छूट के लॉलीपॉप और कर बढ़ोतरी के मायाजाल में उलझी गाजियाबाद की जनता — अवधेश शर्मा (अध्यक्ष, व्यापार मंडल) छूट के लॉलीपॉप और कर बढ़ोतरी के मायाजाल में उलझी गाजियाबाद की जनता — अवधेश शर्मा (अध्यक्ष, व्यापार मंडल) गाजियाबाद। नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है। एक ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधि प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘जनहित’ के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता खुद को आर्थिक बोझ के दबाव में ठगा हुआ महसूस कर रही है। शहरवासियों का कहना है कि जब वर्ष 2023 में ही कर बढ़ोतरी का प्रस्ताव पारित हो चुका था, तो इसे पारदर्शिता के साथ पहले लागू क्यों नहीं किया गया। वहीं 30 जून 2025 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव निरस्त होने के बाद अब अचानक छूट की घोषणा करना भी सवालों के घेरे में है। छूट का झुनझुना बनाम फ्लैट बढ़ोतरी प्रशासन 10% हाउस टैक्स वृद्धि की बात कर रहा है, लेकिन इसके साथ जुड़ी जटिल शर्तें आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। लोगों का आरोप है कि छूट के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। कागजी योजनाएं, जमीनी हकीकत अलग गीला-सूखा कूड़ा अलग करने पर छूट देने की योजना को कई स्थानों पर अव्यवहारिक बताया जा रहा है। शहर के कई इलाकों में कूड़ा गाड़ियां नियमित नहीं पहुंच रही हैं, वहीं क्यूआर कोड जैसी व्यवस्थाएं बुजुर्गों और आम लोगों के लिए जटिल साबित हो रही हैं। मकान की उम्र निर्धारण पर सवाल मकानों की उम्र तय करने की प्रक्रिया को लेकर भी पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह अधिकारियों की विवेकाधीन हो गई है, जिससे मनमानी और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ रही है। पालिका ट्रक स्टैंड मार्केट बना उदाहरण नगर निगम पर पुराने अनुबंधों की अनदेखी कर किराए में भारी वृद्धि करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जिसे व्यापारी वर्ग शोषण के रूप में देख रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष अवधेश शर्मा ने कहा, “अगर प्रशासन की नीयत साफ है तो छूट के इस जटिल मायाजाल को खत्म कर सीधे और पारदर्शी तरीके से कर व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और भ्रम की स्थिति समाप्त हो।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो व्यापारी और आम नागरिक विरोध के लिए मजबूर होंगे।
छूट के लॉलीपॉप और कर बढ़ोतरी के मायाजाल में उलझी गाजियाबाद की जनता — अवधेश शर्मा (अध्यक्ष, व्यापार मंडल) छूट के लॉलीपॉप और कर बढ़ोतरी के मायाजाल में उलझी गाजियाबाद की जनता — अवधेश शर्मा (अध्यक्ष, व्यापार मंडल) गाजियाबाद। नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है। एक ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधि प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘जनहित’ के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता खुद को आर्थिक बोझ के दबाव में ठगा हुआ महसूस कर रही है। शहरवासियों का कहना है कि जब वर्ष 2023 में ही कर बढ़ोतरी का प्रस्ताव पारित हो चुका था, तो इसे पारदर्शिता के साथ पहले लागू क्यों नहीं किया गया। वहीं 30 जून 2025 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव निरस्त होने के बाद अब अचानक छूट की घोषणा करना भी सवालों के घेरे में है। छूट का झुनझुना बनाम फ्लैट बढ़ोतरी प्रशासन 10% हाउस टैक्स वृद्धि की बात कर रहा है, लेकिन इसके साथ जुड़ी जटिल शर्तें आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। लोगों का आरोप है कि छूट के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। कागजी योजनाएं, जमीनी हकीकत अलग गीला-सूखा कूड़ा अलग करने पर छूट देने की योजना को कई स्थानों पर अव्यवहारिक बताया जा रहा है। शहर के कई इलाकों में कूड़ा गाड़ियां नियमित नहीं पहुंच रही हैं, वहीं क्यूआर कोड जैसी व्यवस्थाएं बुजुर्गों और आम लोगों के लिए जटिल साबित हो रही हैं। मकान की उम्र निर्धारण पर सवाल मकानों की उम्र तय करने की प्रक्रिया को लेकर भी पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह अधिकारियों की विवेकाधीन हो गई है, जिससे मनमानी और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ रही है। पालिका ट्रक स्टैंड मार्केट बना उदाहरण नगर निगम पर पुराने अनुबंधों की अनदेखी कर किराए में भारी वृद्धि करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जिसे व्यापारी वर्ग शोषण के रूप में देख रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष अवधेश शर्मा ने कहा, “अगर प्रशासन की नीयत साफ है तो छूट के इस जटिल मायाजाल को खत्म कर सीधे और पारदर्शी तरीके से कर व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और भ्रम की स्थिति समाप्त हो।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो व्यापारी और आम नागरिक विरोध के लिए मजबूर होंगे।
