प्रदीप आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी कब? परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुआ वीडियो जालौन। नगर जालौन के मोहल्ला सहावनाका निवासी प्रदीप कुमार की आत्महत्या का मामला इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर डिजिटल और प्रिंट मीडिया तक चर्चाओं में है। घटना से पहले मृतक प्रदीप कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने कथित तौर पर एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए थे। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने भी संबंधित व्यक्ति का नाम लेकर कार्रवाई की मांग की थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने जालौन-औरैया मार्ग पर जाम लगाकर न्याय की मांग की थी। उस दौरान प्रशासन की ओर से परिजनों को आरोपी की दो दिन के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी से आहत मृतक के परिजनों का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे न्याय की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। परिजनों की मांग है कि मामले में नामजद/आरोपित व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की जाए। आखिर कब होगी गिरफ्तारी? मामले को लेकर अब जालौन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। नगर की जनता की निगाहें भी पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आखिर जांच कहां तक पहुंची? परिजनों को दिए गए आश्वासन के बाद अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इन सवालों का जवाब पुलिस प्रशासन से अपेक्षित है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। क्या आरोपी की गिरफ्तारी होगी? मृतक परिवार को कब मिलेगा न्याय? इन सवालों का जवाब अब जालौन पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से ही सामने आएगा। नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एवं परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
प्रदीप आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी कब? परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुआ वीडियो जालौन। नगर जालौन के मोहल्ला सहावनाका निवासी प्रदीप कुमार की आत्महत्या का मामला इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर डिजिटल और प्रिंट मीडिया तक चर्चाओं में है। घटना से पहले मृतक प्रदीप कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने कथित तौर पर एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए थे। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने भी संबंधित व्यक्ति का नाम लेकर कार्रवाई की मांग की थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने जालौन-औरैया मार्ग पर जाम लगाकर न्याय की मांग की थी। उस दौरान प्रशासन की ओर से परिजनों को आरोपी की दो दिन के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी से आहत मृतक के परिजनों का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे न्याय की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। परिजनों की मांग है कि मामले में नामजद/आरोपित व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की जाए। आखिर कब होगी गिरफ्तारी? मामले को लेकर अब जालौन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। नगर की जनता की निगाहें भी पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आखिर जांच कहां तक पहुंची? परिजनों को दिए गए आश्वासन के बाद अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इन सवालों का जवाब पुलिस प्रशासन से अपेक्षित है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। क्या आरोपी की गिरफ्तारी होगी? मृतक परिवार को कब मिलेगा न्याय? इन सवालों का जवाब अब जालौन पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से ही सामने आएगा। नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एवं परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
- वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश /15 दोपहिया वाहनों के साथ दो अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार /जालौन में वाहन चोरों पर बड़ी कार्यवाही /15 दोपहिया वाहन बरामद दो गिरफ्तार* *मास्टर चाबी से तोड़ते थे लॉक फैक्ट्री एरिया में छिपाकर ग्राहकों को 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे चोरी के वाहन /पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसपी ने घोषित किया 25 हजार रुपये का इनाम* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश /15 दोपहिया वाहनों के साथ दो अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार /जालौन में वाहन चोरों पर बड़ी कार्यवाही /15 दोपहिया वाहन बरामद दो गिरफ्तार* *मास्टर चाबी से तोड़ते थे लॉक फैक्ट्री एरिया में छिपाकर ग्राहकों को 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे चोरी के वाहन /पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसपी ने घोषित किया 25 हजार रुपये का इनाम* जनपद जालौन उरई कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए