रशेखर आजाद जी जमकर दहाड़े।1
- टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील में राजस्व रिकॉर्ड में बड़े घोटाले और भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए किसान बेहद परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि यहाँ बिना पैसे दिए कोई भी काम नहीं होता है। प्रदेश के मुखिया मोहन यादव के राज में भी लापरवाह और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के रवैये के चलते किसानों को अपने जमीन संबंधी कामों के लिए तहसीलों और एसडीएम कोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस तहसील परिसर में लगातार दलालों की संख्या बढ़ती जा रही है और कोई भी अधिकारी समय पर दफ्तर में नहीं मिलता है। हालांकि, जिला कलेक्टर द्वारा कई बार यहाँ का निरीक्षण किया गया और कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही और भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसानों को तरबीन, रिकॉर्ड सुधार, सीमांकन, कब्जा हटवाने, संबल कार्ड, बीपीएल कार्ड, पक्की नकल और पोथीनामा परिवर्तन जैसे जरूरी कामों के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। यदि वे पैसे नहीं देते हैं, तो उन्हें महीनों और सालों तक केवल अगली तारीखें ही मिलती रहती हैं, लेकिन न्याय नहीं मिलता। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि इन लापरवाह, मनमौजी और भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? किसानों को न्याय न मिलने के कारण उनका शोषण हो रहा है और देखना यह है कि क्या किसान इसी तरह लगातार तहसील और एसडीएम कोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर रहेंगे।2
- झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम नवादा के नवादा घाट पर बालू माफिया का भारी दबदबा देखने को मिल रहा है। यहाँ बालू माफिया द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है और यूपी से एमपी (मध्य प्रदेश) में बालू डंप किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन को इस अवैध गतिविधि की सूचना दी जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रशासन की इस चुप्पी के पीछे बालू माफिया का सरकारी दफ्तरों में लगातार आना-जाना होना है, जिसके कारण कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इस गंभीर मामले को लेकर माननीय जिला अधिकारी खनन शैलेंद्र सिंह से तुरंत जांच कराने का निवेदन किया गया है। स्थानीय स्तर पर मांग उठाई गई है कि इस अवैध खनन की तत्काल जांच की जाए, संलिप्त ट्रैक्टरों को जप्त किया जाए और बालू माफिया के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।1
- छतरपुर जिले के सिगरामपुरा गांव में 22 वर्षीय प्रेमलाल रैकवार की संदिग्ध हत्या का मामला सामने आया है, जहां उसका शव अमरोनिया गांव के पास जंगल में जमीन में दफन मिला। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया गया है कि प्रेमलाल की शादी करीब दो महीने पहले ही हुई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी ने पार्टी के बहाने उसे अपने गांव बुलाया था, जिसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। खोजबीन के दौरान परिजनों को सबसे पहले प्रेमलाल की लावारिस बाइक मिली और फिर अमरोनिया गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में एक नाले के पास जमीन में दबी हुई उसकी लाश बरामद हुई। मृतक की बहन रामकली रैकवार ने आरोप लगाया है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने मध्य प्रदेश के श्योपुर में गगनयान मिशन के मुख्य पैराशूट सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। यह महत्वपूर्ण परीक्षण श्योपुर के एरियल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE) के ड्रॉप जोन में आयोजित किया गया, जो भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की सफलता की दिशा में एक बेहद बड़ा कदम है। इस सफल परीक्षण से गगनयान मिशन को नई मजबूती मिली है और अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी का भरोसा भी काफी बढ़ गया है। इस विशेष परीक्षण के लिए भारतीय वायु सेना के IL-76 विमान का उपयोग किया गया, जिससे करीब ढाई किलोमीटर की ऊंचाई से एक परीक्षण असेंबली को हवा में छोड़ा गया। वास्तविक परिस्थितियों जैसी स्थिति पैदा करने के लिए इस असेंबली में मुख्य पैराशूट और डमी पेलोड लगाया गया था। हवा में छोड़े जाने के बाद सबसे पहले ड्रोग पैराशूट खुला, जिसने असेंबली को संतुलित करने और उसकी रफ्तार को नियंत्रित करने का काम किया। इसके बाद मुख्य पैराशूट सक्रिय हुआ और उसने पूरे पेलोड को सुरक्षित गति के साथ जमीन पर उतार दिया। ISRO के अनुसार, इस परीक्षण का मकसद बिना चालक वाले पहले गगनयान मिशन (G1) के दौरान संभावित अधिकतम भार की स्थिति में मुख्य पैराशूट की मजबूती और कार्यक्षमता को परखना था। यह इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट (IMAT) श्रृंखला का पांचवां सफल परीक्षण है। गगनयान क्रू मॉड्यूल में कुल 10 अलग-अलग भूमिका वाले पैराशूट लगाए गए हैं, जो कई चरणों में काम करते हैं। श्योपुर से जेपी शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, इस ऐतिहासिक परीक्षण के बाद अब गगनयान मिशन की तैयारियां और तेज होंगी और देश को उस पल का इंतजार रहेगा जब भारतीय अंतरिक्ष यात्री स्वदेशी तकनीक से सुरक्षित वापस लौटेंगे।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के जतारा से आए एक बयान में समाज में रहने वाले कुछ लोगों को खुली धमकी दी गई है। इस बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर ऐसे लोग हमारे समाज में रहेंगे तो उनसे हमें दिक्कत है और ऐसे लोगों को मारने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इसमें प्रशासन और कानून की भी पूरी तरह से अनदेखी की गई है। धमकी देने वाले का कहना है कि चाहे प्रशासन हो या कानून, वे इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं करेंगे और इसे अपने हाथ में ले लेंगे।1