लखनऊ में सिपाही सुनील शुक्ला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब एक और पुलिसकर्मी ने विभाग के भीतर चल रहे कथित घोटाले और अनियमितताओं को उजागर करने का दावा किया है। इससे पहले, सुनील शुक्ला ने रिजर्व पुलिस लाइन में भ्रष्टाचार के आरोप सार्वजनिक किए थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें निलंबित कर दिया गया था। धीरे-धीरे, पुलिस विभाग के अंदर से ही ऐसे पुलिसकर्मी सामने आ रहे हैं, जो अपनी नौकरी की परवाह किए बिना विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी, या फिर आरोप उठाने वाले इन पुलिसकर्मियों पर ही कार्रवाई की जाएगी। लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह आवश्यक है कि जब विभाग के कर्मचारी स्वयं भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की ओर इशारा कर रहे हों, तो आरोपों की पारदर्शी जांच की जाए। जनता से यह अपील भी की गई है कि यदि वे भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच चाहते हैं, तो इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
लखनऊ में सिपाही सुनील शुक्ला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब एक और पुलिसकर्मी ने विभाग के भीतर चल रहे कथित घोटाले और अनियमितताओं को उजागर करने का दावा किया है। इससे पहले, सुनील शुक्ला ने रिजर्व पुलिस लाइन में भ्रष्टाचार के आरोप सार्वजनिक किए थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें निलंबित कर दिया गया था। धीरे-धीरे, पुलिस विभाग के अंदर से ही ऐसे पुलिसकर्मी सामने आ रहे हैं, जो अपनी नौकरी की परवाह किए बिना विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी, या फिर आरोप उठाने वाले इन पुलिसकर्मियों पर ही कार्रवाई की जाएगी। लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह आवश्यक है कि जब विभाग के कर्मचारी स्वयं भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की ओर इशारा कर रहे हों, तो आरोपों की पारदर्शी जांच की जाए। जनता से यह अपील भी की गई है कि यदि वे भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच चाहते हैं, तो इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
- प्रतापगढ़ में एक विद्यालय की छत से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग की गई है। इस संबंध में विद्यालय के प्रबंधक ने बिजली विभाग को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें इस लाइन को हटाने का आग्रह किया गया है।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली क्षेत्र स्थित रमईपुर दिशनी गांव की कुसुम वर्मा अपने भाई विकास के साथ बाइक से पट्टी आ रही थीं। पट्टी पृथ्वी गंज मार्ग पर विरौती गांव के पास पहुँचते ही बाइक चला रहे भाई विकास को नींद आ गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ी। इस दुर्घटना में कुसुम वर्मा के सर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल सीएचसी पट्टी में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया। सीएचसी पट्टी के डॉक्टर नीरज सिंह ने भी पुष्टि की है कि महिला के सर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।1
- प्रतापगढ़ के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित संकट मोचन धाम में मंगलवार को एक भव्य दिव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। भंडारे में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान संकट मोचन हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे पूरे परिसर में भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बना रहा। आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना भी की। इस अवसर पर अधिवक्ताओं, अधिकारियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने आपसी सौहार्द, सामाजिक एकता एवं धार्मिक आस्था के महत्व पर चर्चा की। यह संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।1
- जेष्ठ मास के आखिरी बड़े मंगलवार को कादीपुर गोपालपुर स्थित बाझउआ बाबा मंदिर में सुंदरकांड पाठ और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंदिर परिसर में हर मंगलवार को सुंदरकांड या हनुमान चालीसा पाठ करने के निर्णय के शुभारंभ के तौर पर किया गया। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से मंदिर की जमीन के कुछ हिस्से पर मुस्लिम समुदाय के लोगों का कब्जा था। स्थानीय प्रशासन, हिंदू संगठनों, क्षेत्र के हिंदू जनप्रतिनिधियों और आस-पास के निवासियों के सहयोग से इस भूमि को हाल ही में मुक्त कराया गया। इसी के बाद यह तय किया गया कि अब प्रत्येक मंगलवार को बाझउआ बाबा मंदिर परिसर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आज हुई। इस शुभ अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल, कादीपुर कोतवाली प्रभारी दीपेन्द्र प्रताप सिंह अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्वयं उपस्थित थे। कार्यक्रम में एडवोकेट संजय सिंह, घनश्याम जायसवाल, अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण समिति विधानसभा कादीपुर के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, विकास पाण्डेय "विपुल", रामसिंह सिपाही, विश्व हिंदू परिषद कादीपुर प्रखंड मंत्री राहुल सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड कादीपुर ध्यान सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड प्रतापपुर कमैचा मुकेश पाठक, बजरंग दल संयोजक उपखंड गोपालपुर विकास पाल और विश्व हिंदू परिषद उपखंड गोपालपुर के अध्यक्ष सुरेश पाल सहित सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया। विकास पाण्डेय "विपुल" के मधुर स्वर में सुंदरकांड का पाठ किया गया, जिसके उपरांत आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया।2