दो अंतरराज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर 14 मोटरसाइकिल और एक स्कूटी समेत कुल 15 दोपहिया वाहन बरामद किए बरामद वाहनों में 13 मोटरसाइकिलें जालौन समेत विभिन्न जनपदों में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों से संबंधित बताई गई हैं पुलिस की इस कार्यवाही से वाहन चोरी की कई घटनाओं के खुलासे की उम्मीद है आप को बता दें कि पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीमों को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे इसी अभियान के तहत कोतवाली उरई पुलिस ने 18 अगस्त को चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया वहीं पूछताछ और पुलिस की जांच में दोनों की पहचान आनंद (27) पुत्र चंद्रशेखर निवासी महुआखेड़ा थाना समथर जनपद झांसी तथा मोनू यादव 32 पुत्र रहीश निवासी राजापुर थाना रक्सा जनपद झांसी के रूप में हुई पुलिस के मुताबिक दोनों शातिर वाहन चोर हैं और अंतरराज्यीय स्तर पर वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे वहीं रेकी के बाद मास्टर चाबी से उड़ाते थे बाइक पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने वाहन चोरी करने के तरीके का खुलासा किया आरोपितों के अनुसार वे झांसी के आसपास के क्षेत्रों के अलावा दतिया शिवपुरी ललितपुर हमीरपुर जालौन और अन्य जनपदों में जाकर मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे सुनसान स्थान अथवा ऐसी जगह खड़े वाहनों को निशाना बनाया जाता था जहां चोरी करते समय पकड़े जाने का खतरा कम हो मौका मिलने पर आरोपित मास्टर चाबी की मदद से मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर वाहन चोरी कर लेते थे चोरी किए गए वाहनों को तत्काल बेचने के बजाय उरई के फैक्ट्री एरिया में छिपाकर रखा जाता था। इसके बाद ग्राहक तलाशकर चोरी के वाहनों का सौदा किया जाता था इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें 20 से 25 हजार रुपये में होता था चोरी की बाइक का सौदा पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि चोरी की मोटरसाइकिलों को वह करीब 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे ग्राहक से सौदा तय होने के बाद पहले 10 से 15 हजार रुपये एडवांस लिया जाता था वाहन ग्राहक को देने के बाद शेष रकम कागजात सौंपते समय ली जाती थी पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी के इन वाहनों को खरीदने वाले लोग कौन कौन हैं और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं 15 वाहन बरामद होने से खुलीं कई घटनाएं पुलिस के मुताबिक आरोपितों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 15 दोपहिया वाहन बरामद हुए इनमें 14 मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल है बरामद वाहनों में 13 मोटरसाइकिलों का संबंध जालौन सहित अलग-अलग जनपदों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से सामने आया है पुलिस बरामद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर अन्य घटनाओं से भी उनका संबंध तलाश रही है वहीं इस बरामदगी के बाद वाहन चोरी की कई घटनाओं के खुलासे का रास्ता साफ हुआ पुलिस अब आरोपितों के आपराधिक इतिहास और उनके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज मामले में कोतवाली उरई में मुकदमा अपराध संख्या 481/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धारा 303(2) 317(2) और 317(4) बीएनएस के तहत कार्यवाही की पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा रहा है पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 15 दोपहिया वाहन बरामद करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की एसपी ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और वाहन चोरी समेत अन्य अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका आरोपितों को गिरफ्तार करने और चोरी के वाहनों की बरामदगी करने वाली टीम में कोतवाल उरई प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह डिप्टी गंज चौकी प्रभारी संदीप सिंह एसओजी सिपाही अंकुश शांखबार और हरिओम सिंह शामिल रहे बता दें पुलिस टीम की सक्रियता के चलते अंतरराज्यीय वाहन चोरी के नेटवर्क का खुलासा हो सका और बड़ी संख्या में चोरी के वाहन बरामद किए गए4
- प्रदीप आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी कब? परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुआ वीडियो जालौन। नगर जालौन के मोहल्ला सहावनाका निवासी प्रदीप कुमार की आत्महत्या का मामला इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर डिजिटल और प्रिंट मीडिया तक चर्चाओं में है। घटना से पहले मृतक प्रदीप कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने कथित तौर पर एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए थे। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने भी संबंधित व्यक्ति का नाम लेकर कार्रवाई की मांग की थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने जालौन-औरैया मार्ग पर जाम लगाकर न्याय की मांग की थी। उस दौरान प्रशासन की ओर से परिजनों को आरोपी की दो दिन के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी से आहत मृतक के परिजनों का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे न्याय की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। परिजनों की मांग है कि मामले में नामजद/आरोपित व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की जाए। आखिर कब होगी गिरफ्तारी? मामले को लेकर अब जालौन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। नगर की जनता की निगाहें भी पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आखिर जांच कहां तक पहुंची? परिजनों को दिए गए आश्वासन के बाद अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इन सवालों का जवाब पुलिस प्रशासन से अपेक्षित है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। क्या आरोपी की गिरफ्तारी होगी? मृतक परिवार को कब मिलेगा न्याय? इन सवालों का जवाब अब जालौन पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से ही सामने आएगा। नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एवं परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।1
- konch_news कोंच तहसील परिसर में लेखपाल व वकील में विवाद सुविधा शुल्क मांगने और मारपीट का आरोप, वकील ने पुलिस से की शिकायत, लेखपाल ने भी दी तहरीर less1
- शिक्षक संकुल बैठक में निपुण लक्ष्य, टीएलएम और छात्र उपस्थिति पर हुआ मंथन शिक्षक संकुल बैठक में निपुण लक्ष्य, टीएलएम और छात्र उपस्थिति पर हुआ मंथन जालौन। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशानुसार अगस्त 2026 की शिक्षक संकुल बैठक का आयोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय कुसमरा में किया गया। बैठक की अध्यक्षता मोहम्मद मुवीन, इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने की। बैठक में एआरपी सत्येंद्र मिश्रा एवं एआरपी दीपेंद्र कुमार मौजूद रहे। नोडल शिक्षक संकुल आलोक खरे के संयोजन में आयोजित बैठक में न्याय पंचायत कुसमरा के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। एआरपी दीपेंद्र कुमार ने निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विद्यालय स्तर पर बनाई जाने वाली कार्ययोजना एवं प्रभावी शिक्षण गतिविधियों पर अपने विचार साझा किए। वहीं एआरपी सत्येंद्र मिश्रा ने बाल वाटिका के अंतर्गत बिग बुक, लर्निंग कॉर्नर सहित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। शिक्षक संकुल प्रज्ञा राठौर ने टीएलएम के उपयोग एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला। छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए पूजा चौधरी ने नवाचारों की जानकारी दी, जबकि संकुल शिक्षक गजेंद्र सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। सहायक अध्यापक मनीष पटेल ने स्मार्ट क्लास को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने अनुभव बताए। नोडल शिक्षक संकुल आलोक खरे ने को-लोकेटेड आंगनवाड़ी के बच्चों के समग्र प्रगति पत्र के संबंध में जानकारी देते हुए सभी शिक्षकों से चर्चा की। सहायक अध्यापक मानवेंद्र कुमार ने विद्यालय को अनुशासित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए कार्यशैली पर विचार रखे। बैठक के दौरान अध्यक्षता कर रहे मोहम्मद मुवीन की ओर से स्वादिष्ट भोजन एवं मिष्ठान की व्यवस्था भी की गई। बैठक में शिवानंद गुर्जर, सूर्यकांत चतुर्वेदी, विजय सिंह, सुनीता देवी, रिचा गौर, स्वाति पुरवार, सुनीता, कृष्ण पाल सिंह, कुंवर सिंह, कृष्ण गोपाल, महेंद्र प्रताप सिंह, विष्णु स्वरूप श्रीवास्तव, अमित सिंह सेंगर, राजेंद्र सिंह, नित्यानंद सहित न्याय पंचायत कुसमरा के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।1
- 13 मुकदमों में वांछित शातिर नशा तस्कर गिरफ्तार, 2 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद जालौन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 13 मुकदमों में वांछित शातिर नशा तस्कर गिरफ्तार, 2 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद* अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार *जालौन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 13 मुकदमों में वांछित शातिर नशा तस्कर गिरफ्तार, 2 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद* *जालौन* जनपद जालौन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली जालौन पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 13 मुकदमों में वांछित शातिर नशा तस्कर को 2 किलो 100 ग्राम अवैध सूखा गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी 18 अगस्त 2026 की रात करीब 1:54 बजे बंगरा रोड पर रिच गैलेक्सी होटल के आगे बंगरा की तरफ हुई। पुलिस अधीक्षक जालौन और अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी जालौन के कुशल मार्गदर्शन व प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चन्द एवं अतिरिक्त निरीक्षक विवेक कुमार मौर्या के नेतृत्व में थाना जालौन पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्ति, वाहन वांछित अपराधियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान उ0नि0 