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- Post by रामअवतार कश्यप गाजियाबाद1
- महिलाओं के सपनों को कुचला गया बोले मोदी, बिल फेल होने का फायदा भी मोदी सरकार को, राहुल प्रियंका का हमला जारी और बीजेपी महिलाओं ने प्रदर्शन किया पुतला फूंका... देखिए महिला बिल पास न होने पर राजनीति महात्वाकांक्षा पूरी करने पैंतरे राजपथ न्यूज़ पर...1
- दिल्ली: बुराड़ी के रहने वाले परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनकी 10 वर्षीय बच्ची के दिमाग ने लगभग काम करना बंद कर दिया। छोटी-छोटी बात भी उसे याद नहीं। खुद चलना-फिरना भी मुश्किल। हालत खराब होती गई। जांच में पता चला कि लिवर फेल हो चुका है। शरीर में विषाक्त पदार्थों के संक्रमण की वजह से दिमाग में सूजन आ गई है। आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उसकी यह हालत मोमोज जैसे फास्ट फूड ने की। माता-पिता दोनों वर्किंग हैं। दिनभर काम के चलते जब घर पर नहीं होते तो बच्ची दादा से पैसे लेकर बाहर से मोमोज वगैरह लेकर आती और चाव से खाती। प्लाज्माफेरेसिस से जान बचने के बाद अब उसने मोमोज से तौबा कर ली है। माता सावित्री माथुर बताती हैं कि उनके पति किशोर मोबाइल का काम करते हैं। घर चलाने के लिए वे भी मुखर्जी नगर में केयरटेकर की जॉब करती हैं। उनकी दो बच्चियां हैं। बड़ी बेटी तान्या 10 वर्ष की है तो वहीं छोटी बेटी गौरी आठ वर्ष की है। बच्चों के घर का बना खाना ही देते हैं। पति और मैं काम के सिलसिले में दिनभर बाहर ही रहते हैं। स्कूल से आने के बाद तान्या दादा से पैसे लेकर कभी मोमोज तो कभी चिप्स लाती थी। शुरुआत में वह चीजें भूलने लगी। थकान रहती। बाद में उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। पास के अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद पता चला की पीलिया काफी बढ़ा हुआ है। हालत इतनी खराब थी कि लगा कि अब बेटी को खो देंगे। यथार्थ हॉस्पिटल मॉडल टाउन में भर्ती कराया। पहले चिकित्सकों ने लिवर ट्रांसप्लांट का सुझाव दिया, पर प्लाज्माफेरेसिस से बच्ची ठीक हो गई। बाल रोग विभाग के डॉ. शैलेश शर्मा के मुताबिक दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण मिल रहे हैं। फास्ट फूड, स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। अब कम उम्र में भी गंभीर लिवर फेल्योर के केस सामने आ रहे हैं, जैसा इस मामले में देखने को मिला। पहले चिकित्सकों ने लिवर ट्रांसप्लांट का सुझाव दिया, पर प्लाज्माफेरेसिस से बच्ची ठीक हो गई। बाल रोग विभाग के डॉ. शैलेश शर्मा के मुताबिक दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण मिल रहे हैं।1
- गाजियाबाद के लोनी थाना परिसर में खड़े जब्त वाहनों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते करीब 15–20 गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 🚒 फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है, शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। #Ghaziabad #Loni #Fire #Breaking #UPPolice #LocalNews #ShuruApp #Trending1
- *लोनी कोतवाली थाने के सीज वाहनों में लगी भयंकर आगः दमकल विभाग ने कडी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया* गाजियाबाद के लोनी कोतवाली थाने के बाहर खडे सीज किए गए वाहनों में शनिवार देर शाम करीब 9:30 बजे अचानक आग लग गई सूचना मिलने पर ट्रोनिका सिटी स्थित दमकल विभाग की गाडियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कडी मशक्कत की। रात 10:40 बजे तक आग बूझाने का प्रयास जारी था घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी लोनी सिद्दार्थ गौतम और लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दमकल विभाग के कर्मचारियों को अतिरिक्त गाड़ियां बुलाकर जल्द आग बूझाने के निर्देश दिए। आग लगने से थाने में तैनात कर्मचारियों में हडकंप मच गया। पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने शुरुआत में आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितने वाहन आग की चपेट में आए हैं और इस घटना में कितना नुकसान हुआ है। लोनी के एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि आग लगने का कारण अभी अज्ञात है। उन्होंने कहा कि दमकल विभाग को सूचना दी गई थी और अब आग लगने के कारणों की जांच कराई जाएगी। साथ ही, यह भी आकलन किया जाएगा कि कौन से अभियोगों से संबंधित वाहन इस आग की चपेट में आए हैं। *संपादक राजू सैफ़ी*1
- गाजियाबाद :- लोनी थाने में जब्त किए गए वाहनों में आग लगी। फायरबिग्रेड की टीम ने आग को बुझाया, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- भारतीय जहाज पर फायरिंग, होर्मुज से गुजर रहे थे SHIP..अमेरिका पर ईरान गरमाया, होर्मुज स्ट्रेट फिर किया बंद !1