- सुल्तानपुर के चांदा थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित कोथरा कला बाजार में मोहर्रम के मौके पर सतई अलम जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने में चांदा पुलिस ने पूरी सतर्कता और सक्रियता बरती। पुलिसकर्मी जुलूस मार्ग पर लगातार मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी गई और कहीं भी अव्यवस्था नहीं फैलने दी गई। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग कर आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय दिया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहतरीन मिसाल बनी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार जुलूस के साथ रही, जिसमें हेड कांस्टेबल सुरजीत यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार, कांस्टेबल प्रभात सिंह यादव, कांस्टेबल शकील अहमद, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार, कांस्टेबल विकास राय और कांस्टेबल वृंदावन शामिल थे। इस टीम ने यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। जुलूस के शांतिपूर्ण समापन पर स्थानीय नागरिकों और आयोजकों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता और सहयोग की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस की निरंतर सतर्कता और जनता के सक्रिय सहयोग के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका।4
- जौनपुर में 24 जून को, भारत की वीरांगनाओं में अग्रणी, अदम्य साहस, त्याग और स्वाभिमान की प्रतीक महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन द्वारा उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रप्रेम को स्मरण करते हुए कहा गया कि रानी दुर्गावती का जीवन आज भी देश की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। संगठन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने इस दौरान बताया कि रानी दुर्गावती ने अपने राज्य, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए मुगल आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने पराधीनता स्वीकार करने के बजाय मातृभूमि की रक्षा हेतु अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और इतिहास में अमर हो गईं। पाण्डेय ने यह भी कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान हमें अन्याय, अत्याचार और दमन के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है तथा उनका जीवन संदेश देता है कि साहस, आत्मसम्मान और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रानी दुर्गावती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने रानी दुर्गावती को 'वीरता की अमर गाथा, नारी शक्ति का गौरव और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान' बताते हुए उनके बलिदान दिवस पर शत-शत नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने भी उन्हें शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर प्रतीक बताया।1
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- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद में इस बात पर जोर दिया गया है कि जिन कारणों से लखनऊ में एक घटना घटित हुई थी, उन कारणों की पुनरावृत्ति सुल्तानपुर जनपद में न हो।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड हुआ है, जिसमें सिस्टम की घोर लापरवाही के कारण 18 लोगों की जान चली गई। बताया गया है कि घटना के वक्त लोग लगातार फोन करते रहे, लेकिन दमकल की गाड़ियाँ समय पर नहीं पहुँचीं। पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी 40 मिनट की देरी से घटनास्थल पर पहुँची, और एंबुलेंस भी काफी देर से पहुँची थी। इस हृदय विदारक घटना के पीछे कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, इस इमारत के ध्वस्तीकरण के आदेश वर्ष 2016 में ही जारी किए गए थे, लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मात्र दो महीने के भीतर ही उन आदेशों को वापस ले लिया था। इसके अतिरिक्त, बिल्डिंग के पास फायर एनओसी (NOC) भी नहीं थी, और यह 20 किलोवॉट के बिजली कनेक्शन पर 34 किलोवॉट की खपत कर रही थी, जो सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। इन सभी तथ्यों के आलोक में, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), दमकल विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली और उनकी गंभीर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके चलते 18 बेकसूर जानें चली गईं।1