मनीष कुमार तिवारी ने मय हमराह फोर्स के बंगरा रोड पर रिच गैलेक्सी होटल के सामने करीब 4 किमी पश्चिम दिशा में एक युवक को रोककर तलाशी ली तो उसके पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध नाजायज सूखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल अभियुक्त को हिरासत में लेकर थाना हाजा पर मु0अ0सं0 184/2026 धारा 08/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राजू उर्फ रफीक पुत्र बाती उर्फ बफाती निवासी मोहल्ला खटीकान कस्बा व थाना जालौन जनपद जालौन के रूप में हुई है। इसका अन्य पता आराजी लाइन कसाई मंडी थाना कोंच जिला जालौन है। अभियुक्त की उम्र करीब 28 वर्ष है। पूछताछ में सामने आया कि राजू उर्फ रफीक शातिर किस्म का अपराधी है और इसके खिलाफ जालौन, कोंच, उरई कोतवाली औरैया जिले के विभिन्न थानों में कुल 13 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, गौवध अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराएं शामिल हैं। थाना जालौन, कोंच और औरैया में इसके खिलाफ पहले से ही कई मामले लंबित हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उ0नि0 मनीष कुमार तिवारी के अलावा का0 557 विवेक राजपूत, का0 1515 रविन्द्र और का0 295 जितेन्द्र सारस्वत शामिल रहे। पुलिस ने बरामद गांजे को कब्जे में लेकर अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चन्द ने बताया कि जनपद में नशे के कारोबार और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। *जालौन* जनपद जालौन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली जालौन पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 13 मुकदमों में वांछित शातिर नशा तस्कर को 2 किलो 100 ग्राम अवैध सूखा गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी 18 अगस्त 2026 की रात करीब 1:54 बजे बंगरा रोड पर रिच गैलेक्सी होटल के आगे बंगरा की तरफ हुई। पुलिस अधीक्षक जालौन और अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी जालौन के कुशल मार्गदर्शन व प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चन्द एवं अतिरिक्त निरीक्षक विवेक कुमार मौर्या के नेतृत्व में थाना जालौन पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्ति, वाहन वांछित अपराधियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान उ0नि0 मनीष कुमार तिवारी ने मय हमराह फोर्स के बंगरा रोड पर रिच गैलेक्सी होटल के सामने करीब 4 किमी पश्चिम दिशा में एक युवक को रोककर तलाशी ली तो उसके पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध नाजायज सूखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल अभियुक्त को हिरासत में लेकर थाना हाजा पर मु0अ0सं0 184/2026 धारा 08/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राजू उर्फ रफीक पुत्र बाती उर्फ बफाती निवासी मोहल्ला खटीकान कस्बा व थाना जालौन जनपद जालौन के रूप में हुई है। इसका अन्य पता आराजी लाइन कसाई मंडी थाना कोंच जिला जालौन है। अभियुक्त की उम्र करीब 28 वर्ष है। पूछताछ में सामने आया कि राजू उर्फ रफीक शातिर किस्म का अपराधी है और इसके खिलाफ जालौन, कोंच, उरई कोतवाली औरैया जिले के विभिन्न थानों में कुल 13 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, गौवध अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराएं शामिल हैं। थाना जालौन, कोंच और औरैया में इसके खिलाफ पहले से ही कई मामले लंबित हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उ0नि0 मनीष कुमार तिवारी के अलावा का0 557 विवेक राजपूत, का0 1515 रविन्द्र और का0 295 जितेन्द्र सारस्वत शामिल रहे। पुलिस ने बरामद गांजे को कब्जे में लेकर अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चन्द ने बताया कि जनपद में नशे के कारोबार और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।2
- जालौन जिले के उरई नगर क्षेत्र के इस गली के लोग जी रहे हैं नारकीय जीवन नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां के जे पैलेस के बगल वाली गली के लोग नारकीय जीवन जीने को बाध्य हैं1
- *ऑपरेशन के बाद छड़ निकलवाने पहुंचे मरीज की मौत /मेडिकल कॉलेज में परिजनों का हंगामा* *इलाज के दौरान 50 वर्षीय मरीज की मौत /परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप /मरीज की मौत पर मेडिकल कॉलेज में हंगामा परिजनों के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *ऑपरेशन के बाद छड़ निकलवाने पहुंचे मरीज की मौत /मेडिकल कॉलेज में परिजनों का हंगामा* *इलाज के दौरान 50 वर्षीय मरीज की मौत /परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप /मरीज की मौत पर मेडिकल कॉलेज में हंगामा परिजनों के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित* जनपद जालौन उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में इलाज के दौरान 50 वर्षीय मरीज की मौत के बाद सोमवार देर रात परिजनों ने जमकर हंगामा किया परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई मामला कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम परोसा का है गांव निवासी संतराम कुशवाहा 50 करीब डेढ़ माह पूर्व एक हादसे में घायल हो गए थे हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था परिजनों के मुताबिक उन्हें उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया था जहां चिकित्सकों ने उनके पैर का ऑपरेशन कर उसमें छड़ डाली थी उपचार के बाद जब उनकी हालत में सुधार हुआ तो उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था आप को बता दें छड़ निकलवाने दोबारा अस्पताल पहुंचे थे संतराम मृतक के बेटे आलोक सिंह के अनुसार 17 अगस्त को वह अपने पिता संतराम को पैर में पड़ी छड़ निकलवाने के लिए दोबारा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे परिजनों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों ने छड़ निकालने का प्रयास किया, लेकिन उसे नहीं निकाला जा सका इसके बाद दोबारा पट्टी बांधकर उन्हें घर भेज दिया गया परिजनों के मुताबिक देर रात घर पहुंचने के बाद संतराम की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी उनकी हालत लगातार खराब होती देख परिजन उन्हें आनन फानन में दोबारा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ने का आरोप आलोक सिंह का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज की गंभीर हालत के बावजूद चिकित्सकों ने समुचित ध्यान नहीं दिया परिजनों का दावा है कि इस दौरान एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद संतराम की हालत और बिगड़ गई कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें मरीज की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की। उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में चिकित्सकों से सवाल किए तो मौके पर मौजूद डॉक्टर वहां से चले गए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लिया संज्ञान मामला बढ़ने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी प्रशासन की ओर से तीन वरिष्ठ चिकित्सकों तथा उनके साथ कार्यरत कनिष्ठ चिकित्सकों से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया इसके साथ ही घटनाक्रम की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए दो वरिष्ठ आचार्य स्तर के अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति गठित की गई समिति में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष वर्मा और फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ.पुनीत अवस्थी को शामिल किया गया दो दिन में आएगी जांच रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार जांच समिति पूरे घटनाक्रम मरीज के उपचार चिकित्सकीय प्रक्रिया और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी समिति को दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए रिपोर्ट में यदि किसी चिकित्सक या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही किए जाने की बात प्रशासन ने कही है बता दें फिलहाल संतराम की मौत को लेकर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें चिकित्सकीय लापरवाही की कोई भूमिका थी या नहीं4
- एक बार फिर गरमाया मृतक प्रदीप वर्मा का मामला दो दिन का आश्वासन, फिर भी गिरफ्तारी नहीं… प्रदीप के परिवार के आत्महत्या प्रयास किया खबर से मचा हड़कंप, कटघरे में पुलिस की कार्यशैली जालौन। प्रदीप वर्मा की मौत के मामले में एक बार फिर जालौन पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होने से मृतक का परिवार बेहद आहत और आक्रोशित है। इसी बीच परिवार द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। प्रदीप की मौत से पहले सामने आए वीडियो में उसने कथित उत्पीड़न की बात कहते हुए कुछ लोगों के नाम बताए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव जालौन पहुंचने पर परिजनों ने जालौन-औरैया मार्ग पर रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने शव रखकर जाम लगा दिया था। उस दौरान पुलिस ने परिवार को दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। लेकिन दो दिन गुजर गए और गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके बाद रात करीब 10 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मृतक की पत्नी और बच्चे रोते-बिलखते हुए दिखाई दे रहे हैं। परिवार पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की गुहार लगाता नजर आ रहा है। ‘अगर गिरफ्तारी नहीं करनी थी तो आश्वासन क्यों?’ अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी करनी ही नहीं थी तो परिजनों को दो दिन का आश्वासन क्यों दिया गया? क्या यह आश्वासन सिर्फ सड़क पर लगा जाम खुलवाने तक सीमित था? एक तरफ सरकार लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। क्या आरोपी खुलेआम घूमते रहेंगे और पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता रहेगा? जालौन में सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस कथित आरोपियों तक कब पहुंचती है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। फिलहाल प्रदीप के परिवार का दर्द, रात में वायरल हुआ वीडियो और गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवाल पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।1